दीपिका भाभी की मनचाही चूत की चुदाई

हैलो दोस्तो मेरा नाम जय है मै कानपुर मे रहता हूँ। मेरी उम्र 27 साल है मै दिखने में स्मार्ट और सेक्सी हूँ, मेरे लण्ड का आकार 7” है। मै आप के सामने जो कहानी पेश करने जा रहा हूँ एक साल पहले की है वो भी मेरे पडोस वाली दीपिका भाभी की है जिनकी उम्र भी लगभग 28 साल है और चार साल पहले शादी होकर मेरे पडोस मे आयी थी, भाभी दिखने मे बहुत ही सुन्दर और सेक्सी है किसी हिरोइन से कम नही है कोई भी उनको देखे तो देखता ही रह जाये, भाभी का शरीर एकदम गठीला और स्लिम है भाभी के शरीर की सबसे मस्त चीज उनकी चूची और उनकी गाड़ है। दीपिका भाभी की चूची का आकार 34 कमर 32 और सबसे मस्त उनकी गाड़ 36 की है, जब से मैने उनको देखा तब से मेरा मन उन्हे चोदने को कर रहा था,

उनके घर मे उनके पति और सास ससुर है, उनके पति उन्हे खुश नही रख पाते है क्योकि वो अधिकतर अपने पापा के साथ काम मे व्य्स्थ रहते है और घर पर भी देर से भी आते है तीन साल हो गये है शादी को पर उनके कोई बच्चा नही हुआ था भाभी पहले अधिकतर घर के अन्दर ही रहती थी तो उनसे बहुत ही कम बात हो पाती थी कुछ समय बीतने के बाद भाभी और मेरी बाते बढने लगी, मै और भाभी अच्छे दोस्त हो गये हम लोग जब भी मिलते हसी मजाक कर लिया करते है, एक दिन मै और भाभी अपने घर के ऊपर वाले कमरे के बाहर खडे होकर बाते कर रहे थे भाभी ने लाल रंग की साडी पहन रखी थी और उस साड़ी मे भाभी कहर ढा रही थी, तभी भाभी ने बताया कि आज सुबह से उनकी सास किसी काम से बाहर गयी है रात तक आयेगी और मै दिन भर बोर होने वाली हूँ, तभी मैने सोचा कि आज तो मै भाभी को चोद के ही दम लूंगा और मै बोला मै हूँ ना भाभी तो आप कैसे बोर हो सकती है और हम दोनो लोग बाते करने लगे तभी भाभी ने बातो बातो मे पूछा तुम्हारी कोई गर्लफ़्रेन्ड है कि नही मैने कहा “हाँ” है फ़िर भाभी ने पूछा तुम दोनो आपस मे कितना प्यार करते हो मैने कहा हम दोनो आपस मे बहुत प्यार करते है,

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तभी भाभी बोली मेरी ही किस्मत खराब है मेरे पति मुझसे प्यार ही नही करते है उनकी बात सुन कर मुझे लगा कि आज मेरी किस्मत चमकने वाली है मैने यूही भाभी से बोला कि आपके पति तो आपसे बहुत प्यार करते है वो तो आए दिन आपके लिये कुछ न कुछ लाते ही रहते है भाभी बोली मै वो नही कह रही कि वो मुझसे प्यार नही करते है पर जो मुझे चाहिये वो तो नही देते है मै भाभी की बातो को समझ रहा था कि वो किस बारे मे बात कर रही है तभी मैने भाभी से पूछा कि उनके पति क्या उनसे रात मे प्यार नही करते है भाभी बोली कि देर रात को आते है खाना पीना करते है और लेट जाते है थके होने की वजह से वो ज्यादा कुछ कर ही नही पाते है और सो जाते है तभी भाभी बोली तुम तो अपनी गर्लफ़्रेन्ड के साथ ऐसा नही करते हो मै समझ गया था कि भाभी सेक्स के बारे मे बात कर रही है फ़िर भी मैने जानबूझ कर भाभी से कहा मै आपकी बात कुछ समझा नही भाभी मुझसे बोली ज्यादा नादान न बनो, मै सेक्स के बारे मे पूछ रही हूँ मै उनकी बात को सुन कर दंग रह गया कि भाभी तो मेरे और मेरी गर्लफ़्रेन्ड के सेक्स के बारे मे पूछ रही थी तो मैने भी भाभी से खुले बोल दिया कि मैने उसके साथ बहुत बार सेक्स किया है तभी भाभी मुझसे बोली जय मुझे भी अपनी गर्लफ़्रेन्ड बनाओगे तो मैने बोल दिया कि मै तो आपको शुरु से ही अपनी गर्लफ़्रेन्ड मानता हूँ तुरन्त ही भाभी ने मुझे अपने सीने से लगा लिया और बोली आई लव यू जय मै तुमसे बहुत प्यार करती हूँ फ़िर मैने भी अपने प्यार का इजहार करते हुए भाभी को उनके कमरे के अन्दर ले गया और दरवाजा अन्दर से बन्द कर दिया और भाभी के होठो पे होठ रखकर भाभी को किस करने लगा,

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हम दोनो एक दूसरे के होठो को और जीभ को कस कस के चूस रहे थे और मै भाभी की गान्ड पकड कर अपने लण्ड की तरफ़ दबा दबा कर भाभी को उत्तेजित कर रहा था, भाभी को मेरे किस करने की अदा बहुत ही पसन्द आयी, किस करते करते मेरा हाथ भाभी की चूची पर पहुँच गया और ब्लाउज के ऊपर से मै भाभी की चूची को मसलने लगा, कस कस के रगड्ने गया, बाद मे मैने भाभी की लाल रंग की साडी उनके शरीर से निकालकर अलग हटा दिया, भाभी ब्लाउज और पेटीकोट मे मेरे सामने थी फ़िर मै उनके गले पर किस करने लगा और धीरे धीरे उनका ब्लाउज और पेटीकोट भी उनके शरीर से अलग कर दिया अब भाभी केवल पिंक कलर की ब्रा और पैन्टी मे मेरे सामने थी और सेक्स की मूर्ति लग रही थी मानो मेरे ही लिये यहाँ आयी हो, मै ब्रा के ऊपर से ही उनकी चूची कस कस के दबा रहा था और उन्हे किस किये जा रहा था भाभी को भी बहुत मजा आ रहा था वो भी बराबर मेरा साथ दे रही थी मैने बाद मे भाभी की चूची उनकी ब्रा से आजाद कर उनकी चूची को मुँह मे लेकर बारी बारी से चूस रहा था और भाभी भी मेरा सर पकड कर अपनी चूची मेरे मुँह मे ठूसे दे रही थी और कह रही थी जय मेरी जान मुझे कस के प्यार करो मैने तुम्हे अपना सब कुछ तुम्हे शौप दिया है

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