हॉट सेक्स कहानी अब आयेज से-
अब सब एक साथ ब्रेकफास्ट कर रहे थे.
मम्मी: अब तू सब फाइनल करके आ गया ना?
मैं: हा, अब कल मेरा फर्स्ट दे है जॉब का. दीदी की कंपनी में ही तो है जॉब.
दीदी: ओये सुन, कंपनी में मेरे से ‘दीदी’ नही बोलना. वरना सब को लगेगा मेरी जुगाड़ से आया है.
मैं: लेकिन ह्र और मॅनेजर को तो पता नही होगा ना? सरनेम आंड फादर’स नामे सेम है. इतना कॉन्फिडेन्स थोड़ी होता है?
दीदी: सिर्फ़ कुछ लोगों को पता होगा जो रेक्रूटमेंट के समय थे और उनको तेरी क़ाबलियत के बारे में पता है. बाकियों के सामने जाके ढिंढोरा नही पीटना इस बात का.
मैं: ठीक है.
तभी मैने देखा भाभी खोई-खोई लग रही थी. फिर हमने ब्रेकफास्ट किया. उसके बाद दीदी और मम्मी अपने-अपने रूम में चले गये. भाभी बर्तन धो रही थी. मैं उनके पास गया और बोला-
मैं: भाभी, कोई इश्यू है क्या? आप खोई-खोई लग रही हो.
भाभी (मॅन में): तुझे मैं क्या ही बतौ इश्यू के बारे में? और क्या, बातरूम में तू ही था जो मुझे देख रहा था, क्यूंकी और कोई मर्द तो था नही घर में. और डोर के पास इतना सारा कम. मैं ये सब क्या सोच रही हू.
भाभी: कोई इश्यू नही. वैसे आप किस समय पहुँचे?
मैं: अभी थोड़ी देर पहले.
भाभी: तो तेरे को तेरे भैया नही दिखे जब तू आया?
मैं: नही, उस समय नही दिखे. मैं आया तो मम्मी परानते बना रही थी, तो मैं वहाँ चला गया आंड थे रेस्ट इस हिस्टरी.
भाभी: अछा.
भाभी (मॅन में): शायद मेरा वहाँ था. बहुत दिन हुए सेक्स किए हुए. अब हर चीज़ में सेक्षुयल चीज़ें दिखाई दे रही है.
मैने भी भाभी की हेल्प की और मैं अपने रूम में आ गया. मैने लॅपटॉप खोला और सुबह रेकॉर्ड की हुई वीडियो लॅपटॉप में सवे कर दी. फिर मैने लॅपटॉप में इंस्था लोजीन किया और रोहन को मेसेज किया. वो आक्टिव नही था तो मैने उसको आज सुबह की सारी चीज़ें बता दिया और उसके रिप्लाइ का वेट करने लगा.
अब मैं वेट कर रहा था तब तक मैं वलोरंत खेलने लगा. 2-3 ग़मे खेले पर रोहन का रिप्लाइ नही आया. तभी लिविंग रूम से मम्मी की आवाज़ आई.
मम्मी: बेटा, एक बार यहाँ आना.
मैं: आया!
मुझे लगा की काम तोड़ा सा होगा तो मैं लॅपटॉप ओपन छ्चोढ़ के बाहर चला गया.
मम्मी: चावल और आता ख़तम हो गया है, स्टोर रूम से निकाल दे.
मैं: ठीक है.
और मैं स्टोररूम में चला गया. मीनवाइल, दीदी मेरे रूम में आई, डोर ओपन किया और देखा की मैं रूम में नही था. वो रूम छ्चोढ़ के जेया ही रही थी की उन्होने मेरे लॅपटॉप का वॉलपेपर देखा.
वॉलपेपर में मेरी और उनकी कॉलेज की पिक थी. वो लॅपटॉप के पास आई और उनको कॉलेज के दिन याद आ गये. भाई, देखो, टाइमिंग सबसे हरामी चीज़ होती है. मैं उस समय रोहन के रिप्लाइ का वेट कर रहा था और जब मैं रूम में नही था तब रोहन का रिप्लाइ आ गया. मैं अपना फोन भी रूम में भूल गया था.
