फ़ेसबुक फ्रेंड अंजलि भाभी की चुदाई कहानी

हेलो कैसे है आप लोग मेरी प्यारी भाभियो कैसी हो आप और आपकी छूट के क्या हाल है? तो मेरी आज की कहानी पढ़ो और अगर किसी भाभी का मॅन हो तो मेरे लॅंड के मज़े लो.

सीधा कहानी पर आता हू.

मेरा नाम सागर है मेरी हिगत 6 फीट है और मेरा लंड 8 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है. जो किसी भी छूट का भोसड़ा बना सकता है.

ये कहानी मेरी एक फ्ब फ्रेंड की है. जो पहले से ही सदीशुदा है और उसके एक बेबी भी है जिसका नाम अंजलि है.

तो दोस्तो आपको अंजलि के बारे मे बता डू. वो 5 फीट 4 इंच लंबी है. उसका रंग एक दम गोरा है, उसमे बूब्स का साइज़ 36, उसकी कमर 30 और उसकी गांद 36 है. उसका फिगर एक दम मस्त है.

जब मैने पहली बार उसको देखा था तो मई उसको देखता ही रह गया था. और उसकी फोटो अपने सामने रख कर काई बार मूठ भी मारी थी. दोस्तो मेरी अंजलि से दोस्ती फ्ब पर हुई थी.

पहले हम लोगो मे नॉर्मल बाते होती थी. ढेरे ढेरे हम दोनो के बीच अच्छी दोस्ती हो गयी और एक दिन मैने उसको प्रोपसे कर दिया.

अंजलि बोली सागर तुम जानते हो की मई शादीसूडा हू और मई सिर्फ़ अपने हज़्बेंड से प्यार करती हू. मुझ को उस दिन काफ़ी बुरा लगा लेकिन मैने उससे बात करना बंद नही किया.

एक दिन मैने अंजलि को वीडियो कॉल की. उस समय उसने गाउन पहन रखा था. जिसमे आयेज चैन लगी हुई थी और उसकी चैन आधी खुली हुई थी. और उसके बूब्स देख कर मई पागल हो गया.

इधर मेरा लंड टन कर कुतुब मीनार हो गया. मई अपने लॅंड को अपने हाथ से सहला रहा था. मैने अंजलि को बोला की अंजलि तुम कितनी सेक्सी हो तो वो शर्मा गयी.

मैने एक दिन अंजलि से कहा की मुझे तुमसे मिलना है और तुमको एक बार हग और एक बार किस करना है. पहले तो उसने माना किया. लेकिन मेरे काई बार कहने पर वो मान गयी. वो दूसरी सिटी मे रहती थी.

एक दिन मिलने का प्रोग्राम सेट हो गया. और जब वो मुझसे मिलने आई क्या लग रही थी. उसने पिंक कोलेर की सारी पहनी थी जो उसने अपनी नाभि से 5 इंच नीचे बँधी थी. और उसने बिना स्लीव वाला डीप गले का ब्लाउस पहना था और उसके बाल खुल थे. जो बार बार उसके चेहरे पर आ रहे थे.

जब वो मेरे पास आई और कार मे बैठ गयी और बोली यहा से जल्दी चलो. रास्ते मे हमने खूब बाते की. मैने अंजलि से कहा की अंजलि चलो किसी हॉतले मे चलते है. वाहा हुमको कोई नही देखेगा. पहले तो उसने माना किया बाद मे वो मान गयी.

हुँने होततले मे रूम लिया. जब से अंजलि मेरे साथ थी, मेरा लंड मेरी पंत मे ताना हुआ था. हम लोग रूम मे गये, वाहा मैने अंजलि से कहा की आओ मेरे गले लग जाओ.

तो अंजलि बोली की सागर रहने दो ना. तो मैने कहा की बस एक बार.

वो जैसे जैसे मेरे करीब आ रही थी, मेरा लॅंड और ताँता जा रहा था. वो मेरे बिल्कुल कारेआब आ गयी और मैने उसकी चिकनी कमर मे हाथ डाल कर उसको अपने से चिपका लिया. उसके बूब्स मेरे सिने को टच कर रहे थे.

