देवर ने भाभी को किचन में सिड्यूस करके चोदा

भाभी जैसे ही बातरूम में गयी, मैं जल्दी से बाहर गया, और टेबल में से एक ग्लास उठाया. उसमे आधा ग्लास विस्की डाली. फिर उसमे कोल्ड ड्रिंक डाल कर फुल ग्लास कर दिया, और रसोई में जाके रख दिया. फिर मैं प्याज़ काटने लगा. कुछ देर बाद भाभी आ गयी.

भाभी बोली: अभी तक प्याज नही काट पाए? हटो मैं खुद ही काट लेती हू.

मैने बोला: मुझे प्याज़ काटना नही आता.

भाभी: हा वो तो दिख ही रहा है.

मैं: अर्रे भाभी तुम्हारे लिए कोल्ड ड्रिंक लाया था मैं, तुम्हे देना भूल गया.

भाभी: अछा रंग लगाने से फ़ुर्सत मिले तो तब याद रहेगा ना तुम्हे.

भाभी ने ग्लास उठाया और एक सीप पिया तो कहने लगी: ये कुछ अलग टाइप की लग रही है. कुछ इसमे मिलाया तो नही है?

तो मैने बोला: भाभी ये दूसरी कोल्ड ड्रिंक है. ये ऐसी ही होती है.

भाभी मेरी बात समझ गयी, और सारा ग्लास खाली कर दिया पी कर. वो उसके बाद प्याज़ काटने लगी. भाभी ने ब्लॅक सारी पहन रखी थी. मैं उनके बूब्स की गोरी-गोरी बीच की लकीर को देख रहा था. तभी भाभी की नज़र मेरे पर पड़ी तो वो बोली-

भाभी: क्या देख रहे हो?

ये सुन कर मैं घबरा गया. फिर मैं बोला-

मैं: कुछ नही भाभी.

भाभी: पता नही अजीब सा लग रहा है. अभी तक तो ठीक थी मैं.

मैं: अर्रे गर्मी की वजह से हो रहा होगा.

भाभी: हा शायद.

मुझे पता चल गया था की उन्हे नशा होने लग गया था.

फिर भाभी ने बोला: सच बताओ तुम क्या देख रहे थे उस समय?

तो मैने कहा: कुछ नही देख रहा था भाभी.

भाभी: मुझे सब पता है रंग लगाने के बहाने तुम मेरे चुचो को दबा रहे थे, और अभी तुम मेरे चुचो को ही देख रहे थे.

भाभी के मूह से ऐसे शब्द सुन कर मैं हैरान हो गया. लेकिन मुझे पता था दारू अपना काम करने लग गयी थी. तभी भाभी ऐसे खुल्ला बोल रही थी.

फिर मैं बोला: ऐसा नही है भाभी.

भाभी: सब पता है है मुझे.

फिर भाभी वाहा से चली गयी, और चूल्‍हे के उपर कढ़ाई रख दी. भाभी की ऐसी बात सुन कर मुझमे जोश आने लगा था, और मैने उनके पीछे जेया कर उनकी कमर कस्स के पकड़ ली. फिर मैं उनकी गर्दन पर किस करने लगा.

भाभी पलट गयी और बोली: ये क्या कर रहे हो?

मैं: सब पता है भाभी तुम्हे. फिर भी मुझसे पूच रही हो.

मैने अपना लोवर घुटनो तक उतार कर भाभी को अपना लंड दिखा दिया, जो की बैठा हुआ था. भाभी ने जल्दी से अपनी आँखों को अपने हाथो से धक दिया, और बोली-

भाभी: अपना लोवर क्यूँ उतार दिया? तुम्हारे भैया आ जाएगे तो बेकार हो जाएगा.

मैने उनसे बोला: वो सो रहे है, कोई नही आएगा. देखो भाभी, ये तुम्हारे लिए तड़प रहा है. हाथ हटाओ आँखों से.

भाभी: तुम किसी को बताओगे तो नही?

मैं: नही.

