स्टोरी नयी दुल्हन की गंगबांग वाली सुहागरात की

नमस्ते! मेरा नाम पोनं है. मैं बस 23 साल की लड़की हू. ये कहानी मेरी सुहग्रात की है. मेरी शादी एक लड़के विक्रम के साथ हुई. उनकी उमर 24 है. परिवार में सास-ससुर और मेरे पति है, और दो और भाई है. दोनो भाइयों की उमर 24 ही है. ये तीनो एक उमर के ट्रिपलेट्स है.

मुझे शादी करके विक्रम घर लाए. मैं अपनी सुहग्रात के लिए बेड पर बैठी हुई थी. विक्रम अंदर आए, और मेरे बगल में बैठ गये. उन्होने मेरा घूँघट उठाया. मैं शर्मा गयी. उन्होने मेरा चेहरा उपर किया, और बिना देर किए मेरे होंठ पर अपने होंठ रख दिए.

उन्होने पहले ही किस में मेरे होंठो का सारा रस्स पी लिया. मेरी पूरी लिपस्टिक उनके होंठो पर आ गयी थी. उन्होने मुझसे कहा, “देखो पोनं, इस घर में जो भी आता है, वो हम टीन भाइयों में बाँटा जाता है. तो अब तुम आई हो तो हम तीनो भाई तुम्हे प्यार करेंगे, और तुम्हे मेरे साथ-साथ मेरे भाइयों को भी संतुष्ट करना होगा”.

ये सुनते ही मैं तो शॉक हो गयी. मैने पहले तो माना किया, पर विक्रम ने सॉफ कह दिया की अब तुम्हे ऐसे ही जीना होगा. इसलिए मैं मान गयी. विक्रम के दोनो भाई अचानक कमरे हो आ गये. उन्होने आते ही दरवाज़ा बंद कर लिया.

मैं अपनी शादी की सुहग्रात के दिन टीन भाइयों से चूड़ने वाली थी. दोनो भाई मेरे पास आ गये. फिर एक ने मेरा हाथ पकड़ा, तो दूसरे ने कमर पर हाथ रख दिया. विक्रम ने वापस मुझे लीप किस किया.

एक और से बरूण ने मुझे गले पर किस किया, और दूसरी तरफ से नवीन ने मेरे शोल्डर पर काटना शुरू किया. मेरे पुर बदन पर करेंट सा दौड़ गया.

डाई और से नवीन से पीछे से मेरा ब्लाउस खोला, और यहा बाई और से बरूण ने मेरे बूब्स दबाने शुरू कर दिए. विक्रम ने अपना मूह मेरे दोनो बूब्स के बीच घुसा दिया. कुछ ही पॅलो में मैं मदहोश हो गयी. नवीन ने एक और से ब्लाउस उतरा और बरूण ने ब्रा उतार कर फेंक दी.

कैन कुछ सोच समझ साकु, उससे पहले मेरे बूब्स सब के सामने नंगे हो गये. तीनो भाई एक-दूसरे को देख कर हस्स दिए और विक्रम को कहा की “चूसो, क्यूंकी पहला हक़ उनका ही तो है”. विक्रण ने एक बूब मूह में लिया. फिर बरूण ने दूसरा.

नवीन ने भी अपना सिर मेरे बूब्स पर दबोचा. तीनो छ्होटे बाकच्छो की तरह मेरे बूब्स को दबाते, चाट-ते, काट-ते और दूध पीने की कोशिश करते.

थोड़ी देर ऐसा ही चला. फिर तीनो बेड से उतरे, और तीनो ने एक-एक करके अपने कपड़े उतारे. तीनो मेरे सामने ककचे में खड़े हो गये. विक्रम मेरे पास आए, और उन्होने मेरे लहँगे में हाथ डाल दिया, और मेरी जांघों को सहलाने लगे.

उनके छूटे ही मैं पागल ही हो गयी. नवीन ने भी अपना हाथ मेरे लहँगे में डाल दिया, और दूसरी जाँघ पर फेरने लगा. बरूण ने झट से लहँगे का नाडा खोला, और उसको उतार फेंका. मैं अब सिर्फ़ पनटी में थी. विक्रम ने अपने दाटो से मेरी पनटी को निकाला, और मुझे सब के सामने नंगी कर दिया.

