चूत चुदाई के बाद गांद चुदाई की तैयारी

हॉट सेक्स स्टोरी का नेक्स्ट पार्ट-

उसके बाद मेरा लंड भी झड़ने वाला था. रेखा तो झाड़ चुकी थी और तक कर बस मेरे धक्के से रही थी. चेहरे पर बाल बिखर चुके थे और आँख से आँसू निकल रहे थे. उसके फेस पर चुदाई का सुकून भी था. फिर मैने कहा. अब आयेज-

मैं: उहह मेरे रानी, मैं झाड़ रहा हू तेरी छूट में.

रेखा: झाड़ जाओ मेरे पति जी. आपके लिए छूट तैयार है. आपने मेरा दूं निकाल दिया है. इतना आज तक कभी नही चूड़ी हू. करवा चौथ का सारा रस्स ले लिया है.

मैं: तूने मेरे लिए व्रत रखा है, तो मैने भी तुझे पति का प्यार दिया. जिसके लिए तू तड़प रही थी. आज से हर बार तुझे यही प्यार और मज़ा दूँगा. तुझे अपनी जवानी पर नाज़ होगा.

रेखा: आप मेरे साथ हो ह उहह तो मुझे क्या दिक्कत. डाल दो ना, और पेलो अपनी रानी को.

मैने आखरी 10 झटके ज़ोरदार मारे. इससे लंड की पिचकारी उसकी बच्चे-दानी तक गयी. रेखा सुकून की साँस ले रही थी. वो आँख बंद करके मेरे गरम रस्स को महसूस कर रही थी.

रेखा: ह कितना गरम है. मुझे आज सुकून और जन्नत मिली है. लोवे योउ मेरे रोहित.

मैं: ले मेरे रानी उहह ष्ह बहुत गरम छूट है.

रेखा की छूट में झटके दे रहा था. वो हर धक्के पर हिल जाती थी. मैने अपने होंठ उसके होंठो पर रख दिए. वो मूह खोल कर मेरी ज़ुबान का रस्स पीने लगी. साथ दोनो टाँगें मेरी गांद पर दबा दी.

हमारी ये गरम छूट फाड़ चुदाई करीब 1 घंटा तक चली थी. मौसी को मैने ट्रपत करके पुर बदन को तका दिया था. हम दोनो ऐसे ही चिपके रहे.

रेखा का नंगा और कमसिन बदन मेरे नीचे दबा हुआ था. उसकी गीली छूट में मेरा लोड्‍ा दबा हुआ था. हम दोनो ऐसे ही लिपटे रहे. वो बस आँखें बंद करके लेती रही. मैं उसके होंठो को चूमने लगा था.

मौसी पूरी तरह से तक चुकी थी. फिर कुछ देर बाद मैने लंड बाहर निकाला, जो अब सिकुड गया था. छूट ने भी सारा रस्स अंदर पी लिया था. रेखा के चेहरे पर संतुष्टि थी. मैने कहा-

मैं: मेरे जान कैसी लगी करवा चौथ की ये सुहग्रात?

रेखा: बहुत मज़ेदार और दर्द भारी थी. आपने मेरे जान निकाल दी है. छूट में दर्द हो रहा है. लेकिन आज की ये रात मैं कभी नही भूल सकती. आपने मेरी जो हालत बनाई है.

रेखा: मेरी अब कुछ दिन तबीयत खराब होगी, जिस तरह से आपने मुझे छोड़ा है. कल आपकी मम्मी को क्या जवाब दूँगी?

मैं: कुछ नही, बोलना अपने पति को खुश किया है.

रेखा के होंठ चूमने लगा. वो भी स्माइल देते हुए अपने थके चेहरे से मुझे चूम रही थी. फिर बोली-

रेखा: आप ना बहुत शैतान हो. उधर आपके पापा मेरी दीदी को रात भर छोड़ते है. इधर आप मुझे घोड़ी बना कर छोड़ रहे हो. दोनो बाप-बेटे हम दोनो बहनो को छोड़ कर तका देते हो.

मैं: तेरी अभी चुदाई और बाकी है. अभी रात पूरी हुई कहाँ है.

मौसी: हा बाबा, रात भर में आप मेरे हड्डी तोड़ दोगे छोड़ कर. प्लीज़ अब रहने दो ना. छूट में जलन हो रही है.

मौसी: कल रात भी आपने छोड़ा था. दर्द कम होने दो, फिर जितना मॅन करे कर लेना.

मैं: साली तेरी छूट में दर्द है. तेरे गांद में तो नही है ना? आज तेरी गांद मारनी है.

रेखा: लेकिन वहाँ बहुत दर्द होगा. आपका ये बहुत बड़ा है. देखो मेरी छूट फाड़ दी है. गांद भी फाड़ कर मुझे मार दोगे क्या?

मैं उसके गाल और होंठ चूस्टे हुए बोला.

मैं: उम्म्म मेरी रंडी. कुछ नही होगा. औरत का जिस्म मर्द को खुश करने के लिए होता है. तुझे प्यार से करूँगा अब. दर्द कम होगा हुआ तो तोड़ा से लेना.

मौसी: अब आपसे प्यार किया है तो सहना पड़ेगा. आपके लिए ये भी कर लूँगी. लेकिन अभी तोड़ा रुक जाओ. तोड़ा सा रेस्ट दे दो ना.

