कंप्यूटर कालेज वाले सर से चुदवाया-1

इस सत्य कहानी की सुरुआत अगस्त 2012 से हुई हुई जब मैं एक कंप्यूटर सेंटर में कंप्यूटर सीखने के लिए एड्मिसन लिया ! सुरुआत में एक माह मैं ऑफिस से एक घंटे की छुट्टी लेकर दोपहर में 2 से 3 बजे कंप्यूटर सेंटर जाने लगी पर एक माह बाद ऑफिस से छुट्टी मिलना बंद हो गई तो सितम्बर 2012 से सुबह साढ़े 9 बजे से साढ़े 10 बजे जाने लगी ! एक माह तक पढ़ते पढ़ते ओक्टुबर माह में एक दिन कंप्यूटर सेंटर के मालिक सर ने सभी स्टूडेंट्स को LCD प्रोजेक्टर में इंटरनेट सिखाने आये उस दिन सर को पहली बार देखा क्योकि सर ज्यादातर अपनी ऑफिस से नहीं निकलते थे ! सर के पढ़ाने का, बोलने का तरीका मुझे बहुत पसंद आया तो ! सर बहुत ही बढ़िया समझाते थे बहुत ही मीठा और प्रेम पूर्वक सभी से बाते करते थे ! सर ने उस दिन बोला ”जब भी किसी को कोई समस्या हो मुझे ऑफिस में आकर बोल दिया करें” बस उस दिन से मेरा सैतान/ स्वार्थी दिमाग में प्लान चलने लगा और मैं किसी न किसी बहाने सर की ऑफिस में घुस जाती और अपने समस्या बताती सर मेरी बात को बड़े ध्यान से सुनते और मेरी समस्या का निपटारा करते ! सर की उम्र करीब 43-45 के आसपास होगी और सर बहुत खूबसूरत तो नहीं थे पर उनका कसरती मजबूत वदन,ऊची हाइट मुझे बहुत अच्छी लगी ! सर ज्यादातर टी सर्ट जींस पहन कर आते थे ! टी सर्ट में उनकी मजबूत भुजाएं और मजबूत कंधे देखकर मैं आकर्षित हो गई ! सर को अपने पास लैब में भी कभी कभी बुला लेती जब कुछ समझ नहीं आता ! सर से बाते करना मुझे अच्छा लगने लगा सर भी मेरी तरफ आकर्षित होने लगे ! तो मैं मन ही मन खुस हो गई मेरा प्लान पूरा होते देख !

अब मैं अपने बारे दूँ ! मैं 30-31 वर्षीय बहुत ही खूब सूरत बंगाली महिला हूँ मध्यप्रदेश में रहती हूँ ! जून 2012 में मेरे पति का बाइक एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई तो उनकी जगह मुझे सरकारी नौकरी लग गई जिसमे कंप्यूटर आना जरुरी था इसी लिए कंप्यूटर सीखने लगी ! पति की मौत के बाद सास ससुर के रोज रोज उलाहने सुनने को मिलता ! मेरी दो बेटी है एक 12 वर्ष की और एक 5 वर्ष की ! मेरा एक देवर जो शादी सुदा है जो मुझे बहुत चाहता है और ओ मेरे साथ शारीरिक संबध करना चाहता था पर मैंने उसका घर नहीं उजड़े ये सोचकर मैंने उसे लिफ्ट नहीं दिया तो देवर नाराज हो गया और बातचीत बंद कर दिया ! मेरा 60 साल का बुढ्ढा ससुर मेरे ऊपर गलत नियत रखता जब मैं बाथरूम में नहाने घुसती बाथरूम में झाकने लगता या बाथरूम से नहा निकलती तो दरवाजे के पास खड़ा मिलता ! ये बात सासु को बताया तो सासु मेरी बात मानने की जगह मुझपर ही लांछन लगाने लगी इन सभी बातों से मैं ज्यादातर उदास और दुखी रहती ! सास,ससुर,देवर,ननद सभी मेरी कड़ी निगरानी रखते ! मोबाइल पर किसी से बात करती तो पुरे घर के कान मेरी बाते सुनते कभी मैं बात करते करते बाहर चली जाती तो सासु की डॉट सुननी पड़ती मैं बहुत परेसान हो गई सभी से इस लिए बहुत दुखी और उदास रहती मेरे लिए दुनिया नीरस सी लगने लगी आत्म हत्या करने का मन करता पर अपनी लड़कियों के कारण हिम्मत नहीं पड़ती ! मेरे जीवन से प्यार नाम की भावना ख़त्म ही हो गई ! क्योकि मुझे कही से भी प्यार नहीं मिल रहा था ! मेरा जीवन एकदम से नीरस हो चुका है ! पर14 दिसंबर 2012 को मैं कंप्यूटर सेंटर के थ्योरी वाले रूम में अकेली उदास बैठी रो रही थी

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उसी समय सर आ गए और मुझे रोते हुए देख लिया तो बड़े प्यार से मेरे सिर पर हाथ घुमाते हुए रोने का कारण पूछने लगे तब मैंने उस समय कुछ नहीं बताया तो मेरा हाथ पकड़ कर उठाया और मुझे अपनी ऑफिस में ले आये और पानी पिलाया और बड़े प्यार से पूछने लगे फिर भी मैं कुछ नहीं बता रही थी बस रोये जा रही थी तब सर अपनी कुर्सी से उठे और अपनी जेब से रुमाल निकाला और मेरे पास आकर मेरे आसूं पोछने लगे और मेरे सिर के ऊपर हाथ घुमाने लगे ! मेरे पति की मौत के बाद पहली बार कोई मर्द मेरे इतने नजदीका आया जो मुझे बहुत हि अच्छा लगा और मैं धीरे धीरे चुप हो गई तो सर अपनी कुर्सी में बैठ गये और फिर से रोने का कारण पूछने लगे तो मैंने सर को बिस्तर से बता दिया {मेरे पति की मौत बाद घर वाले पति पत्नी सहितनासिक जा रहे थे जिसमे मैं अकेली थी जो बिना पति के जा रही थी इसी बात मुझे दुःख था}सर को जब पता चला की मैं विडो हूँ तो सर को एक बार तो विश्वास ही नहीं हुआ कई बार पूछा तब जाकर उन्हें विश्वास हुआ तो सर बहुत दुखी हुए और बोले ”इस भरी जवानी में विडो होना बहुत ही तकलीफ वाली बात है कैसे कटती है आपकी रातें” तब मैं कुछ नहीं बोली और दुखी हो गई तो सर ने सॉरी कहा ! और मैं कुछ ही मिनट बाद मैं सर के केबिन से निकलकर अपने ऑफिस चली आई !

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