सेक्स स्टोरी कंटिन्यूस…
सीमा चाची ने एक प्यारे से बच्चे को जानम (बर्त) दिया. राजेश अंकल, मेरे मम्मी-पापा, सीमा चाची की मा, सारे लोग बहुत खुश हुए.
मैं भी बहुत खुश था. मेरा बेटा हुआ था. सीमा ने हमारे बेटे का नाम “रियांश” रखा. हम लोगों ने बहुत दीनो तक सेलेब्रेशन किया.
मेरी मों: कंग्रॅजुलेशन्स सीमा. आख़िरकार तुम मा बन ही गयी. तुम्हारा बेटा तो काफ़ी सुंदर है.
सीमा चाची: थॅंक योउ सो मच अंजलि भाभी. आपको भी कंग्रॅजुलेशन्स. आप भी तो “दादी”, नही-नही “चाची” बन गयी हो.
पहले तो मेरी मों चौंक गयी. फिर हासणे लगी. मैं भी अब कॉलेज के बाद सीमा के घर जेया कर “रियांश” के साथ खेलता और टाइम स्पेंड करता था.
देखते ही देखते 6 महीने गुज़र गये. सब नॉर्मल चल रहा था. एक दिन मैं एक कॉफी शॉप में बैठा कॉफी पी रहा था. तभी मेरे सामने से एक खूबसूरत लड़की चलती हुई आ रही थी. मैं उसी को देख रहा था.
मैं (मॅन में): क्या खूबसूरत लड़की है यार.
वो मेरे सामने आ कर रुकी.
लड़की: राज, तुम यहाँ? मुझे पहचाना?
मैं: नही, नही पहचाना. तुम कों हो?
लड़की: मैं ड्र. आइयर्षा. तुम सीमा के साथ मेरे क्लिनिक आए थे ना.
मैं: ड्र. आइयर्षा आप? और यहाँ? सॉरी मैने आपको पहचाना नही. आप तो बहुत खूबसूरत, (अपने आप को रोकते हुए) अलग लग रही हो.
ड्र. आइयर्षा आज बहुत खूबसूरत दिख रही थी. उन्होने रेड कलर का सलवार सूट पहना हुआ था. उस पर गोलडेन एमब्राय्डरी डिज़ाइन थी. उनके मीडियम शॉर्ट हेर (कंधे से तोड़ा नीचे) खुले हुए थे. दोनो कानो में इयररिंग्स. उन्होने आज अपना चश्मा नही पहना हुआ था. माथे पर छ्होटी सी लाल बिंदी. हाथ में गोलडेन रिस्ट वॉच. पैरों में रेड सॅंडल्ज़.
आज ड्र. आइयर्षा 48 साल की मेच्यूर औरत नही 25-26 साल की लड़की दिख रही थी. ड्र. आइयर्षा मेरी कॉंप्लिमेंट से खुश हो कर हल्की सी मुस्कुराने लगी.
ड्र. आइयर्षा: क्या मैं यहाँ तुम्हारे साथ बैठ सकती हू?
मैं: हा, क्यूँ नही, प्लीज़ बैठिए. क्या लेंगी आप? छाई या कॉफी?
ड्र. आइयर्षा: 1 कोल्ड कॉफी.
मैने ड्र. आइयर्षा के लिए कोल्ड कॉफी का ऑर्डर दिया. और हम दोनो बातें करने लगे.
मैं: डॉक्टर आप यहाँ?
ड्र आइयर्षा: हा. मैं अपने दोस्त के साथ शॉपिंग पर जाने वाली हू. उसी का वेट कर रही हू.
मैं: डॉक्टर साहब साथ नही आए?
ड्र. आइयर्षा: वो एक सेमिनार अटेंड करने के लिए उ.स. गये हुए है. तो मैं अपने दोस्त के साथ शॉपिंग पर जेया रही हू.
मैं: तो कहाँ है आपका दोस्त?
ड्र. आइयर्षा: आपका दोस्त? वो कोई लड़का नही. लड़की है. मेरी बेस्ट फ्रेंड, रूही.
मैं: श. ई’म सॉरी.
ड्र. आइयर्षा: तो राज तुमने क्या सोचा?
मैं: किस बारे में?
ड्र आइयर्षा: अपना स्पर्म डोनेट करने के बारे में? मुझे लगता है तुम्हे ये करना चाहिए. सीमा और राजेश जैसे बहुत सारे कपल्स को इसकी ज़रूरत है. इसमे कोई बुराई नही है.
मैं: हा. मैं इस बारे में सोच रहा हू.
ड्र. आइयर्षा को कॉल आया.
ड्र. आइयर्षा: ये तुम क्या कह रही हो? तुम आज आ नही सकती?
ड्र. आइयर्षा ने कॉल कट किया.
मैं: क्या हुआ? कोई प्राब्लम है?
ड्र. आइयर्षा: मेरी दोस्त आज मेरे साथ शॉपिंग पर नही आ सकती. उसके घर अचानक से मेहमान आए है.
ड्र. आइयर्षा काफ़ी साद हो गयी.
