दोस्त की माँ को दो लोगो ने ठोका

हैल्लो दोस्तों, में प्रेम एक बार फिर से आप सभी के सामने अपनी एक और नई कहानी लेकर आया हूँ। सबसे पहले में आप सभी को मेरा परिचय करवा देता हूँ। में गुजरात के राजकोट शहर में रहता हूँ और मेरी उम्र 22 साल है। मेरी लम्बाई 5.7 है और मेरा फिगर 38-30-38 है। आज में आप सभी को अपनी जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ यह एकदम सच्ची कहानी है और करीब एक साल पहले की बात है, मेरा एक दोस्त है जिसका नाम अमित है और में और अमित बहुत पक्के दोस्त है। हम दोनों एक दूसरे से सभी तरह की बातें करते है और हम दोनों के बीच में सभी तरह की बातें होती है। दोस्तों में पहले कभी भी अमित के घर पर नहीं गया था, क्योंकि उसका घर मेरे घर से बहुत दूर है और उसके घर के आसपास ज्यादा घर भी नहीं है इसलिए उसका घर थोड़ा सा सुनसान जगह पर है।

एक दिन अमित का 20 जन्मदिन था इसलिए उसने अपने घर पर एक छोटी सी पार्टी रखी थी और इसलिए उसने मुझसे उसके घर पर आने के लिए बहुत आग्रह किया और इसलिए में रात के करीब 9 बजे उसके घर पर पहुंच गया। मेरे पहुंचते ही वो मुझे देखकर बहुत खुश हुआ और उसने मुझे सोफे पर बैठने के लिए कहा तो में बैठ गया और तभी उसकी मम्मी मेरे लिए पानी लेकर आ गई। उसकी उम्र करीब 40 साल की होगी, लेकिन वो 30 साल की लग रही थी और वो बहुत ही सुंदर थी उसने अपनी साड़ी को हमेशा नाभि के नीचे पहनी हुई थी और उसकी नाभि बहुत ही गहरी और बहुत चौड़ी थी। उसके बूब्स भी बहुत बड़े और एकदम गोल थे। उसकी आँखे नशीली कामुक थी और होंठ गुलाबी और मुलायम थे किसी को भी उन पर किस करने का जी चाहे, वो बिल्कुल ऐसे थे कि में तो उसे देखता ही रह गया। वो मुझसे बहुत हंस हंसकर बहुत प्यार से बातें हंसी मजाक कर रही थी और जैसे वो मुझे बहुत पहले से जानती है या में उनसे पहले भी बहुत बार मिल चुका हूँ उनका व्यहवार मेरे लिए बहुत अच्छा और वो बहुत खुले विचारो की बहुत हसमुख स्वभाव वाली औरत थी, इसलिए में पहली बार मिलते ही उनकी तरफ बहुत ज्यादा आकर्षित हो गया और अब में अब मन ही मन में सोच रहा था कि कैसे अमित के घर पर दोबारा आया जाए? तभी मेरे दिमाग़ में एक विचार आया जिसको सोचकर में बहुत खुश हुआ।

