कॉलेज टूर और चुदाई का अनोखा खेल

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम कुसुम है और यह मेरी पर आज दूसरी कहानी है। दोस्तों अब में जो लोग आप मेरी इस कहानी को पहली बार पढ़ रहे है उनको में अपनी आज की कहानी को शुरू करने से पहले अपना परिचय दे देती हूँ। दोस्तों मेरी उम्र 18 साल है और मेरे फिगर का आकार 34-28-34 है मेरे हॉट सेक्सी बदन का रंग गोरा है और में एक कॉलेज से अपनी पढ़ाई कर रही हूँ, मैंने आप सभी को अपनी पिछली कहानी में बताया था कि हम सभी लोग हमारे कॉलेज की तरफ से एक टूर पर गए हुए थे, जहाँ पर मेरी और मेरी एक बहुत पक्की सहेली जिसका नाम हेमा है उसकी और मेरी पहली बार चुदाई हुई थी।

दोस्तों हमारी उस चुदाई में हम दोनों का साथ हमारे ही बॉयफ्रेंड ने दिया था, जहाँ पर उनका एक दोस्त भी था क्योंकि वो घर उसी का था, जहाँ पर हम दोनों ने पहली बार अपनी सील को चुदाई करवाकर अपना कुंवारापन खत्म किया। ऐसा करने में हम दोनों को बहुत मज़ा आया और हमने हंसी ख़ुशी अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर उस खेल को बड़े मज़े से खेलकर जीवन के असली मज़े लिए और उन्होंने हमे वहां पर बहुत जमकर चोदा और चुदाई का पूरा मज़ा दिया और हम दोनों को अपनी रंडी बना लिया, लेकिन अब भी हम सभी का मन चुदाई से नहीं भरा और इसलिए हमारे बॉयफ्रेंड ने हमे दोबारा चुदाई करने के लिए कहा और हम दोनों ने दूसरे दिन उस काम को पूरा करने का वादा करके हम वापस अपने कॉलेज के साथियों के पास चली आई। दोस्तों में अपने मन की सच बात कहूँ तो में उस चुदाई से पूरी तरह से संतुष्ट तो हो चुकी थी, लेकिन मेरी चूत में अब भी चुदाई के नाम की खुजली चल रही थी और इसलिए हम दोनों ने अपनी मेडम को एक झूठ बोलकर दोबारा अपनी चुदाई का प्लान बना लिया और अब आप लोग खुद ही आगे की कहानी को पढ़कर उसके मज़े ले लीजिए।

