मस्त भाभी के साथ होटल में मौज़

मस्त भाभी के साथ होटल में मौज़

(Mast Desi Bhabhi Ke Sath Hotel Me Mauz)

Mast Desi Bhabhi Ke Sath Hotel Me Mauz

हिन्दी सेक्स कहानी पढ़ने वाले मेरे दोस्तों को नमस्कार..
मैं प्रणव, मैं मुंबई में रह कर मॉडलिंग करता हूँ। मेरी अच्छी खासी बॉडी है.. स्मार्ट और डैशिंग हूँ.. मेरे 8 पैक एब्स भी हैं।

मेरी कहानी अभी कुछ दिन पहले की ही है।

मैं मुंबई में नया-नया आया था और एक फ्लैट में अपने फ्रेंड के साथ रह रहा था। वहाँ पर एक बगल के फ्लैट में शादीशुदा कपल रहता था। मैं जब वहाँ आया था.. तो सब चीजें मेरे लिए नई थीं।

मैं एक दिन फ्लैट से निकला। मैं लिफ्ट में जा रहा था.. तब मैंने देखा कि खूबसूरत सी औरत जो कमाल की थी.. उसका फिगर लगभग 36-30-36 का होगा, उसका रंग बिल्कुल दूध की तरह गोरा था।

मैं उसे देखता ही रह गया.. कमाल की आइटम थी वो।
लिफ्ट में उससे मेरी कोई बातचीत नहीं हुई।
मैं अपने काम से चला गया।

फिर जब मैं वापस फ्लैट पर आया तो देखा वही औरत अपने पति के साथ कहीं जा रही थी। उन दोनों की बातों से लग रहा था कि वो पति-पत्नी हैं।

उस औरत ने फिर मुझे देखा।
मैं बहुत खुश हुआ कि यह औरत मेरे बगल के फ्लैट की ही है।

फिर कुछ दिन यूं ही बीत गए और एक दिन किसी ने फ्लैट पर दस्तक दी.. तो मैंने दरवाजा खोला।
मैं तो देखता ही रह गया… वही औरत मेरे सामने खड़ी थी।
कुछ समय तक मैं उसको और वो मुझे देखते रहे।

मैंने पूछा- जी आप..
तब उन्होंने बोला- जी.. मैं श्रेया हूँ और मैं साइड वाले फ्लैट में रहती हूँ।
भाभी ने मुझसे मेरे फ्रेंड के बारे में पूछा- रवि कहाँ है?
तो मैंने बोला- रवि शूट पर गया है। आपको कोई काम?
भाभी ने बोला- वो गैस सिलेंडर चेंज करना है.. और मेरे पति घर पर नहीं हैं।
मैंने कहा- चलिए मैं आपकी हेल्प कर देता हूँ।

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उन्होंने हामी भरी और मैंने उनका गैस सिलेंडर चेंज कर दिया.. और जाने लगा।
तो भाभी बोली- प्लीज बैठो.. मैं कॉफ़ी बनाती हूँ।

मैं बैठ गया और कुछ देर में वो कॉफ़ी लेकर आई और मुझसे बात करने लगीं।
हम दोनों को बातों में पता ही चला.. हम लोग एक घंटे तक बात करते रहे।
वो मुझसे काफी इम्प्रेस हुई थीं।

इसके बाद तो हम दोनों जब भी मिलते थे.. तो बड़ी गर्म जोशी से ‘हाय-हैलो’ होती थी।

कुछ दिन बाद उनके पति अपने बिजनेस के काम से दुबई चले गए, वो बहुत अकेली हो गई थीं।

अब जब भी वो बोर होतीं.. तो मुझे बुला लेतीं या मैं अकेला होता.. तो वो मेरे फ्लैट पर ही आ जाती थीं।

हम बहुत अच्छे फ्रेंड बन गए थे।

एक दिन उनको एक फ्रेंड की शादी में जाना था जो उनके घर से 30 किमी. दूर था, उन्होंने मुझसे साथ चलने के लिए बोला।
मैं शाम को फ्री था, तो उसके साथ चला गया।

मैंने जब उनको ब्लैक साड़ी में देखा.. तो कसम से उनको देखता ही रह गया।

फिर उनकी कार से हम दोनों शादी में गए। शादी एक 5 स्टार होटल से थी। हम जब शादी से लौट रहे थे.. तो रास्ते में कार ख़राब हो गई।
रात के बारह बज रहे थे।
हमने सोचा कि अब आज की रात यहीं किसी होटल में रुक जाते हैं।

हम पास के एक होटल में गए.. वहाँ केवल एक रूम ही फ्री था..
मैंने कहा- चलिए आगे किसी और होटल में चलते हैं।
तो भाभी बोली- कोई बात नहीं.. हम लोग एडजस्ट कर लेंगे।

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फिर बुकिंग करके हम दोनों रूम में आ गए।
मैंने बोला- मैं सोफे पर सो जाऊंगा।
भाभी ने बोला- नहीं.. मैं सो जाऊँगी.. तुम यहाँ सो जाओ।
मैं बोला- कोई बात नहीं.. मैं सो जाऊँगा सोफे पर।

फिर हम दोनों सो गए।

सोफे पर मुझे बहुत प्रॉब्लम हो रही थी तो मेरी बेचैनी देख कर उन्होंने बोला- तुम भी बिस्तर पर ही आ जाओ।
मैं भी बिस्तर पर ही जाकर सो गया।

कुछ समय बाद.. शायद रात के दो बज रहे होंगे.. मुझे कुछ महसूस हुआ।
जब मैंने देखा तो वो उनका हाथ था.. वो अपने हाथ से मेरे सीने को छू रही थीं।

मैं कुछ नहीं बोला.. तो वो मेरे लंड को रगड़ने लगीं।
मैं जाग रहा था.. और अब मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा था।

मैं फिर भी शांत पड़ा रहा.. लेकिन मेरा लण्ड खड़ा हो चुका था, मैं बस सोने का नाटक कर रहा था।

उन्होंने मेरी जीन्स की चैन खोल दी और लंड को बाहर निकाल कर हिलाने लगीं।
मेरा लंड अकड़ गया तो मुँह में लेकर चूसने लगीं।

मुझसे भी नहीं रहा गया.. मैं भी उठ गया और अपना लण्ड उनके मुँह में और जोर से पेलने लगा।

वो बोलीं- मैं तुमसे बहुत दिन से चुदना चाहती थी।
हम दोनों का प्रेमालाप चलने लगा।

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