देवर की नज़र सेक्सी भाभी पर

ही फ्रेंड्स, मेरा नाम रोहन है. आपने मेरी स्टोरी “ये मेरी फॅमिली” तो पढ़ी ही होगी. आज मैं आपके साथ एक रीडर की स्टोरी शेर करने जेया रहा हू. ये स्टोरी में मेरा भी योगदान है. मतलब की इस स्टोरी में मैं एक सेकेंडरी कॅरक्टर हू. इस स्टोरी का मैं कॅरक्टर सुनील है. ये कहानी सुनील के पॉइंट ऑफ व्यू से है.

ही दोस्तों, मेरा नाम सुनील है और मैं 21 साल का हू. मैं कुछ महीनो से डेसिखहनि में सेक्स स्टोरीस पद रहा था. जिस राइटर की स्टोरी अची लगती थी, उसको मैल कर देता.

एक दिन मैं यू ही वेबसाइट स्क्रोल कर रहा था. मैने एक स्टोरी देखी, टाइटल था “ये मेरी फॅमिली”. ये स्टोरी मैने पढ़ी और उस समय इस स्टोरी के 2 पार्ट्स ही आए थे. मैने राइटर को मैल किया. मैने मैल किया की, “आपकी स्टोरी पढ़ के मज़ा ही आ गया. न्यू पार्ट्स जल्दी उपलोआड करना.”

50-50 चान्सस थे मैल का रिप्लाइ आए या ना आए. अब आप ये स्टोरी यहा पढ़ रहे है, तो रिप्लाइ आया ही होगा, आब्वियस्ली. पर 2 दिन तक रिप्लाइ नही आया. मैं अब इस बात को भूल चुका था, पर एक शाम रिप्लाइ आया.

उसमे लिखा हुआ था, “थॅंक योउ फॉर युवर फीडबॅक आंड नेक्स्ट पार्ट जल्द ही आएगा”. तभी मैने एक गॅंबल किया और लिखा, “यार, आपकी स्टोरी बहुत अची है, पर अगर प्रिया दीदी या सोनिया के न्यूड्स मिल जाते तो मज़ा आ जाता”. मैने सोचा था की रिप्लाइ करेगा तो ठीक, वरना क्या ही हो जाएगा.

मैने तो सोचा था क्या पता ब्लॉक कर दे, पर कुछ समय बाद मैल का रिप्लाइ आया. उसमे लिखा था की “मुझे क्या मिलेगा? मेरा क्या फ़ायदा?”. तब हमारी कुछ बात-चीत हुई और मैने उससे उसका इंस्था माँग लिया. फिर हमने कुछ बात वग़ैरा की.

रोहन: भाई, स्टोरी कैसी लगी अब तक?

मैं: बढ़िया स्टोरी है भाई, न्यू पार्ट जल्दी-जल्दी लाना.

रोहन: ज़रूर, क्यूँ नही. तू मेरी स्टोरी पद रहा है, पर अपनी बारी में भी तो बता.

मैं: देख भाई, मैं 21 साल का हू, कॉलेज कर रहा हू.

रोहन: तू कुछ बोल रहा था मैल में. मैं सिर्फ़ ईक्वल एक्सचेंज करता हू.

मेरे पास भी कुछ पिक्स पड़ी थी. ये पिक्स मेरी एक कॉलेज की सीनियर की थी. हम “फ्रेंड्स वित बेनिफिट्स” थे. तो मैं रोहन की बात मान गया. हमने कुछ बाउंड्री रूल्स डिसाइड किए, जैसे “नो फेस” आंड एट्सेटरा एट्सेटरा. एक दो दिन ऐसा ही चलता रहा. मैने प्रिया दीदी और सोनिया की पिक्स देखी.

मैने उसको देख कर मूठ भी मारी. पर अब मेरे पास एक्सचेंज के लिए कुछ नही बचा था. क्यूंकी मैं फाइनल सेमेस्टर में था और मेरी सीनियर की जॉब लग चुकी थी, और हमारी बात-चीत नही होती थी. मैं बताना भूल गया, मैं इंजिनियर फाइनल एअर के एग्ज़ॅम दिए थे और मेरा ओं कॅंपस प्लेसमेंट भी हो गया था. मेरा कॉलेज मेरे होमटाउन से डोर था, बुत मेरी जॉब मेरे ही होमटाउन में लगी थी.

मैं: भाई, कुछ और पिक्स है क्या? वैसे प्रिया दीदी और सोनिया का फिगर बहुत मस्त है.

रोहन: वो तो है. पर तू पिक्स देख कर कब तक हिलाएगा?