फिर मैं भाभी को गले पे किस करने लगा. भाभी ने अपने चेहरे से हाथ हटा कर मेरी गांद पकड़ ली, और मुझे अपनी तरफ खींचने लगी. फिर मैं उनके होंठो को किस करने लगा. भाभी की आँखें बंद थी. फिर मैने भाभी को उपर उठा कर चूल्‍हे की साइड में खाली जगह पर बिताया.

भाभी ने तब आँखें खोली और सीधे मेरे लंड पर उनकी नज़र गयी. लंड देख कर उनका मूह लाल हो गया था शरम से. फिर मैने भाभी के ब्लाउस को खोला. भाभी ने ब्लॅक कलर की ब्रा पहनी थी. उसके बाद मैने उनकी ब्रा को भी उतार दिया.

भाभी उपर से पूरी नंगी थी. उनके चुचे गोल थे, और निपल लाल मरून. फिर मैने भाभी के चुचो को अपने हाथो में लिया, और दबाने लगा. भाभी के चुचे टाइट हो गये थे. उसके साथ मैने भाभी की सारी धीरे-धीरे उपर कर दी. भाभी चुप-छाप बैठी थी.

उनकी सफेद जाँघ देख कर मेरा लंड बहुत टाइट हो गया. भाभी मेरे लंड को चोरी से देख रही थी. भाभी को बहुत पसीना भी आ रहा था. फिर मैने भाभी की पिंक पनटी खोली, और भाभी की टाँगो को फैलाया. उनकी छूट के लिप्स लंबे थे, और झाँते बिल्कुल सॉफ थी. उसके बाद मैने भाभी के होंठो पर किस किया, और उनकी छूट में उंगली करने लगा.

अब भाभी भी मेरा साथ देने लगी. पता ही नही चला की उनका हाथ मेरे लंड पर कब गया, और वो लंड को हिलने लगी. फिर मैने अपना लंड उनकी छूट पर रखा और धीरे से अंदर घुसा दिया.

भाभी: ह्म्‍म्म्मम.

मैने फिर धीरे-धीरे स्पीड बढ़ा दी आ आह.

भाभी की फैलाई हुई टांगे चूड़ते हुए खड़ी हो गयी थी. लेकिन भाभी ने आँखें अपनी बंद करी हुई थी. फिर कुछ देर छोड़ने के बाद भाभी की गांद पकड़ी, जो की बहुत मुलायम थी. मैने उनको गोद में उठा कर और एक-दो झटके मारे, और उन्हे खड़ा कर दिया.

फिर मैं भाभी को डॉगी पोज़ में लाया. भाभी की गांद देख कर मैं तो पागल सा हो गया. उसके बाद मैने उनकी गांद फैलाई, और उनकी गांद का च्छेद देखा. च्छेद उनका भूरा और गांद के हिसाब से छ्होटा था. मेरा मॅन उनकी गांद मारने का हुआ, पर जैसे ही मैने अपना लंड उनकी गांद के च्छेद पर रखा, तो उन्होने माना कर दिया.

वो कहने लगी: मैने अभी तक अपने पति से भी गांद नही मरवाई है.

तो मैं कुछ नही बोला. मैं चुप-छाप उनकी गांद दबा-दबा कर उनकी छूट मारने लगा. थोड़ी देर बाद उनकी गांद भी लाल हो गयी. भाभी अब अपनी गांद आयेज-पीछे करने लगी थी, और रसोई में भी फूच फूच की आवाज़ आ रही थी. मैने भाभी की कमर पकड़ के जाम कर उनकी चुदाई करी.

कुछ देर छोड़ने के बाद मेरा लंड झड़ने वाला था. मैने जल्दी से भाभी के मूह में लंड घुसा दिया. भाभी लंड निकालना चाह रही थी, पर मैने भाभी का सिर पकड़ लिया, और लंड अंदर-बाहर करने लगा. कुछ देर में मेरा सारा माल उनके मूह में चला गया.

भाभी ने मुझे देखा और कहा: किसी को ये बात बताना मत.

तो मैं बोला: नही भाभी, मैं क्यूँ बतौँगा.

फिर वो अपने कपड़े उठा कर वैसे ही नंगी बातरूम चली गयी, और मैं अपने घर आ गया.

थे एंड.

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