भाभी सेक्स स्टोरी के पिछले पार्ट में आपने पढ़ा, की मैने भाभी से कहा-
मैं: आपके पास और चड्डी नही है क्या?
जवाब में भाभी ने कहा था: है तो सही, पर मेरी दोनो चड्डी में च्छेद हो रहे है. इसलिए मैं उनको पहन नही सकती.
जवाब में मैने कहा था: आप नयी लेलो ना.
अब आयेज-
मैं: भाभी आपको अछा लगे तो मैं आपको दिला दूँगा, अगर आप कहो तो.
भाभी: नही मैं ले लूँगी. तू क्यूँ लाएगा, और तुझे क्या पता कैसे खरीदते है लॅडीस अंडरगार्मेंट्स?
मैं: भाभी आप साइज़ बता दो, मैं मेरे दोस्त की दुकान है, वहाँ से आपके लिए ले अवँगा, और किसी को पता भी नही लगेगा.
भाभी: ठीक है, पर किसी को पता नही लगना चाहिए. मेरा साइज़ है 32सी की ब्रा, और 34 की पनटी. दोनो च्छूपा कर लाना, कोई देख ना ले. सिर्फ़ 1 या 2 ले आना बस.
मैं: ठीक है भाभी.
मैं मार्केट चला गया, और भाभी अपने काम में लग गयी. लेकिन मेरे दिमाग़ में सिर्फ़ भाभी को छोड़ने के ख़याल आ रहे थे, की कैसे छोड़ू भाभी को. मैं मेरे दोस्त की शॉप पर गया और उससे कहा-
मैं: भाई 32 नंबर की ब्रा और 34 नंबर की पनटी बता देना.
उसने मेरी और देखा और कहा: ये किसके लिए ले जेया रहा है भाई?
मैं: कुछ नही यार, गफ़ के लिए चाहिए.
उसने कहा: वाह भाई, गफ़ के लिए.
फिर उसने मुझे कुछ न्यू डिज़ाइन की और शॉर्ट कट पीस सेक्सी वाली ब्रा और पनटी दिखाई.
मैं: भाई अची दिखा यार, मेरी गफ़ को पसंद आनी चाहिए.
उसने मुझे अची क्वालिटी की और एक बहुत ही सेक्सी सी ब्रा और पनटी दिखाई. लेकिन भाभी ने मुझे बोला था की एक-दूं सिंपल लाना. तो मैने उससे 2 जोड़े सिंपल ब्रा और पनटी ले ली. लेकिन मेरा मॅन वो हॉट वाली ब्रा पनटी लेने का था, तो मैने वो भी लेली. फिर सोचने लगा के भाभी इसमे क्या लगेगी. मेरा लंड वहीं पे उठने लगा था.
मैं वो ब्रा और पनटी लेकर घर आ गया. मैने अकेले में भाभी को वो दिखाई. उन्होने सिंपल वाली रख ली. जब मैने वो हॉट वाली उन्हे बताई, तो उन्होने कहा-
भाभी: ये क्या ले आया तू? जेया वापस करके आ.
मैं: भाभी अब वो वापस नही करेगा. एक काम करो, आप ये भी रख लो. वैसे भी आपको तो अंदर पहनना है बाहर किसी को क्या पता चलेगा.
मैने भाभी को कहा: भाभी आप पहन कर चेक कर लो. ठीक आ गयी तो रख लेना, वरना मैं उसे वापस कर दूँगा.
मैं उनके लिए रेड कलर की ब्रा पनटी सेट और ब्लॅक कलर की ब्रा पनटी सेट लेकर आया था. और वो हॉट वाली लाइयन की स्किन जैसी थी. एक-दूं शेर की स्किन जैसी थी. लेकिन भूत ही डीप हॉट वाली थी.
भाभी ने हॉट वाली ब्रा पनटी देख कर तोड़ा मूह ऐसा बनाया, मतलब मूवीस में लड़कियाँ करती ना ची! ऐसा वाला मूह.
भाभी (सोचते हुए और धीरे बोलते हुए): उसके रूम में लूँगी और उसके सामने पहन के चेक करूँगी, तो कुछ सोचेगा तो नही? वैसे ही आज-कल मेरी चड्डी में अपना पानी निकालने लगा है. वैसे तो वो 25 साल का ही है.
मैं ये सब देख रहा था, और सुन रहा था. फिर भाभी मुझसे कहती है-
भाभी: तू घूम जेया, मुझे चेक करना है पहन कर.
मैं घूम गया और भाभी धीरे-धीरे उनके कपड़े उतार कर चेक करने लगी. ब्लॅक कलर की ब्रा पहन कर भाभी ने मुझसे कहा-
भाभी: ज़रा देख तो कैसी है? फिट तो है ना?
मैने पीछे मूड कर देखा तो मेरी हालत खराब हो गयी. भाभी इतनी हॉट मैने कभी नही देखी थी. मेरा लंड पंत में खड़ा होने लगा. मॅन तो कर रहा था की भाभी से चिपक जौ, और उन्हे चूमना शुरू कर डू, पर कंट्रोल लिया और कहा-
मैं: भाभी बहुत ही अची लग रही हो, एक-दूं मस्त.
भाभी ने कहा: चल वापस घूम, मैं दूसरी ट्राइ करके बताती हू.
मैं फिर मुड़ा और भाभी ने ब्लॅक ब्रा उतार कर रेड कलर की ब्रा पनटी पहन ली. फिर मुझे घूमने को कहा. उसमे इतनी गरम लग रही थी, की मुझसे रहा नही गया, और मैं भाभी के तोड़ा सा करीब आया.
