हेलो दोस्तों, मैं मनीषा एक बार फिर से. मेरी लास्ट स्टोरी आप सब ने बहुत पसंद की, बहुत सारे मेल्स मिले मुझे. आप सब का इतना अछा रेस्पॉन्स देख के मुझे अपनी दूसरी स्टोरी लिखने की प्रेरणा मिली.
मेरी आगे अब 29 है, और मेरा फिगर 34-30-34 है. मेरी फॅमिली में मेरे हज़्बेंड दीपक जिनकी आगे 30 है, मेरी सास जिनकी आगे 55 है, और मेरा बेटा आराव है जिसकी आगे 5 यियर्ज़ है. मैं जॉब करती हू, तो आराव को मेरी सास ही संभालती है. अब ज़्यादा टाइम बर्बाद ना करते हुए सीधे स्टोरी पे आते है.
हमारी सेक्स लाइफ काफ़ी अची चल रही है. दीपक का लंड 6.5 इंच लंबा, और 2.5 इंच मोटा है, और हम हमेशा कुछ नया ट्राइ करते रहते है. तो हमारी सेक्स लाइफ बोरिंग नही हुई. कुछ दीनो से दीपक मुझे स्वापिंग के लिए बोल रहे थे, पर मैं नही मान रही थी, क्यूंकी मुझे इसमे रिस्क लगता है. हमने हमारे हनिमून पे स्वापिंग किया था, पर वो कपल यूयेसे का था, तो कोई रिस्क नही था. वो स्टोरी फिर कभी बतौँगी.
पर इंडिया में ऐसे किसी के साथ स्वापिंग करना मुझे रिस्क लग रहा था. क्या पता कों कैसे लोग मिले. मेरा एक फ्रेंड है जिससे में सब कुछ शेर करती हू. तो उससे मैने ये सब भी शेर किया. अब आप लोग बोलॉगे की तो उस फ्रेंड के साथ ही क्यूँ नही की स्वापिंग. तो वो फ्रेंड सिर्फ़ मेरा छत फ्रेंड है, हम ना तो कभी मिले है, ना ही एक-दूसरे को देखा है.
जब मैने मेरे उस छत फ्रेंड को बताया की मेरे हज़्बेंड फिर से स्वापिंग की बात कर रहे थे, तो उसने बोला-
फ्रेंड: ऐसे किसी स्ट्रेंजर के साथ करोगे तो रिस्क तो है ही. पर अगर किसी जान-पहचान वाले के साथ किया, तो कोई रिस्क नही होगा.
तो मैने बोला: ऐसे कैसे हो सकता है? जान पहचान वाले को कैसे बोलेंगे स्वापिंग के लिए?
तो वो बोला: ऐसे डाइरेक्ट थोड़े ही बोलना है. धीरे-धीरे मानना पड़ेगा. बुत पहले ये डिसाइड करना है की ऐसा कों है जिसके साथ ऐसा पासिबल हो सकता है.
फिर उसने पूछा: ऐसा कोई तो होगा, जिसपे तुम्हारा क्रश हो, या जो तुमपे लाइन मारता हो, या तुम्हारे हज़्बेंड किसी लेडी की तरफ अट्रॅक्ट हो, या कोई लेडी तुम्हारे हज़्बेंड के पीछे हो?
तो मैने बोला: तोड़ा सोच के बताती हू.
फिर उस दिन मैने काफ़ी सोचा, और ऐसे 2 लोग मुझे लगे की इनके साथ कुछ हो सकता था. 1स्ट्रीट मेरे हज़्बेंड का एक कोलीग था. उसका नामे मोहित है, जो मुझपे बहुत लाइन मारता था. उसने तो मुझे डाइरेक्ट बोला भी था की आप पहले मिलती तो मैं आपसे ही शादी कर लेता. और उसकी वाइफ भी ब्यूटिफुल थी, तो मेरे हज़्बेंड भी उसके लिए मान जाते. हम लोग मिलते भी रहते है ऑफीस पार्टीस वग़ैरा में.