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फिर मैंने दूसरे दिन जब अमित कंप्यूटर क्लास में मुझसे मिला तब मैंने उससे कहा कि अमित मेरे घर पर तो कंप्यूटर नहीं है क्या में तुम्हारा कंप्यूटर को काम में ले सकता हूँ अगर तुम्हे इसमे कोई भी आपत्ति ना हो और तुम मुझे इस बात की इजाजत दे दो तो में तुम्हारे घर पर आ सकता हूँ? वरना मुझे कहीं किसी और से बात करनी पड़ेगी और हो सकता है कि मुझे इसके लिए कोई क्लास भी जाना पड़ सकता है। तब अमित मेरे मुहं से यह बात सुनकर बहुत खुश हो गया और वो मुझसे बोला कि क्यों नहीं? हम दोनों एक बहुत अच्छे दोस्त है, तुम मेरी सभी चीज़े काम में ले सकते हो, मुझे इसमें किसी भी तरह की कोई भी आपत्ति नहीं होगी, तुम मेरे घर आओगे तो मुझे बहुत ख़ुशी होगी और तुम्हारे साथ साथ मेरा भी पढ़ाई और दूसरे कामो में मन लगा रहेगा। दोस्तों में उसका यह जवाब सुनकर मन ही मन बहुत खुश हुआ और मैंने उसको बहुत बहुत धन्यवाद कहा और अब में उसकी मम्मी के साथ वो सब करने के सपने देखने लगा और दूसरे दिन में बहुत खुश होकर अमित के घर पर पहुंच गया। वो उस समय इंटरनॅट पर सेक्सी फिल्म देख रहा था और में भी उसके साथ हो गया, तब मैंने देखा कि उसमें एक बहुत सुंदर बिल्कुल नंगी लड़की आई जिसको देखकर मैंने उस लड़की को देखकर तुरंत उससे कहा कि यह तो एकदम तुम्हारी मम्मी जैसी दिखती है, तो अमित बोला कि हाँ, लेकिन इसके बूब्स थोड़े छोटे आकार के है, मेरी मम्मी के तो बहुत बड़े बड़े है।

दोस्तों में उसकी यह बात सुनकर तुरंत समझ गया कि अमित भी उसकी मम्मी को अपनी गंदी चुदाई की नज़र से देखता है और थोड़ी देर बाद अमित की मम्मी जिसका नाम नेहा है वो आ गयी वो उस समय कहीं बाहर गई थी, हमने तुरंत इंटरनेट को बंद कर दिया और मैंने पीछे मुड़कर देखा तो आज नेहा बहुत कमाल की दिख रही थी, अमित रोज उसकी मम्मी को कपड़े बदलते हुए देखता था और जब नेहा कपड़े बदलने के लिए दूसरे कमरे में चली गई तो अमित मेरे पास से उठकर उस एक छोटी सी खिड़की में से अपनी मम्मी को कपड़े बदलते हुए देखने चला गया। अब में उसको इधर उधर खोजने लगा तो मैंने देखा कि वो एक टेबल को नीचे रखकर उस पर खड़ा होकर उस खिड़की से अंदर देख रहा था। तो मैंने उससे कहा कि तुम क्या देख रहे हो? तब उसने मुझे चुप कर दिया और उस टेबल पर ऊपर आने को कहा में झट से उस टेबल के ऊपर चड़ गया और अब में भी खिड़की से अंदर की तरफ देखने लगा। पहले तो नेहा ने अपनी साड़ी को उतार दिया, जिसकी वजह से वो अब ब्लाउज पेटीकोट में खड़ी हुई थी और उसके वो बड़े आकार के बूब्स उसके ब्लाउज में समा भी नहीं पा रहे थे और वो ब्लाउज के ऊपर से ही बाहर निकल रहे थे, इतने में उसने ब्लाउज को भी उतार दिया वाह क्या गोरा बदन था जिसको देखकर मेरा लंड तो एकदम टाइट हो गया, उसने काली कलर की ब्रा पहन रखी थी। फिर उसने अपने उस पेटीकोट को भी उतार दिया, वाह क्या सुंदर जांघे थी एकदम गोरी गोरी और भरी भरी। मुझे अपनी आखों पर बिल्कुल भी विश्वास ना था कि में यह सब क्या देख रहा हूँ और वो भी अपने दोस्त के साथ उसी के घर में उसी की हॉट सेक्सी मम्मी का गोरा भरा हुआ बदन। अब वो आईने में देखकर अपने बूब्स को देखने लगी और वो अपने बूब्स को देखकर मुस्कुरा रही थी और फिर ब्रा की डोरी को ठीक करने लगी और अपनी पेंटी में ऊँगली फंसाकर उसको भी ठीक किया और ब्रा पेंटी को थोड़ा ऊपर नीचे करने के बाद अब नेहा ने गाउन पहन लिया। तब तक हम दोनों उस टेबल से नीचे उतर गये और फिर से जाकर कंप्यूटर पर बैठ गये।

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