भाभी ने मुझे चोदा

मैं शाम को ७ बजे ओफ़िस से घर आया, भाभी ने डोर खोला उसने पिंक कलर की शीफ़ोन साड़ी और सेक्सी स्लीवलेस ब्लाउज़ पहना हुआ था। वो सेक्सी दिख रही थी . उसके ट्रांसपरेंट साड़ी मैं से उसकी सेक्सी बोडी साफ़ दिख रही थी। उसने मेरे हाथों से मेरा ओफ़िस बेग लिया और मुझे अंदर लेके डोर बंद कर दिया। और उसने मुझसे पूछा “प्यारे देवरजी, आप कल रात को क्या कर रहे थे??”

मैने कहा “ भाभी मैं कल रात को आपके बारे में सोच के अपना लंड हिला रहा था।” मैं उसी के बारे में सोच के अपना लंड हिला रहा था ये सुन के वो एकदम पागल हो गयी और मेरे पास आयी, उसने मुझे धक्का दिया और सोफ़े पे गिरा दिया। अब वो जम्प करके मेरी छाती पर बैठ गयी और बोलने लगी, “दीपेश, तुम कितने भोले हो, अपनी भाभी को चोदना चाहते हो लेकिन कभी ज़बरदस्ती नहीं की, मैं भी तुम्हारे लिये पागल हूं, मैने सोचा था कभी ना कभी आके तुम मुझे ज़रूर चोदोगे। लेकिन तुमने ऐसा नहीं किया। मैं तुम्हारा प्यार पाने के लिये तड़प रही हूं। तूने भाभी को बहुत तरसाया है। मुझे तुम्हारे प्यार की बहुत ज़रुरत है।” ऐसे बोल के उसने मेरे होंठों पे अपने होंठ कसके दबा दिये। १५ मिनट तक वो मेरे और मैं उसके होंठ चूसता रहा। अब मेरा भी लंड बहुत टाइट हो रहा था। होंठों के बाद वो मुझे सब जगह पे चूमने लगी। गाल छाती और सब जगह. मैं भी उसके गालों को चूसने लगा। चूस चूस के उसके गोरे गाल मैने लाल कर दिये।

अब तो वो बहुत गरम हो गयी थी उसने मेरे कपड़े निकाल दिये, और मैने उसके। अब मैं सिर्फ़ मेरे अंडरवेअर में था। और मेरे लंड का शेप साफ़ नज़र आ रहा था। वो शेप देख के वो और पागल हो गयी। और बोली “दीपेश, जब से तुम्हे अपना ये बड़ा लंड हिलाते देखा है मैं तो इसके लिये पागल सी हो गयी हूं, अब मुझे और ना तड़पाओ” ऐसे बोल के उसने मेरी अंडरवेअर निकाल दी। अब वो मेरा पूरा नंगा लंड देख के जो की अब ८” से बड़ा हो गया था अपने आप को कंट्रोल नहीं कर पा रही थी। उसने उसे अपने हाथों से हिलाना शुरु किया। और बोली “तुम्हारा तो तुम्हारे भैया से काफ़ी बड़ा है, इसलिये मैं तुम्हें कहती थी कि तुम्हारी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है क्या?? मेरे भोले देवर जी लड़कियों को ऐसे बड़े लंड वाले लड़के बहुत पसंद होते है” और वो मेरे लंड के साथ खेल रही थी। अब उसने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया। मेरा लंड पहली बार किसी होल में जा रहा था। मेरे लंड को गुदगुदी सी हो रही थी। मै जैसे स्वर्ग में था।

उसने मेरा लंड पूरा अपने मुंह में ले लिया। क्योंकि यह मेरा पहली बार था, मैं ज्यादा देर नहीं टिक पाया, ५ मिनट के बाद मैने उसे कहा कि मैं छूटने जा रहा हूं, उसने कहा कि मुंह के अंदर ही छोड़ देना, और मैने बड़े फ़ोर्स के साथ अपना वीर्य उसके मुंह में निकाल दिया और उसने वो पूरा निगल भी लिया। अब छूटने की वजह से मेरा लंड फ़िर अपने नोर्मल शेप में आ गया। तब भाभी और मैं बाथरूम में सफ़ाई के लिये चले गये। वहां वो तो और सेक्सी बातें करने लगी। लगता है अब तक उसकी गरमी ठंडी नहीं हुई थी। उसने कहा “तुम्हारे भैया का लंड तुमसे बहुत छोटा है, और वो मुझे इतना प्यार भी नहीं करते, भैया नहीं थे तो मैं सेक्स के लिये बहुत पागल हुये जा रही थी, मुझे तुम अपनी बीवी समझना और जब जी चाहे तब चोदना। ये भाभी आज से तेरी है” और उसने मुझे फिर किस करना शुरु किया। हुम एक दूसरे को फिर चूसते रहे, चूमते रहे। मैने उसे कहा “भाभी देवर को दूधू पिलाओ” उसने कहा “पूछो मत ये दूध और दूधवाली सब आप ही के लिये है, जितना दूध पीना है पी लो” और मैने बिना रुके उसके ३६ डी साइज़ के सेक्सी बूब्स दबाने लगा। उसे ज़ोरो से चूसने लगा, वो चीखने लगी, चूसो और ज़ोरों से, पी जाओ सारा, दीपेश आआआआअ आईईइ ईइ अ दूध ऊऊऊह ह्हह्हा आऐइ ईई ईई……ऊऊ ऊऊओ ऊऊओ ऊओ ऊ…आ आआअ आ आअ।

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