कज़िन कामिनी दी के साथ प्यार

हेलो एवेरिवन, मेरा नाम सिद्धार्ट शर्मा है और मैं आगरा उत्तर प्रदेश का रहने वाला हू. मेरी आगे 24 एअर है और मैं एक लॉ स्टूडेंट हू जो प्रॅक्टीस कर रहा है आज कल.

वैसे तो मेरी सेक्स लाइफ अची है ठीक ताक गर्लफ्रेंड्स आंड भाभीया रही है लाइफ मैं. इसलिए मैं देसी कहानी पे अपनी सभी लाइफ एक्सपीरियेन्सस को शेर करूँगा आपके साथ. बुत ये स्टोरी मेरी सबसे पहले लाइफ एक्सपीरियेन्स की है जब मैं 18 का था आंड रीसेंट्ली 12त क्लियर की थी.

इस स्टोरी की लेड आक्ट्रेस है कामिनी दी, उनकी आगे फिलहाल 30 होगी आंड स्टोरी के टाइम पे उनकी आगे 23 रही होगी.

उनका फिगर इस वक़्त भी मस्त है और उस वक़्त भी मस्त था. फिगर की बाते बाद मे करेंगे स्टोरी के साथ बताता रहूँगा बाकी डीटेल्स. बुत ये बता डू कामिनी दी मेरी चाची की बेटी है और वो 3 बहें मे सबसे बड़ी है.

तो चलिए स्टोरी स्टार्ट करते है..

मैं 12त क्लियर करने के बाद अपनी क्ब के लिए उस वक़्त कॉलेज डिसाइड कर रहा था. आंड कामिनी दी से मेरी ठीक बॉनडिंग थी जैसे कज़िन्स मे होती है. तो मैं उन से काफ़ी सजेशन्स लेता था कॉलेज के रिगार्डिंग. कामिनी दी उस वक़्त म्स्क कर रही थी, लास्ट एअर थी उनकी.

तो उन्होने मुझे काफ़ी ठीक कॉलेज रेकमेंड करे देन मैने एंट्रेन्स एग्ज़ॅम मैं लग गया.

18 की आगे और जवानी का जोश कोई गफ़ नही तो ब्लू फिल्म्स और सेक्स स्टोरीस से सेक्स की जानकारी हुई.

आपको बता डू कामिनी दी और मेरा घर आपस मे जुड़ा है टेरेस पे से कूद के जेया सकते है एक दूसरे के यहा.

मैं अपने पापा का एक लोटा बेटा हू और मेरे पापा एक गवर्नमेंट एमपलोए है और मम्मी हाउसवाइफ है. तो मैं ज़्यादातर दी के घर ही रहता था वो मेरी हेल्प करती थी स्टडी मे.

उनकी 2 और बहने थे वो उस वक़्त हॉस्टिल मे थी. दोनो मुझसे बड़ी थी. एक की आगे 21 आंड 20 दूसरी की होगी

तो कामिनी दी उस वक़्त अकेली थी, मम्मी पापा के साथ अपने उनके पापा भी गवर्नमेंट जॉब मे थे मेरे पापा की तरह.

अब आप सोच रहे होंगे मेरे चाचा है वो और मैं चटा कैसा. आक्च्युयली मम्मी पापा की लोवे मॅरेज थी और उन्होने शादी लाते की और मैं भी लाते हुआ चाचा की शादी पहले हो गयी थी.

मैं अपनी सारी स्टोरीस को डीटेल मे बतौँगा तो स्टोरीस लंबी रहेगी हमेशा.

तो मैं कामिनी दी के पास रहता था और उनसे अची बॉनडिंग थी आंड वो मुझे मेरी प्रेप्रात्िओं मे हेल्प करती थी. वो हमेशा से सुंदर और हॉट थी. हर किसी को पसंद आ जाए ऐसे. उनका फिगर उस वक़्त शायद 34-30-32 का होगा. तो मैं उनको पसंद तो करता था बुत ग़लत नरज़ो से नही.

उस वक़्त उनकी शादी की बात चल रही थी और वो शादी की बात से खुश रही और मैं दुखी. क्यूकी वो मुझ से दूर हो जाती. लेकिन मैने उनको कभी ये बात जाहिर नही होने दी की मैं दुखी हू.

उनका कभी कोई ब्फ नही रहा क्यूकी वो सब कुछ शादी के बाद अपने पति के साथ एंजाय करना चाहती थी. मैने अक्सर उनसे पूछा दी ऐसा क्यू? तो वो बोली पति के साथ लाइफ एंजाय करने मे अलग ही मज़ा है, ना कोई रोक टोक ना कुछ..

ऐसे ही कुछ वक़्त बाद सम्तिंग 6 मंत बाद उनकी शादी देल्ही मे एक लड़के से तय हो गयी. उसका नाम था संजय, वो एक गवर्नमेंट एंप्लायी था, दी खुश थी.

संजय और दी के बीच फोन पे बाते शुरू हो गये और वो मुझसे दूर होने लगी. मुझे बड़ा हर्ट हुआ की दी मुझसे दूर हो रही है. मेरा प्यार उनके लिए बाहर आने लगा.

