दीवाली पे मिला चूत का मज़ा

हाय डीके फ्रेंड्स, मैं राज फ्रॉम महाराष्ट्रा, ये कहानी नही है एक सच्ची घटना है जो मैं आप लोगो के साथ शेर करना चाहता हूँ, अगर कोई ग़लती हो कहानी मे या पसंद आए तो मैल कीजिएगा, मेरी मैल आईडी है “लोवेुअल्ल[email protected]गमाल.कॉम” और किसी भी लड़की या आंटी को चुदना हो तो प्लीज़ मैल करिए, तो आप लोगो को ज़्यादा बोर ना करते हुए मैं कहानी पे आता हूँ, जैसे ही मैने 12थ पास की तो मैं आगे की पढ़ाई के लिए बंगलौर आ गया, क्योकि मैं महाराष्ट्रा मे रहता हूँ, मेरा यहा पे कोई नही था बस कोई दूर का रिश्ते-दार था तो मैं उनके घर पे रहने लगा और कुछ ही दीनो मे मेरा कॉलेज मे अड्मिशन हो गया और मैं हॉस्टिल मे शिफ्ट हो गया और मैं हर वीकेंड अपने रिश्ते-दार के घर जाता उनको कोई औलाद नही थी, तो वो मुझे काफ़ी मानते थे, लेकिन एक वीकेंड मैं उनके घर गया तो देखा की 3 लड़किया आई है और फिर पता चला की वो भी वाहा पे पढ़ने ही आई है हलाकी देखने मे ठीक-ठाक थी, लेकिन बूब्स काफ़ी बड़े थे वो लोग एम.बि.ए करने आई थी इसलिए मैं उनको दीदी बोलता था, मेरे मन मे ऐसा कुछ भी नही था फिर हम लोग हर वीकेंड्स पे मिलने लगे और काफ़ी आछे दोस्त बन गये और नंबर भी एक्सचेंज कर लिया.

और हम लोग वेट्स-एप पे बाते करने लगे और वो मुझे हर बात बताती सॉरी मैं तो नाम ही बताना भूल गया उनके, उनके नाम प्रिया, ईशानि और प्रियंका था लेकिन प्रिया दी से मेरी काफ़ी अछी बनने लगी थी तो हम रोज़ बात करते और वो कैसे पि.जि मे रहती थी तो रोज़ मुझे बताती की किसका बाय्फ्रेंड आया है, कोन पीके आया है और कोन नाइट आउट मारता है वगेरा-वगेरा, तो एक दिन मैने पूछ लिया की आपका मन नही करता बाय्फ्रेंड बनाने का तो वो बोली करता तो है लेकिन कोन बनेगा मेरा बाय्फ्रेंड?, मैने मस्ती मे कहा अरे काफ़ी लोग मिल जाएगे बोलो तो मैं ही बन जाता हूँ, तो वो हासणे लगी और बोली हान तू ही मेरा बाय्फ्रेंड बन जा, तो मैं भी हासणे लगा इस तरह हम लोग काफ़ी फ्रॅंक हो गये और एक दूसरे को कभी-कभी किस भी सेंड करते मेसेज मे, तो जैसे-जैसे दिन बीत-ते गया और दीवाली आ गयी और हम लोग फिर मिले मेरे रिश्ते-दार काफ़ी बिज़ी थे, दीवाली को लेके क्योकि बहोत तैयारी करनी थी और फिर हम भी उनकी हेल्प करने लगे घर सॉफ करने मे, तो सॉफ सफाई मे कभी-कभी प्रिया दीदी के बूब्स देखता जब झुकती और जान भुज के उनको टच करता और उनकी गॅंड को अपना लॅंड टच करवाता.

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लेकिन वो कुछ नही बोलती, मुझे ये ग्रीन सिग्नल मिला और मेरी और हिम्मत बढ़ने लगी और दीवाली की रात आ गयी, तो पूजा होने के बाद हम लोग क्रॅकर्स फोड़ने आए और कुछ देर बाद मैने बोला चलो छत पे चलते है और क्रॅकर्स देखते है, तो हम लोग छत पे आए और हम लोग क्रॅकर्स देखने लगे लेकिन ठंड काफ़ी थी तो मुझे ठंड लगने लगी, क्योकि मैने सिर्फ़ एक टी-शर्ट ही पहेनी थी और प्रिया दीदी के पास एक शौल था तो उन्होने बोला आजा शौल मे और मैं और वो एक ही शौल मे आ गये, मुझे काफ़ी अछा लगने लगा काफ़ी गर्मी थी उसमे लेकिन मेरा हाथ उनके बूब्स को लग रहा था और मेरा लॅंड खड़ा हो गया, मैं धीरे-धीरे अपना हाथ आगे बढ़ाने लगा और अपना लॅंड उनको टच करने लगा, लेकिन वो कुछ भी नही बोली और मुझे ग्रीन सिग्नल मिल गया और मैं धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा और उनके बूब्स पे प्रेशर लगाने लगा, उनकी साँसे तेज़ होने लगी और मैने धीरे-धीरे सहलाने लगा और उनकी आखे बंद हो गयी और साँसे तेज़ हो गयी, मैं समझ गया की उनको भी मज़ा आ रहा है और मैं उनके बूब्स दबाने लगा और फिर उनके म्मूहह से आहह आहह के आवाज़े आने लगी और फिर मैने उनको किस किया.

लेकिन कुछ रेस्पॉन्स नही आया तो मैने उनके फेस को पकड़ा और किस करने लगा और वो धीरे-धीरे रेस्पॉन्स करने लगी और मैने उनकी ड्रेस मे हाथ डाल के बूब्स प्रेस करने लगा, वो काफ़ी गरम हो गयी थी और आअहह आआहह ज़ोर से ज़ोर से बोलने लगी और फिर मैं एक हाथ उनकी चुत पे रगड़ने लगा और वो और ज़ोर से सिसकारियाँ भरने लगी, आहह आआआअहह और मेरे हाथ को पकड़ लिया और फिर अपनी चुत पे रगड़ने लगी और फिर धीरे-धीरे मैने हाथ अंदर डाल दिया और चुत मे उंगली करने लगा, उनकी चुत पहले ही काफ़ी गीली हो चुकी थी और मेरी उंगली काफ़ी आसानी से अंदर-बाहर हो रही थी और वो आअहह आहह कर रही थी और आखे बंद थी और एक हाथ से मेरे हाथ को पकड़ के अपनी चुत मे डाल रही थी और अंदर डालने की कोशिश कर रही थी, मेरे लॅंड से प्री कम निकल रहा और काफ़ी कड़क हो गया था, फिर मैने उनका हाथ मेरे लॅंड पे रख दिया और वो धीरे-धीरे मेरा लॅंड सहलाने लगी और मैने अपना लॅंड बाहर निकाल लिया जिससे राहत मिली और प्रिया दी मेरे लॅंड को आगे पीछे कर रही थी, काफ़ी अछा लग रहा था और कुछ ही देर मे मेरा माल निकल गया काफ़ी लंबी पिचकारी निकली और मैं शांत हो गया.

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