कज़िन की चुदाई अंकल आंटी की मोजूद्गी मे

अभी तक आपने पढ़ा की कैसे हम दोनो ने नहाने के बाद सेक्स किया, आब आयेज..

चुदाई ख़तम होने के बाद प्रीति उठी और उसने देखा की मेरे लंड और पेट पे हम दोनो का काम रस लगा हुआ था जो प्रीति के छूट से गिरा था.

उसे देख के प्रीति के प्रीति ने एक नॉटी से स्माइल दिया और झुक के मेरे लंड पे लगा काम रस चाटने लगी. प्रीति मेरे लंड पे लगा सारा रस चाटने के बाद मेरे पेट पे गिरे रस को भी चाटने लगी.

प्रीति की इश्स आड़ा को देख के मे हेरान रह गया और मेरे मूह खुला का खुला रह गया. फिर प्रीति का जब हवश उतरा तो वो शर्मा के अपना फेस पिल्लो मे छुपा लिया आंड मे भी उसे हग कर के उसे कड्ड्ल करने लगा.

डोपेर तक अंकल आंटी भी आ गये और हम सब साथ मे लंच कर रहे थे.

अंकल: प्रीति मुझे बंगलोरे जाना पड़ेगा हमारा जो फ्लॅट था उसके लिए कौसतोमेर मिल गया है.

प्रीति: क्या और आप मुझे अब बता रहे है?

आंटी: हम जब तेरे दीदी के घ्र पे थे तब कॉल आया एजेंट का इसीलिए अभी बोल रहे है.

मे: जाना कब है अंकल?

अंकल: कल का फ्लाइट है मेरा.

प्रीति: अछा, और वापस कब तक आओगे आप?

अंकल: अभी तो एग्ज़ॅक्ट्ली नही बोल सकता 7-8 दिन तो लग हे जाएगा.

फिर अंकल आंटी अपना रूम मे चले गये अंकल का बाग पॅक करने. मे और प्रीति भी अपने रूम मे आ गये रेस्ट करने.

कुछ देर बाद अंकल मेरे पास आए और कहा घ्र का अछा से खाया रखना. और आंटी को साइड मेडिसिन का ज़रूरत हो तो मेरे फ्रेंड को मेडिकल शॉप है वाहा जेया के मेरा नाम बोलना. जो मेडिसिन चाहिए होगी वो दे देगा और कुछ कुछ काम समझा दिया. और कहा अगर कुछ प्राब्लम हुआ तो मेरे फ्रेंड को बोल दिया है वो हेल्प कर देंगे.

फिर अंकल अपने रूम मे सोने चले गये क्यूँ की अंकल आंटी तक गये थे. यूयेसेस रात तो हुँने कुछ नही किया क्यूँ की हम दर रहे थे अंकल आंटी के रूम तक आवाज़ जाएगी.

नेक्स्ट दे हम टीवी देख रहे थे कुछ देर बाद हमे वॉशिंग मशीन की आवाज़ आई हम साँझ गये आब हमरे पास तोड़ा टाइम है अभी आंटी कपड़ा धो के उसे उप्र सूखने जाएगी और फिर नहाने आंड अंकल भी काम से बाहर चले गये है थे.

तो मे सुरू हो गया मैने प्रीति को बाहों वार लिए और अपने हाथ प्रीति के आयेज ले जाके उसके टॉप के उपर से उसके चुचे हाथो मे भर लिए और धीरे ढेरी सहलाने लगा.

प्रीति ने अपना सिर मेरे शोल्डर पे पीछे रख लिया और मोन्स करने लगी धीरीए धीरे. मैने अपने एक हाथ को प्रीति के मखमली पेट पे रख लिया और उसके पेट को पूरे हाथ में भर के मसालने लगा.

प्रीति की साँसें तेज होने लगी थी और उसके बूब्स तेज़ी से उपर नीचे हो रहे थे. फिर मैने अपना हाथ प्रीति के टॉप के अंदर घुसा दिया और उसके चुचो को ब्रा के उपर से मसालने लगा

प्रीति: आहह एम्म्म

प्रीति की सिसकारियाँ मेरे लंड को खड़ा कर र्ही थी, ँझे प्रीति को मसालने मे बड़ा मज़ा आ रहा था.

फिर मैं प्रीति की शॉर्ट के अंदर हाथ डाला और उसकी पनटी के उपर से उसकी छूट पे रख के मसालने लगा. प्रीति के मूह से आहह आशिष्ह ऐसे निकल लगा.

