चाची की तेल मालिश के बाद चुदाई की 2

थोड़ी देर बाद जब मैं वॉशरूम में गया तो मैने देखा की मेरे लंड पे खून था. पहले तो मुझे समझ नही आया. जब मैं रूम में आया तो वहाँ भी चादर पे भी खून था. खैर मैने तवजो नही दी ज़्यादा.

अब मुझे दर भी लग रहा था के शाम को चाची ने सब कुछ चाचा को बता देना है. दिल मैं तरहा तरहा के ख़याल भी आ रहे थे.

जब रात को चाचा घर आए तो मेरे दिल की धरकन बहोट ताइज़ हो गयी. चाची ने सब को खाना दिया. चाची अब कुछ नॉर्मल लग रही थी. लेकिन ना वो मुझे देख रही थी ना मुझ से कोई बात की.

खाने का टाइम तो जेसे तेसे गुज़र ही गया. अब मुझे लगा के शायद सोने से पहले चाची चाचा को सब बता देगी. पूरी रात मैं यही सोचता रहा के अब आयेज काइया होगा. रात यौन ही गुज़र गयी.

सुबा भी सब नॉर्मल ही था. चाचा भी नॉर्मल लग रहे थे. खैर चाचा ऑफीस चले गये और बच्चे स्कूल. अब मैं और चाची फिर से घर पे अकेले थे.

मैने हिम्मत कर के चाची से पूच ही लिया के उनकी किया फीलिंग्स हैं?

थोड़ी देर चुप रहने के बाद चाची ने कहा की अगर वो चाचा को बता देती तो शायद वो उनको तलाक़ दे देते. या शायद घैरत के नाम पे हम दोनो को मार देते. इसी दर से उन्होने चाचा को नही बताया.

कुछ पॉज़ लेने के बाद चाची ने कहा के वो यह तो जानती थी के मैं उन्हे पसंद करता हूँ. उन्होने बहोट दफ़ा मुझे नोट भी किया था. लेकिन उनको यह अंदाज़ा नही था के मैं कभी इस तरहा इतनी बेरेहमी से उनके साथ सेक्स करूँगा.

तो मैने उनको सॉरी बोला और बताया के उस वक्त पता नही मुझे किया हो गया था. जिस पर चाची ने कहा के कल तुम ने मेरी गांद की सील तोड़ दी जिससे उनका काफ़ी खून निकला. और अब उनसे सही से चला भी नही जा रहा.

मैं खामोश था. फिर थोड़ी देर बाद मैने चाची से कहा किया आप को कल मज़ा आया था?

चाची ने कहा पहले तो मैं शॉक में थी और गुस्सा भी. दर्द से हालत भी बुरी हो रही थी. मगर जब तुमने मेरी छूट में डाला तो बहोट मज़ा आया. ऐसी चुदाई मैने आज तक नही करवाई, वो भी इतनी देर तक. मैं इस डॉरॅन 4 बार झार चुकी थी.

मैने चाची से पूछा के चाचा किया आप को सॅटिस्फाइ नही करते?

तो चाची ने कहा के जब से यह पैदा हुआ है हम ने सिर्फ़ 2 बार सेक्स किया है, वो भी मॅक्स 10-12 मीं. इसके पैदा होने से पहले भी हम सेक्स करते थे मगर बहोट कम कम क्यू के बच्चे साथ साय हुआ होते था.

चाही को इस तरहा बात करते देख के मेरा होसला बढ़ गया. और मैने बड़े प्यार से उनके गाल अपने हाथों मैं पकड़ के उनको एक सॉफ्ट किस किया. रिप्लाइ मैं उन्होने भी मुझे किस किया और साथ में कहा के इस बात का ज़िकार किसी से ना करना. और अगर मैं चाहूं तो अब उनके साथ सेक्स कर सकता हूँ मगर तोरा आराम से.

शायद चाची पियासी थी, उनकी सेक्स की भूक ख़तम नही हुई थी. मैने चाची से कहा के क्या हम अभी कर सकते हैं? तो चाची ने कहा के पहले वो घर के काम ख़तम कर ले, उसके बाद.

