दीदी के साथ हनीमून

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम वरुण है, मैं लखनऊ में रहता हूं, और आज मैं मेरे पहले हनिमून के बारे में बताने जा रहा हूं, जो मैंने अपनी सगी बहन के साथ मनाया था. यह मेरे पहले हनीमून के साथ साथ मेरी पहली चुदाई भी थी और इस स्टोरी को पढ़ कर आप सब लोगो को बहुत मजा आएगा ऐसी में आशा करता हु. मैं अब आप को अपने बारे में बता देता हूं, मेरी उम्र २० साल है और मैं कॉलेज में स्टडी कर रहा हूं, मेरा रंग थोड़ा सा सांवला है, मेरी हाइट ५ फुट ६ इंच है और अब देखा जाए तो मैं एक एवरेज लड़का हूं, मैंने सिर्फ आज तक लड़कियों से बात की है पर कभी सेक्स नहीं किया हे इसलिए मुझे सेक्स के बारे में कुछ ज्यादा नहीं पता हे.

अब मैं आप को अपनी बहन के बारे में बता देता हूं, मेरी बहन दिखने में पटाका है मतलब वह बहुत सेक्सी और बहुत खूबसूरत है, उसकी उम्र करीब २५ साल है इसलिए उसकी जवानी पूरी बाहर आ रही थी. उस की फिगर का साइज ३२-३४-३५ था और उस की गांड काफी गद्देदार थी. उस के बूब्स भी बहोत क्यूट है, मेरी बहन का रंग बहुत गोरा है. मुझे पता था कि उस के बहुत सारे बॉयफ्रेंड है और शायद मेरी बहन ने कभी सेक्स किया हो सकता है मुझे ऐसा लगता है. मेरी बहन काफी हंसी मजाक वाली खुले विचारों वाली लड़की है, इसलिए वह मेरे साथ भी बहुत बार शरारतें करती रहती थी, अब दोस्तों में आप का ज्यादा वक्त न लेते हुए अपनी कहानी पर आता हूं.

यह बात उन दिनों की है जब हमारी हॉलीडे चल रही थी मैं और मेरी बहन सारा दिन घर पर ही रहते थे. एक दिन अचानक मेरे पापा ने मुझे कहा वरुण बेटा मैंने तेरी और तेरी बहन की बस में टिकट बुक करवा दी है, और जाओ घूम आओ कुछ दिन अपनी दीदी के साथ. यह सुन कर मैं बहुत खुश हुआ क्योंकि मुझे बाहर घूमना बहुत अच्छा लगता था, मैंने यह बात अपनी दीदी को बताई वह इस प्लान से बहोत खुश हुई इसलिए हम दोनों ने अपनी पैकिंग शुरू कर ली थी क्योंकि हमारी बस कल सुबह की थी. मैं और मेरी बहन सुबह नाश्ता कर के घर से निकल चुके थे, उस टाइम थोड़ी थोड़ी बारिश होनी शुरु हो गई थी और मौसम काफी रोमांटिक हो चुका था. हम ने ऑटो लिया और बस स्टैंड जा कर बस में बैठ गए.

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बस मे दीदी विंडो वाली सीट पर बैठी थी और मैं उन के साथ बैठा हुआ था. थोड़ी देर में बस रोड पर चलने लगी और फिर से बारिश शुरू हो गई. दीदी को बारिश बहुत पसंद है इसलिए उन्होंने विंडो बंद नहीं की और बारिश की बूंदे अंदर आ रही थी और दीदी के चेहरे पर गिर रही थी. हिंदी पोर्न स्टोरीज डॉट कॉम

दीदी बार बार अपना फेस को साफ कर रही थी और मैं यह सब देख रहा था. अब मैं भी दीदी का फेस अपने रुमाल से साफ करने लगा, इसका उन्होंने कोई विरोध नहीं किया इसलिए मैं बार बार साफ करने लग गया. बारिश की बूंदें अब उस की बूब्स के ऊपर गिरने लगी थी मैंने अपने हाथ से दीदी का सीना साफ कर दिया और मेने साफ करते वक्त उस को धीरे से दबा दिया, दीदी ने मुझे गुस्से की नजरों से देखा और मैं समझ गया था कि कुछ ज्यादा ही हो गया है अब.

जब बस चलती थी तो बीच में बस हील रही थी जिस की वजह से दीदी मेरे ऊपर बार बार गिर रही थी इस बार जब गीरी तो दीदी का हाथ मेरे लंड पर आ गया और मेरा उन्होंने लंड दबा लिया और कहा वरुण बेटा मैंने अपना बदला ले लिया है. यह सुन कर मैं और मेरा लंड दोनों हैरान हो गए. इतनी देर में हम अपने होटल पहुंच गए बस ने हमें होटल के सामने ही उतार दिया. दीदी ने होटल में रुम बुक कर दिया और हमारा सामान भी रूम में रखवा दिया, और मुझे कहा चलो बाहर चलते हैं और कही घूम कर फ्रेश हो कर वापस होटल पर आते हैं. मेंने कहा ठीक हे.

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मैं और दीदी अब बाहर चले गए हमने पहले लंच किया और शाम तक वापस आ गए. अब मैं और दीदी रूम के बाहर बालकनी में खड़े बातें कर रहे थे मेरी नजर दीदी की गांड पर थी क्योंकि उन्होंने टाइट पजामी डाली हुई थी इस वजह से उस की गांड की पूरी शेप मुझे दीख रही थी.

मैंने एक मजाक मजाक में दीदी की गांड पर जोर से थप्पड़ मार दिया.

दीदी उस वक्त थी आइसक्रीम खा रही थी इसलिए उन्होंने मेरी तरफ देखा और मुस्कुरा कर अपनी आइसक्रीम को खाने लगी, मुझे यह मस्ती कर के बहुत मजा आया और अब में इस सेक्स गेम को आगे बढ़ाना चाहता था इसलिए मैंने फिर से दीदी की गांड को दबाया और थप्पड़ मार दिया.

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