बड़े बूब्स वाली अंजान लड़की की चुदाई

Big boobs wali stranger ladki ki chudai मैं सेक्स का बहुत शोक़ीन हू, सो जब भे मोक़ा मिलता है तो मैं सेक्स को भर पूर एंजाय करता हों. मैं इस फ्रेज़ को काफ़ी पसंद करता हूँ “डॉन’ट लुक दा फेस, फक दा बेस”. में जो स्टोरी आप को सुना ने जा रहा हू वो
उसका का रंग बादामी था. वो दिखने में कोई इंडियन ही लगती थी बहुत अट्रॅक्टिव थी. लास्ट मंथ में कराची डाइवू कॉक से जा रहा था शाम के कोई 7 बजे का टाइम था, ऐक लड़की जिस का नाम “माया” था जो मुझे बाद में पता लगा.

मेरी सामने वाले सीट पर आ कर बैठ गई. उस ने मस्त खुसबू लगाई हुई थी.जैसे ही वो काउच में एंटर हुए पूरी काउच खुसबू से महक गए उस के एज होगी कोई 27-28 साल. वो कुछ उदास से लग रही थी.उस ने वाइट कलर की टी-शर्ट और नीची जीन्स पहनी हुई थी. उसके मम्मे टाइट थे और बहुत ही अट्रॅक्ट कर रहे थे. उस का फिगर हो गा कोई 36 30 34.उस की आँखो से उदासी छलक रही थी और उस की सेक्सी बॉडी पर मेरी नज़र लगी हुई थी. जब वो मेरे सामने आ कर बैठी तो मैं ने उस को ऐक

स्माइल पास की उस ने भी मुझे स्माइल पास की और वो फोन पर कोई गेम खैलने लग गई, में बार बार उस को दैख रहा था वो मेरे ऑपोसिट सीट पर बैठी हुई थी. वो थोड़ा सा आगे झुकी हुई थी तो उसके बड़े बड़े मुम्मे जो कि टी-शर्ट से बाहर आने को बेताब थे मुझ को नज़र आ रहे थे.काउच जब हिलती तो साथ में वो भी हिलती और जब वो हिलती तो उस के मम्मे भी हिलते और में कोई भे मोक़ा जाने नही दे रहा था.

मेरी नज़र मुसलसल उस के क्लीवीज और मम्मो पर थी. उस ने भी ये बात नोटीस कर ली और मुझे थोड़ा घूर कर दैखा मेने ने जवाब मे स्माइल पास की तो उस ने नज़रे नीची कर ली और मैं अपने काम में लगा रहा. फिर अचानक से वो उठी और मेरी पास आ कर बैठ गई. काउच में रश बिल्कुल नही था. वो मेरे पास आ कर बैठी और कहने लगी
वॉट आर यू लुकिंग अट? नो, नतिंग हकालते हुए… यू आर लुकिंग अट माइ बिग बूब्स, डोंट यू? नो, यस.: यस ओर नो.: यस, यस: यू फक्किंग अशोल, यू वाना फक मी?

मेरी आवाज़ नही निकली और में ने उस के आँखों में दैखा, तो वो कुछ गुस्से में लग रही थी. स्पीक टू मी यू अशोल, यू वाना फक मी?
नो नो…. यस
यस ओर नो… ज़रा ऊँची आवाज़ से
यस.

फिर हम दोनो ज़रा देर चुप हो कर बैठ गये और मैं उस के मम्मो को दैख रहा था.
वॉट आर यू डूयिंग टूनाइट?
नतिंग, नतिंग……

मेरा स्टेशन आने वाला था तो मैं सोच रहा था कि बात भी नही बनी और स्टेशन भी आ गया. अभी मैं यही सोच रहा था कि काउच नेक्स्ट स्टेशन पर रुकी मैने स्टेशन का नाम दैखा, मुझे उस से अगले स्टेशन पर उतरना था.. वो खड़ी हुई और मेरा हाथ पकड़ कर बोली कम वित मी.
मुझे कुछ समझ में नही आया लेकिन में उठ कर खड़ा हुआ और उस के साथ चला गया…..वो मेरे आगे आगे चल रही थी और मैं उस के पीछे पीछे,