और 2न्ड मेरी कज़िन सिस्टर जिसपे मेरे हज़्बेंड अट्रॅक्ट थे, और मेरी कज़िन भी उन्हे बहुत भाव देती थी. उसके हज़्बेंड भी अट्रॅक्टिव थे, पर मैने उनके बारे में पहले वैसा कुछ सोचा नही था. बुत हमारा रीलेशन अछा था जीजा साली वाली मज़ाक मस्ती होती रहती थी.
अब डिसाइड करना था दोनो में से किसे चुने? यहाँ पे मेरे उस फ्रेंड ने हेल्प की.
उसने पूछा: इन दोनो में से किससे मिलना-जुलना बातें करना ज़्यादा होता है?
तो मैने बोला: वो मोहित से तो दीपक के ऑफीस में कोई पार्टी होती है तब ही मिल पाते है, और उससे बात भी बहुत कम होती है. पर कज़िन सिस्टर से तो मिलना होते रहता है, और बातें तो ऑलमोस्ट रोज़ होती है.
तो मेरा फ्रेंड बोला: फिर कज़िन सिस्टर को ही टारगेट करते है, और बॅकप में मोहित को रखते है. कज़िन सिस्टर के साथ अगर कुछ पासिबल नही हुआ, तो मोहित पे ट्राइ करेंगे.
तो डिसाइड हुआ की मेरी कज़िन सिस्टर और उसके हज़्बेंड पे ट्राइ करेंगे. मेरी कज़िन सिस्टर का नामे अंकिता है. उसकी आगे 28 यियर्ज़ है. उसका फिगर 36-30-36 है, और वो एक-दूं बिंदास, फ्रॅंक, ओपन माइंडेड लड़की है. उसके हज़्बेंड का नामे आकाश है. उसकी आगे 30 है.
उनकी शादी को 3 यियर्ज़ हुए है, पर उनका कोई बच्चा नही है अभी तक. क्यूंकी उनको अभी बच्चा नही चाहिए. आकाश को मैं जीजू बोलती हू. जीजू वैसे तो एक-दूं अट्रॅक्टिव है, बस उनका पेट तोड़ा निकला हुआ है.
हम एक-दूसरे के घर जाते रहते है. मैने ये भी नोटीस किया था की दीपक को अंकिता पे क्रश था, क्यूंकी उसका फिगर बड़ा मस्त था. बुत दीपक ने मुझसे कुछ च्छुपाया नही था. वो मेरे सामने भी अंकिता से फ्लर्ट करते थे. उसके फिगर की तारीफ करते थे, और अंकिता भी दीपक को हग कर लेती थी, या कभी भी दीपक से चिपक जाती थी.
पर आकाश जीजू ने कभी मेरे साथ वैसा कुछ नही किया, और ना ही मैने कभी कुछ ओवर किया. हम दोनो नॉर्मल हस्सी-मज़ाक करते थे बस. बुत हम दोनो ने कभी अंकिता और दीपक के रीलेशन पे शक नही किया, और ना ही उन्हे रोका-टोका.
मैं अंकिता से तो बात करते रहती थी. बुत जीजू के साथ सिर्फ़ गुड मॉर्निंग गुड नाइट वाले मेसेज होते थे. या कभी कुछ काम हुआ तो ही बात होती थी. बुत दीपक उन दोनो से ही बातें करते थे. अंकिता तो सामने से उन्हे कॉल करती थी.
जब मैने ये सब मेरे उस फ्रेंड को बताया, तो वो बोला: दीपक और अंकिता पे तो ज़्यादा मेहनत नही करनी पड़ेगी. वो जल्दी ही मान जाएँगे. पर तुम्हे आकाश जीजू के साथ रीलेशन अछा करना होगा. उसके मॅन में तुम्हारे लिए फीलिंग्स डालनी पड़ेंगी. तुम्हे आकाश के साथ चाटिंग स्टार्ट करनी पड़ेगी. पहले नॉर्मल छत, फिर धीरे-धीरे ओपन्ली छत, सिचुयेशन के हिसाब से.
