अगले दिन सुबह 11:00 बजे सीमा चाची की नींद खुली. हम दोनो एक ही बिस्तर पर थे. दोनो पूरी तरह से नंगे बदन थे. रात को सोते वक़्त मैने सीमा चाची और मुझ पर चादर ओढ़ ली थी.
सीमा चाची ने अपने आप को उस हालत मैं देखा, और हल्की सी मुस्कान उनके चेहरे पर आई. सीमा चाची ने मेरी तरफ देखा. मेरे चेहरे और बालों में अपना हाथ फेरा, और मेरे माथे पर किस किया. मैने अपनी आँखें खोली.
मैं: गुड मॉर्निंग बेब्स.
मैने सीमा चाची को देखा उन्होने सफेद चादर से अपने बदन को धक लिया था.
सीमा चाची: गुड मॉर्निंग राज.
चाची ने अपने एक हाथ से अपने बालों की लत्ट को कान के पीछे किया, और मुस्कुरा कर अपनी आँखें झुका ली.
मैं: हाए, क्या नज़ारा है. सुबह हो तो ऐसी.
सीमा चाची: अब तुम भी उठ जाओ राज.
सीमा चाची बेड पर से उठ कर बातरूम जाने लगी. चाची ने अपने पुर बदन पर चादर ओढ़ ली थी, तो मैं नंगे बदन बेड पर लेता था.
मैं: अर्रे मेरी चादर. तुमने तो फिर से मुझे नंगा कर दिया.
सीमा चाची रुकी. मूड कर मेरी तरफ देखा. मैं बेड पर पूरा नंगा था. वो मुझ पर हस्स पड़ी. सीमा चाची ने ज़मीन पर पड़ी हुई शॉर्ट्स उठाई, और मेरी तरफ फेंकी.
सीमा चाची: लो, इसे पहन लो.
और मुस्कुराते हुए शवर लेने के लिए बातरूम में चली गयी. मैने उठ कर अपनी अंडरवेर और शॉर्ट्स पहन ली; और बेड पर ही लेता रहा.
45 मिनिट्स बाद सीमा चाची बातरूम से बाहर आई. उन्होने लाल रंग की सारी पहनी हुई थी. उनके लंबे कर्ली बाल खुले हुए थे; थोड़े से गीले भी थे.
सीमा चाची अपने लंबे बालों को सवारते हुए ड्रेसिंग टेबल के मिरर के सामने खड़ी हो गयी. वो अपने होंठो पर लाल लिपस्टिक लगते हुए मुझे बोली-
सीमा चाची: राज. तुम अभी तक उठे नही. जाओ जल्दी से फ्रेश हो जाओ. मैं हम दोनो के लिए गरमा-गरम नाश्ता बनती हू.
मैं बेड पर से उठ कर सीमा चाची के पास गया, और पीछे से उनकी कमर पर हाथ रख कर उनसे चिपक कर खड़ा हो गया. फिर उनके कान में बोला-
मैं: आज तो तुम काफ़ी कुश लग रही हो. कल रात मज़ा तो आया ना?
सीमा चाची ने हा में अपना सिर हिलाया और मुस्कुराइ.
मैं: आज तो तुम पटाखा लग रही हो. फिर एक बार करे क्या?
मैने सीमा चाची के गाल पर किस किया, और उन्हे अपनी और घुमाया. मैं सीमा चाची की खूबसूरती को देख कर मेज़मराइज़्ड हो गया. वो मेरी बाहों में थी. 10 मिनिट्स तक मैं उन्हे सिर्फ़ देखता रहा. फिर मैं उनके होंठो को चूमने के लिए आयेज बढ़ा तो सीमा चाची ने मुझे ज़ोर से धक्का देकर अपने आप से डोर किया.
सीमा चाची: राज. जाओ पहले फ्रेश हो जाओ. फिर मेरे पास तुम्हारे लिए एक सर्प्राइज़ है.
सर्प्राइज़ का सुन कर मैं एग्ज़ाइटेड हुआ और टवल लेकर फ्रेश होने के लिए बातरूम चला गया. मैं फ्रेश हो कर हॉल में आया. सीमा चाची किचन में नाश्ता बना रही थी.
सीमा चाची: राज. तुम डिन्निंग टेबल पर वेट करो, मैं नाश्ता लेकर आती हू.