मैं उस डूरान उनका वेट करता रहा. फिर चाची नहाने चली गयी. जब वो नहा के आई तो एक पॅरोट ग्रीन कलर का शलवार कमीज़ पहना हुआ था, उनके बाल भी गीले थे. बहोट मस्त लग रही थी. मैं उनके पास गया और उनको बॅक से हग कर लिया, वो भी मूड में थी.

अब मैं उनकी गर्दन को स्मेल कर रहा था, काट रहा था और किस भी कर रहा था. वो भी अब रेसोंड कर रही थी. मैने बॅक से ही उनके बूब्स को प्रेस करना स्टार्ट कर दिया जिससे चाची गरम हो गयी थी.

मैने चाची को बेड पे लिटा के उनकी शलवार उतार दी और उनकी छूट को चाटने लग गया, क्या अजीब एहसास था. चाची तो जेसे पागल हो गयी थी. उनकी छूट रस चोरने लग गयी थी जब के उन्होने मेरा सर अपनी टाँगों में दबा दिया था. और अपने एक हाथ से मेरे सर को अपनी छूट पे ज़ोर से ड्बे रही थी. उनका दूसरा हाथ उनके बूब पे था.

मैं समझ गया की भट्टी घरम हो गयी है. मैने अपनी पेंट निकली और अपना लंड चाची के मूह में दे दिया. पहले तो उन्होने माना किया लेकिन मेरे इसरार पर उन्होने मेरे लुंका टोपा अपने मूह मैं ले लिया. वो पूरा लंड मूह में नही ले रही थे.

मैने उनका सर पाकर के आयेज पीछे करना शुरू कर दिया, मैं तो जेसे हुवाओं मैं था. फिर मैने तोरा सा ज़ोर से पूरा लंड उनके हलाक तक अंदर डाल दिया और 4-5 सेक तक अंदर ही रखा. ऐसा मैने 5-6 बार किया, चाची की तो आंखाईं बहिर आ गयी.

फिर मैने तोरा सा पॉज़ लिया क्यू के मुझे लग रहा था जेसे मैं झरने वाला हूँ. इस पॉज़ के डूरान मैने चाची की छूट में उंगली करनी शुरू कर दी और उनके बूब्स को कटने लग गया.

चाची अपने एक्सट्रीम पे थी. फिर मैने चाची से कहा के आप बेड पे लाइट जाओ और मैं खुद सीधा खरा हो गया बेड से उतार के.

अब मैने चाची की तंगायन उठा के अपने शोल्डर्स पे रखी और अपने लंड का टोपा उनकी छूट पे सेट किया. चाची से अब कंट्रोल नही हो रहा था.

मैने तोरा सा उनको मज़ीद तरपाया और अपना लंड उनकी छूट पे रगार्ने लग गया. चाची से जब ना रहा गया तो उन्होने खुद ही मेरा लंड छूट के उपर सेट कर दिया.

अब मैने भी मज़ीद इंतज़ार किया बाघैर एक ही झटके में उनकी छूट के अंदर डाल दिया. और थक्का तक उनकी चुदाई शुरू कर दी. साथ ही अब मैं अपने थंब से उनकी फुददी के दाने को भी सहला रहा था की अचानक चाची झरने लग गयी.

यह अभी उनका पहला ऑर्गॅज़म था. मैने थोड़ी स्पीड और बरह तो चाची दूसरी बार भी झार गयी. अब मैने 69 की पोज़िशन ली और अपना लंड उनके मूह मैं डाल के उनके मूह को छोड़ने लग गया. जब के मैं खुद उनकी छूट चाट रहा था. उनकी छूट पे लगा पानी नमकीन था. मैने चाट चाट के उनकी छूट लाल कर दी और खुद भी कंटिन्युवस स्ट्रोक्स लगता रहा उनके मूह में.

5 मीं स्ट्रोक्स लगाने के बाद मैने फिर पोज़िशन चेंज किया. और चाची को उल्टा लिटा के उनके पायट के नीचे तकिया सेट कर दिया जिससे उनकी गांद उपर उठ गयी.

चाची ने कहा के आज उनकी गांद ना मारों. मैने कहा के आप फिकर ना करो मैं छूट की ही चुदाई करूँगा.