प्रीति आब गरम होने लगी और गहरी गहरी साँसे लेने लगी. मई . की पनटी पे गीलापन सॉफ महसूस कर पा रहा था. मैने आब प्रीति को सोफा पे लेता दिया और सीधा उसकी शॉर्ट्स पकड़ी और उसके मखमली पैरो से शॉर्ट्स को निकल फेंका.

प्रीति अब फिर पनटी में और टॉप में थी. फिर मैने मैने प्रीति का टॉप बे निकल फेंका और उसके ब्रा को एक झतका देके उसके हुक्स तोड़ दिए. अब प्रीति मेरे इस हवस के पुजारी का रूप देख के आहह भरने लगी थी.

प्रीति: आहह उफफफ्फ़ तुमने मीर्राा ब्राा फादद दिया आहह.

फिर मैने प्रीतीई के एक निपल को होंठो में भर लिया और बचे की तरह उसे चूसने लगा. प्रीति भी अपना हाथ मेरे बालों में घूमने लगी और मेरा सिर सहलाने लगी.

कुछ देर तक मैने प्रीति के दोनो निपल्स को एक एक करके चूस्ता. और अपने हाथ से प्रीति की छूट को उसकी पनटी के उपर से मसालने लगा.

फिर में उपर हुआ और प्रीतीई के होंठो को एक दम से अपने होंठो में भर के वाइल्ड और पॅशनेट तरीके से चूसने लगा.

फिर मे उठा और प्रीति के पेर पे किस करने लगा और उसकी जाँघो को सहलाते हुए और धीरे धीरे प्रीति के पेर को किस करते हुए उसकी छूट के और बढ़ने लगा. और उसकी छूट के पास जेया के रुक के उसकी जांघों को एक एक कर के किस करने लगा. उसकी छूट की महक मुझे भी मदहोश करने लगी.

प्रीति: अया एम्म्म एम्म्म उफ़फ्फ़ इसस्स्सह आअहह माआ एम्म्म एम्म्म…

अब प्रीति मदहोश होके बिन पानी के मछली की तरह मचल रही थी आंड उसे और बर्दाश्त नही हुआ. उनसे मेरे बालों को पकड़ा और खींच के अपने छूट पे रख दिया. मैने उसकी पनटी के उपर से ही उसकी छूट पे अपने होंठों से चूसने और चूसने लगा.

प्रीति: आहह ऑश शित्तत्त फक ऐसे हे करते रहो अया आअहह आअहह इसस्स्स्शह…

मैने फिर प्रीतीई की पनटी को उसकी छूट के साइड पे किया और उसकी छूट के होंठो को अपने होंठो में भर लिया और कुलफी की तरह चूसने लगा.

प्रीति तो जैसे सातवे आसमान पे थी वो अपनी कमर हिला हिला कर अपनी छूट को मेरे होंठो पे रगड़ने लगी. फिर मे भी उसकी छूट को अपने उंगलियों से फेला के अपना जीव उसकी छूट के अंदर तक दल के चाटने लगा और अपने जीव को उसकी छूट मे अंदर बहेर करने लगा.

प्रीति: आअहह ऐसे हे करो आअहह ऊवू श्िीीत्तत्त म्‍म्म्मह ऊओ यअहह एस एस एस्स…

थोड़ी देर में प्रीति का बदन अकड़ने लगा और उसकी साँसें तेज हो गयी. उसकी चुचियाँ उपर नीचे हो र्ही थी ज़ोर ज़ोर से.

में समझ गया प्रीति आब झड़ने वाली है.

मैने तभी प्रीति की छूट के दाने को होंठो में दबा लिया. उसकी चुचियों को दोनो हाथो में दबा लिया और चुचियाँ मसालने लगा. और उसकी छूट के दाने जीभ से रग़ाद रग़ाद के चूस रहा था.

प्रीतीई: आहह अया श शित्तत्त आ एससस्स कीप गोयिंग में झड़ने वाली हू, एम्म अहहह फुक्कक एसस्स…

में बिना रुके उसकी छूट के दाने को टंग से रग़ाद रग़ाद के चूसने लगा और दोनो निपल्स को अपने उंगलियों से मसालने लगा. प्रीति की निपल्स काफ़ी हार्ड हो चुकी थे.

5 मीं में प्रीति की कमर झतके खाने लगी और उसकी छूट से रस रिस रिस कर मेरे मूह में बहने लगा.

प्रीति: आहह आ शितत मेईन्न्न्न् झाड्दड़ र्ही हू आहह फ्कूककक एसस्सस्स ओह माआ मे झाड्दड़ र्ही हुउऊउऊँ…

वो अब कमर हिला हिला कर मेरे मूह पे रग़ाद र्ही थी. और उसकी छूट झतके खा खा कर मेरे मूह पे झाड़ र्ही थी. मुझे उसकी छूट का रस बहुत ही मस्त लगा.