मैने सोचा था शादी से पहले दी को एक बार अपने दिल के बात बता ही दूँगा. तो मैं हिम्मत करके दी के रूम के पास पौच्ा तो वो संजय जीजू से बात कर रही थी. बात करते करते दी ने जीजू को बोला ई लोवे योउ. मैने गाते के बाहर से ये सुन के वापस लौट आया की अब मेरे लिए कुछ ना बचा और मैं रोने लगा पहली बार लाइफ मे किसी लड़की के लिए.

मैने फिर कूहड़ को संभाला और दी की खुशी मे अपनी खुशी देखने लगा.

शादी का दिन नज़दीक आ गया, मई शादी की टायारी मे लग गया, और शादी वाला दिन भी आ गया.

दी पार्लर गयी थी और जीजू भी आ गये थे बारात लेके. जीजू भी स्मार्ट थे तो दोनो की जोड़ी मस्त थी सबको पसंद आई और मुझे भी दिल पे पठार रख के पसंद करनी पड़ी.

दी पार्लर से लौट के अपने रूम मे चली गये जब तक वेट करने के लिए. फिर थोड़ी देर बाद मेरे पास दी का म्स्ग आया की रूम मे अइयो.

मैं दी के पास गया रूम नॉक किया तो उन्होने बोला आजा अंदर. तो मई जैसे ही अंदर गया तो वाहा कोई नही था सिर्फ़ दी थी रेड लहनगा पहने खड़ी थी. वाउ क्या लग रही थी वो उस लहंगे मे! इतनी खूबसूरत तो वो आज तक नही लगी.

मैं उन्हे देखता ही रह गया, फिर दी ने मुझे आवाज़ दी सिड सिड… (सब मुझे प्यार से सिड ही कहते है) तब मुझे होश आया.

दी को बोला वाउ दी कितनी ब्यूटिफुल लग रही हो आप. आप पे से नज़र ही नही हाता पा रहा मई. तो दी बोली साची? तेरे जीजू को पसंद आएगी ना?

मैने कहा दी जीजू तो देख के पागल हो जाएँगे इतनी प्यारी लग रही हो आप.

मैं और वो दोनो हास गये फिर दी धीरे से मेरे पास आई और बोली तू बता तू कैसा है? मैं जेया रही हू तो तू दुखी तो नही है? मई बोला अरे नही दी ज़रा भी ना मैं तो बहुत खुश हू.

तो वो बोली चल झूते मुझे दिख रहा है कुछ दिन से तू बहुत साद है, प्लीज़ साद मत हो…

मैने कहा नही हू दी आप एंजाय करे मेरी टेन्षन ना लो. तो वो बोली देख तू मेरा एक लौटा भाई है तू मेरी जान है. और मेरे गाल पे एक किस कर के बोली तू खुश रह ओकक? मुझे तो एक ना एक दिन जाना ही था तो जेया रही हू ठीक है.

मैने अपने आंशु रोकते हुए बोला हन दी मैं जानता हू. चलो अब आप रेडी रहो आपको नीचना जाना होगा.

ये कहे के मैं आ गया और साइड मैं जेया के रोने लगा.

फिर दी की शादी की सारी टायारी हो गयी और वो विदा हो के चली गयी.

करीब 15 दिन बाद उनका वापस आने का महुरत था. तो मुझे ही लेने जाना था और चाचा उनकी दोनो बहने जेया रही थी. लेकिन मैं किसी वजा से जेया नही पाया तो उनकी बहने और चाचा चले गये.

मुझे मेरे कॉलेज मे अददमीससिओं भी मिल कुहका था तब तक जो दूसरी सिटी मे था. मैं डेली उप डाउन करता था कॉलेज के लिए.

तो उस दिन भी मुझे कॉलेज जाना था मेरा एक इंपॉर्टेंट असाइनमेंट था जिसको मैं चोर नही सकता था.

जब शाम को मैं घर वापस आया तो मम्मी से पूछा कामिनी दी आ गयी क्या? तो मम्मी ने बोला हन थोड़ी देर पहले ही आई है. तो मैने मम्मी को कहा मैं उनको मिल के आता हू.

मैं चाची के घर पौच्ा तो कामिनी दी की दोनो बहने सीमा और काव्या नीचे बैठी थी चाची के साथ और चाचा मार्केट थे.

मैने उनसे पूछा दी कहा है? तो सबने एक साथ बोला उपर. सबको पता थी की मेरी और दी की बॉनडिंग अची है.

मैं दी से मिलने उपर जाने लगा, जैसे ही उनके रूम के पास पौच्ा तो दी फोन पे किसी से बात कर रही थी और रो रही थी. मैने सुना तो वो फोन पे कह रही थी की-

तुमने ये सही नही किया, जब तुम्हे सब पता था तो तुम्हे हन ही नही करनी छाए थी! मैं अब कुछ नही कर सकती हू सब बर्बाद कर दिया तुमने..!

मैं ये सब सुन के शॉक हो गया की ये क्या हुआ दी क्यू रो रही है..

कंटिन्यू इन 2न्ड पार्ट..

तो आयेज क्या हुआ दी क्यू रो रही थी और किससे बात कर रही थी जाने के लिए प्लीज़ वेट टिल नेक्स्ट पार्ट.

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