रोहन: सही है. भाई, तू ऐसा कर, उनकी हर छ्होटी सी छ्होटी चीज़ में हेल्प करते रहना.
अब ये मेसेज दीदी ने पढ़ लिए. उन्होने देखा की उनके छ्होटे भाई को मेसेज कौन कर रहा था. इंस्टाग्राम ड्म इंस्टाग्राम सर्वर्स में सवे होते है, और किसी भी डिवाइस से मेसेज करो, हर डिवाइस में दिखते है. उपर से मैं मेसेज डेलीट नही करता था तो दीदी ने छत खोली और सारे मेसेज रेड कर लिए, शुरू से लेके अंत तक.
मतलब पिक्स के आदान-प्रदान से, रोहन का मेरे को तीनो पे ट्राइ करने से लेके, भाभी को सेक्स करने की स्ट्रॅटजी तक. और मैने आज सुबह वाली भाभी की पिक विदाउट फेस वाली जो रोहन को सेंड की थी, वो भी देख ली.
रोहन: ???
दीदी: कुत्ते, तू है कौन और मेरे भाई को क्यूँ बिगाड़ रहा है?
रोहन: सुनील, तू पागल-वेगल तो नही हो गया?
दीदी: मैं उसकी बेहन बोल रही हू.
रोहन: ओहो, प्रिया दीदी. मैं एक स्टोरी राइटर हू और सेक्स स्टोरीस लिखता हू. और मैं सुनील को नही बिगाड़ रहा. बच्चा थोड़ी ना है वो?
दीदी: लेकिन तू मेसेज में क्या बोल रहा था की भाभी के अलावा मम्मी और मेरे पे भी ट्राइ करेगा? तू ऐसा बोल कैसे सकता है?
रोहन ने अपनी स्टोरी का लिंक शेर किया और बोला ये भी स्टोरी है.
रोहन: देख, मैं उसको ज़बरदस्ती कुछ नही करवा रहा. तेरे भाई ने हेल्प माँगी और मैं हेल्प कर रहा हू.
दीदी: तू झूठ बोल रहा है. मेरा भाई ऐसा नही हो सकता.
रोहन: चल, ठीक है, एक चॅलेंज. देख तू रात 10 बजे खाने के बाद ड्रंक होने की आक्टिंग करते हुए सुनील के रूम में जाना, और तू अपने बूब्स दिखना. फिर देखना की तेरा भाई तुझे रोकता है या नही.
दीदी: अगर वो मुझे रोकेगा तो तू मुझसे माफी माँगेगा और सुनील को कभी मेसेज नही करेगा.
रोहन: और उसने तुझे नही रोका और वो आयेज बढ़ा. तो तू इस सब के बीच में नही आएगी और जो मैं बोलूँगा वो करेगी.
दीदी: मंज़ूर है.
फिर दीदी ने रोहन और उनके बीच हुई छत डेलीट की, और अपने रूम में चली गयी. वो अपने रूम में रोहन की स्टोरी “ये मेरी फॅमिली”, पढ़ने लगी. उसमें प्रिया दीदी ने लंड चूसा था, जिसे पढ़ के मेरी दीदी भी गरम हो रही थी.
देखो, इन्सेस्ट का एक अपना मज़ा होता है, तभी तो. वरना आप लोग ये स्टोरी नही पढ़ रहे होते? क्यूँ सही बोला या नही?
मैं स्टोर रूम से राशन किचन में रखवा दिया और कुछ देर मम्मी से बात-चीत करने में लग गया. जब मैं अपने रूम में पहुँचा तो रोहन का रिप्लाइ आया हुआ था. मैने रिप्लाइ देखा और “ठीक है” का रिप्लाइ मैने भी कर दिया.
आज का दिन ऐसे ही बीट गया. मुझे जब भी मौका मिलता, भाभी की हेल्प कर देता या उनसे बात-चीत करता रहता. रात को डिन्नर हुआ और सब अपने-अपने रूम में चले गये. फिर करीब 10:30 बजे मेरे डोर पे एक नॉक हुआ. मैने डोर खोला तो डोर पर दीदी खड़ी थी. उन्होने नीचे पाजामा पहना था और उपर सिर्फ़ ब्रा में थी. उनके मूह से बियर की बदबू आ रही थी.