दोस्तों जिस किसी ने भी हमारी पिछली कहानी को नहीं पढ़ा हो वो पहले उसको पढ़ ले उसके बाद आपको यह आज की कहानी ठीक तरह से पूरी समझ में आ जाएगी और अब उसके आगे क्या हुआ वो भी अब पूरी तरह विस्तार से सुनकर उसका भी मज़ा ले। दोस्तों हम सभी अब हमारी उस दमदार चुदाई की वजह से थककर एक ही बेड पर पास पास पूरे नंगे ही लेटे हुए थे और उसी समय संदीप ने मेरे बूब्स पर अपना एक हाथ रख दिया और वो मेरी निप्पल को मसलने लगा, जिसकी वजह से कुछ सेकिंड में मेरी निप्पल तन गई। फिर में उसी समय उससे पूछने लगी क्या बात है जीजू आपका क्या हेमा को इतनी देर तेज धक्के देकर चोदकर मन नहीं भरा जो अब मेरे ऊपर हाथ मारने लगे? तो वो हंसते हुए बोला कि यार चूत मारने से क्या कभी किसी का मन भरा है जो मेरा भरेगा? मेरे मन में अब तुम्हारी चूत की चुदाई करने की इच्छा हो रही है मेरे लंड को दूसरी चूत को चोदकर उसका स्वाद भी एक बार चखकर वो मज़े लेने है। तो मैंने उसी समय कहा कि नहीं जीजू आप हेमा की ही मार लो, उसी के मज़े लो वो मेरी चूत से ज्यादा मस्त मज़ेदार है इसको चुदाई का अनुभव भी मुझसे कुछ ज्यादा ही है वो आपको ज्यादा मज़े देगी और अब हम दोनों के बीच में जितेन्द्र बोला पड़ा वो कहने लगा कि ऐसे अभी नहीं आज रात का प्रोग्राम बनाओ तब देखते है कि कौन साली है और कौन जीजा है? अब हेमा कहने लगी कि हाँ ठीक है हम कोशिश करके देखते है और वो मुझसे बोली कि चल कुसुम क्या तुझे चलना नहीं है क्या? तो मैंने सबसे पहले राजेश के लंड पर किस किया और में कहने लगी इसने तो मुझे एक ही बार में हरामजादी पूरी रंडी बना दिया है, एक रात में तो पता नहीं मुझे क्या क्या बना देगा? और फिर हम दोनों तैयार होकर अपने बॉयफ्रेंड के साथ वापस उसी धर्मशाला में आ गए जहाँ पर हमारे साथ के सभी लोग ठहरे हुए थे। रात को हमारे पहुंचने के कुछ देर बाद वो सभी लोग भी फिल्म देखकर वापस आ गए और हम दोनों उन सभी के साथ बातें हंसी मजाक करने लगे। दोस्तों करीब आधे घंटे के बाद मैंने अपनी मेडम से कहा कि मेडम यहाँ पर कुछ दूरी पर मेरी मौसी रहती है और इसलिए मेरी मम्मी ने कुछ सामान उनको देने के लिए मुझे दिया है, आप कहें तो में वो सामान उसके घर देने कल चली जाऊं और वैसे भी कल मेरी मौसी के बेटे का जन्मदिन है, हो सकता है कि शायद कल रात को भी मुझे वहां पर रुकना पड़े।

फिर वो कहने लगी कि तुम अकेली वहां पर कैसे जाओगी? में तुम्हे उनके घर छोड़ दूँगी तुम मुझे उनके घर का पता बता देना, तभी में उनको कहने लगी कि नहीं मेडम आप यहाँ पर रुककर इन सभी लड़कियों को संभालो, क्योंकि में वहां पर हेमा को अपने साथ ले जाउंगी हम दोनों कल रात को वहीं पर रुककर परसो सुबह तक जल्दी ही वापस आ जाएगें और मैंने अपनी मेडम को राजेश का मोबाईल नंबर दे दिया और उनको कहा कि यह मेरे मौसा जी का मोबाईल नंबर है। फिर मेडम मुझसे बोली कि हाँ ठीक है, लेकिन तुम दोनों थोड़ा जल्दी आना, क्योंकि हम सभी को इसके बाद अब उदयपुर भी जाना है और फिर मैंने मन ही मन खुश होकर कहा कि हाँ ठीक है मेडम आपको बहुत बहुत धन्यवाद और कुछ देर बाद हेमा ने मेरे पास आकर हंसते हुए मुझसे कहा क्यों साली आज तूने अपने जीजू को मौसाजी बना दिया वाह में तेरे दिमाग को मान गई, तूने कितना अच्छा बहाना बनाकर मेडम को पागल बनाकर अपनी दूसरी चुदाई को अब पक्का कर लिया है। अब तो हमे उनके साथ दोबारा बड़ा मस्त मज़ा आएगा।

में : तो क्या हुआ हमे वैसे भी कुछ ना कुछ तो वैसे भी करना ही था, हमें मज़ा तो अब आ गया, लेकिन मेरी चूत में तो पिछली चुदाई की वजह से ही अब भी बहुत दर्द हो रहा है।

हेमा : हाँ कुसुम तू बात तो बिल्कुल ठीक ही कह रही है क्योंकि दर्द तो मुझे भी हो रहा है, लेकिन अब सोच सोचकर मन भी बड़ा खुश हो रहा है, तू देख लेना हम दोनों की अब वो तीनों ही बहुत जमकर चुदाई करेंगे और हो सकता है कि दूसरी बार चुदाई से हम दोनों का यह दर्द भी खत्म हो जाए, क्या तूने देखा था जितेन्द्र का लंड कितना मोटा और बड़ा है, मुझे तो अभी से ही सोच सोचकर मन ही मन में वो गुदगुदी होने लगी है, चुदाई करवाते समय ना जाने क्या होने वाला है?

