दो बाप ने दिया सर्प्राइज़

हेलो फ्रेंड मे साना शीक आपके लिए लेके आई हू मेरी हक़ीकत कहानी. करीब 10000 के उपर मैल आए सबके अच्छा रेस्पॉन्स दिया और अगले पार्ट के लिए रिक्वेस्ट कर रहे थे. काफ़ी लोगो ने मुझे बोला की आपकी स्टोरी अच्छी है पर तोड़ा और मसाला लगाके लिखो.

बुत उनको मे ये कहना चाहूँगी की ये मेरी सच्ची घटना है सो मई कोई आड करके फेक स्टोरी नही लिखूँगी. अगर आपको आक्ची नही लगी तो आपकी मर्ज़ी.

तो मे स्टोरी पर आती हू. अप सबको पता है 34 28 36 मेरी फिगर और रंग मिल्की वाइट है. काफ़ी मादक बदन जिससे देख के हर किसी का पानी तपाक जाएगा. ज़्यादातर मे बाहर नही जाती घर के. और अगर जाती तो भी बुरखा पहें के जातो सो इसलिए मेरा रंग इतना गोरा है.

उस दिन चुदाई करके आई उसके बाद आके तुरंत मे सो गयी. और सीधा नेक्स्ट मॉर्निंग मेरी नींद खुली. फिर मे जाके फ्रेश होके आई तब दीदी ने मेरे लिए ब्रेकफास्ट बनाया. ब्रेकफास्ट करके बैठी थी तब दीदी ने पूछा.

दीदी – क्या हुआ कल अंदर.

मे – वही जो तेरे साथ बाहर 7 जान के साथ हुआ.

दीदी शर्मा के हासणे लगी और बोली-

दीदी – पता है पर वो दोनो के इतने बड़े बड़े लंड तूने कैसे लिए वो भी 5 घंटे तक अंदर तुझे कुछ हुआ तो नही.

मे – हा दीदी बहुत दर्द हुआ कल दोनो ने मेरी जान निकल दी. पर बहुत मज़्ज़ा अरहा था उनके साथ. अच्छा लगा मुझे और वो काफ़ी आचे भी है.

दीदी – बेशर्म अपनी दीदी के सामने उनकी तारीफ कर रही है.

दीदी – ठीक है जो हुआ सो हुआ अब कही नही जाएगी. तुझे जो चाहिए था वो मिल गया. अब तू सिर्फ़ पढ़ाई पर ध्यान देगी.

मे – ठीक है दीदी.

फिर दो दिन मेने घर पर ही आराम किया. और मेने एक फोन भी खरीद लिया. और अमित पापा को म्स्ग करके उन्हे नंबर दे दिया. अब हम तीनो ने एक ग्रूप बनाया था. जिसमे मेरे दोनो पापा रोज पॉर्न वीडियोस भेजते थे. जिसमे एक लड़की को उसका बाप और उसके फ्रेंड छोड़ते है.

तीसरे दिन से स्कूल जाना चालू किया. पर जब मे स्कूल पहुँची तो गाते पर अमित पापा की गाड़ी खड़ी थी. मे दर गयी कही ये बात स्कूल मे ना पहुँच जाए. मे सीधा गाड़ी के पास गये और अमित पापा को पूछा अप यहा क्या कर रहे हो.

अमित पापा – वो सब छोड़ तू जा स्कूल मे अपनी अटेंडेन्स लगा और चली आ यहा.

मे – पर क्यू?

अमित पापा – जो बोला है वो कर जल्दी.

मे दर गयी और हा कर दी और फिर स्कूल की अटेंडेन्स लगा के वॉशरूम का बहाना बनके बाहर चली आई. और गाड़ी मे बैठ गयी. अमित पापा मुझे वाहा से लेकर एक अपार्टमेंट मे लेके गये जो प्रफुल पापा ना पर्सनल फ्लॅट था. वाहा कोई नही रहता ऐसे ही खाली पड़ा रहता.

