चाची की मस्त गांड और चुत चुदाई

नमस्कार भाईयो, मैंने अन्तर्वासना पर बहुत सी कहानियां पढ़ीं हैं. मैं आज अपनी एक सच्ची कहानी पेश कर रहा हूं.

यह बात उस समय की है, जब मैं बी.कॉम कर रहा था और इसी सिलसिले में मुझे आगरा जाना पड़ा. आगरा में मेरे चाचा चाची रहते थे. मैं उस समय आगरा में ही रह रहा था.. इस कारण लगातार मेरा चाचा चाची के घर आना जाना लगा रहता था.

पहले मैं चुदाई को बारे में ज्यादा नहीं जानता था, मैंने केवल मोबाइल पर वीडियो देखी थी. पर मैं सोचता था कि चुदाई करने पर कितना मजा जाता होगा.

अब बात करता हूँ अपनी चाची की.. चाची की उम्र भी 28 रही होगी. वह दिखने में बड़ी मस्त माल थीं. क्या कामुक फिगर था उनका, पतली सी कमर.. अगर कोई बूढ़ा भी देख ले तो उसका लंड खड़ा हो जाए.
उनको देखकर मेरा भी कई बार लंड खड़ा हो जाता था, पर मैं हाथ से लंड दबा कर छुपा लिया करता था.
चाचा एक छोटी कंपनी में काम करते थे. उनकी शादी को ज्यादा समय नहीं हुआ था.

एक दिन मुझे चाची ने दोपहर को समय खाने पर बुलाया. मैं समय से पहुंच कर कुर्सी पर बैठा था कि चाची अन्दर से आईं और बोलीं- अरे पवन तुम कब आ गए?
मैंने गौर किया कि चाची को बाल गीले थे. मतलब वह नहा कर आई थीं.

उन्होंने मुझे खाना दिया और पास मैं बैठ गईं. पहले तो हमारे बीच कुछ साधारण बातचीत हुई.
अचानक उन्होंने मुझसे पूछा- क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?
तो मैं चौक गया पर उत्तर दिया- मैं हॉस्टल में पढ़ा था और वहाँ लड़कियां नहीं थीं, इसीलिये कोई बनी नहीं.
चाची ने कहा- ओह तो तुम कुछ नहीं जानते.
मैंने कहा- क्या?
उन्होंने कहा- कुछ नहीं.

यह कहानी भी पड़े  गर्लफ्रेंड का बदला उसकी मॉं से लिया

अब तक मेरा लंड खड़ा हो चुका था और चाची की नजर भी मेरे लंड पर चली गई थी.
मैंने चाची से पूछा- क्या आपका कोई ब्वॉयफ्रेंड था?
उन्होंने तुरंत उत्तर दिया- हां बहुत थे.. और मैं कई बार चुदी भी हूँ.
मैं तो उनके मुँह से ‘चुदी हूँ..’ शब्द सुनकर हैरान था.

चाची- पर अब कोई मजा नहीं रहा तुम्हारे चाचा का तो बहुत छोटा है.. अन्दर लेने में मजा ही नहीं आता.
मैंने चाची की बातों में रस लेते हुए पूछा- क्या मतलब चाची? मजा क्यों नहीं आता मैं समझा नहीं.. जरा खुल कर बताओ न?

चाची ने मुझको आँख मारते हुए कहा- मतलब तो सब समझ रहे हो… तेरा वो खड़ा हो रहा है, जो तेरे चाचा का अन्दर लेने में मजा नहीं आता है. अब समझा कि खुल कर बताऊं?
मैंने लंड सहला कर पूछा- खुल कर कहने से झिझक खत्म हो जाती है चाची.

चाची ने मेरे लंड को हाथ से पकड़ा और बोलीं- भोसड़ी के बहुत हरामी हो गए हो… तेरे लंड के लिए कह रही हूँ कि तेरा लंड खड़ा क्यों हो रहा है.
मैंने कहा- चाची मेरा लंड अभी जवान है न… इसलिए कुछ भी ऐसी वैसी बात सुनकर तुरंत खड़ा हो जाता है और आपने तो अपनी चुदाई की बातें तक मुझसे कह दीं हैं.

चाची मेरे लंड को मसलते हुए कहने लगीं- वाह मेरे शेर.. तेरे लंड में तो बड़ी जान दिख रही है. तेरे चाचा का लंड तो मरघिल्ला सा है.. मेरी चुत के सामने साला टुन्नू सा घिघियाता रहता है.
मैंने पेंट की चैन नीचे करते हुए लंड को खुली हवा की खुश्बू दिलाई और कहा- चाची, मैं कुछ मदद करूँ?
चाची मेरे लंड की पहाड़ी पर आँख जमा कर बोलीं- तुम क्या करोगे.. तुमने तो आज तक कोई लड़की भी नहीं पटाई.. चुदाई तो दूर की बात है.
मैंने कहा- मैंने चुदाई के बहुत वीडियो देखे हैं.
चाची कुछ देर तो चुप रहीं, फिर बोलीं- यह बात सिर्फ हम दोनों के बीच ही रहनी चाहिए.
इस पर मैंने हामी भर दी.

यह कहानी भी पड़े  दोस्त की धंधेबाज बीवी की चूत मे बड़ा लंड डाला

मैं उठा और चाची के होंठों पर चुम्बन करना शुरू कर दिया. चाची भी मेरा पूरा साथ देने लगीं.
मैं उन्हें गोद में उठाकर बिस्तर पर ले गया और उनकी नाइटी उतार दी. अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थीं. मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए और उनके ऊपर लेट कर उनको चूमना शुरू कर दिया.

वो मेरे होंठों को चूम कर बोलीं- साले तड़पा मत.. जल्दी से चोद दो.. मेरी चूत बहुत मचल रही है!
मैं बोला- पहली बार चोद रहा हूँ.. अच्छे से चोदूँगा.. जल्दी क्या है.
चाची मस्त होकर बोलीं- यार तू एक बार जल्दी से चोद दे मुझे, फिर बाद में मजे लेकर चुदाई का काम करते रहना.

मैंने ओके कहा और अपने काम में जुट गया. मैं मेरा लंड उनकी चूत के ऊपर रगड़ रहा था. मुझे बहुत मजा आ रहा था. मुझसे रहा न गया, मैंने चाची की ब्रा और पैंटी भी निकाल फेंकी. मैं अपना लंड उनकी चूत की फांकों में घिसते हुए उनके दूध चूस रहा था. चाची भी आनन्द के मारे सिसकारियां भर रही थी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’

Pages: 1 2

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!