मैं डाइनिंग टेबल पर सीमा चाची के आने का वेट करने लगा. सीमा चाची 2 प्लेट्स गाजर का हलवा लेकर डिन्निंग टेबल पर आई. उन्होने एक प्लेट मुझे दी.
मैं: क्या ये सर्प्राइज़ है?
सीमा चाची (थोड़े पॉज़ के बाद): राज. तुम्हे गाजर का हलवा बहुत पसंद है ना? ये लो खाओ.
चाची ने अपने हाथो से एक चम्मच गाजर का हलवा मुझे खिलाया.
सीमा चाची: कैसा लगा? अछा तो बना है ना? बोलो? मुझे तुम्हारे घर पर भी देना है.
मैं: हा, अछा बना है.
मैं अपने मॅन में सोचने लगा: क्या ये सर्प्राइज़ है?
फिर मैने सीमा चाची को पूछा.
मैं: बेब्स, क्या ये है तुम्हारा सर्प्राइज़?
सीमा चाची के कुछ जवाब देने से पहले ही राजेश अंकल का कॉल आया. चाची ने कॉल अटेंड किया, और मुझे चुप रहने का इशारा किया. फोन स्पीकर मोड पर डाला.
राजेश अंकल: हेलो सीमा. मैं बोल रहा हू. कैसी हो?
सीमा चाची: मैं ठीक हू. आप कैसे हो जी? पिछले 3 दिन से आपने एक बार भी कॉल नही किया? ना ही आपका फोन लगा.
राजेश अंकल: मैं तो ठीक हू. यहाँ नेटवर्क का इश्यू है. तुम बताओ; तुमने अंजलि भाभी से बात तो कर ली है ना, राज को रात को सोने के लिए भेजने के लिए?
सीमा चाची: हा. राज पिछले 3 दिन से आ रहा है रात को सोने के लिए.
राजेश अंकल: सुनो सीमा. दोस्तों का प्लान और 3 दिन गोआ रुकने का है. तो हम सब अब नेक्स्ट वीक ही देल्ही वापस आएँगे. तुम्हे कोई प्राब्लम तो नही ना?
सीमा चाची: आप तो 4 दिन का बोल कर गये थे. अब और 3 दिन?
राजेश अंकल: अब मैं क्या कर सकता हू? दोस्तों को नाराज़ तो नही कर सकता ना?
सीमा चाची: चलिए, जाने दीजिए. पर मैं आपसे बहुत नाराज़ हू. एंजाय कीजिए, गोआ में.
राजेश अंकल: ओक थॅंक योउ. सो मच. ई लोवे योउ सीमा, बाइ.
सीमा चाची: ई लोवे योउ जी, बाइ.
सीमा चाची के मूह से राजेश अंकल के लिए ई लोवे योउ सुन कर मुझे जलन होने लगी. मैं गुस्से से डिन्निंग टेबल से उठ कर अपने घर जाने लगा. सीमा चाची ने पीछे से आ कर मेरा हाथ पकड़ कर मुझे रोक दिया.
सीमा चाची: क्या हुआ राज. तुम ऐसे गुस्सा हो कर क्यूँ जेया रहे हो?
मैं: तुम्हे नही पता? तुम इतने प्यार से राजेश अंकल को ई लोवे योउ बोल रही थी, की मुझे राजेश अंकल से जलन होने लगी.
सीमा चाची (मुस्कुराते हुए): अर्रे पागल, राजेश जी मेरे पति है.
मैं: और मैं तुम्हारा कों हू?
सीमा चाची मेरे चेहरे पर से प्यार से अपना हाथ फेरते हुए बोली: तुम. तुम मेरे प्रेमी/ लवर हो. ई लोवे योउ राज. ई लोवे योउ.
फिर हम दोनो के बीच एक पॅशनेट किस हुआ. मैने सीमा चाची के होंठो, गाल, गर्दन सीने पर पागलों की तरह चूम रहा था. सीमा चाची की सारी का पल्लू नीचे ज़मीन पर गिर पड़ा. 20-25 मिनिट्स बाद सीमा चाची ने मुझे अपने आप से डोर किया. अपने आप को काम आंड कंपोज़ किया. अपनी सारी का पल्लू ठीक किया.
सीमा चाची: अब तुम अपने घर जाओ राज. मैं थोड़ी देर में वहाँ आती हू.
और फिर मैं अपने घर चला गया.
स्टोरी कंटिन्यूस. नेक्स्ट पार्ट वेरी सून.