क्या चूचे थे उसके.. ऊपर गुलाबी चूचुकों को देख कर मैं तो बेकाबू सा हो गया.. उसके निप्पलों को मैं अपने दांतों से दबाने लगा।
उसकी सिसिकारियों की आवाज़ पूरे रूम में गूंजने लगी।
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !
मैं उसे चूमते हुए उसकी पैंटी के ऊपर उसकी चूत चाटने लगा, वो मदहोश हो गई थी, मैंने उसकी पैंटी को भी निकाल दिया, वो मेरे सामने पूरी नंगी हो गई।
मैंने एक उंगली उसकी चूत में डाल दी.. वो एकदम उछल गई। मैंने अपनी जुबान से उसकी चूत को चाटता रहा। दो मिनट में उसका बदन झटके लेने लगा.. चूत ने कामरस छोड़ दिया।
मैंने पूरा रस चाट कर साफ़ कर दिया।
गीतिका- तुम तो बड़े एक्सपर्ट लगते हो.. अब मेरी बारी है.. मेरा कमाल देखो।
गीतिका ने एक झटके में मेरा अंडरवियर निकाल दिया, मेरे 7 इंच के लण्ड को मुँह में लेकर चूसने लगी।
उसका लण्ड चूसने का तरीका इतना जबरदस्त था कि मुझे लगा मैं अभी झड़ जाऊंगा।
मैं- मेरा होने वाला है गीतिका।
गीतिका- मुझे पीना है.. अन्दर ही झड़ो।
मैं रस छोड़ा और मेरे पूरे माल को गीतिका ने गटक लिया।
हम दोनों चिपक कर लेट गए। कुछ ही देर में उसकी गर्मी से मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया.. गीतिका भी गर्म हो चुकी थी।
मैंने बिना देर किए.. अपने लण्ड का सुपारा उसकी चूत पर लगा कर हल्का सा धक्का लगाया.. वो कसमसा गई.. उसकी चूत बहुत टाईट थी लण्ड को अन्दर जाने मैं तकलीफ हो रही थी।
उसके होंठों से अपने होंठ चिपका कर जोर से धक्का मारा, उसकी चीख मेरे मुँह में दब गई.. वह हिल नहीं पा रही थी।
मैं जोर से धक्के लगाने लगा.. वो कमर उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगी।
करीब 15 मिनट में मैं उसकी चूत में झड़ने लगा।
वो भी अब तक दो बार झड़ चुकी थी।
थोड़ी देर हम नंगे ही लेटे रहे।
तभी मैडम आ गई।
उन्होंने गीतिका से पूछा- टेस्ट में पास हुआ या फेल?
हम दोनों मैडम के सामने नंगे पड़े थे।
गीतिका- फर्स्ट क्लास में पास है।
मैडम- तुम टेस्ट में पास हो गए हो। तुम्हारी नौकरी पक्की.. अब तुम जिगोलो बन गए हो।
मैडम ने मुझे पांच हज़ार रुपए दिए।
मैं सोचने लगा कि यह कैसी नौकरी। इसके बाद मैडम ने बहुत सी भाभियों और लड़कियों के पास मुझे भेजा। मेरा काम था उन्हें संतुष्ट करना।
कैसी लगी मेरी आपबीती, मेल करके जरूर बताना।
Nice story hame bi yesa job dilado