में : नहीं हमारी अपनी मर्ज़ी के बिना कुछ भी ऐसा नहीं होगा, में उनको साफ मना कर दूंगी।

हेमा : तो बता तू मुझे कि आज क्यों तू रंडी बनी थी। देख जब भी प्यासी चूत को लंड चाहिए होता है तो वो लंड किसका है यह सब नहीं देखा जाता, क्योंकि चूत को तो बस किसी का भी लंड अपने अंदर लेकर उसकी खुजली को खत्म करना होता है और उसके लिए वो कुछ भी किसी के साथ भी करने को तैयार हो जाती है तब यह सब नहीं देखा जाता, चल अब तू चुपचाप सो जा रात बहुत हो चुकी है इसके बारे में कल रात को वहां पर पहुंचकर बात करेंगे।

फिर हम दोनों चुपचाप लेट गई और मुझे पता ही नहीं चला कि कब मुझे गहरी नींद आई और में दूसरे दिन सुबह उठी, अगले दिन हम सभी साथ में घूमते रहे और हमने बहुत कुछ देखा, लेकिन हमारी उन सभी में इतना मन नहीं लग रहा था, क्योंकि हमारी चूत को लंड की बड़ी याद आ रही थी। फिर करीब शाम को पांच बजे मैंने हमारी मेडम से कहा कि क्या अब हम दोनों मेरी मौसी के घर चली जाए? उन्होंने कहा कि हाँ ठीक ठीक है चली जाओ, लेकिन ध्यान से जाना और एक दूसरे का खयाल भी रखना। फिर मैंने मन ही मन बहुत खुश होकर राजेश को फोन करके कहा कि वो हमे आकर ले जाए। दोस्तों वो तीनों करीब एक घंटे बाद करीब 6 बजे हमारी बताई हुई जगह पर पहुंच गये उन्होंने अपनी कार को ठीक हमारे सामने लाकर खड़ा कर दिया और उसके बाद हम दोनों उस कार में बैठ गए, मैंने देखा कि हमारी ही तरह उन तीनों के चेहरे भी हम दोनों से मिलकर ख़ुशी से चमक रहे थे।

राजेश : आ मेरी हरामजादी, रंडी पूरी रात हमे अपने अपने लंड को अपने हाथ में पकड़कर सोना पड़ा।

यह कहानी भी पड़े  घर आई गर्लफ्रेंड की बहन की चुदाई

संदीप : हेमा क्या तेरी चूत में कोई जादू है? जो उसको चोदने के लिए रात भर मेरा लंड खड़ा होकर मुझे परेशान करता रहा और में तेरे नाम की मुठ मारकर इसको शांत करके सोया तब जाकर मुझे आराम मिला। आज हम तुम्हारी सारी रात बहुत जमकर चुदाई करेंगे और तुम्हे भी बहुत मस्त मज़े देकर खुश कर देंगे, लेकिन वो सब करने से पहले हम सभी यहीं बाहर ही किसी अच्छी होटल पर कुछ खा लें, फिर उसके बाद हम फ्लेट में चलते है।

में : जीजू आप गलत कह रहे है हमारी नहीं आपके लिए सिर्फ़ हेमा है आप इसको जैसे चाहे वैसे मज़े दे क्योंकि यह बस आपकी ही है और वैसे भी कल आप मेरे बूब्स को दबा रहे थे, लेकिन तब मैंने आपको कुछ नहीं कहा और सोचा कि इतना सब तो सभी के बीच चलता ही है।