मैं (मॅन में): वो नही आ सकती तो क्या हुआ बेब्स. कहो तो मैं तुम्हे आज शॉपिंग करता हू.
मैं: ओक अब मैं चलता हू.
ड्र आइयर्षा: क्या तुम मेरे साथ शॉपिंग पर चलोगे राज? मैं तुम्हारा ज़्यादा टाइम नही लूँगी. मुझा तो बस 2-3 सरीस ख़रीदनी है.
मैं: ओक. क्यूँ नही.
फिर मैने हमारा बिल पे किया और कॉफी शॉप से बाहर निकल आए. फिर ड्र. आइयर्षा और मैं मेरी बिके पर बैठ कर सारी शॉपिंग करने निकले.
पहले तो ड्र. आइयर्षा बिके पर डिस्टेन्स मेनटेन करके बैठी. पर स्पीड ब्रेकर की वजह से आख़िरकार उनको मेरी कमर को पकड़ कर बैठना ही पड़ा. हम दोनो एक बड़ी सी सारी की शॉप में गये.
सारी शॉपकीपर: आइए मेडम, क्या दिखौ आपको?
ड्र. आइयर्षा: हमे कुछ अची सरीस दिखाइए.
शॉपकीपर ने कुछ सरीस दिखाई. ड्र. आइयर्षा ने कुछ सरीस सेलेक्ट की और एक-एक करके चेंजिंग रूम में जेया कर पहन कर दिखाने लगी. ड्र. आइयर्षा को सारी में देख कर मेरी आखें खुली की खुली रह गयी. वो बाला की खूबसूरत लग रही थी. मेरी हार्टबीट तेज़ हो गयी. मुझे तो लग रहा था की अभी इसी वक़्त उनके पास जेया कर उन्हे अपनी बाहों में भर लू, और उनके होंठो को लगातार चूमता राहु.
ड्र. आइयर्षा ने ब्लॅक ब्लू और येल्लो कलर की सरीस खरीदी. मैने भी उनके लिए एक रेड कलर की सारी खरीदी लेकिन उन्हे बताया नही.
ड्र. आइयर्षा: राज. तुमने ये सारी किसके लिए खरीदी? अपनी गर्लफ्रेंड के लिए?
मैं: नही. है कोई और खूबसूरत.
मैने सारी शॉपिंग के पैसे देने चाहे लेकिन ड्र. आइयर्षा ने उनके सारी के बिल खुद ही पे किए. हम दोनो शॉप से निकले. मैने ड्र. आइयर्षा को उनकी बिल्डिंग के नीचे ड्रॉप किया.
ड्र. आइयर्षा: थॅंक योउ राज, मेरी शॉपिंग में हेल्प के लिए.
मैं: डॉक्टर साहिबा, आपका बहुत बहुत शुक्रिया मेरी शाम को इतना हसीन बनाने के लिए.
ड्र. आइयर्षा अपने बालों को कान के पीछे करते हुए बड़े प्यार से मुस्कुराने लगी.
मैं: डॉक्टर. आज आप बहुत प्यारी और बहुत ही सुंदर दिख रही हो. ये आपके लिए. मेरी तरफ से छ्होटा सा गिफ्ट.
ड्र. आइयर्षा ने बाग से रेड सारी निकाल कर देखी.
ड्र. आइयर्षा: ये तो बहुत ब्यूटिफुल है. ये मेरे लिए है?
मैं: हा. बाइ. टके केर.
फिर मैं अपने घर चला गया.
7-8 दिन बाद मैने ड्र. आइयर्षा को कॉल किया, की मैं उनसे मिलने उनके क्लिनिक आ रहा हू. जब मैं शाम 4:00 बजे वहाँ पहुँचा तो मैने देखा की क्लिनिक में कोई नही था. ड्र. आइयर्षा ने मेरी गिफ्ट की हुई रेड सारी पहनी हुई थी. अपने होंठो पर उन्होने लिपस्टिक लगा रही थी. मेरे कॅबिन में जाते ही ड्र. आइयर्षा ने अपना वाइट कोट और चश्मा उतार दिया और अपने बँधे हुए बालों का जुड़ा खोल दिया.
ड्र. आइयर्षा: राज. कैसी लग रही हू मैं?
मैं: ब्यूटिफुल. प्रीटी.
अब मैं अपने स्पर्म डोनेट करने के लिए तैयार हो गया. हुँने सारी फॉरमॅलिटी कंप्लीट की. मेरी आइडेंटिटी च्छूपी रहेगी. और मेरे स्पर्म से जन्मे बच्चो पर मेरा कोई हक़ नही रहेगा.
अब ड्र. आइयर्षा और मेरा उनके क्लिनिक पर रेग्युलर मिलना शुरू हो गया. हमारी अची दोस्ती हो गयी. मैं ड्र. आइयर्षा की तरफ अट्रॅक्ट हो रहा था.
क्या ड्र. आइयर्षा भी मुझे पसंद करती है. क्या हम दोनो में कभी प्यार हो सकता है? पढ़े अगली कहानी में. सीरीस विल कंटिन्यू.