दिवाली के अवसर पर घर में हुई सामूहिक चुदाई

Diwali Sex Story : हेल्लो दोस्तों मैं आप सभी का में बहुत बहुत स्वागत करता हूँ। मैं पिछले कई सालों से इसका नियमित पाठक रहा हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती जब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ता हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रहा हूँ। मैं उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी जिन्दगी की सच्ची घटना है।
मेरा नाम आयुषी पांडेय है। मैं बंगलौर में रहती हूँ। मेरी उम्र अभी 23 साल की हैं। मैं देखने में झकास माल लगती हूँ। खूबसूरत लड़को को देखकर मेरा मन चुदने को करने लगता हैं। मुझे सेक्स करने में बहुत मजा आता है। बड़े और मोटे लंड से खेलना बहुत ही अच्छा लगता है। मेरे कबूतर जैसे दोनों मम्मे बहुत ही सॉफ्ट हैं। मैं बाथरूम में उनके साथ खूब खेल कर मजा लेती हूँ। रात को जब तक अपनी चूत से माल नही निकलवा लेती तब तक मुझे नींद ही नही आती है। अपने माल को पीकर मुझे बहुत ही अच्छी नींद आती है। रात को अपने बूब्स दबाकर खूब मुठ मारती हूँ। कई बार तो मैंने लड़को के घर पर बुलाकर अपना दूध पिलाया है। दोस्तों मै अब मै अपनी कहानी पर आती हूँ।

हमारे परिवार के सारे लोग जॉब करते है। मैं ही अभी जॉब करती हूँ। मेरे परिवार में मेरे अलावा मेरी बुआ है। मेरा एक बड़ा भाई भी है। मम्मी, पापा और दादा जी ही रहते हैं। बडे भाई की शादी हो चुकी है तो वो भी रहती हैं। मेरे भाई का नाम चीकू है। उसकी उम्र 30 साल की है। अभी जल्दी ही नई नवेली दुल्हन पाई है। भाभी भी मुझसे कुछ कम नहीं है। जब से वो घर में आई हैं। भैया दिन रात उन्ही के मजे लेते रहते है। हम लोग अपने परिवार के साथ खुश रहते थे। बियर पीना हम लोगो के घर में आम बात है। पीकर घर के सारे लोग की वो खुद ही सब कुछ भूल जाते हैं। शादी से पहले एक बार भैया खूब बियर पीकर घर पर आये। नशे में उन्हें कुछ पता ही नहीं था। मैं लेटी हुई थी। रानी रानी करते हुए मेरे पास आकर लेट गए। कुछ देर बाद जब मेरी नींद खुली तो मैने बियर की खुशबू को महसूस किया। मै सारा मामला तुरंत ही समझ गई।

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मैंने खुद को अलग करने की बहुत कोशिश की लेकिन मेरे ऊपर अपना पैर रख कर वो दबाये हुए थे। मै भाग न सकी। वो मुझे जबरदस्ती किस करने लगे। किस करते ही मैं गर्म होने लगी। मेरी चूंचियो को पीकर खूब मजा लिया। मुझे भी मजा आ रहा था लेकिन फिर भी छुड़ाने का नाटक कर रही थीं। आखिरकार मेरी चूत में अपना लंड डाल कर मेरी चूत को फाड़ ही डाला। मुझे बहुत ही मजा आया। लेकिन उसे कुछ नहीं पता था। रात भर मेरे ऊपर ही अपना पैर रख कर लेटा रहा। सुबह होते ही उसने पूछा- “मै यहाँ कैसे आ गया”
मैं समझ गई रात की उतर चुकी हैं। लेकिन इसे कुछ याद नही हैं। मैंने भी कुछ नहीं बताया। वो चला गया। वो अब अक्सर ये वाली हरकत करता रहता था। मुझे भी किसी किसी रात को मुठ नहीं मारना पड़ता था। वो मेरी चुदाई करके मुझे भरपूर आनंद दे देता था। लेकिन जब से शादी हुई तब से मुझे हमेशा मुठ मार कर ही काम चलाना पड़ता था। कुछ दिन बाद दीपावली आने वाली थी। हमेशा हम लोग दूसरों के घर जाते थे लेकिन इस बार पापा के दोस्त मेरे घर आने वाले थे। अब वो दिन आ ही गया। जब पापा के दोस्त ने मेरी चूत पर अपना टार्च जलाया। दीपावली के दिन पापा के कई सारे दोस्त आये हुए थे। अब लोग रात में चले गए। लेकिन उन में से एक लोग अपनी बीबी के साथ रुक गए। और एक लोग की शादी ही नहीं हुई थीं। तो अकेले ही रुक गए। हमने खूब मजा किया। रात काफी हो गईं। सभी लोगो ने पैग पर पैग बनाकर खूब पिया। मुझे छोड़कर घर के सारे लोगो ने खूब पिया। रात काफी हो गई। सारे लोग नशे में धुत्त थे। मुझे सभी लोग चिपका रहे थे। रात के लगभग 1 बज रहे थे। सभी लोगो ने पत्त्ते खेलने बैठ गए। पापा के दोस्त की पत्नी पापा से चिपक चिपक कर मजे ले रहीं थी।