मैं: ठीक है तेरे पास 10 मिनिट है.

मैं उसके बगल में लेट गया. वो मुझसे चिपक कर मेरे चेस्ट पर हाथ घूमने लगी. फिर बोली-

रेखा: आपके साथ आज सच में बहुत अछा लग रहा है. इतना मज़ा और इतना प्यार कभी नही मिला. प्लीज़ आप ऐसे ही साथ रहना मेरे. आपको जो करना है वो कर लेना मेरे साथ. मैं बस आपकी हू. ई लोवे योउ उम्म्म्म.

ये बोल के उसने हेस्ट हुए मेरे होंठ चूम लिए. फिर खुद से मुझे चूमने लगी. मैने कहा-

मैं: क्या बात है? तू खुद से मुझे प्यार दे रही है.

रेखा: अपने पति को प्यार करना मेरा हक़ है. मुझे भी तो आपके साथ मज़ा आ रहा है.

फिर वो मुस्कुराते हुए अपनी जवानी के जलवे देखते हुए मेरे निपल चाट रही थी. मेरी आँखें बंद हो गयी. मैं जन्नत की सैर कर रहा था. मौसी एक हाथ से मेरे बैठे लंड को सहला रही थी.

मैं: उम्म्म्म ष्ह मेरे रानी. मज़ा आ गया. क्या मज़े दे रही है तू.

रेखा: आज आपको खुश कर दूँगी. बहुत गर्मी है आपके लंड में.

फिर वो मेरी चेस्ट चाट-ते हुए मेरे पेट को भी चाट रही थी. 10 मिनिट चाटने के बाद वो लंड के उपर आ गयी. रेखा मेरे पैरों के बीच में थी. वो मुझे देख कर स्माइल देते हुए मेरे लोड के च्छेद को चाटने लगी. मेरे सिसकी निकल गयी-

मैं: ष्ह ष्ह.

वो हेस्ट हुए धीरे-धीरे लंड के च्छेद को चाट रही थी. फिर उसने मेरे बैठे लंड की बॉल्स को चाटना शुरू किया. वो ज़ुबान दबा के चाटने लगी और बोली-

रेखा: बहुत मोटे है ये आपके. कितने काले है, इन्हे खा जौंगी.

मैं: ह उफफफ्फ़ मेरी जान.

रेखा मेरी बॉल्स को चूसने लगी. उसके गोरे मूह में मेरे काले बॉल्स चमक रहे थे. मेरे और उसकी सिसकियाँ निकल रही थी. फिर बॉल्स को मसालते हुए 7 इंच के लंड को मूह में भर लिया और गले तक चूसने लगी. मुझे उसका ये रूप और इस तरह लोड्‍ा चूसना पसंद आया.

मैं: वाहह उहह मेरे रंडी. क्या लोड्‍ा चूस्टी है तू. तू लंड चूसने में एक्सपर्ट हो गयी. और चूस साली ज़ोर से ले मूह में.

रेखा: उम्म्म्म उहह उम्म्म्म. बहुत पसंद है आपका लंड मुझे, कितना कड़क हो गया है.

10 मिनिट लंड चूसने के बाद अब मुझसे रहा नही जेया रहा था. मुझे उसकी गांद मारनी थी. वो आचे लंड चूज़ जेया रही थी. चूस-चूस कर लंड गीला कर दिया. मैने फिर उसे कहा.

मैं: चल मेरे कुटिया. घोड़ी बंद जेया, तेरी गांद मारता हू.

रेखा: ह्म्‍म्म्म, ठीक है. लेकिन आराम से करना प्लीज़. आपका बहुत बड़ा है. मेरी गांद के लिए नया है. पहली बार कोई गांद में डाल रहा है.

मैं: हा मेरी बुलबुल. तेरी गांद को आज के बाद मेरे लंड की आदत हो जाएगी.

अब मुझसे रहा नही जेया रहा था. रेखा की 34″ की गांद मुझे छोड़ने के लिए जोश दिला रहो थी. मैने अब उसे बेड पर घोड़ी बनाया और गांद के माज़ को ज़ोर से मसालने लगा. उसकी सिसकी निकल गयी.

रेखा: ष्ह उफफफ्फ़.

मैने अब ज़ुबान को गांद के होल पर घुमाया. रेखा गांद का मज़ा ले रही थी. एक हाथ से छूट को मसल रहा था. उसकी छूट के साथ वो भी गरम हो गयी थी.

रेखा: ह्म्‍म्म्म बाबा क्या कर देते हो आप. प्लीज़ उहह ष्ह. गांद छातो मेरी, मज़ा आ रहा है.

मैं गांद से ज़ुबान को छूट तक ले जाता था. इससे उसका बदन हिल जाता. मैं अब गांद को फैला कर च्छेद में ज़ुबान डालता. ज़ुबान से गांद छोड़ रहा था. मौसी को जन्नत का मज़ा आ रहा था.

दोस्तों कहानी के अगले भाग में पढ़िए कैसे मैने मौसी की सील गांद का बंद बजाया. अगले पार्ट में रेखा की डुमदार चुदाई मिलेगी.

आप सभी रीडर्स से कह देता हू ये कहानी पूरी रियल और असली है. प्लीज़ कोई फेक ना समझे. मुझे अपना मैल ज़रूर भेजना. आपके मेल्स का इंतेज़ार रहेगा.

थॅंक्स ड्के.

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