मैं: ठीक है, मुझे भी कुछ टिप्स दे-दे. मैं भी किसी को पत्ता लू या किसी भाभी को पेल साकु.

रोहन: कोई भाभी है क्या?

मैं: अभी तो हॉस्टिल में हू, यहाँ तो कोई नही.

रोहन: तू ये बता, तेरे घर में कौन-कौन है?

मैं: यार, देख, मेरे अलावा मम्मी है, 46 साल की, उनका नाम सुजाता है. एक भाई है, 25 साल का, नाम संजू है और उनकी वाइफ कोमल जो 24 साल की है. लास्ट में मेरी बड़ी बहें, उनका नाम भी प्रिया है, वो 23 साल की हैं. और हमारा घर ***** में है.

रोहन: अर्रे, मैं भी ***** से ** केयेम डोर रहता हू. हम मिल भी सकते है.

मैं: सही है भाई. जब मैं जॉब में अवँगा तब मिलूँगा तेरे से.

रोहन: तेरे घर में 3-3 है, और तू बाहर ढूंड रहा है.

मैं: आबे चूतिया है क्या? क्या बोले जेया रहा है?

रोहन: यार, तेरे को मेरी स्टोरी पसंद आई पर मेरे ऐसा बोलने पे गुस्सा कर रहा है.

मैं: ये सब छ्चोढ़. मुझे तो किसी और के लिए बता.

रोहन: पहले कोई हो, तभी मैं कुछ बतौँगा.

इतना सुनते ही मैं लोगौट कर देता हू.

अब मैं पॅकिंग करने लगता हू, मेरा रिज़ल्ट पहले ही आ गया था और अब मुझे नेक्स्ट वीक से जाय्निंग करनी थी. तभी मुझे मम्मी का फोन आया.

मम्मी: बेटा, तू कैसा है?

मैं: मैं ठीक हू, आप बताओ. और घर में सब ठीक है?

मम्मी: मैं ठीक हू, पर तेरे भाई और भाभी में अन्न-बन चल रही है.

मैं: अछा, क्या हुआ?

मम्मी: मुझे पता तो नही पर आज कल बहुत लड़ते रहते है. और हा, तो ये बात किसी को बताना नही की मैने तुझे ये बताया था.

मैं: ठीक है मम्मी.

फिर मैने कॉल कट कर दी. मेरा भाई एक आर्किटेक्ट है और भाभी लॉयर थी और एक फर्म में जॉब करती थी. इन लोगों को फाइनान्षियल दिक्कत तो नही होगी. फिर मैने मेरी बहें को कॉल किया, वो मेरे से कोई बात नही च्छूपाटी. वो और मैं सेम डिपार्टमेंट में थे और अब मेरे को जिस कंपनी में जॉब मिली, वो भी जॉब करती थी. अब मैने दीदी को कॉल किया.

दीदी: कुत्ते. आज मेरी याद कैसे आई?

मैं: अर्रे दीदी, कैसे हो? मुझे तो आपकी याद आती ही है, पर टाइम ही नही मिलता.

दीदी: हा-हा, ट्रंप का प.आ. तू ही तो है. बोल, कैसे याद किया?

मैं: अर्रे सच में, मुझे मेरी प्यारी दीदी की याद आई तो मैने कॉल कर दिया. वैसे बता, घर में क्या चल रहा है?

दीदी: ऊओ अछा, मम्मी ने बता दिया. उनके पेट में कुछ बात टिकती ही नही.

मैं: हा, बता तो क्या हुआ?

दीदी: वो भाई और भाभी बच्चे का सोच रहे थे, पर कुछ प्राब्लम आ रही थी, जब डॉक्टर को दिखाया तो शायद भाई का स्पर्म काउंट लो है. और तू ये बात किसी को बताना नही.

फिर हमारी ऐसे ही बात-चीत हुई. मुझे रोहन की बात याद आई. मेरी भाभी दिखने में तो हॉट थी, पर अब मुझे उनको छोड़ने का मॅन होने लगा. फिर मैने दोबारा रोहन को मेसेज किया.

दोस्तों, ये अभी स्टार्टिंग है, आयेज अभी मेरी ज़िंदगी में क्या क्या होने वाला है और क्या रोहन को मैल करना मेरी लाइफ में सही डिसिशन था या नही, जानने के लिए पढ़ते रहिए.

अगर आपको यहाँ तक कहानी पसंद आई, और अगर आपको अपनी कोई स्टोरी शेर करनी हो, या फीडबॅक देना हो, या मुझसे बात करनी हो, तो योरो5106298स्टोरीटेल्लर@याहू.कॉम में मैल करे.

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