दीदी को चोदने का मूड बन गया

हैल्लो दोस्तों, में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची घटना के बारे में बताने आया हूँ, जिसके बाद मेरा और मेरी बड़ी बहन का पूरा जीवन बिल्कुल बदल गया और अब में पहले अपना परिचय सभी को देता हूँ और उसके बाद कहानी को शुरू करता हूँ। दोस्तों मेरे घर में मेरी बहन की उम्र 20 साल है, वो मुझसे उम्र बड़ी है और मेरी उम्र 18 साल है। हम दोनों साथ में बहुत खेलते मस्ती मजाक करते थे और देर रात तक हम दोनों साथ में अपनी पढ़ाई भी करते थे। हमारे घर का बरामदा बहुत लंबा होने के साथ साथ उसी में एक टॉयलेट बाथरूम वाला एक रूम है, जिसमे एक पलंग और कुर्सी टेबल रखा हुआ था उस कमरे में हम दोनों हमारे पेपर की पढ़ाई किया करते थे और उसके बाहर एक बड़ा सा हॉल भी था जिसमे हमेशा एक सोफा रखा हुआ रहता था। पूरा घर ए.सी. की वजह से बिल्कुल बंद था, इसलिए कोई भी आवाज़ बिल्कुल भी नहीं आती थी। दोस्तों मेरी बड़ी बहन को लिम्का बहुत पसंद थी पढ़ते वक़्त वो चाय या पानी भी पीने की जगह बस लिम्का ही पीती रहती थी, एक दिन जब हमारे पेपर से पहले हमारी तैयारी के लिए छुट्टियाँ चल रही थी, तो मेरे पापा मम्मी किसी शादी समारोह के लिए हमारे शहर से दो दिन के लिए बाहर दूसरे शहर गये हुए थे, उनके साथ जाने की इच्छा तो हमारी भी थी, लेकिन पेपर की वजह से हम दोनों भाई बहन जा ना सके और हमारे घर काम करने जो नौकरानी आती थी वो 8 बजे वापस चली जाती थी और हम दोनों हमारे एक महीने बाद आने वाले अपने पेपर के लिए तैयारियां कर रहे थे। उस समय रात के दस बजे थे और पढ़ाई करते हुए अचानक से मेरा ध्यान कुर्सी टेबल पर बैठी मेरी दीदी के गदराए हुए बदन पर गया।

दोस्तों तब मैंने पाया कि वो 5.4 इंच की लम्बाई वाली उसका रंग दूध जैसा सफेद उसके सेक्सी फिगर का आकार 35-30-33 था, दिखने में वो बहुत सुंदर बड़ी ही आकर्षक लगती थी, इसलिए घर से बाहर के भी लड़के उसको अपनी खा जाने वाली नजरो से देखा करते। दोस्तों उस समय उसको पता भी ना चला कि में उसको अपनी इस नज़र से देख रहा था, मेरी नजरे उसके उभरे हुए गोरे बूब्स पर थी, जिनको में लगातार घूरकर देख रहा था और धीरे धीरे गरम होकर जोश में आ रहा था। दोस्तों में आप लोगों को बता दूँ कि इससे पहले मैंने कभी उसके बारे में ऐसा कभी नहीं सोचा था इसलिए मेरा लंड आज पहली बार लोहे के सरिये की तरह तन गया और में कुछ देर बाद अपने लंड के ज्यादा गरम हो जाने पर परेशान होकर पेशाब करने के बहाने से उस जगह से उठ गया और में सीधा तुरंत बाथरूम में जाकर मुठ मारने लगा। मेरा लंड उस समय बहुत जोश में था और इससे पहले मुझे मुठ मारने में इतना ज्यादा मज़ा नहीं आया था, क्योंकि में पूरी तरह से गरम होकर जोश में गया था और उसी जोश में मैंने अपनी दीदी की चुदाई करने का मूड बना लिया। मुझे अब काम वासना की वजह से कोई भी रिश्ता नजर नहीं आ रहा था। मेरा अपनी बहन के साथ बहुत कुछ करने का मन हो गया था, इसलिए में भी अपने आप को नहीं रोक नहीं सका।

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अब में बाथरूम से बाहर आकर पलंग पर बैठ गया और फिर मेरे बदन में अपनी दीदी को देखते हुए एक अजीब सी तड़प पैदा होने लगी मुझे कुछ ऐसा महसूस हो रहा था जैसे कि में उसके पास जाकर उसको पीछे से दबोचकर पलंग पर पटककर उसकी जमकर चुदाई कर दूँ और उस समय उसका पूरा ध्यान अपनी किताब में था। मेरी ऐसा कुछ करने की हिम्मत नहीं हो रही थी। तभी मेरा ध्यान लिम्का की खाली बोतल की तरफ चला गया। मैंने उससे कहा कि दीदी में आपके लिए अभी लिम्का लेकर आता हूँ। तो उसने खुश होकर मुझसे कहा कि हाँ में अभी सोच ही रही थी कि यह थोड़ा सा और खत्म करके में बोतल लेकर आ जाती, लेकिन अब तुम जा रहे हो तो चले जाओ, में अपनी यह पढ़ाई तब तक खत्म करती हूँ। अब में उसके मुहं से यह बात सुनकर खुश होता हुआ ऊपर वाले कमरे में भगाकर बोतल लेने चला गया और मैंने अपने काँपते हाथों से फ्रिज को खोलकर उससे 500 मिलीग्राम की एक लिम्का की बोतल को निकालकर उसमे मैंने मेरे पापा की एक पास ही पड़ी हुई वोड्का को भी में उसमे मिलाने लगा यह सब काम करते हुए मेरा दिल ज़ोर से धक धक कर रहा था और हड़बड़ाहट में मैंने 150 मिलीग्राम लिम्का पीकर उसमे करीब 130 मिलीग्राम वोड्का मिला दी, उसके बाद में सब कुछ वैसे ही छोड़कर में तुरंत नीचे चला गया और अपनी दीदी के सामने एक घुट पीते हुए मैंने उसको वो लिम्का की बोतल हाथ में थमा दी। तो उसने ओह नहीं तुम्हे बड़ी बोतल लानी थी यह बात मुझसे कहते हुए उसने अपनी आदत के अनुसार करीब 400 मिलीग्राम को एक ही साँस में गटागट करते हुए पी लिया और उसके बाद उसको थोड़ा सा अजीब सा स्वाद महसूस हुआ और उसने इससे पहले भी किसी पार्टी में वोड्का का पेग पी रखा था, इसलिए उसको थोड़ी ही देर में सब कुछ समझ में आ गया कि उसने अभी क्या पिया है वो हिचकी लेते हुए पलंग पर बैठ गई और फिर उसके बाद वो रोने लगी। फिर में उसके पास जाकर उसकी पीठ को सहलाते हुए उससे पूछने लगा कि क्या हुआ दीदी? तब वो रोते हुए बोली कि प्लीज़ तुम मेरे साथ कुछ भी मत करना, में तुम्हारी बहन हूँ। में सब कुछ बहुत अच्छी तरह से समझ चुकी हूँ।

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