तो कैसे हो दोस्तों? उमीद करता हू आप सब बढ़िया होंगे. ये मेरी पहली स्टोरी है, और मेरा नाम कारण है. मेरी आगे 27 साल की है. दिखने में भी मैं ठीक-ताक हू. मेरी हाइट 5’9″ है और ये स्टोरी की मुख्या हेरोयिन है मधु, जिसकी आगे 38 है, और साइज़ 34-30-36 है.
स्टोरी आज से 4 साल पुरानी है. ये बात है जब मैं ऑफीस के काम से देल्ही गया था. देल्ही में मेरे काई रिस्त्ेदार तो थे, पर मैं किसी को तकलीफ़ नही देना चाहता था. तो मैने 3 दीनो के लिए होटेल बुक कर लिया.
मुझे लोकल काफ़ी जगह पर जाना था तो मैने मेट्रो में जाना ही प्रिफर किया. मैने चाँदनी चोवनक् से राजीव चोवनक् के लिए मेट्रो ली. उसमे तोड़ा रश था तो मैं खड़ा हो गया. कुछ देर बाद मैने नोटीस किया की एक काफ़ी सुंदर भाभी मेरे को नोटीस कर रही थी.
पहले 2-3 बार मैने इग्नोर किया. पर जब मेरे को फील हुआ की वो इंट्रेस्टेड लग रही थी, तो मैने भी ट्राइ देनी शुरू कर दी. उसने उस दिन रेवेलिंग ब्लाउस पहनी थी, जिसमे उसकी क्लीवेज सॉफ दिख रही थी. मैं उसके गोरे-गोरे माममे को देख रहा था.
उस दिन शायद मेरी किस्मत ने भी साथ दिया. उसके साथ वाली सीट खाली हुई और मैं जल्दी से वहाँ बैठ गया. फिर मैने ज़्यादा टाइम ना लगते हुए उसको पूच ही लिया की आप लोकल हो, तो उसने हा में जवाब दिया. फिर मैं उससे लोकल रास्तों के बारे में पूछने लगा, तो वो बताने लगी.
बताते-बताते वो बोली की उसको भी उसी रास्ते में जाना था. तो वो साथ ही चल लेगी. मैं मॅन ही मॅन खुश हो गया. फिर हमारा स्टेशन आया तो हम निकल गये. चलते-चलते मेरा ध्यान उसके गोल-गोल बूब्स और गांद पर जाने लगा, जिसे देख किसी का भी खड़ा हो जाए.
मेरा बस चलता तो मैं उसको वहीं छोड़ देता. मुझे अब उसको किसी तरह छोड़ना था. मैं और बातें करने लगा. बातों-बातों में मैने उसका नंबर ले लिया और बोला की भगवान ने चाहा तो फिर मिलेंगे. उसके बाद मैं अपने काम में बिज़ी हो गया. शाम को जब घर आया, तो मैने देखा भाभी का मेसेज आया हुआ था.
उसने पूछा: तुम्हे वो अड्रेस मिल गया था?
तो मैने बोला: हंजी.
उसके बाद डिन्नर की बातें होने लगी, और उसने बताया की उसका बेटा दोस्तों के साथ 2 दीनो के लिए घूमने निकल गया था. मैने भी मौके का फ़ायदा उठा कर उससे पूच लिया की-
मैं: आप कल फ्री हो?
उसने झट से हा में जवाब दिया. अब मेरे को रास्ता क्लियर दिख रहा था. उसने बताया उसके पति तौर पर गये थे, और बेटा कोचैंग जाता था. हम देर रात बात करते रहे तो मैने हिम्मत करके बोल दिया की-
मैं: मधु, आप सच में शादी-शुदा नही लगती. अगर आप मॅरीड नही होती, तो मैं आपको प्रपोज़ कर देता.
वो शर्मा कर बोलने लगी: हॅट! कुछ भी.
तो मैने बोला: सच में, मैं तो आपको देखता ही रह गया था मेट्रो में.
वो पूछने लगी: अछा, क्या बढ़िया लगा मेरे में?
मैने बोला: सब कुछ.
वो डीटेल पूछने लगी तो मैने बोला: आपकी सेक्सी फिगर.
वो भी शायद मूड में आ रही थी.
उसने बोला: तुम पंजाबी हो ना?
मैं बोला: हा.
तो वो बोली: इसीलिए तुम्हे नंबर दिया है.
मैं समझ गया मधु चूड़ना चाहती थी. उस रात हमारी काफ़ी सेक्स छत हुई. उसे मैने अगले दिन होटेल में ही बुला लिया. वो आई तो मैं उसको देखता ही रह गया. उसने रेड कलर की सारी पहनी थी, और ब्लॅक कलर का ब्लाउस. उसके गोरे-गोरे माममे बाहर आने को थे. मेरा तो देखते ही खड़ा हो गया.
