देवर्जी ने की मेरी चुदाई

हेलो फ्रेंड्स मैं सोनम आप लोगो के सामने अपनी सेक्स स्टोरीस पेश करने जा रही हू, मैं 29 साल की एक मॅरीड हाउसवाइफ हू, मेरा बॉडी फिगर 34’29’34 है, मेरी शादी को 5 साल हो गये है.

मेरे हज़्बेंड का नाम शेखर है, और वो दिन भर ऑफीस मे रहते है रात को 9:30 बजे घर आते है, हमारा घर वाराणसी मे है.

हमारे घर मे मैं और मेरे हज़्बेंड और हमारा 2साल का बेटा अंश रहता है, और मेरे सास ससुर आज़णगाह के एक छ्होटेसे विलेज मे रहते है वही पर मेरा छ्होटा देवर आशीष भी रहता है.

ये स्टोरी अभी पुछले साल की है जब मेरा देवर वाराणसी मे एसएससी की एग्ज़ॅम देने आया था, वैसे मैं अपने हज़्बेंड शेखर से फुल सॅटिस्फाइड हू और हम डेली सेक्स एंजॉय करते है, तो एक दिन मेरा देवर हंमारे घर आया.

नेक्स्ट फ्राइडे को उसका एग्ज़ॅम था, वो ट्यूसडे को ही हमारे घर आ गया, और मैने भी उसे चाय पानी पीला के सोने को कहा और वो सो गया.

मैने सोचा की चलो वो सो रा है तो नहा लिया जाए और मैं नहाने चली गयी और नहाते वक़्त मुझे ऐसा लगा की जैसे कोई होल से मुझे देख रहा है, लेकिन मैं जब मैने आवाज़ लगाई की कोन है तो किसी का रिप्लाइ नी आया तो मुझे लगा की ये मेरा वेहयम होगा.

फिर शाम को जब आशीष उठा तो मैने उसे पुछा की चाय पीना है तो उसने बोला हा ज़रूर, लेकिन शायद अब उसके मन मे कुछ और ही चल रा था और वो पीछे से मेरे कुल्हो को ऐसे घूर रा था की जैसे की वो उन्हे खा ही जाएगा.

फिर कुछ देर बाद मैं उसके और अपने लिए चाय लाई और हम दोनो साथ बैठकर चाय पीने लगे और इधर उधर की बात करने लगे, और मैने नोटीस किया की वो लगातार मेरे बूब्स को घुरे जा रा था, तो फिर मैने भी उसे बोल दिया की ऐसे क्या देख रहे हो देवर जी, उसने बोला की भाभी आप बहुत खूबसूरत हो.

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तो मैने बोला लगता है की अब तुम्हारी शादी के बारे मे भी सोचना पड़ेगा, उसने कहा भाभी शादी करूँगा तो आप जैसी लड़की से ही वरना मैं शादी ही नी करूँगा, आप बहुत अच्छी हो.

मैने बोला की ऐसा क्या अछा लगता है मेरे मे, तो उसने बोला छोडो कोई बात नी भाबी, मैने बोला प्लीज़ बताओ ना, तो उसने बोला भाभी मुझे आपके बूब्स बहुत अच्छे लगते है, और आपका फिगर भी कमाल का है और आप जैसे लड़की तो ढुड़ने पे भी नी मिलेगी, मैने बोला ऐसा क्या, उसने बोला हाअ, फिर मैं ज़ोर ज़ोर से हासणे लगी.

आशीष: भाभी आप हस क्यू रही हो, मैं सही कह रा हू आप बहुत सुंदर हो.

मैं: इतनी सुंदर लगती हू मैं तुम्हे.

आशीष: हाअ भाभी

फिर मैने गोर्र किया की उसका लंड उसके पैंट के अंदर खड़ा हुआ पड़ा है, और तभी उसने भी देख लिया की मैं उसके खड़े लंड को देख रही हू, और उसने मौका देखकर बोल दिया की भाभी कहा खो गयी.

तभी मैं अपने होश मे आई और बोली की नि कुछ नि तो उसने डाइरेक्ट ही बोल दिया की भाभी मैं आपसे बहुत प्यार करता हू और आपके साथ सेक्स करना चाहता हू आज तक मैने किसी लड़की के साथ सेक्स नी किया है और मुझे मुट्ही मार के काम चलाना पड़ता है, इतने मे मैने उसे गुस्से मे आकर बोला

मैं: ये क्या बोल रहा है तू आशीष.

आशीष: भाभी प्लीज़ एक बार मेरे साथ सेक्स कर लो मैं आपको बहुत प्यार करता हू.

मैं: लेकिन ये ग़लत है और तुम भी सोचो की मैं एक शादी शुदा हू, और अगर किसी को पता चल गया तो क्या बोलेगे, बहुत बदनामी होगी हमारी.

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आशीष: भाभी ये बात मेरे और तुम्हारे अलावा किसी और को नि पता चलेगी. प्लीज़ भाभी प्लीज़ प्लीज़ प्लीज़..

मैं: चलो ठीक है.

इतना सुनते ही वो मेरे उपर कुऊद पड़ा और मुझे लिप्स पे किस करने लगा और मैं भी उसे किस कर रही थी और उसका पूरा सहयोग कर रही थी, अब वो किस्सिंग के साथ साथ मेरे बूब्स भी मसलने लगा और मैं अब गरम होते जा रही थी.

फिर मैने उसे बेडरूम मे चलने को कहा वो मुझे गोद मे उठाकर बेडरूम मे ले गया और अपना पैंट उतार दिया और उसका 6.5 इंच का लंड उसके कच्चे मे तंबू की तराह खड़ा हुआ था, और ये लंड देखकर मुझे एक अज़ीब सी खुशी मिलने लगी क्यूकी ये मेरे हज़्बेंड का लंड से भी बड़ा लंड था.

वो मुझे बेड पे लिटा कर फिर से किस करने लगा और अब उसके मेरे सारी का ब्लाउज भी उतार दिया था, और अब वो मेरे ब्रा के उपर से ही मेरे बूब्स को दबाए जा रहा था, और अब मैने भी अपनी पूरी सारी उतार दी और अब मैं उसके सामने सिर्फ़ ब्रा और पैंटी मे खड़ी थी.
और वो ये देखकर बहुत खुश हुआ और बोलने लगा भाभी यू आर् सो ब्यूटिफुल, एक हाथ से मेरे बूब्स मसल रा था और एक हाथ उसने मेरी पैंटी मे डाल दिया और मेरी चुउत को मसलने लगा और उसमे उंगली करने लगा और इधर मैं अब पूरी गरम हो गयी थी.

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