क्या बतौ कितने सॉफ्ट बूब्स थे उसके. मेरा लॅंड तो अब आउट ऑफ कंट्रोल हो रहा था. एक मीं बाद अंजलि मुझसे अलग हो गयी और बोली की हो गयी तुम्हारी इच्छा पूरी.

मैने कहा हन. फिर मैने कहा की अभी किस रह गया है, जो मई तुम्हारे लिप्स पर करूँगा.

उसने मुझसे कहा नही लिप्स पर नही गाल पर. मैने कहा नही, वो मान गयी. फिर मैने उसके गुलाबी नरम होंटो पर अपने होन्ट रख दिए और अपने दोनो हाथ से उसकी गांद को सहलाने लगा.

वो शायद समझ गयी की मई क्या चाहता हू. मुझसे अलग होकर वो बोली की तुम्हारी दोनो इच्छा पूरी हो गयी है, चले अब? मैने कहा नही अभी नही, कुछ देर और रूको.

अब मेरा मॅन अंजलि के साथ सेक्स करने को कर रहा था. मैने उसका हाथ अपने हाथ मे लिया. और बोला अंजलि मई तुम्हारे साथ सिर्फ़ एक बार सेक्स करना चाहता हू.

अंजलि गुस्से मे बोली की तुम पागल हो गये हो क्या! तुम जानते हो क्या बोल रहे हो?! मैने कहा हन मई जानता हू. मई तुमसे प्यार करता हू. तब अंजलि उठ कर बातरूम मे चली गयी.

जब वो बाहर आई तो उसका पैर मूड गया और वो वही गिर गयी. मैने उसको तुरंत गोद मे उठाया और उसको बेड पर लेता दिया. मैने कहा अंजलि लग रहा है तुम्हारे पैर मे मौुच आ गयी है.

मई नीचे गया और वाहा से इोदेक्श ले आया. मई अब अंजलि के पैरो के पास बैठ गया. वो कहने लगी सागर रहने दो सही जो जाएगा. मैने कहा नही और उसके पैर पर इोदेक्श लगाने लगा.

वो आँख बंद करके लेट गयी. उसकी टाँगे एक दम चिकनी थी शायद आज ही वॅक्स किया होगा. मई अब अपने आप से बाहर हो रहा था. मैने ढेरे ढेरे अंजलि की सारी को उसके घुटनो तक पहुचा दिया. क्या टाँगे थी उसकी, एक दम सिर्फ़ चिकनी. मैने उन पर एक किस किया.

अंजलि बोली क्या कर रहे हो मान जाओ..! रहने दो सागर अब चलो यहा से ऐसा अंजलि बोलने लगी. अब मुझसे खुद पर कंट्रोल नही हो रहा था.

मैने अंजलि की टाँगे फैलाई और उसकी टॅंगो को पागलो की तरह किस करने लगा. और उसकी नाभि मे अपनी उंगली डालने लगा. अंजलि उठने को हुई पर मैने उठने नही दिया.

फिर अंजलि बोली देखो सागर दोस्ती की हद पार मत करो, मान जाओ वरना मई तुमसे कभी बात नही करूँगी. मैने मॅन मे सोचा की अगर ये आज चुड ली तो जिंदगी भर मेरे लॅंड की दीवानी हो जाएगी.

अंजलि मुझसे छूटने की नाकाम कोशिश करने लगी. अब मैने अंजलि की टॅंगो को छोड़ कर उसके चिकने पेट को किस और चाटने लगा. और अंजलि भी मदहोश होने लगी.

मैने जैसे ही अंजलि की रेड पेंटी के उपेर से उसकी चूत पर अपना हाथ रखा. वो एक दम से पलट गयी. अब उसकी गांद मेरी तरफ थी. उसकी सारी तो पूरी उपेर थी और उसने अपनी छूट को अपनी टॅंगो मे डॉवा लिया.

इधर मई अब अंजलि की गांद को सहलाने लगा, क्या चिकनी और सॉफ्ट सॉफ्ट गांद थी. अब जब मुझसे रहा नही गया. मैने अंजलि की पनटी नीचे खिसका दी और पिच्चे से ही उसकी गांद पर अपना लॅंड सहलाने लगा.

