देवर ने मेरी चूत का घंटा बजाया

हैल्लो दोस्तों, आप लोगों की तरह में भी कामुकता डॉट कॉम पर लगातार सेक्सी कहानियों के मज़े लेती हूँ। में पिछले कुछ सालों से जुड़ी हुई हूँ और अब तक मैंने ना जाने कितनी कहनियों के मज़े लिए है। यह सभी बहुत रोचक होने के साथ साथ बड़ी ही मज़ेदार होती है और आज में अपनी भी एक उस सच्ची घटना को लेकर आई हूँ जिसके बाद मेरा पूरा जीवन बिल्कुल बदल गया और अब में अपनी इस कहानी को शुरू करती हूँ। दोस्तों मेरा नाम नेहा है और मेरी शादी तीन साल पहले हुई थी। मुझे अब एक डेढ़ साल की बच्ची भी है और हमारे परिवार में मेरी सास, ससुर, देवर, उसकी पत्नी, में और मेरे पति एक साथ ही रहते है। मेरे बड़े देवर एक बहुत बड़ी प्राइवेट कंपनी में मेनेजर के पद पर है और उनकी पत्नी मुम्बई की रहने वाली है। वो दोनों ही अपने स्वभाव से बड़े प्यारे है, मेरी देवरानी दिखने में बहुत सुंदर है और देवरजी का तो क्या कहना वो तो हर रोज सुबह 5:30 बजे उठकर पास वाले मैदान में जाकर कसरत करते है, लेकिन उनका स्वभाव थोड़ा सा गरम होने की वजह से घर के सभी लोग उनसे बहुत डरते है, मेरे पति भी एक कंपनी में है और उनके काम की वजह से उनको लगातार कई घंटो तक खड़े ही रहकर काम करना पड़ता है। दोस्तों हमारी सेक्स लाइफ पहले साल तो बहुत अच्छी रही और हम दोनों ने रात में दिन में जब चाहे तब हम सेक्स का बड़ा मस्त आनंद उठाया, लेकिन जब मेरे एक लड़की हो गयी तब से मेरे पति मुझसे जाने किस बात से नाराज़ हो गये, ऐसा मुझे लगता था कि उनके मुहं से मैंने कुछ ऐसा नहीं सुना था और इसलिए हमारी सेक्स लाइफ भी बहुत बोरिंग हो गयी, लेकिन मेरे देवरानी को देखती थी, वो बड़ी खुश रहती, इसका मतलब देवरजी और वो रोज सेक्स करते थे।

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एक दिन घर में कोई नहीं था और उस समय में और मेरी देवरानी दोनों ही थे सभी लोग बाहर गये थे देवरजी काम पर और मेरे पति भी अपने काम पर थे, दोपहर में खाना खाने के बाद में और मेरी देवरानी दोनों टीवी पर एक हिन्दी फिल्म देख रहे थे। तो अचानक एक सेक्सी द्रश्य आ गया जिसमे लड़का, लड़की का चुंबन ले रहा था। उसी समय मैंने अपनी देवरानी की तरफ देखा तो वो बहुत शरमा गयी। तो मैंने उससे कहा इसमे शरमाने की क्या बात है? क्या देवरजी कभी आपका चुंबन नहीं लेते क्या? तो वो बोली अरे यह तो कुछ नहीं, वो तो मुझे ऐसा किस करते है कि तुम पूछो ही मत, उसके मुहं से यह बात सुनकर मेरी उत्सुकता बढ़ गई। में तुरंत उठकर बाथरूम के बहाने जाकर देख आई कि बाहर कोई नहीं है और वापस उनके पास आकर बैठ गई। अब मेरा एक हाथ उनके गोरे मुलायम पेट के ऊपर था। मैंने उन्हे पूछा कि आप दोनों कैसे सेक्स करते हो? पहले तो वो यह बात बताने से शरमा रही थी, लेकिन वो द्रश्य देखकर वो भी खुल गई और बताने लगी कि रूम में जाते ही वो बड़े प्यार से मुझे अपनी बाहों में ले लेते है और फिर हम सोफे पर बैठते है। उसके बाद वो मुझे चूमना शुरू कर देते है, पहले तो वो मेरे होंठो पर चूमते है। फिर धीरे धीरे वो अपनी जीभ को मेरे मुहं में डालना शुरू करते है और फिर में भी अपनी जीभ से उनकी जीभ को चूसने लगती हूँ।

दोस्तों उसके मुहं से यह बात सुनकर मेरी सांसे तेज हो गई और में गरम होने लगी थी और मेरी पेंटी भी गीली होने लगी थी। मैंने उनके पेट पर हाथ फेरना शुरू कर दिया था और वो भी अब मुझे खुलकर वो बातें बता रही थी। फिर कुछ देर मुझे चूमने के बाद वो मेरे बूब्स को सहलाकर एक एक करके दोनों को अपने मुहं में लेते है और अब मैंने यह बात सुनते हुए उनके बूब्स को हाथ लगाया तो वो एकदम चकित हो गयी और वो मुझसे बोली आप यह क्या कर रही हो? तो मैंने कहा कि में तुम्हारे बूब्स का आकार छूकर देख रही हूँ। अब वो कहने लगी उसके बाद वो धीरे धीरे मेरे पूरे बदन पर किस करते है यह करने के बाद वो मेरे पेंटी पर किस करते करते पेंटी को उतारकर वो अपनी जीभ को मेरी चूत के अंदर डालकर चूत को चूसना शुरू करते है। दोस्तों यह बात सुनकर मेरा बदन अब पूरी तरह से गरम हो चुका था, इसलिए उसी समय मैंने उनका हाथ अपने बूब्स पर रख दिया और में उनसे बोली मेरे बूब्स का आकार छूकर देखा तो उन्होंने अपना हाथ मेरी छाती पर घुमाना शुरू कर दिया और मेरे बूब्स उनसे बहुत बड़े आकार के थे, तभी वो मुझसे कहने लगी कि उन्हे (देवरजी को) तो बड़े बूब्स बहुत पसंद है, यह बात सुनकर में तो मन ही मन देवरजी को याद करने लगी और फिर उन्होंने मुझे बताया कि उनका सेक्स कम से कम 40 मिनट तक चलता है, जिसमें वो हर बार अलग तरह से चुदाई करके मज़ा लेते है। अब उन्होंने यह भी बताया कि वो देवरजी को वो ठीक तरह से चुदाई के साथ अपना साथ नहीं दे पाती क्योंकि वो बहुत पतली है और देवरजी गठीले बदन के है।

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