अमित पापा ने मुझे उठाया और सीधा बेडरूम मे ले जाके बेड पर पटक दिया. और सीधा मेरे उपर चढ़ गये जैसे कही सालो का भूका शेर हो. और मुझे किस करने लगे.

धीरे धीरे नीचे गये और मेरे बुरखे मे घुस कर मेरी गुलाबी छूट को चाटने लगे अफ क्या फीलिंग अराही थी. पागल की तरह छूट को छत रहे थे. उतनी देर मे प्रफुल पापा भी आगाए. उनके हाथ मे कुछ समान था. हम दोनो को देख के प्रफुल अमित पापा को बोले,

प्रफुल – क्या रे अमित अकेले अकेले मेरी बेटी की छूट छत रहा है. शरम नही आई.

और दोनो हासणे लगे. भी मुस्कुराइ. तभी उँही ने सब समान बेड पे रखा जो सब मेरे लिए ही लिए थे. एक गोलडेन चैन थी, खाना था और कुछ कपड़े थे. मे बोली इतना समान लाने की क्या ज़रूरत थी.

प्रफुल पापा – अपनी बेटी के लिए इतना नही ला सकते.

फिर प्रफुल पापा ने उसमे से एक बिकिनी निकली और कहा आज तू ये पहनेगी.

मे शर्मा गयी. अमित सिर बोले

अमित पापा – आज मे अपने हाथ से अपनी बेटी को पहणौँगा.

और फिर उन्होने मेरा बुरखा निकल दिया और मुझे बिकिनी पहना दिए.

प्रफुल पापा – अमित क्या माल लग रही है रे अपनी बेटी आज बिकिनी मे.

अमित पापा – सही कहा दिल करता है आज फिर छोड़ू इसको.

मे – ऐसा कुछ नही करना प्ल्ज़ मेरा दर्द अभी ठीक नही हुआ है.

अमित – आज तुझे कुछ नही करेंगे बस सिर एक कम करना है तुझे रोज ऐसे ही यहा आना है. और प्रफुल ने जो आयिल लाया है उससे रोज जाम दोनो के लंड को मालिश करना है.

मे – ठीक है पापा बुत मेरी पढ़ाई का क्या फैल हो जौंगी मे.

प्रफुल पापा – उसकी चिंता तू मत कर. तू इश्स साल क्लास मे टॉप आएगी. मैने सेट्टिंग लगाई है.

मे – फिर ठीक है.

फिर मैने खुद दोनो पापा के कपड़े उतार दिए और दोनो हाथ से दोनो का लंड हिलने लगी. फिर मूह मे लेके उनको मज़ा देने लगी. उसके बाद प्रफुल पापा ने वो आयिल की बॉटल मुझे दी.

तभी प्रफुल को किसी का कॉल आया तो वो बात करने बाहर चले गये. तो मैने अमित पापा के लंड को मालिश करना शुरू कर दिया. तभी पापा ने मुझे उठाया और मेरी छूट अपने मूह पर रखी और चाटने लगे. और अग्गे से मे उनके लंड को आयिल से मसाज करने लगी.

10 मिनिट्स के बाद प्रफुल पापा भी आए तो उनके भी लंड को मसाज किया. फिर उन्होने टीवी पर पॉर्न लगाई. वो देखते देखते हमने लंच किया. और पूरा दिन मे उनके साथ ऐसे ही बैठी रही नंगी बाते करते करते बीच बीच मे वो मेरे नाज़ुक बॉडी के साथ खेलते थे.

ऐसे ही 15 दिन तक सिलसिला चला मे रोज स्कूल मे अटेंडेन्स लगा के उनके साथ दिन भर वही उनके लंड को मसाज करके उनके साथ मे ही रहती थी. डिड ब दिन उनका लंड भी सकत हो रहा था.