मै पापा को पहली बार इतने रंगीन मिजाज में देख रही थी। उधर मम्मी भी पापा के दोस्त से चिपक रही थी जिनकी अभी तक शादी ही नही हुई थी। वो मम्मी को हो अपनी बीबी की तरह प्यार कर रहे थे। मुझे आज सब गोलमाल लग रहा था। मुझे समझ में ही नही आ रहा था ये सब आज हो क्या रहा है। तभी पापा के दोस्त कहने लगे- “बहुत दिनों बाद ऐसा हो रहा है। आज मुझे सब पहले वाला याद आ रहा हैं”
मै समझ गई। पहले भी ये खेल खेल चुके है ये लोग। मैं भी पापा की गोद में बैठ कर सब देखने लगी। पापा का लंड मेरी गांड में चुभ रहा था। उनका लंड खड़ा था। उन्होंने कहा- “सबको पुराना वाला नियम याद है” सभी लोगो ने- “हाँ बोल दिया” मुझे तो समझ ही नही आ रहा था। कौन सा नियम है। बैठ कर मैं भी देखने लगी। मुझे भी बड़ा आनंद आ रहा था। सभी लोगो में पत्ते बांटे गए। मै भी देखने लगी। सबसे कम पत्ते आयी हुई आंटी बना पाई। सब हँसने लगे। इतने में वो उठी और अपने एक एक करके सारे कपडे उतारने लगी। मै समझ गई। जो हारेगा वो अपने कपडे उतारेगा। जो सबसे ज्यादा पत्ते बनायेगा वो उसका मजा लेगा। पापा का सबसे ज्यादा बना हुआ था। वो आंटी के पास गए। और कपडे निकालने में मदद करने लगे। आंटी एक दम से नंगी होकर ब्रा और पैंटी में खड़ी थी। पापा हाथ लगाकर उनका भरपूर मजा ले रहे थे। सभी लोग देख देख कर गरम हो रहे थे। लेकिन उसके बाद सबकुछ धीरे धीरे बदलने लगा। पापा ने जैसे ही अपने कपडे निकाल कर नंगे होकर किस करने लगे। सारे लोग देख कर अपने अपने कपडे निकाल कर मजा लेने के लिए एक दुसरे पर हावी होने लगे। पापा आंटी के साथ सेक्स का आनंद लेने के लिए उत्तेजित हो रहे थे। उनके होठो को चूस चूस कर चूंचियो को दबा रहे थे। वो पापा को कसकर दबाकर पकडे हुई थी। मम्मी भी गर्म हो रही थी। वो भी अपना रंग दिखाने लगी। उन्होंने भी अपने कपडे उतार कर अंग प्रदर्शन करने लगी। अंकल जी तो मम्मी को ही पकड़ कर चूमने लगे।

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