अनामिका की पहली चुदाई

मेरा नाम राज है। आज मैं आप सब लोगों को अपनी एक सच्ची घटना बता रहा हूँ, यह मेरी पहली कहानी है।

यह तब की बात है जब मैं 22 साल का था, मेरे घर के पास एक लड़की रहती थी, उसका नाम अनामिका था, हम दोनों एक-दूसरे को देखा करते थे, लेकिन मेरी कभी हिम्मत नहीं हुई कि मैं उसको अपने दिल की बात बता सकूँ।

मेरे सारे दोस्त बोलते रहते कि तू ऐसे ही उसको देखता रहेगा या कभी कुछ बोल भी पाएगा उसको। लेकिन मेरी कभी हिम्मत नहीं हुई, उससे कुछ कहने की।

मैं आपको बता दूँ कि अनामिका देखने मैं बिल्कुल अमृता राव की तरह लगती है। वो स्लिम है, लेकिन उसका फिगर बड़ा ही मस्त है।

एक दिन मैं उसके घर गया, मम्मी ने भेजा था काम से। मैं घर गया तो पता चला आंटी भी नहीं है, अनामिका अकेली थी।

मुझे लगा आज सब कुछ बोल देना चाहिए वरना कभी मौका नहीं मिलेगा। मैंने अनामिका को सब कुछ बता दिया।

यह सुन कर वो रोने लगी। मैं डर गया पता नहीं क्या होगा?

मैंने उसको ‘सॉरी’ बोला तो वो बोली कि मैं सोच भी नहीं सकती थी कि तुम मुझसे इतना प्यार करते हो, और वो मेरे गले लग गई।

मैंने भी मौका देख कर उसको चूमना चालू कर दिया। वो भी प्रत्युत्तर देने लगी। फिर हमें लगा शायद कोई आ सकता है तो हम दोनों अलग हुए और मैं अपने घर चला गया।

उस दिन के बाद हम दोनों रात को 2 बजे तक बातें करते रहते। अनामिका अब मुझसे खुल गई थी। हम दोनों फोन पर सेक्स की बातें करते रहते।

मैं उसको कहता कि फिंगरिंग करो तो वो करती थी और मोबाइल को अपनी चूत के पास रख कर मुझे उंगली अन्दर-बाहर जाने की आवाज़ सुनाती थी। मैं भी अपने लंड को आगे-पीछे कर के मुट्ठ मारता था।

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मैंने उसको फोन पर ही बता दिया था कि सेक्स कैसे करते है, चूत और लंड कैसे चूसते हैं।

आख़िर हमको एक दिन मौका मिल ही गया, उसके मम्मी-पापा उसकी दीदी जो फरीदाबाद में रहती थीं, उनके घर मैं कुछ कार्यक्रम था, उनके घर चले गये थे।

अनामिका का पेपर था तो वो नहीं गई। उसने मुझे फोन करके एक दिन पहले ही बता दिया था।

मैं भी मार्केट से 4-5 डॉटेड कंडोम ले आया था। मैं उसके घर कोई 12:00 बजे गया था, उसने धीरे से दरवाजा खोला और पूछा- किसी ने देखा तो नहीं?

मैंने कहा- नहीं।

तो उसने मुझे अन्दर बुला कर जल्दी से दरवाजा बंद कर दिया। हमारे पास बहुत समय था, वो मुझे अपने बेडरूम में ले गई।

वहाँ पर घुसते ही वो मेरे गले लग गई और मुझे चुम्बन करने लगी और कहने लगी मैं तुमसे शादी करना चाहती हूँ।

मैंने भी उसको कहा- मेरा इरादा भी कुछ ऐसा ही है।

उसके बाद हम दोनों एक-दूसरे के होंठों को चूमने लगे। वो मेरे ऊपर वाले अधर को चूस रही थी और मैं उसके नीचे वाले अधर को। उसके बाद मैं बेड पर उसको लेकर गया। अब वो मेरे ऊपर थी और मैं उसके नीचे।

मैंने लोअर पहन रखा था और उसने कैपरी और टी-शर्ट, अब वो मुझको पागलों की तरह चूम रही थी और मैं भी। मेरे हाथ उसके शरीर पर फिसल रहे थे और उसने मेरे बाल पकड़े हुए थे।

अब मैं धीरे-धीरे उसके स्तनों पर हाथ फेर रहा था। वो गर्म हो रही थी। उसने भी अपनी चूत मेरे लंड पर रगड़नी चालू कर दी थी।

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वो बहुत जल्दी-2 ऐसा कर रही थी और मेरे लंड को दबा रही थी। मैंने अपना एक हाथ उसकी कैपरी के अंदर डाला और उसके चूतड़ों को सहलाने लगा।

थोड़ी देर बाद मैं अपना हाथ उसकी पैन्टी के अंदर डाल कर उसके गांड के छेद को सहलाने लगा और वो और जल्दी-जल्दी से अपनी चूत मेरे लंड से रगड़ने लगी थी।

अब मुझे भी मज़ा आने लगा था। उसके बाद मैंने अपनी उंगली को थोड़ा आगे बढ़ाया और पीछे से उसकी चूत तक हाथ पहुँचा दिया। अब मैं उसकी चूत को सहला रहा था और वो मुझे पागलों की तरह चूम रही थी।

उसके बाद मैंने अपनी शर्ट उतार दी और उसकी टीशर्ट भी उतारने लगा, तो वो शरमाने लगी लेकिन कोई विरोध नहीं कर रही थी।

कुछ पलों बाद मैंने उसकी ब्रा को भी खोल दी थी। उसके बड़े-बड़े कबूतर बाहर उछल कर आ गये थे। उसके चूचों के बीच मैं एक तिल था जो बड़ा ही प्यारा लग रहा था।

अब मैंने उसको अपनी गोदी में बिठा लिया था और उसने अपनी टाँगों को मेरी कमर पर लपेट रखा था और अपनी चूत को मेरे लंड से रगड़ रही थी। मैं उसके स्तनों को चूस रहा था कभी दायें को तो कभी बायें को।

थोड़ी देर बाद हम दोनों वापस पहले वाली पोजीशन में लेट गये थे, वो ऊपर और मैं नीचे। अब मैंने सोचा कि 40 मिनट तो हो चुके हैं, अब कुछ आगे बढ़ना चाहिए।

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