राजेश : सबसे पहले चलो तो हम सभी कुछ खा पीकर अपना पेट भरते है, उसके बाद आगे के काम के बारे में बैठकर बात करके और देखेंगे कि अब क्या करना है। फिर हम सभी रास्ते में एक अच्छी सी होटल पर रुके और हम सभी ने खाना खाया और अपना अपना पेट भर लिया। फिर पैसे देने के बाद हम सभी वापस अपनी कार में जा बैठे और उसके बाद हम सभी रूम पर पहुंच गये, तो फ्लेट पर पहुंचते ही अभी ठीक तरह से दरवाज़ा भी बंद नहीं किया था। उससे पहले ही राजेश ने आते ही मुझे और संदीप ने हेमा को अपनी बाहों में जकड़ लिया और राजेश ने मुझे बस दो मिनट में ही नंगी कर दिया। वो मेरे बूब्स के निप्पल को अपने मुहं में लेकर चूसने लगा और यह सब करते समय ही उसने मेरे हाथ में अपना मोटा, लंबा लंड पकड़ा दिया जो पहले से ही तनकर खड़ा हुआ था। अब मेरे हाथ के स्पर्श से वो जोश में आकर हल्के से झटके भी देने लगा था और उधर संदीप ने भी बिना देर किए हेमा के सभी कपड़े उतारकर उसको भी पूरा नंगा करके अपने लंड को उसके मुहं में दे दिया था और वो अपने लंड को हेमा के मुहं में हल्के धक्के देने के साथ साथ उसके बूब्स को भी दबाकर उनको निचोड़ रहा था। में यह सब देखकर बड़ी चकित थी।

दोस्तों इतने में जितेन्द्र ने भी मेरे पीछे से आकर मेरे कूल्हों को उसने मसलना शुरू कर दिया था और जब मैंने पीछे मुड़कर देखा तो वो मुझे देखकर मुस्कुराया और फिर मैंने कहा कि राजेश यह सब क्या है जितेन्द्र भी शुरू हो गया? तो वो बोला कि कोई बात नहीं यह भी तो अपना ही साथी है इसको भी थोड़े बहुत मज़े लेने दो, यह कब तक हमे ऐसे ही दूर से देखता रहेगा? अब मैंने राजेश से कहा कि नहीं में तुम्हारे अलावा और किसी का भी लंड नहीं लूँगी, तुम इसका लंड तो देखो यह तो किसी जानवर के जैसा है, इसको अपने अंदर लेकर तो में आज मर ही जाउंगी, मेरी चूत को यह पूरा फाड़ देगा, मुझे नहीं करना इसके साथ ऐसा कुछ भी तुम इससे बोले यह कहीं और चला जाए। तभी संदीप बीच में बोल पड़ा वो कहने लगा कि साली कुतिया ज्यादा नखरा मत दिखा, आज की रात तुम दोनों हमारी रंडियां हो और आज तुम दोनों हम तीनो को पूरे चुदाई के मज़े देने वाली हो और हम तुम्हे चोदकर अपने लंड की प्यास बुझाकर इनको शांत करने वाले है हमे आज ऐसा करने से कोई भी नहीं रोक सकता।

हेमा : क्यों कुसुम मैंने पहले ही तुम्हे कहा था ना कि यह तीनों ही आज रात को हमारी जमकर चुदाई करेंगे? मुझे पहले से पता था कि हमारे साथ आज क्या होने वाला है और मैंने तुम्हे बताया भी था, लेकिन तुमने मेरी बात को नहीं माना और वैसे इसमें भी मुझे कोई आपत्ति नहीं है, क्योंकि पहली चुदाई से हमारी चूत तो पहले से ही खुल चुकी है, इसलिए अब हमे उतना दर्द कहाँ होने वाला है जो पहली चुदाई के समय हुआ था और अब तो हमे बस मज़े मिलने वाले है।

