चाची को पाटने की तैयारी की – 1

आप सभी को मेरा नमास्कार, विसेसकर चुतवालीयो से मेरा निवेदन है की अपनी छूट मे उंगली दल कर बैठे.

ये मेरी पहली स्टोरी है जो आपसे शेर कर रहा हू, उमीद है की आपको पसंद आएगी. अब मई सीधे कहानी पर आता हू.

बात 2 साल पहले की है. मुझे कुछ महीनो से छूट नसीब नही हो रही थी. एक दिन मई घर पर बैठा बोर हो रहा था. मई टाइम पास करने के लिए चाची के घर चला गया. गाते खुला होने के कारण मई सीधे बेडरूम मे चला गया.

वाहा पर चाची थी और पेटीकोआट पहन रही थी. मई उन्हे देख कर जाने लगा. तभी चाची ने मुझे देखा और रुकने के लिए बोला. मई बेड पर बैठ गया. चाची कपड़े बदलने मे बिज़ी थी, और मई उन्हे देखने मे बिज़ी था.

मेरी चाची का नाम अर्चना देवी. आगे- 32, फिगर 40-36-42 है, पहली बार मई चाची को इतने कूम कपड़ो मे देखा था. उनकी चुचि, पेट, छूट क्यमत लग रहे थे.

चाची ब्रा, पनटी नही पहनी थी इससे उनका जिस्म देखने को मिल गया. चाची मुझसे बात करते हुए कपड़े पहन रही थी. लेकिन उन्हे क्या पता की मई क्या देख रहा था.

उस दिन के बाद से मेरा चाची को देखे को नज़रिया बदल गया. अब मई उनसे बात करने, चुने और देखने का भाना दूड़ने लगा. अब मई उन्हे छोड़ने का सपने देखने लगा.

लेकिन मई सोचता की ये सपना, सपना ही रह जाएगा. लेकिन खेटे है की जब जब लंड, छूट का प्यासा हो तो दिल और दिमाग़ की नही सुनता. उस टाइम उसे छूट ही दिखाई देती है. मेरा भी यही हाल था. उनके बारे मे सोच कर ही लंड क्डा हो जाता था..

अब उनकी छूट पाने के लिए कोसिस करने लगा.. अब मई उनके घर ज़्यादा जाने लगा और ध्यान देने लगा की वो कब कों सा काम करती है.. जैसे सूभ जल्दीी उड़ती थी, च्चत पर घोंटि थी, रात को सोते टाइम ब्लाउस उतार कर सोती थी.

मई ऐसे टाइम पर फूचता जब चाची फ्री हो और मुझसे बात कर सके. मई चाची को प्ताने का सब्से अक्चा टाइम रात को समझा. क्योकि रात को चाची कूम कपड़ो मे होती है और कोई डिस्त्रूब करने वाला भी नही होता.

अब मई रात को खाना खाने के बाद उनके पास फूच जाता था. चाची भी खाना ब्ना कर फ्री र्हती थी और सभी को खिला भी चुकी होती.

मई उनसे देर रात तक बाते करता. और यह जानने की कोसिस करता की क्या चाची ह्ंसे चुड जाएगी या फिर बेकार टाइम वेआसट कर रहा. लिकिन मई गॉल्ट था आग मुझमे थी तो धुआ चाची मे था. ज़रूरत थी तो एक चिंगारी की. जो मैने उनके अंडर पैदा कर दी.

मई रोज रात को अपनी प्यास बुझाने उनके पास फूच जाता लेकिन उन्हे प्ताने मे बहुत टाइम लगा, इसका कारण था रिस्ता. जो ह्मारे और चाची के भिच था. ये बात उन्होने हमे चुदाई के बाद बताई.

मुझे चाची को पाटने मे 6 मंत्स लग गये. इस बीच मुझे बहुत महनात करनी पड़ी.

काई बार मई चाची के साथ खाना ख़ाता. उन्हे टच करने की कोसिस करता र्हता. अब मई भी रात को च्चत पर सोने लगा. क्यूकी चाची रात को च्चत पर सोती थी. आप सोचेंगे की रात मे उनके साथ सेक्स क्यू नही किया.

मई उनके साथ सेक्स उनकी सहमति से करना चाहता था. सेक्स का जो मज़ा सहमति मे मिलता है वो मज़ा जब्रजास्ति मे नही मिलता.. रात को चाची के साथ उनका छोटा बेटा जो 8 साल का है उनके साथ सोता था. इसलिए मुझे जो भी करना था उनकी नजरो से बचा कर करना था.

मैं रात को चाची के पास जा कर बाते करता और योउ ट्यूब और मोबाइल के बारे मे बताता. उनके पास सिंपल मोबाइल था इसलिए वो आंड्राय्ड सेट मे इंटेरेस्ट लेती थी ख़ास कर योउ ट्यूब पर.

अब मई उन्हे मोबाइल चलाने के भाने चिपक कर बत्ता था. कभी उनके सामने बैठ कर मोबाइल सिखाता. अब ये मेरा डेली का काम ब्न गया था. मई धीरे-धीरे चाची की चुचि को टच करने लगा था.

लिकिन चाची कुछ नही बोलती थी शायद उन्हे लगता था की अंजाने मे टच हुआ होगा. इससे मेरी हिम्मत बदती गयी और मई आगे बढ़ता गया.

अब तक शायद उन्हे भी अहसास हो गया था की मई उन्हे पसंद करता हू. शायद इसी कारण मेरी हरकतो पर चुप थी. अब मुझे लगने लगा की चाची जल्दी ही पटेगी और छूट चुडवाएगी.

एक दिन मई च्चत पर चाची से बात करने गया तो उस रात च्चत पर अदरा था क्योकि चंद्रमा नही निकला था. मई च्चत पर घूमता रहा. च्चत पर और लोग भी थे सब घूम रहे थे. तभी चाची मेरे पास आई और अपने मोबाइल की सेट्टिंग के लिए बोला और मुझे मोबाइल दिया. मई मोबाइल देखने लगा.

दोस्तो इसका नेक्स्ट पर मे आगे की कहानी ब्ठौगा की मेरे और चाची के बीच क्या हुआ. तब तक इंतेजर करे और धरी बनाए रखे.

मुझे एमाइल पर अपना सुझाव ज़रूर दे. मेरी ईद है. [email protected]

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