फिर उन्होने एक-एक करके मेरी छूट को चाटना शुरू किया, और मेरा पानी निकाला. उसके बाद सब एक लाइन में बेड पे बैठे. मैने पहले विक्रम को खड़ा किया, और उनका कक्चा पहली बार उतरा. अब विक्रम बिल्कुल मेरे सामने नंगे थे. विक्रम का लंड देख कर मैं डांग रह गयी. उनका लंड बहुत बड़ा था, और मेरे दोनो हाथो में भी नही आ रहा था.

नैन उनके सामने घुटनो पर बैठ गयी, और उनका लंड मूह में डालने लगी. पर मैं आधा ही ले पाई. फिर भी थोड़ी देर लंड चूसने के बाद जब मैं तक गयी, तो नवीन और बरूण ने मुझे और मेरे सिर को पकड़ा, और फिर विक्रम ने एक ही झटके में मेरे मूह में पूरा लंड दे दिया.

उनका लंड मेरे गले में जेया कर ज़ोरदार लगा. अब हर बार वो लंड पूरा निकालते, और फिर पूरा डालते. ऐसे ही विक्रम ने मेरा मूह छोड़ा. फिर विक्रम रुक गये. मैं रोने लग गयी जब बरूण मेरे सामने खड़ा हो गया. फिर उसने भी मेरे सामने नंगा हो कर मेरे मूह में अपना लंड घुसेधा.

कुछ देर बाद नवीन की बारी थी. विक्रम और बरूण नवीन को मेरा मूह छोड़ता देख मज़े ले रहे थे. फिर तीनो ने एक-एक करके मेरी मूह चुसाई की. उसके बाद मैं चुप-छाप बेड पर पड़ी रही. विक्रम मेरे उपर आए, और मेरे दोनो पैरों को फैलने लगे.

फिर बरूण और नवीन ने मुझे पकड़ा और विक्रम ने मिशनरी पोज़िशन में मेरी छूट पे लंड रखा. उसके बाद एक ज़ोरदार धक्का दिया. उनका सूपड़ा मेरी छूट फाड़ चुका था. दूसरे धक्के में आधा लंड अंदर डाला, और मेरा खून निकल गया. फिर एक और झटके से पूरा लंड मेरी छूट में डाल दिया.

विक्रम के वज़न से मैं हिल भी नही पा रही थी. फिर विक्रम ने अपनी रेल-गाड़ी चलाई. वो मुझे पेलने लगे. उनका लंड मुझे मेरी छूट में लोहे के लंड के जैसे महसूस हो रहा था.

15-20 मिनिट तक विक्रम ने मेरे चुदाई की. पर मुझे पता था की और दो बार होगी. फिर बरूण ने मुझे डॉगी बनाया, और पीछे से मेरी छूट में लंड डालने की कोशिश की. कुछ झटको में बरूण का लंड मेरी छूट में था. डॉगी बना के मुझे खूब छोड़ा, और मेरी आवाज़ और चीखे पुर घर में फैल गयी.

फिर 15-20 मिनिट और चुदाई करने के बाद नवीन ने मुझे गोद में उठाया, और मुझे उल्टा करके सुलाया, और अपना भारी शरीर मुझ पर डाल दिया. पीछे से मेरी छूट में लंड डाला, और पीछे से नवीन ने ज़ोरदार चुदाई शुरू की.

तीनो ने एक-एक करके मेरी छूट में लंड डाला. फिर 15-20 मिनिट की नवीन की चुदाई के बाद तीनो भाई मेरे साथ एक ही बेड पर सो गये. कुछ देर बाद जब मेरा दर्द कम हुआ, तो मुझे तीनो से एक रात में एक वक़्त में चुड कर मज़ा आया.

ऐसे ही एक-एक करके जब नवीन और बरूण की शादी हुई, तो उनकी बीवियों को भी इन टीन भाइयो ने पेला. और उससे पहले तक हर रोज़ मैं इन तीनो को शन्तुष्ट करती थी. हमारे और भी एक्सपीरियेन्सस है.

मेरे ससुर जी ने भी मुझे एक बार सब के सामने पेला है. और मेरे पति के फ्रेंड्स से भी मुझे एक बार चूड़ना पड़ा. पति के प्रमोशन के लिए उनके बॉस के साथ भी सेक्स करना पड़ा. अगर कहानी अची लगी हो तो बताइए. मैं बाकी एक्सपीरियेन्सस शेर करूँगी. आप मुझे स्टोरी का नाम और आपकी प्रतिक्रिया जवानिकजोश@आउटलुक.कॉम पर भेज सकते है.

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