बुआ की बेटी ने अपना बनाया

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम रोहित प्रकाश है और मैं जोधपुर राजस्थान से हूं। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। मेरी उम्र 24 साल है, मैं फिलहाल दिल्ली में नौकरी कर रहा हूँ। ये कहानी है मेरी जिंदगी में आई उस परी की है जिसने मुझे चुदाई की अनोखी दुनिया में प्रवेश दिलाया।

मैं जहां पर नौकरी करता हूँ वहीं से कुछ दूरी पर मेरी एक बुआ रहती हैं तो इस वजह से मेरा उनके यहां आना जाना बना रहता था। बुआ की दो लड़कियां हैं, बड़ी नेहा जो 23 साल की है और छोटी नूतन 19 साल की है। वैसे तो दोनों जबरदस्त माल हैं लेकिन नूतन की शारीरिक बनावट कमाल की है, उसके स्तनों का अतिरिक्त उभार और गांड की मांसलता उसके यौवन को चार चांद लगाती है।

नौकरी के लिए दिल्ली आने पर मैं बुआ के यहां जब मैं पहली बार गया था तब से मेरी आकांक्षाओं में एक नाम नूतन का भी जुड़ चुका था। मुझे याद है उसे पहली बार देखने के बाद अपने कमरे पर जाकर मैंने उसके नाम और रूप की कई मुट्ठ मारी थी। लेकिन पता नहीं क्यों मैं उससे ठीक से बात नहीं कर पाता था और उसके सामने जाकर शर्माने लगता था।

लेकिन छः महीने पहले एक दिन रात को अचानक नूतन का फ़ोन आया, बोली- भैया, मम्मी और दीदी एक शादी में गए हैं, कल दोपहर तक आएंगे, मुझे बहुत डर लग रहा है, मैंने मम्मी को फोन करके बताया तो उन्होंने कहा रोहित भैया को बुला लो।
मेरी तो जैसे किस्मत ही खुल गयी हो, मैं बहुत खुश हो गया, मैंने उससे कहा- डरो मत नूतन, मैं तुम्हारे घर आ रहा हूँ बस 20 मिनट में।

मैं जल्दी से तैयार हुआ और बाहर से रिक्शा करके निकल पड़ा। बाहर निकलते ही मुझे एक मेडिकल स्टोर दिखा और मैंने रिक्शे वाले को रोककर स्टोर से मैनफोर्स का एक पैकेट ले लिया यह सोच कर कि शायद इसे इस्तेमाल करने का अवसर ही प्राप्त हो जाए!

यह कहानी भी पड़े  लड़की ने धोखा दिया तो मैं बन गया प्‍लेब्‍वाय

मैं जैसे ही बुआ के घर पहुँचा तो मेरी बहन नूतन दरवाजे के पास ही मेरा इंतज़ार कर रही थी।

मैंने मजाक मजाक में उसके दोनों कन्धों को पकड़ते हुए नूतन को डांट पिलाते हुए कहा- क्या यार, इतनी डरपोक हो तुम?
उसने कहा- भैया, अब से पहले मैं रात को अकेले कभी नहीं रही हूं इसलिए डर रही थी।
फिर मैंने पूछा- तुमने खाना वाना भी खाया या नहीं?
तो उसने बोला- नहीं भैया, खाना मैंने बनाया ही नहीं!

फिर मैं बाहर जाकर होटल से बटर चिकन पैक करवा कर वापस आया।
तो उसने देखते ही बोला- भाई, तुझे कैसे पता कि मेरा फेवरेट बटर चिकन है।
तो फिर मैंने कहा- मुझे सब पता है, चल जल्दी खा ले… बकवास न कर!

इसके बाद मैं टीवी देखने दूसरे रूम में चला गया। रात के 10 बजे थे और मैं मन ही मन में न जाने कितनी बार उसे चोदने का ख्याल किये बैठा था।

कुछ देर बाद नूतन खाना खा कर मेरे पास आयी. मैं तो उसे देखकर बिल्कुल अवाक रह गया, उसने ब्लैक टॉप के नीचे लोअर पहन लिया था। उसकी चूचियाँ कुछ ज्यादा ही बड़ी लगने लगी थीं इस ड्रेस में।
वो सोफे पर बेपरवाह बैठ गयी और मुझसे पूछने लगी- भाई, ये बता तू इतना मुझसे शर्माता क्यूँ है? क्या मैं सुंदर नहीं हूं?
मैंने अपने आप को हिम्मत देते हुए कहा- नहीं रे पागल, वो तो ऐसे ही है। तू बहुत सुंदर है और मुझे बहुत अच्छी लगती है लेकिन तू आखिर में है तो मेरी बहन ही।

यह कहानी भी पड़े  हाई प्रोफाइल कॉल गर्ल की चुदाई जयपुर में

इतने में मैंने नूतन से पूछा- और तू तो बता कि मैं तुझे कैसा लगता हूँ?
तो वो बोली- क्या भैया, तुम तो मेरे हीरो हो! तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो!
इतना कहते ही वो मेरे और पास आई और मुझे गले लगा लिया।
मैं न जाने किस दुनिया में था… पहली बार किसी लड़की ने मुझे हग किया था।

अब मेरी हिम्मत और बढ़ी और मैंने भी अपनी बहन को अपनी बांहों में समेट लिया और दोनों हाथों से उसकी पीठ को सहलाने लगा। फिर मैंने उसके कान के पास एक चुम्बन लिया और वो मदहोश होने लगी।

फिर क्या था… हमारे होंठ आपस में मिले और हम बहुत देर तक एक दूसरे के होठों को जीभ से चूमते रहे। अब हम किसी पेशेवर प्रेमी की तरह लग रहे थे फिर मैंने उसकी टॉप को पीछे की तरफ से धीरे धीरे ऊपर की ओर उतारने लगा उसने भी साथ देते हुए मेरी शर्ट के बटन खोल दिये।

उसने ग्रे रंग की ब्रा और काले रंग की पैंटी पहनी थी। फिर मैंने उसकी पीठ को चूमते हुए उसकी ब्रा के हुक को खोला। अब वो कुछ एतराज कर रही थी मैंने समझाया- मैं कॉन्डोम लाया हूं, तू परेशान न हो।
फिर मैंने भी अपनी बनियान और अंडरवियर को उतार फेंका।
अब मैं बिल्कुल नंगा था और वो केवल पैंटी में थी। क्या मस्त माल थी दोस्तो, बिल्कुल किसी पोर्न अभिनेत्री की तरह।

Pages: 1 2 3

error: Content is protected !!