गाँव की दोनों चचेरी बहनो को चोदा

ये कहानी ज्यादा दिन पुरानी नहीं सिर्फ आठ दिन पहले की है. मैं दिल्ली में रहता हु, मैं कुछ दिन पहले ही अपने गाँव गया था अपने चचेरी बहन की शादी में मेरठ के पास ही एक गाँव माँ है . मेरा पापा का घर वही ही है, हम सारे फैमिली दिल्ली में रहते है और चाचा लोग मेरठ में रहते है. दिल्ली में मेरे फ्लैट के निचे बाले फ्लैट में एक परिवार रहता है, उनकी दो बेटी है. सोनाली और तमन्ना, बहुत ही सुन्दर है, पापा उनके कर्नल है. उन दोनों की शादी अभी नहीं हुई है. वो दोनों की उम्र करीब एक की २६ और दूसरे की २८ हो रही है. मेरी मम्मी से उन लोगो का बहुत अच्छा रिश्ता है.

तो चाचा जी जब दिल्ली आये तो उनके यहाँ भी शादी कार्ड दिए और कर्नल साहब को बोले की आप जरूर आइएगा, तो बोले इस समय तो मैं बाहर जा रहा हु, आप सोनाली और तमन्ना को ही ले जाइएगा, वो देख भी लेगी गाँव और गाँव की शादी. और मन भी बहल जायेगा, हुआ भी यही, मैं माँ पापा और वो दोनों बहनें शादी में पहुंच गए. मैं आज तक 20 औरत और लड़की को चोद चूका हु, मैं पार्ट टाइम जिम में ट्रेनर हु, वो वह पर ही मैंने 8 भाभी और लकड़ी को चोद चूका हु, और मैंने अपने २ टीचर और सामने बाली ऑन्टी और उनकी बहू दोनों को चोदा हु, कहने का मतलब ये है की मैं एक्सपर्ट हु, मुझे पटाना बहुत अच्छी तरह से आता है. मुझे पता है की औरत क्या चाहती है और लड़की क्या चाहती है. देखने में बहुत ही खूबसूरत हु, दोस्तों एक बात और बता दू,

हम लोग शाम को गाँव पहुंच गए, वह दूसरे दिन बरात आनी थी, उस दिन तो रात भर काफी समारोह था घर पूरा खचा खच भरा था, यहाँ तक की सोने का भी जगह नहीं था, पर चाचा जी की पता था की दो और लड़कियां जो की शहर की है इसलिए उन दोनों का खश ध्यान रखना था, तो चाचा जी ने ही कहा था, की देखो तुम लोग बगल बाले घर के छत पे सोने चले जाना, यहाँ तो जगह नहीं है वह तुमलोग को आराम होगा. मुझे भी अच्छा लगा क्यों की और उन दोनों बहनो को भी अच्छा लगा क्यों की हम लोग काफी थक चुके थे, आराम करना चाह रहे थे, तो मैं और सोनाली दीदी और तम्मना दीदी तीनो पड़ोस के घर के छत पर सोने चले गए, माँ बोली मैं तो यही रहूंगी घर बाले क्या कहेंगे शादी में आई है और आराम फरमा रही है. तुम तीनो चले जाओ.

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फिर मेरी एक चचेरी बहन जो मेरे से छोटी है वो छत पे छोड़ आई, और विछावन लगा दी. काफी अच्छी हवा आ रही थी, हम तीनो वह जाकर चैन की सांस लिए. मेरा विछावन एक बड़ा सा बिछा हुआ था, वो दोनों साथ साथ और मैं थोड़ा अलग सो गया था, मैंने यू ट्यूब पर मूवी देख रहा था, और वो दोनों बात कर रही थी, धीरे धीरे मुझे नींद आ गई. और मैं सो गया, रात काफी हो गई थी. मेरे चाचा के घर से तो काफी शोरगुल हो रहा था पर पूरा इलाका शांत था, मैं जहां सोया था वहां नज़दीक में तो दिख रहा था पर दूर दूर तक कुछ नहीं दिख रहा था. अचानक मेरी नींद खुल गई, क्यों की किसी के कराहने की आवाज़ आ रही थी. मुझे डर लग गया मैंने सोचा पता नहीं क्या हो गया है? मैं सहमा हुआ था, इधर उधर देखा तो कुछ भी दिखाई नहीं दिया फिर आह आह आह उफ़ उफ़ उफ़ की आवाज आई देखा, की दोनों बहने ब्रा और पेंटी में है और एक एक के ऊपर चढ़ी हुई है.

ओह्ह्ह माय गॉड, मैं तो हैरान हो गया, मेरे बगल में होने की वजह से वो दोनों मुझे साफ़ साफ़ दिखाई दे रही थी. वो दोनों थी भी बड़ी ही लम्बी चौड़ी, लम्बे लम्बे बाल और कमर पतली पर उन दोनों की चूचियाँ बड़ी बड़ी थी. दोनों जीन्स पहनती थी इस वजह से मुझे उन दोनों का चूतड़ और जांघ के बारे में भी पता था, आज तो मैं इस हालात में देख रहा था, मेरे मुंह में पानी आ गया, पर मैं कर भी कुछ नहीं सकता था, बस मैं लंड को पकड़ कर हिलाने लगा, वो दोनों एक दूसरे का ब्रा खोल दी थी. और दोनों एक दूसरे की चूचियों को चाट रही थी, एक दूसरे के पेंटी में हाथ दाल कर सहला रही थी. बारी बारी से दोनों एक दूसरे के चूत में ऊँगली डालती, और जोर जोर से हिलाती और आह आह आह उफ़ उफ़ उफ़ करती, दोस्तों आज तक मैं कभी रियल में ऐसा नज़ारा नहीं देखा था. मुझे तो चोदने का मन करने लगा. क्यों की अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था, मैं तभी उठने का नाटक किया और खड़ा हो गया, और खड़ा होते ही वो दोनों चुपचाप शांत हो गए, उन दोनों को लगा की मैं शायद पेशाब करने जाऊंगा और वापस आकर सो जाऊंगा, पर मैं भी तो क्यों उठा था आपको पता है. मैंने तुरंत उन दोनों को देखा और बोल, आप? और ऐसे, क्यों? वो दोनों मेरा हाथ पकड़ ली, और बैठा दी, फिर बेडशीट से शारीर को ढकते हुए बोली. किसी को मत बताना, प्लीज, किसी को मत बताना.

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