अब मैने उनसे कहा के अपनी टांगायन तोरा फैलाईं ताकि आपकी छूट सॉफ ज़ाहिर हो. अब उनकी नरम और मुलायम गांद के ओपपेर बैठ के मैने अपना लंड उनकी छूट में डालना शुरू किया.

इस पोज़ में मैने शुरू से ही स्ट्रोक्स ताइज़ रखे. चाची की उम उम की आवाज़ैईन सारे कमरे में गूँज रही थी. 10-12 मीं ताइज़ स्ट्रोक्स मारते हुआ चाची फिर झार गयी. मैं भी झरने वाला था तो मैने अब डीप स्ट्रोक्स लगाने शुरू कर दिया.

5-7 स्ट्रोक्स के बाद मैने अपना सारा माल उनकी छूट में ही चोर दिया. हुमैन सेक्स करते हुआ तकरीबन 40 मीं हो गये थे. लेकिन मेरा दिल अभी भी नही भरा था जब के चाची अब तक गयी थी.

मैने फिर आख़िर एक और रौंद की टियारी की. अब की बार मेरा इरादा कुछ और ही था. मैने आचे से चाची की गांद में वॅसलीन लगा दी. चाची समझ गयी के अब उनकी गांद की बारी है. लेकिन कहा कुछ ही नही क्यू की वो यह जानती थी के मैने रुकना तो है नही.

सो मैने अब अपना लंड उनकी गांद पे सेट किया और आहिस्ता आहिस्ता उनकी गांद में अपना लंड डालना शुरू कर दिया.

5-6 स्ट्रोक्स में ही मेरा लंड उनकी गांद में था. अब मैने चाची को तोरा उपर किया. और उनकी बॅक को अपनी चेस्ट से लगा लिया और उनके बूब्स से खैलने लग गया.

कभी बूब्स को प्रेस करता कभी निपल्स को दबाता. इस तरहा करने से चाची का दूध भी निकालने लग गया. मैने भी स्ट्रोक्स बढ़ा दिया. स्ट्रोक्स ताइज़ होने की वजा से चाची के बूब्स बाउन्स करने लग गये.

मुझे काफ़ी मज़ा आ रहा था उनके उछलते बूब्स डैख के. मैने अब उनके पायट को नोचना शुरू कर दिया. कमाल का माल थी चाची. जब मुझे लगा के अब मैं झरने लगा हूँ तो मैने एकद्ूम उनकी गांद से लंड निकाला और उनके मूह मैं डाल दिया.

चाची संजी के शायद फिर से चूसने का कह रहा हूँ. लेकिन मेरा इरादा तो कुछ और ही था. चाची अपने ध्यान में ही चूसे जा रही थे.

जेसे ही मेरा पॉइंट आया मैने एक बार फिर से चाची के सर को ज़ोर से पाकर के इस तरहा दबाया की मेरा पूरा लंड उनके हलाक तक चला गया. और मैने वहीं उनके मूह और हलाक में अपना माल चोर दिया.

चाची की आज जैसे चुदाई हुई थी वो तो मेरी फन हो गयी थी. अब वो रोज़ 1.5-2 घंटे मुझसे चुदाई करवाने लग गयी थी. मेरी एक्सट्रा केर भी करने लग गयी, नाश्ते में दूध माखन, दोपहर को देसी गीयी और शाम को फिर दूध. इसी वजा से रोज़ाना चुदाई करने पे भी मेरी सेहत पे असर नही पद रहा था.

अब मेरी और चाची की फ्रेंडशिप भी बहोट ज़्यादा हो गयी थी. वो हर बात मुझसे शेर करतीएन और मैं भी. अब चाची की चुदाई करते मुझे 2 मंत्स हो गये थे. और अब मेरा भी अकॅडमी एआिं लास्ट मंत ही था.

फिर मुझे किसी ना किसी यूनिवर्सिटी में अड्मिशन लेना था. मेरी कोशिश और चाची की खवैिश यह ही थी के मैं रॅवॉल्पींडी या इस्लामाबाद की किसी यूनिवर्सिटी मैं अड्मिशन लून. ताकि हुमारा यह सीन ओं रहे.

(तो बे कंटिन्यूड.)

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