एक दिन मे ऐसे ही नंगी उनके साथ बैठ के दोनो के लंड को मसाज कर रही थी. तभी वाहा एक आदमी आगेया उससे देख के मे सर्प्राइज़्ड होगआई और बहुत दर गयी और अपना चेहरा छिपा ने लगी. क्यूंकी वो हमारे स्कूल के प्रिन्सिपल रामनाथ भोसले सिर थे. हालाँकि उन्होने मुझे नही पहचाना. क्यूंकी स्कूल मे इतने बच्चो को कों याद रखेगा. रामनाथ सिर अंदर आए और अमित पापा से बोले-

रामनाथ सिर – क्या रे अमित इतना कोवला माल कहा से उठाया?

अमित पापा – तेरे ही स्कूल से.

और अमित और प्रफुल पापा हासणे लगे. और मुझे बोले डरने की कोई बात नही ये अपना ही आदमी है.

रामनाथ सिर – साले मेरे ही स्कूल से उठता है और बोलता भी नही.

प्रफुल पापा – साले इसी की तो बात कर रहा था. इसको ये साल क्लास मे टॉप लाना है मार्क्स मे.

रामनाथ सिर – हो जाएगा डरने की कोई बात नही.

मुझे अभी भी दर लग रहा था.

रामनाथ सिर – बेटा डरने की कोई बात नही किसी को कुछ पता नही चलेगा. बस तू हमको खुश रख.

मैने हा मे हा मिला दी.

अमित पापा – जा बेटा अपने नये बाप का लंड चूस.

मे जाके रामनाथ सिर के कपड़े उतार कर उनका लंड मूह मे लेके चूसने लगी. उनका लंड 7 इंच का लंबा और 3 इंच मोटा था मेरे दोनो बाप से छोटा था. उनकी आगे भी 58 थी. यहा आज तीनो भी चुदाई के मूड मे थे और मुझे भी बहुत दिन से तडपेक़ जा रहा था. मे हर दिन सोचती थी की आज मेरी चुदाई करेंगे पर ऐसा कुछ नही हुआ.

मे सिर का लंड चूसने मे बूससी हो गयी. तभियमित पापा क़ये और उन्होने मुझे पीछे से उठाया और खड़े होके अपने घुटने पर मेरे पैर रखे और अगाए से प्रफुल पापा आए उन्होने मुझे पकड़ा और अपना बड़ा लंड मेरे मूह मे पेल दिए. और पीछे से अमित सिर मेरी गांद मे लंड दल रहे थे बहुत दर्द हो रहा था मुझे.

धीरे धीरे अमित पापा ने अपना लंड मेरी गांद मे पेल दिया और छोड़ने लगे. अब मे हवा मे ही थी अगेसे प्रफुल पापा और पीछे से अमित पापा मुझे छोड़ रहे थे वो भी मेरे प्रिन्सिपल के सामने. मुझे अज़ून सा लग रहा था, तकरीबन उन्होने मुझे 30 मिनिट्स तक जगह बदल बदल कर छोड़ा जिससे मेरी गांद बहुत दर्द हो रही थी.

तब तक रामनाथ सिर यहा अपने लंड को स्पारी करके और वियाग्रा की गोली खा कर मेरा इंतेज़ार कर रहे थे. उन्होने जब मेरी छूट देखी तो उनकी लाल टपकने लगी.

वो मेरी छूट को चाटने लगे 5 मिनिट्स तक मेरी कोमल नाज़ुक गुलाबी छूट को चाटने के बाद अपना लंड मेरी टाइट छूट पर रख के अपने मोठे लंड से सहलाने लगे. और आयिल दल के धीरे धीरे अंदर धक्का मारने लगे.

मे बेड पर तड़पने लगी. मछली की तरह छटपटाने लगी. लंड मोटा होने के कारण बहुत दर्द हो रहा था. बाकी दोनो मेरे हाथ पैर पकड़ के खड़े थे. और प्रिन्सिपल सिर मेरी नाज़ुक गुलाबी छूट को रग़ाद रग़ाद के छोड़ रहे थे. मे रोने आ गयी थी.

मे सिर्फ़ आहह अहहा हाहाहा हहाआह àह क़हहा हाआह आअहह कर रही थी और सिर मुझे बेरेहमी से छोड़ रहे थे और गली भी दे रहे थे.