loading…

फिर इतने में राजेश ने मेरे निप्पल पर काट लिया और मुझे दर्द हुआ। मेरे मुहं से आईईईई स्सीईईइ प्लीज थोड़ा धीरे करो जानू ऐसे क्या करते हो, मुझे बहुत दर्द होता है? तो राजेश निप्पल को छोड़कर बोला क्यों साली? और इतने में जितेन्द्र ने मेरा मुहं अपनी तरफ किया और वो मेरे होंठो को चूमते हुए कुछ देर बाद मेरी जीभ को चूसने लगा आहह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ और में कुछ ही देर में गरम होने लगी थी जिसकी वजह से अब मेरी चूत पानी छोड़ने लगी थी और फिर हम दोनों को अपने अपने घुटनों के बल बैठाकर वो तीनों अपने मोटे लंड हम दोनों के मुहं के पास ले आए जिनको देखकर में बड़ी चकित थी, लेकिन अब उनको लेने के लिए में मन ही मन बहुत उत्साहित भी हो रही थी। फिर उसके बाद मेरे मुहं में अब जितेन्द्र ने और हेमा के मुहं में राजेश ने अपना लंड डाल दिया, जिसको हम दोनों अंदर बाहर करने के साथ साथ मज़े से चूसने भी लगी थी।

दोस्तों संदीप हम दोनों के बूब्स को ज़ोर ज़ोर से मसल रहा था, जिसकी वजह से हमारे बदन में गरमी और जोश पहले से ज्यादा अब बढ़ने लगा था। दोस्तों मैंने अपने मुहं में लेकर महसूस किया कि जितेन्द्र का लंड उन सभी के लंड से मोटा और लंबा भी था, जिसकी वजह से मेरे मुहं के किनारे अब फटने वाल हो गये थे। मुझे बहुत दर्द भी हो रहा था। अब जितेन्द्र मुझसे बोला कि चल अब कुतिया साली रंडी चूस मेरे लंड को और मुझे वो मज़ा दे जिसके लिए आज हमने तुझे आज यहाँ पर बुलाया है मुझे भी तो करके दिखाओ कि तुम्हे क्या क्या आता है? दोस्तों में अपने मन की सच्ची बात कहूँ तो मुझे भी ऐसा करने में मज़ा आने लगा था। तभी हेमा ने अपने मुहं से राजेश का लंड बाहर निकाला और वो बोली कि देखो लाल-लाल होंठो पर काला लंड कितना प्यारा लग रहा है? यह तेरे लाल-लाल होंठो के बीच भी आएगा और तेरे दोनों पैरों के बीच के लाल होंठो के बीच जाते हुए सबको प्यारा लगेगा।

फिर जितेन्द्र बोला कि तब कुसुम जान कहेगी वाह कितनी प्यारी लग रही है? में अब लंड को चूसने में बड़ी व्यस्त थी कभी कभी वो अपने लंड को धक्का देकर मेरे गले में भी फंसा देता जिसकी वजह से मेरी साँस रुक जाती और अब राजेश गालियाँ बक रहा था। अब संदीप ने मुझे और भी नीचे झुका दिया में पूरी तरह से डॉगी स्टाइल में हो गयी। फिर तभी संदीप ने पीछे से मेरी चूत पर अपने लंड को सटा दिया और उसने मुझे कुछ भी सोचने समझने का मौका भी नहीं दिया और एक ज़ोर से धक्का मार दिया, जिसकी वजह से उसका वो लंड एकदम से मेरी चूत में पूरा अंदर घुस गया और दर्द की वजह से मेरे मुहं से आह्ह्ह्हह आईईईईइ की आवाज निकली और वो लंड मेरे मुहं से निकल गया। तब मैंने संदीप से कहा ऊह्ह्ह्हह प्लीज थोड़ा धीरे धीरे से करो, प्लीज जीजू मुझे बहुत दर्द होता है। अब राजेश ने हेमा को डॉगी स्टाइल में किया, जिसकी वजह से उसका मुहं मेरे मुहं से छू रहा था और हम दोनों के मुहं के बिल्कुल बीच में जितेन्द्र का काला मोटा लंड झूल रहा था और हम दोनों ही उस लंड को किस करने लगी थी। वो बहुत जोश में था इसलिए तनकर खड़ा होकर हमारी चूत को सलामी दे रहा था।