अंजलि बोली सागर प्लीज़ मान जाओ मत करो, मई अपने पति को दॉखा नही दे सकती. मैने कहा अंजलि बस एक बार मेरे साथ सेक्स कर लो फिर कभी कुछ नही मागुंगा. अंजलि बिल्कुल नही मानी.

अब मैने ज़बरदस्ती उसको सीधा लेटया और उसकी टाँगे खोलने चाही. अंजलि ने अपनी छूट पर अपने हाथ रख लिया. मैने उसका हाथ हटाया, क्या छूट थी अंजलि की, एक दम गुलाबी मुलायम और नरम.

मई तो उसको देखता ही रह गया. मैने ज़बरदस्ती उसकी टाँगे खोली और अपना लॅंड अंजलि की मुलायम छूट पर रख दिया और एक धक्का मारा. मेरा आधा लॅंड अंजलि की छूट मे घुस गया. जब मेरा लॅंड अंजलि की छूट मे घुसा. उस समय क्या बतौ कैसा लगा/ उस दिन पहली बार किसी शादीसूडा की छूट मे मेरा लॅंड गया था.

अंजलि ने अपनी आँखे बंद कर ली और बोलने लगी – मान जाओ ना सागर. रहने दो…

उसकी ये बाते मुझे और मदहोश कर रही थी. अंजलि की चूत पर एक धक्का और मारा और मेरा पूरा लॅंड उसकी छूट मे घुस गया.

अंजलि मुझसे बोली की जल्दी करो जो करना है. मैने कहा जान जल्दी किस बात की, आज मेरे लॅंड का सवद लो.. वो कुछ नही बोली. फिर मई ज़ोर ज़ोर से अंजलि को छोड़ने लगा. अंजलि को भी चुदाई का मज़ा आ रहा था और वो ज़ोर ज़ोर से सिसकिया भर रही थी.

मई कुछ ज़्यादा उत्तेजित था जिस कारण मई 20 मिंट्स मे अंजलि की छूट मे ही झाड़ गया. फिर मई उसके उपर ऐसे ही लेता रहा. थोड़ी देर बाद मई उसके उपर से उठा और अपने कपड़े पहने.

अंजलि अब भी ऐसे ही लेती थी, जब मई बातरूम मे से आया तो देखा अंजलि बैठी रो रही थी. मैने कहा अंजलि क्या हुआ? तो अंजलि बोली ये तुमने क्या किया, अब मई अपने हज़्बेंड को क्या मूह दिखौँगी!

मैने कहा अंजलि ये बात सिर्फ़ तेरे और मेरे बीच मे है. और मैने अपनी उंगली को ब्लेड से काट कर उसकी माँग मे भर दिया. अंजलि ये देख कर बोली ये तुमने क्या किया?!

मैने कहा अब तू परेशन मत हो, मई भी आज से तेरा पति हू और उसको गले लगा लिया. अंजलि मुझसे बोली सागर तुम बिल्कुल पागल हो. मैने कहा अंजलि मई तेरे प्यार मे पागल हू.

अंजलि उस टाइम पनटी और ब्रा मे ही थी. मेरा लॅंड फिर खड़ा हो गया. मैने अंजलि से कहा की अब शादी तो हो गयी अब सुहग्रत भी हो जाए? तो वो बोली की क्यू नही.

मैने तुरंत उसको कस के हग किया. फिर उसको खड़े कर के उसकी पेंटी उतार दी और उसकी छूट को चाटने लगा. अंजलि ज़ोर ज़ोर से मेरे बालो को खिचने लगी.

अंजलि बोली जान मुझे तुम्हारा ये पसंद आया. आज तक मेरे हज़्बेंड ने मेरी इसको नही छाता. फिर हम दोनो ने 3 बार सेक्स किया और अंजलि की छूट मेरी ठुकाई से सूज गयी. अब हम हर 15 दिन मे मिलते है और जमकर सेक्स करते है.

अगली स्टोरी मे बतौँगा की मैने कैसे अंजलि की गांद भी मारी.

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