एग्ज़ॅम में नकल करने पर वॉचमन ने माँगी चूत

दोस्तों मेरा नाम रेखा है. मैं पटना की रहने वाली हूँ. मेरी उम्र ३४ साल की है

उस वक़्त मैं २३ साल की थी और कॉलेज में मास्टर डिग्री कर रही थी. मेरा रंग गोरा था और फिगर ३२-२९-३६ था. हां मेरी गांड काफी बड़ी थी

मैं पढ़ाई में अच्छी थी

मेरे फाइनल एक्साम्स आने वाले थे

एक दिन यहीं बात मैं अपनी कॉलेज फ्रेंड को बता रही थी

फ्रेंड: देख रेख

मैं: यार मुझसे ये काम नहीं होगा. अगर पकड़ी गयी तो?

फ्रेंड: और अगर फ़ैल हो गयी तो? कोई नहीं पकड़ेगा तुझे. तू स्लिप्स अन्दर छुपा लेना (उसने पंतय की तरफ इशारा करते हुए कहा). वहां तक कोई नहीं पहुँचता अगर चेकिंग हुई भी

फिर वो चली गयी. उसकी बात मेरे दिमाग में घूमती रही. लेकिन मुझे डर भी लग रहा था फ़ैल होने का. फाइनली मैंने डीडे किया की मैं स्लिप्स बना के साथ ले जाऊंगी. क्यूंकि माँ

फिर एक्साम्स के दिन आ गए. मेरे ५ एक्साम्स थे

पहले एग्जाम में मुझे बहुत डर लगा. लेकिन मैं पकड़ी नहीं गई. नक़ल करने का तरीका बहुत आसान था. क्वेश्चन पेपर पढ़ कर मैं बाथरूम में जाती

इस तरह से मेरे पहले २ एक्साम्स बहुत अचे हो गए. अब मैं बहुत खुश थी

उस दिन मैं जीन्स और टी-शर्ट पहन कर एग्जाम देने गयी थी. एग्जाम शुरू हुआ

अभी मैंने जीन्स नीचे की ही थी

वार्डन: ये क्या कर रही हो तुम?

अचानक से उसकी आवाज़ सुन कर मैं घबरा गयी. मैं जल्दी से जीन्स ऊपर करके ठीक करने लगी. जल्दी-जल्दी में मेरे हाथ से स्लिप नीचे गिर गयी. तभी वार्डन मेरे पास आयी

वार्डन: अच्छा तो ये चल रहा है यहाँ. चल मैं अभी तेरी कम्प्लेन करती हु.

उसकी बात सुन कर मेरी गांड फट गयी. मैं बहुत डर गयी. मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि अब मैं क्या करूँ. फिर मैं उससे माफ़ी मांगने लगी

वो मेरा हाथ पकड़ कर मुझे बाहर ले आयी

वॉचमन: क्या हुआ

फिर उसने सारी बात वॉचमन को बताई. वो उसको बोला-

वॉचमन: तू जा हॉस्टल में ध्यान रख. मैं देखता हूँ इसको.

फिर वार्डन वहां से चली गयी. मैंने वॉचमन से माफ़ी मांगना शुरू कर दिया. वो बोला-

वॉचमन: तुम रेखा हो न? तुम तो तोप्पेर्स में से हो. तुमने ये कॉपी करना कब से शुरू कर दिया? या कॉलेज की बिगड़ी हुई लड़कियों के साथ रह-रह कर तुम भी बिगड़ गयी हो?

मैंने कहा: नहीं अंकल

वॉचमन: मैं कैसे मान लो तुम सच कह रही हो?

मैं: मैं बिलकुल सच कह रही हूँ.

वॉचमन: पकडे जाने के बाद तो हर लड़की ऐसा ही कहेगी.

मैं: आप मेरी कंप्लेंट मत करो प्लीज. मैं अब से एग्जाम में जितना आता होगा उतना लिख दूँगी. कॉपी नहीं करुँगी. मेरी शिकायत करके आपको क्या मिलेगा?

वॉचमन: मिलेगा तो वैसे भी कुछ नहीं.

मैं: आपको क्या चाहिए बताइये (मैंने सोचा शायद पैसे देके बात बन जाये)?

वॉचमन: तुम मुझे क्या दे सकती हो?

मैं: अगर आपको पैसे चाहिए

वॉचमन ने मुझे नीचे से ऊपर देखा और बोला: पैसे किस कमबख्त को चाहिए. मुझे तो कुछ और…

और उतना कह कर उसने मेरे कंधे पर हाथ फेर दिया. उसकी इस हरकत से मैं उनकंफर्टबले हो गयी. मैं समझ गयी की वो क्या कह रहा था.

वॉचमन एक ४०+ का आदमी था. वो दिखने में काले-कलूटा था

मैं: की अंकल! इतनी गन्दी बात कैसे की आपने? मैं आपकी बेटी जैसी हो. और आप

वॉचमन: देख लड़की

दोस्तों इसके आगे की सेक्स स्टोरी अगले पार्ट में. फीडबैक पर दीजिये.

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