अब राजेश ने हेमा की चूत के मुहं पर अपना लंड सटाया और एक तेज जोरदार धक्का मार दिया, जिसकी वजह से हेमा चीख पड़ी और उसके मुहं से आईईईईईई माँ मरी उफ्फ्फ्फ़ प्लीज माँ मुझे बचाओ और हम दोनों की चूत पर लगातार जोरदार धक्के लग रहे थे, जिसकी वजह से कुछ देर बाद में अपना सारा दर्द भुलाकर अब जोश में आकर चुदाई के मज़े लेने लगी थी और में संदीप से कहने लगी थी कि हाँ आज तुमने मेरी इस चूत को पूरी ताकत से धक्के देकर नहीं चोदा, देखो मेरी यह चूत तुम्हारे लंड की प्यासी थी। फाड़ दो इस चूत को आह्ह्ह्ह हाँ तुम आज फाड़ दो मेरी इस चूत को हाँ और तेज धक्के लगाओ उह्ह्ह्हह्ह और तेज ऊउईईईईईईइ हाँ जानू तेज धक्के से चोदो, ज़ोर से चोदो तुम मुझे और अब में झड़ने वाली थी। दोस्तों हेमा भी अब जोश में आकर बोल रही थी हाँ उफ्फ्फ्फ़ और ज़ोर से चोदो तुम मुझे। आज तुम इस रंडी की चूत को पूरा फाड़ दो, अपनी इस हरामजादी को तुम आज इतना चोदो कि में तुम्हारे बच्चे की माँ बन जाऊं। अब में उन तेज धक्को की वजह से चीख चिल्ला रही थी और वैसे अब में झड़ने भी वाली थी इसलिए में उनको यह बात भी चिल्ला चिल्लाकर कह रही थी।

यह कहानी भी पड़े  अंकल ने बहन को चोद के उसे आईफोन दिया

हेमा : उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्ह देखो जीजू तुम्हारी घरवाली आज कितनी मज़े मस्ती से चुद रही है, इसको आज तुम्हारे इस दोस्त ने पूरी तरह से रंडी बना दिया है और अब देखो इसको यह उसके बच्चे की माँ भी बनना चाहती है, देखो इसको तुम्हारे दोस्त का लंड कितना पसंद आ गया है।

राजेश : इसको ही नहीं मैंने तो आज तुझे भी एक असली रंडी बना दिया है माँ की लौड़ी तू भी तो देख कितनी मस्ती से चुद रही है, तुझे भी तो मेरे लंड से कितना मस्त मज़ा आ रहा है?

जितेन्द्र : चल आज में तुझे अच्छी तरह से पूरी रंडी, हरामजादी बना देता हूँ।

अब वो मुझसे इतना कहकर नीचे लेट गया और मुझे उसने अपने ऊपर बैठा लिया। में उसका लंड अपने हाथ से पकड़कर नीचे दवाब देने लगी थी, उसका लंड मोटा और लंबा था, तभी उसने मेरी कमर को अपने दोनों हाथों से पकड़कर नीचे दबा दिया, जिसकी वजह से उसका लंड मेरी चूत को चीरता हुआ अंदर जाने लगा था, लेकिन वो लंड मेरी चूत के अंदर जैसे जैसे जा रहा था, वैसे वैसे ही दर्द की वजह से मेरी जान बाहर निकल रही थी और में कहने लगी उफ्फ्फ् आईईई प्लीज जीत बस करो छोड़ दो मुझे आह्ह्ह में मर जाउंगी। फिर वो मुझसे कहने लगा कि चुप कर बहनचोद, झूठे नखरे करती है और वो अपने कूल्हों को ऊपर उछालकर तेज धक्के देकर अपना पूरा लंड मेरी चूत के अंदर डाल रहा था और में आईईई माँ में मरी वो मेरे बूब्स को अपने दोनों हाथों में पकड़कर कस कसकर तेज धक्के मार रहा था और कुछ देर धक्के खाने पर अब मुझे भी मज़ा आ रहा था क्योंकि मेरा दर्द अब खत्म हो चुका था, इसलिए में भी अब उसके लंड के ऊपर नीचे कूद रही थी। फिर मैंने देखा कि अब तक हेमा और राजेश झड़ चुके थे और अब जितेन्द्र ने चुदाई का तरीका बदल लिया था और संदीप जबरदस्ती मेरी गांड में अपने लंड को डालकर धक्के दिए जा रहा था, जिसकी वजह से में बड़े मज़े से चुदाई के उस दौर से गुजर रही थी।