फिर वो 5 मीं बाद शांत हुई सोफे पे बैठ गया, उसका हाथ सीधा मेरी पंत के उपर से मेरे लंड पे चला गया, और बोली.

प्रीति: लो अब मेरी बारी में तुम्हे अपने होंठो को कमाल दिखती हू. (और मेरी पंत उतरने लगी.)

मैने अपनी गांद उपर करके प्रीति को मेरी शॉर्ट उतरने में हेल्प करी. जैसे हे मेरा पंत उतरा मेरे लंड उछला के आज़ाद हॉआगा. फिर प्रीति ने एक दम से मेरा लंड पकड़ लिया अपने हाथो मे और मेरा लंड उप्र नीच कर के मूठ मरने लगी. मुझे उसके हाथो का स्पर्श मेरे लंड पे बहुत ही मज़ा दे रहा था.

फिर प्रीति तोड़ा झुकी और मेरे लंड के टोपे को अपने होंठों(लिप्स) में दबा लिया.

मई: आहह प्रीतीिई ऑश फुक्ककककक.

प्रीति अब मेरे लंड के टोपे को अपने होंठो(लिप्स) मे अंदर बाहर करके अपने होंठो को छोड़ने लगी.

मैं अपने हाथो(हॅंड) को प्रीति के बालों मे सहलाने लगा. उसको अपने लंड चूस्ते हुआ देख के ँझे बहुत मज़ा आ रहा था.

फिर मैने प्रीति के बाल पकड़ लिए और उसके मूह मे धीरे धीरे अपने लंड से धक्के लगाने लगा. प्रीति भी मेरे लंड को लोलीपोप की तरह चूसने लगी.

बीच बीच मे प्रीति अपनी जीव को आयेज करके मेरे लंड के टोपे पे रग़ाद देती जिस से म्ज असीम आनंद की प्राप्ति हो र्ही थी.

थोड़ी देर तक उसका मूह छोड़ने के बाद मे सोफे पे पीछे होके बैठ गया, और पूरा कंट्रोल प्रीति को दे दिया.

प्रीति मेरे हार्ड और खड़े लंड पे ज़ोर ज़ोर से मूठ मार र्ही थी.

अचानक प्रीति ने फिरसे मेरे लंड का टोपे को अपने होतो मे दबा लिया. और धीरे धीरे आयेज पीछे करके सिर्फ़ टोपे को चूसने लगी. मेरे अंदर तक करेंट दौड़ उठा.

बीच बीच में प्रीति धीरे से पूरा लंड जड़ तक अपने गले तक उतार लेती और बाहर करके फिरसे टोपे को चूसने लगती. उसका ये अंदाज़ ने मुझे इतना गरम कर दिया की मुझे लगा में झड़ने वाला हू.

मे: प्रीति डार्लिंग आहह फुक्कक में झड़ने वाला हू म्‍म्म्ममम… आहह एसस्स ऐसे ही चुस्स आचे से अपने भाई के इस मोटे लंड को आहह एम्म

प्रीति ने ँझे इग्नोर किया और फिर से वैसे ही मेरे लंड के टोपे को चुस्ती र्ही और बीच बीच में अपने गले तक मेरा लंड उतार लेती.

ँझे अब सहें होना मुश्किल हो रा था, में कभी भी झड़ने वाला था

तभी मैने प्रीति के बाल दोनो हाथो से पकड़े और उसके मूह मे लंड घुसा के उसके मूह छोड़ना लग.

उसके मूह में 8-9 धक्के ही मारे होंगे की मेरे लंड से कम का फवररा फुट पड़ा. और प्रीति के गाले मे जाने लगा प्रीति ने एक दम से लंड तोड़ा बहार निकल और होंठों से टोपे को पकड़ के मेरा सारा कम अपने मूह मे उतरवाने लगी.

मई: आहह फुक्कककक प्रीतीईइ आहह एसस्स्स्सस्स मीईईन्न्न तूओ गगयाअ आहह फ्कूकककक

प्रीतीई मेरे लंड से कम की एक एक बॉन्ड चूस लिया और फिर गतक के अपने होंठो पे जीब घूमने लगी. उसका ये अंदाज़ देख के मेरा दिमाग़ कराब हो गया.

जिसे में एक शरीफ सिंपल मॉडर्न लड़की समझता था, वो एक दम बड़ी वाली कुंसलुत निकली.

मैने घड़ी के और देखा तो 12 बाज रहा था. हुँने कपड़े पहेना और प्रीति उप्र चली गये आंटी को देखने.

तो बे कंटिन्यूड…

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