फिर मैने कहा: भाभी बवाल लग रही हो.
मेरी सासे भाभी की सांसो से टकरा रही थी. भाभी तोड़ा मुझसे पीछे जाने लगी. मैने उनसे कहा-
मैं: भाभी वो एक और ट्राइ करके बताओ ना.
भाभी: नही वो देख कैसी है. कुछ है ही नही उसमे. अछा नही लगेगा तेरे सामने ऐसे.
मैं: भाभी यहाँ है ही कों? आप और मैं ही तो हू.
भाभी: ठीक है, पर कुछ नही करेगा तू, और तेरे उसको संभाल.
उन्होने मेरा खड़ा लंड देख लिया था. मैं फिरसे घूमा, और भाभी ने फिरसे उनकी रेड ब्रा निकाल दी, और लाइयन स्किन वाली पहन ली.
फिर कहा: देखना तो.
मेरी हालत और ज़्यादा खराब हो गयी थी. मेरा लंड बाहर आने को बेताब था भाभी को ऐसे देखते हुए, मानो अभी निकल के भाभी के मूह में घुस जाएगा.
भाभी: अब ठीक है? चल घूम जेया, मुझे कपड़े पहनने दे अब.
मैं घूम गया, लेकिन जब भाभी अपनी सारी पहन रही थी, तब मैं एक-दूं से घूम गया. मुझे भाभी के गोल बूब्स दिखे, और उनके बूब्स पर भूरे रंग के गोल-गोल किशमिश जैसे निपल दिखे. मुझे मज़ा आ गया था देख कर. भाभी ने तुरंत अपना हाथ उनके बूब्स पर रखा और कहा-
भाभी: तुझे घूमने को माना किया था ना, फिर क्यूँ घूमा तू?
मैं: भाभी अपने आपको रोक नही पाया. मैने सोचा आपने कपड़े पहन लिए है.
भाभी ने कहा: अब किसी को बताना मत की मैने तेरे सामने मेरी ब्रा पनटी पहन कर बताई है. नही तो कोई उल्टा सोचेंगे.
मैने हिचकिचाते हुए भाभी से पूछा: आपको कैसी लगी ब्रा और पनटी? ठीक तो है ना साइज़?
भाभी: हा ठीक-ठीक, पर ब्रा थोड़ी टाइट है. मुझे चुभ रही थी जो तू आधी हॉट वाली लाया था. चलो ठीक है, पर मैं उसे कों सा बाहर पहनने वाली हू. रहेगी तो अंदर ही.
और इतना कह कर भाभी चली गयी मुझे थोड़ी सी स्माइल देकर. मुझे उनकी स्माइल मेरे लिए हा का संकेत देकर गयी थी. अब अगर मैं ट्राइ करू तो भाभी मुझे अपनी चुड दे सकती थी.
मैने सोचा रात को भाभी के बातरूम में जुंगा. लेकिन भाभी तभी वापस आई, और कहा-
भाभी: आए ले मेरी चड्डी, और रात को मेरे बातरूम में आना मत. देकर जेया रही हू, जो करना है अपने रूम में कर लेना, और सुबह मेरी चड्डी वापस देकर जाना. तू बड़ा हो गया है, इसीलये तुझे कुछ कह नही रही हू.
चड्डी देकर मुझे भाभी चली गयी. मैने वो चड्डी देखी. वो वहीं चड्डी थी जो उन्होने थोड़ी देर पहले नयी ब्रा उतार कर चेक करी थी. उसमे भाभी के पेशाब की खुश्बू आ रही थी. मैं तो वो सूंघते ही मदहोश हो गया. मैने अपना लंड पंत से बाहर निकाला, और हिलने लगा, और भाभी का नाम लेने लगा.
मैं: ओह मेरी भाभी, मॅन तो कर रहा है आज ही तुम्हारी छूट में लोड्ा डाल डू. आजा मेरी जान, चुड ले मुझसे, कसम से तुझे बहुत प्यार दूँगा. ह. मेरी बेबी देदे मुझे तेरी छूट.
मुझे ये नही पता चला ये भाभी की चाल थी मुझे फसाने की. वो मेरे रूम के बाहर से ये सब कान लगा कर सुन रही थी. शायद उनको भी मेरा लंड लेना था, तभी भाभी एक-दूं से आई. फिर उन्होने मुझे मेरा लंड हिलाते हुए देखते हुए कहा-
भाभी: मुझे पता था तू ही था जो मेरी चड्डियों में मूठ मार मेरी चड्डी वापस रख कर जाया करता था. तभी मैं काहु, सुबह तो मेरी चड्डी धो कर रखी थी, और रात को उसमे से पेशाब की बदबू कैसे आ रही थी.
मेरी हालत खराब हो गयी थी, की अब मेरे लोड लगने वाले थे. भाभी ने मेरे हाथ से उनकी चाड़ी चीनी तो मेरा मोटा सा लंड बाहर फड़फड़ने लगा, और हिचकोले खाने लगा.
भाभी मेरा लंड देख कर मूड गयी, और फिर से पीछे मूड कर देखा तो मेरा लंड और लंबा होता जेया रहा था. मैने तुरंत उसे पकड़ा, और च्छुपाने की नाकाम कोशिश करने लगा. पर अब क्या फ़ायदा था? भाभी मेरा लंड ऐसे देख रही थी जैसे अभी उसको अपने मूह लेकर चूसने लग जाएगी. मैने अपना लंड बेड की चादर से च्छुपाया.