अब हेमा मेरे पास आई और वो मुझसे कहने लगी कि वाह मेरी जान क्या मस्त लग रही है, तेरी चूत बहुत दमदार है जो इतना मोटा बड़ा लंड झेल गयी।

फिर इतना कहकर वो मुझे चूमने लगी थी। मैंने देखा कि उसके पैरों से अब चुदाई के बाद का पानी निकल रहा था और में आह्ह्ह उफ्फ्फ ज़ोर से चिल्ला रही थी। फिर में उससे कहने लगी कि हेमा यह अभी थोड़ी देर बाद तेरी चूत में भी जाएगा तब में साली तूझे देख लूंगी। अब वो मुझसे कहने लगी कि तू बहुत किस्मत वाली जो सबसे पहले ही इन तीनों से चुद चुकी है इतने प्यारे लंड की तो में हमेशा ही गुलाम बनकर रहूँ। पता नहीं कब यह मेरी चूत में जाएगा? अब जितेन्द्र और संदीप के बीच कुछ इशारा हुआ और जितेन्द्र ने मुझे अपने ऊपर गिरा लिया, जिसकी वजह से मेरे बूब्स उसकी छाती से दब गए और उसने मेरे कूल्हों को ऊपर किया, जिसकी वजह से वो और भी ज्यादा उभर गये और हेमा यह सब देखकर हंसने लगी और वो बोली कि कुसुम तू तो गयी काम से। फिर मैंने उससे पूछा कि क्यों क्या हुआ? वो बोली कि तू आज सही में रंडी बन जाएगी और फिर संदीप ने मेरे दोनों कूल्हों को अपने दोनों हाथों से अलग किया और उसने मेरी गांड के छेद पर अपने लंड को लगा दिया। में उससे बोली कि नहीं अब बस भी करो यह खेल अब यहीं पर खत्म करो और में उसकी पकड़ से छूटने की कोशिश करने लगी थी, लेकिन जितेन्द्र ने मेरे कूल्हों को कसकर पकड़ रखा था। संदीप ने एक तेज धक्का मारा और उसके लंड का टोपा ही अभी मेरी गांड के अंदर गया था, लेकिन मुझे उस मोटे लंड से दर्द बहुत हुआ और में ज़ोर से आईईईईइ उफफफ्फ़ करके चीख पड़ी, आह्ह्ह में मर गयी, अब नहीं करना मुझे यह सब, लेकिन किसी ने मेरी बात पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया और में दर्द से तड़पती रही। फिर कुछ देर बाद संदीप ने अपना दूसरा झटका मारकर अपना पूरा का पूरा लंड मेरी गांड के अंदर घुसा दिया, में आह्ह्ह्ह माँ ओह्ह्ह करती रही और फिर मुझे दोनों तरफ से धक्के पड़ने लगे।