मैने देर ना लगते हुए उसको दबोच लिया. उसके लिप्स को किस करने लगा. वो भी साथ देने लगी. मेरे हाथ उसकी कमर पर थे. धीरे-धीरे मेरे हाथ उसकी गांद पर चले गये. मैं उसको ज़ोर से दबाने लगा. उसकी सिसकियाँ निकल रही थी, जो मुझे और उत्तेजित करने लगी.
ज़्यादा देर ना लगते हुए मैने उसे उठा कर बेड पर लिटा दिया, और उसके लिप्स से होते हुए नेक पर आ गया. अब मेरे हाथ उसके बूब्स पर आ गये, जो इतने सॉफ्ट थे की मैं उसको दबाने लगा. मेरा लंड एक-दूं टाइट हो रहा था, जो की लोवर फाड़ने को हुआ पड़ा था.
मैने जल्दी से उसके ब्लाउस और ब्रा को उतार कर फेंक दिया, और उसके गोरे-गोरे बूब्स पर टूट पड़ा. पहले मैने रिघ्त बूब को सक करना शुरू किया और दूसरे को दबा रहा था. मैं उसके निपल को काटने लगा. वो तड़प रही थी.
फिर मैं दूसरे पे गया. अब मैं उसके निपल पे अपनी जीभ फेरने लगा, जिससे उसकी तड़प और बढ़ने लगी. उसकी सिसकियाँ और तेज़ हो गयी. उसने धीरे-धीरे मेरे त-शर्ट और फिर लोवर उतार दिया. जब उसने मेरा अंडरवेर उतरा, तो वो सुन्न सी हो गयी और बोली-
मधु भाभी: इतना बड़ा है तुम्हारा.
मैं बोला: हा जानेमन, तुम्हारा ही है.
ये सुन कर उसकी आँखें चमक उठी. उसने पकड़ कर मूह में डाल कर चूसना शुरू किया तो मुझे ऐसे लगा मैं सातवे आसमान पर था. वो इतने फील से चूस रही थी जैसे कितने सालों से चूड़ी ना हो.
अब वो बोली: छोड़ दे मुझे. मेरे से अब और नही बर्दाश्त होता.
मैने उसकी ब्लॅक चड्डी उतरी तो एक-दूं चिकनी छूट थी. मैने हाथ लगाया तो गीली थी. फिर मैने ज़्यादा देर ना लगते हुए अपना 7 इंच का टोपा उसकी छूट पे रखा और तोड़ा सा अंदर डाला. इससे उसकी चीख निकल गयी.
वो बोली: धीरे करना, दर्द होगा. क्यूंकी मैने इतना बड़ा लंड नही लिया कभी.
मैं धीरे-धीरे अंदर डालने लगा, तो वो नही जेया रहा था. फिर मैने एक धक्के में अंदर डाल दिया, जिससे वो ज़ोर से चीखने लगी और रोने लगी. मैं उसको किस करने लगा, और रुक गया. 5 मिनिट बाद जब वो नॉर्मल हुई, तो मैं धक्के लगाने लगा. अब उसको भी मज़ा आने लगा था.
तब मैने अपने धक्के और तेज़ कर दिए. अब उसकी चीखें तेज़ होने लगी. वो मुझे बोली-
मधु भाभी: और तेज़ छोड़ो, और तेज़. आज ये मधु की छूट को दिखाओ असली चुदाई.
साथ में आह ह उई मा बहनचोड़ और तेज़ उफ़फ्फ़ हाए और पच-पच से रूम में आवाज़े गूंजने लगी. वो 2 बार झाड़ चुकी थी. 15 मिनिट लगातार चुदाई के बाद मेरा भी होने वाला था, तो मैने उसको बताया.
उसने बोला: मेरे मूह पर निकाल दो सारा पानी.
मैने जल्दी-जल्दी लंड छूट से निकाल कर सारा पानी उसके मूह पर निकल दिया. इससे वो पूरी गीली हो गयी थी. वो वॉशरूम जेया कर, सॉफ करके आ कर मेरे से लिपट गयी और बोलने लगी-
मधु भाभी: कारण, ऐसी चुदाई मैने ज़िंदगी भर नही करी. तुम वादा करो जैसे तुमने मुझे आज छोड़ा है, हमेशा ऐसे ही छोड़ोगे और मुझे चबोध्ोगे नही.
ये सुन कर मैने हा बोला और फिर से मेरा लोड्ा खड़ा होने लगा. उस दिन मैने उसको 3 बार छोड़ा, और उसको चलने में भी प्राब्लम आने लगी. मैं जब भी देल्ही जाता हू, तो 3-4 दिन आचे से छोड़ कर आता हू उसे.
ये मेरी पहली स्टोरी है. तो कैसी लगी आपको प्लीज़ कॉमेंट करके बताना. कोई भी लड़की या भाभी चूड़ना चाहे तो कॉंटॅक्ट कर सकती है