ऐसे ही उंहोने मुझे 35 मिनिट्स तक छोड़ा. मुझे भी बहुत मज़ा आया. जन्नत की सैर कराई. और सारा माल मेरे मूह पर निकल दिया. और अमित पापा से बोले

रामनाथ सिर – साले क्या गजब की लड़की उठाई है तूने. ऐसे लगता है इससे सिर्फ़ चुदाई के लिए बनाया है. क्या छूट है साली की.

अमित पापा – पसंद आई ना आख़िर बेटी किसकी है.

रामनाथ – ऐसे ये मेरी भी बेटी है.

रामनाथ सिर बहुत खुश हुए थे मुझे छोड़के सिर मेरी तारीफ़ ही कर रहे थे.

तभी प्रफुल पापा बोले-

प्रफुल पापा – इसके पीछे खर्चा भी उतना ही किया है. अब हमारा जी नही भरता तब तक हम अपनी बेटी को छोड़ेंगे.

तब अमित सिर कुछ सोच के बोले-

अमित पापा – वो सब तो ठीक है पर ऐसे स्कूल के टाइम मे चुदाई करने अब मज़ा नही अरहा अब कुछ नया ट्राइ करते है. लेकिन अट लीस्ट 4 या 5 दिन चाहिए अपने पास.

प्रफुल पापा – सही कहा अमित मे सोच रहा हू इससे हम दुल्हन बना के इसके साथ हम तीनो मिलके सुहग्रत मनाए तो.

अमित पापा – हा तेरे आइडिया तो अच्छा है पर इतने दिन इसे कों बाहर भेजेगा.

तभी रामनाथ सिर बोले-

रामनाथ सिर – इसकी चिंता मत करो एक सल्यूशन है मेरे पास.

अमित और प्रफुल पापा एक साथ बोले क्या????

रामनाथ सिर – स्कूल का आन्यूयल ट्रिप ऑर्गनाइज़ करता हू मे इसको भी ट्रिप मे लेके जाएँगे और वही जाके अपनी बेटी के साथ हम सुहग्रत मनाएँगे. मे आज ही स्टाफ मिट्टिंग करके सबके घर ने लेटर्स भेजने बोलता हू ट्रिप के लिए.

तभी अमित पापा मे मुझे पूछा साना बेटी तू आएगी ना ट्रिप मे.

मे – मेरा ही सुहग्रत है और मई ही नामा करू तो किसके साथ मनाओगे सुहग्रत. और सभी हासणे लगे

रामनाथ सिर – बेटा मेरा एक फ्रेंड पोलोंड से अरहा है इंडिया मुझे मिलने के लिए. तो क्या मे उससे भी ले तेरे सुहग्रत मे. मैने सोचा अब इनके लंड ले लिए है तो एक और आए तो क्या दिक्कत है. और वो भी गोरा लंड मिल जाए तो और भी अच्छा है.

तो मैने रामनाथ सिर को हा करदी.

वो सब प्लान बनाने लगे और मे उनके लंड चूसने लगी. और वो भी मेरे बूब्स के साथ खेलने लगे. स्कूल छूटने का टाइम हो गया था तो मई अमित पापा को बोली घर छोड़ने.

तो उंहोने मुझे बुरखा पहनाया और मेरे सब गिफ्ट मेरे पास दे दिए.

मुझे बुरखे मे देख कर रामनाथ सिर बोले साली ये तो मुस्लिम है. बहुत गर्मी है इसकी छूट मे बहुत मज़ा दिया है साली ने. इसको मे क्लास मे टॉप लेके ओँगा. और मेने भो स्वीट सी स्माइल देके वाहा से चली गयी.

तो फ्रेंड्स कैसी लगी मेरी ये स्टोरी ज़रूर बताना पर. ये स्टोरी को सपोर्ट करो ज़्यादा से ज़्यादा ताकि मेरी सुहग्रत वाली स्टोरी जल्दी आए आपके पास, थॅंक योउ ऑल.

यह कहानी भी पड़े  भाई ने बाय्फ्रेंड से सेक्स करने मई मदद की

error: Content is protected !!