उस फ्रेंड ने मुझे सब बताया की क्या छत करनी थी, कैसे करनी थी, कैसे आयेज बढ़ना था. मेरे फ्रेंड ने मेरी बहुत हेल्प की. उसने बहुत सारे आइडियास दिए, ईवन मैं उसे मेरे और जीजू की छत का स्क्रीनशॉट भेजती थी. फिर वो बताता था की अब आयेज क्या मेसेज करना है.
मैने जीजू के साथ नॉर्मल छत स्टार्ट की. 1स्ट्रीट दिन ही मुझे लगा की जीजू को भी मुझसे बातें करना पसंद था, और वो मेरे साथ बहुत कंफर्टब्ली बातें कर रहे थे. मुझे ऐसा लगा जैसे वो मुझे लीके करते थे. पर शायद हमारे रीलेशन की वजह से शर्मा रहे थे, या दर्र रहे थे.
तो मेरा फ्रेंड बोला की मुझे अपनी तरफ से तोड़ा ओपन होना पड़ेगा. तभी वो भी शायद खुल के बात करे.
नेक्स्ट दे जीजू का सामने से मेसेज आया. फिर हमारी बातें स्टार्ट हुई. मैने थोड़ी फ्लर्टिंग स्टार्ट की उनके साथ, जिसका रेस्पॉन्स उन्होने भी फ्लर्टिंग से ही दिया. बात करते-करते वो इतना खुल गये, की वो मुझे कहीं अकेले बाहर मिलने को बोलने लगे.
पर मेरा फ्रेंड बोला: अकेले मत मिलना उससे, नही तो बात बिगड़ सकती है. कही उसे ये ना लगे की तुम्हे ही उसमे ज़्यादा इंटेरेस्ट है.
पर वो बोला की माना भी मत करो, और धीरे-धीरे बात आयेज बाधाओ. फिर मैने जीजू को पूछा की-
मैं: अकेले में क्यूँ मिलना है आपको?
तो वो बोले: तुमसे बहुत सारी बातें करनी है.
फिर मैने बोला: बातें तो हम अभी भी कर ही रहे है.
तो वो बोले: ऐसे नही, फेस तो फेस बात करनी है.
फिर मैने बोला: हम ऐसे कहीं मिले, और हमे किसी ने ऐसे देख लिया तो, वो कुछ ग़लत समझेगा.
तो वो बोले: कहीं डोर की जगह पे मिलेंगे, जहाँ हमे कोई पहचानता नही हो.
फिर मैने बोला: फिर भी रिस्क तो है ही ना.
तो वो बोले: फिर तो एक ही ऑप्षन है. पर रहने दो तुम कहीं कुछ ग़लत ना समझो.
मैने बोला: नही जीजू, मैं आपको कभी ग़लत नही समझूंगी. आप बताओ मुझे.
तो वो बोले: हम किसी होटेल में मिलते है रूम में. वहाँ आराम से बातें भी हो जाएगी और किसी के देखने का भी कोई टेन्षन नही.
फिर मैने बोला: जीजू आप मुझे होटेल रूम में बुला रहे हो, इरादा क्या है आपका?
तो वो बोले: अर्रे तुम ग़लत समझ रही हो. मैं तो बस तुमसे बैठ के बात करना चाहता हू.
मैने बोला: जीजू मैं तो मज़ाक कर रही थी. मुझे आप पे पूरा भरोसा है.
फिर वो बोले: फिर मिलते है ना किसी होटेल में.
तो मैने बोला: नही जीजू, मुझे तोड़ा अजीब लग रहा है आपसे ऐसे होटेल में मिलना. पहले हम आचे से फ्रेंडशिप कर ले, फिर देखते है.
जीजू भी मान गये. फिर मैने बोला: हम सब को मिले हुए भी काफ़ी टाइम हो गया. हम सब मिलते है ना.
तो वो बोले: ठीक है मैं अंकिता से बात करता हू. फिर प्लान करते है मिलने का.
इस पार्ट में इतना ही, आयेज की स्टोरी अगले पार्ट में. अब आयेज पढ़िएगा की जब हम सब मिले तो क्या हुआ, और मैने कैसे सब को स्वापिंग के लिए रेडी किया.
अब तक की स्टोरी कैसी लगी, आपके मेल्स का वेट करूँगी.