दोस्तों मेरी चूत में भी और गांड में भी अब उन दोनों के लंड एक साथ अंदर बाहर हो रहे थे और फिर में चिल्ला रही थी हाँ ज़ोर से और ज़ोर से धक्का दो फाड़ दो आज तुम मेरी गांड और चूत को क्या तुम्हारे लंड में दम नहीं है आह्ह्ह्ह हाँ चोदो मुझे, राजेश देखो तुम्हारी जान आज कैसे चुद रही है? मुझे आज तुम अपनी रंडी बना लो, में तुम तीनों की घर वाली हूँ चोदो मुझे में तुम्हारी रखेल हूँ और ज़ोर से चोदो मुझे वाह मज़ा आ गया, मुझे देखकर वो सभी हंस रहे थे और फच फच की आवाज़े भी आ रही थी। में अब झड़ रही थी और मैंने कहने लगी कि प्लीज मेरी अब तक शादी नहीं हुई है इसलिए में अभी तुम्हारे बच्चे की माँ नहीं बनना चाहती उुउऊहह प्लीज। अब पहले संदीप आया और उसने अपना लंड बाहर निकालकर हेमा के मुहं में दे दिया और वो उससे बोला कि चल अब कुतिया तू पी जा यह सारा माल और हेमा उसका सारा वीर्य पी गयी और अब जितेन्द्र ने अपना लंड मेरी चूत से बाहर निकाला और मेरी गांड में डालकर उसने दो तीन धक्के ही दिए थे और वो भी अब झड़ गया और अब में थककर जितेन्द्र की छाती पर पड़ी हुई थी तो में बहुत थक चुकी थी और मेरे पूरे शरीर में बिल्कुल भी जान नहीं थी, इसलिए में वैसे ही बिना हिले पड़ी रही और मेरी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था, जो मेरी जांघो से बहता हुआ नीचे बेड को गंदा कर रहा था। वो बहुत ज्यादा मात्रा में निकला था।

दोस्तों कुछ देर बाद अब जितेन्द्र मेरे पास आकर मुझसे पूछने लगा कि क्यों मेरी रंडी आज तुझे कैसा और कितना मज़ा आया। क्या तू हमारे इस काम से खुश है? तो मैंने हाँ भरकर कहा कि ऐसे दमदार लंड लेकर में क्या कोई भी चूत खुश हो जाएगी, क्योंकि लंड ऐसा होना चाहिए जो चुदाई करके बस उसको पूरी संतुष्टि दे और वो पूरा मज़ा आज मुझे मिल चुका है। आज पहली बार मुझे अपनी गांड में भी लंड लेने का मौका मिला है, वहां अब भी दर्द जरुर है, लेकिन इस मज़े के सामने वो कुछ भी नहीं है। दोस्तों मेरे मुहं से वो बातें सुनकर अब संदीप ने बहुत खुश होकर मेरे बूब्स को मसलते हुए कुछ देर बाद मेरे मुहं में अपना लंड डाल दिया और में उसको लेटे हुए ही चूसने लगी थी, जिसकी वजह से वो तुरंत ही तनकर खड़ा हो गया और उस रात को उन तीनों ने हम दोनों की जी भरकर चुदाई करके हमें पूरी तरह से रंडी बना दिया।

दोस्तों उन तीनों ने कभी एक एक करके तो कभी एक साथ हम दोनों की चूत गांड में अपना लंड डालकर हमे तेज जोरदार धक्के देकर चोदा और उन तीनों ने हमारे मुहं गांड और चूत तीनों छेद को धक्के मार मारकर पहले से ज्यादा बड़ा कर दिया था और जब भी में झड़ने वाली होती तो मेरे मुहं से अपने लिए ही गालियाँ निकलती साली कुतिया तुझे बहुत शौक है ना चुदाई का और मज़े ले इन तीनों ने तुझे एक पूरी रंडी छिनाल बना दिया है। फिर दूसरे दिन सुबह हम दोनों उठ गई और वो तीनो अब तक रात भर की चुदाई से थककर बिना कपड़ो के सो रहे थे। उनसे पहले हम दोनों उठकर बाथरूम में जाकर नहाकर फ्रेश होकर तैयार हो चुकी थी। उसके बाद उनको उठाया वो भी उठकर नहाकर कपड़े पहनकर तैयार हुए और उसके बाद उन्होंने हम दोनों को ले जाकर एक होटल में नाश्ता करवाकर हमें दोबार उसी जगह पर अपनी कार से लाकर छोड़ दिया, जहाँ से हम दोनों उनके साथ गई थी और उसके बाद हम हमारे कॉलेज वालो के साथ जाकर मिल गई। दोस्तों यह थी मेरी दूसरी चुदाई की सच्ची घटना और मेरा सेक्स अनुभव ।।

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published.


error: Content is protected !!