दोस्त की बीबी की प्यासी चूत गांड में मेरा लंड

औरत की चुदाई की प्यास जागती है तो वह चुदने के लिए लाखों बहाने ढूंढती है. मेरे दोस्त की शादी हुई और कुछ दिन बाद ही उसे ड्यूटी पर जाना पड़ा तो उसकी बीबी ने क्या किया?

हाय दोस्तो, नमस्कार! मैं हूँ शिवा!
मैं आज आप लोगों के लिए एक सच्ची कहानी लेकर आया हूँ जिसमें आप लोग पढ़ेंगे कि कैसे मैंने अपने दोस्त की नयी नवेली दुल्हन बीबी की प्यासी चूत की प्यास बुझाई.

दोस्तो, एक बात बता दूं कि जब औरत की चुदाई की प्यास जागती है तो वह चुदने के लिए लाखों बहाने ढूंढ लेती है.
कुछ ऐसी ही कहानी है मेरी!

अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ.

मेरे दोस्त की शादी को अभी 1 महीना ही हुआ था कि उसे उसकी कम्पनी से काल आया कि तुम्हें ड्यूटी ज्वाइन करनी है.
और वह ड्यूटी पर चला गया.
उसके घर पर सिर्फ उसकी माँ थी और उसकी नवविवाहिता सुंदर बीबी!

एक दिन अचानक मेरे दोस्त का फ़ोन आया और कहा- यार शिवा, तेरी भाभी की तबियत खराब हो गई है, तुम उसे डॉक्टर से दवा दिलवा दो.
तो मैंने कहा- ठीक है!

और मैं अपनी बाइक से उसके घर गया.

मैंने दरवाजा खटखटाया तो दोस्त की बीबी ने ही दरवाजा खोला और मुस्मेंकुरा कर मेरा स्वागत किया, अंदर आने को कहा.
भाभी का खिला चेहरा देख कर मुझे उसमें बीमारी वाली कोई बात नहीं दिखी. फिर भी मैं उसे लेकर डॉक्टर के पास गया और उसे दवा दिलवा दी.

मेरे दोस्त की बीबी दिखने में एकदम हॉट माल थी. भाभी का रंग गोरा, चिकनी त्वचा, मध्यम कद, और उसका साईज 28 30 32 का होगा. पर मैंने भाभी को सेक्स वाली कामुकता भरी नजर से नहीं देखा था.

डॉक्टर ने अगले दिन फिर से दिखाने को कहा था तो दूसरे दिन मैं भाभी को लेकर फिर से डाक्टर के पास गया.

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जब हम अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे तो उसने मुझसे कहा- देवर जी, तुम्हारे दोस्त ड्यूटी पर क्या गये, तुमने तो मेरे घर पर आना ही बन्द कर दिया?
मैंने कहा- नहीं भाभी, ऐसा कुछ भी नहीं! जब आपको मेरी जरूरत होगी तो मैं हाजिर हो जाऊँगा.
और फिर हम दोनों के बीच में हंसी मजाक होने लगी.

उसके बाद डाक्टर के पास से दवा ली. पर उस दिन उसने डाक्टर से नींद की गोलियां भी ली. और उसके बाद हम वापिस आ गये.

एक दो दिन गुजरे … तभी अचानक एक दिन मेरे दोस्त का फ़ोन आया और कहा- अभी घर जाओ, तुम्हारी भाभी को फीवर आ गया है.

अभी रात के 10 बजे थे, सर्दी का मौसम था. मेरा मन तो नहीं था जाने का … तब भी दोस्त की दोस्ती तो निभानी ही थी, मैंने अपने कपड़े पहने और चला गया.

मैंने दोस्त के घर जाकर डोरबेल बजाई तो भाभी ने दरवाजा खोला और कहा- अंदर आ जाओ!
मैंने कहा- आपको तो फीवर था? पर आप तो बिल्कुल सही हैं. और आँटी कहाँ हैं?
उसने कहा- वो सो रही हैं. तुम अंदर तो आओ.

तो मैं उसके कमरे में गया. मैंने कहा- आपको दवा लेने चलना है तो चलो. नहीं तो मैं जाऊँ. रात काफी हो चुकी है.
उसने कहा- पहले बैठो तो सही!

मैं बैठ गया और बो भी मेरे साथ बैठ गई और बोली- शिवा, हमारी शादी के तुरंत बाद ही तुम्हारे दोस्त चले गये.
तो मैंने कहा- नौकरी तो करनी ही होगी. बास की काल आई तो जाना तो पड़ेगा ही.
उसने कहा- मेरा क्या?
मैंने भाभी- वो आ जायेगा. आप परेशान क्यों हो रही हो?

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उसके बाद उसने जो कहा, उसे सुनकर मेरे होश उड़ गए.
उसने कहा- मेरी शादी के बाद तुम्हारे दोस्त सिर्फ दो तीन बार मेरे साथ लेटे हैं. पहली बार सुहागरात को और फिर एक आध बार उसके बाद!
तो मैंने कहा- मैं आपकी इसमें क्या मदद कर सकता हूँ?

उसने कहा- शिवा, मैं बहुत दिनों से चुदना चाहती हूँ. इसलिए मैं बार बार दवा के बहाने तुम्हें बुलाती थी. पर तुमने कभी मुझे समझा ही नहीं! पर आज तुमको मुझे चोदने होगा.
और इतना कहकर भाभी ने मेरा लंड पकड़ लिया और उसे दबाने लगी.

तो मैंने कहा- देखो, आँटी आ जायेंगी तो क्या कहेंगी?
उसने कहा- मैंने मम्मी को नींद की गोली दे दी है. वो सुबह तक नहीं उठेंगी.

इतना कहकर उसने मेरा लंड बाहर निकाला और उसे आगे पीछे करने लगी. अब मैं भी अपने आप को संभाल नहीं पाया और उसे अपनी बांहों में भर लिया. हम लोग एक-दूसरे को चूमने लगे.
चूमते चूमते मैंने उसकी साड़ी खोल दी और उसके बाद मैंने उसका ब्लाउज खोला और उसके चूचे दबाने लगा.

वो भी उसके मुँह से सेक्सी आवाज निकलने लगी जिससे मैं और भी जोश में आ गया.

फिर मैंने भाभी का पेटीकोट भी उतार दिया अब वह मेरे सामने केवल ब्रा और पेंटी में थी.
क्या मस्त लग रही थी.

और फिर मैंने भाभी की ब्रा खोल दी और उसके मम्मे चूसने लगा. उसके मुँह से निकलने वाली आवाज मुझे पागल कर रही थी.

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