मुझे डर भी लग रहा था कि कहीं बाहर जा कर मेरी मार ना लगवा दे अपने फ्रेंड्स से… लेकिन यार जब वो मेरे आगे आगे चल रही थी तो अपनी मस्त गंद को मटका मटका कर तो मेरा लंड झटके खाना शुरू हो गया था उस के हर क़दम के साथ मेरा लंड सीडी चढ़ रहा था जब तक हम बाहर निकले तो मेरा लंड इतना टाइट हो चुका था कि मुझे पेन फील होने लगा अंडरवेर टाइट था. हम स्टेशन से बाहर निकले, मैं उस के साथ साथ चलने लगा, उस ने मुझे दैखा और थोड़ा सा मुस्कुराइ मैं समझ गया कि काम बन गया मेरा.

थोड़ी दूर जा कर वो ऐक फ्लॅट में चली गई और मुझे भी साथ आने को बोला. वो ऐक स्टूडियो फ्लॅट था.. वो अकेली ही रहती थी.
माया: हॅव ए सीट. मैं सोफे पर बैठ गया, क्या मस्त सोफा था में सोचने लगा कि मैं इस सोफे पर ही उस को चोदु गा…… वो फ्रिड्ज से ड्रिंक्स निकाल कर ले आई और ऐक ड्रिंक मुझे दे दी. हम दोनो अपनी अपनी ड्रिंक पीने लगे…..मेरी नज़र उस के मम्मो पर ही थी. जब उस ने दैखा कि मेरी नेज़र उस के मम्मो पर ही आ

कर रुक गई है और मैं नज़र नही हटा रहा उस के मम्मो से तो वो उठ कर मेरे पास सोफे पर आ गई और मेरे सोफे के दू दोनो साइड हाथ रख कर मेरे ऊपेर झुक गई मानो उस के मम्मी मेरी मूँह के क़रीब आ गई. मैं ने उस के क्लीवीज के तरह अपना मूँह बढ़ाया.. वो ऐक दम से पीछे हट गई और हँसने लगी.
माया: यू आर ग्रीडी..यू आर फक्किंग ग्रेडी…यू गोना गेट दीज़ बूब्स…यू फक्किंग अशोल.

ये कहते हुए ओस ने अपनी टी-शर्ट उतार दी और मेरे पास आए में ने सोचा कि अब तो मैं इन मम्मो को चूस चूस कर उन के अंदर से दूध निकल दूंगा. वो मेरे क़रीब आए तो मैने दैख का उस के बादामी रंग के बड़े बड़े मम्मे बहुत ही टाइट लग रहे थे, उस के निपल मानो ऐक दम बड़े बड़े लग रहे थे..मुझे लग रहा था कि उस के निपल टाइट हो कर खड़े हो गए हैं…वो जैसे ही मेरे क़रीब पहुँची उस ने वैसे ही हाथ सोफे के दोनो साइड रखे और मेरे ऊपेर थोड़ा सा झुकी.

उस के नंगे बूब्स दैख कर मेरे लंड मानो ऐक स्टील रोड के तरह हो गया था…वो मेरे पास आई उस ने अपने बूब्स मेरे मूँह की तरह बढ़ाए मैं उस को दैख रहा था और वो मुझे जैसे ही उस के बूब्स मेरे मूँह के क़रीब पहुँचे और में ने अपना मूँह उस के लेफ्ट बूब को टच करना चाहा वो थोड़ा सा पीछे हटी और और उस ने ऐक झन्नाटे दार थप्पड़ मेरे मूँह पर जड़ दिया…और गाली देते हुए बोली हाउ’स दिस? मैं सटपटा गया मैने ने दिल में सोचा कि ये मदर्चोद कही मेरी मार ही ना लगा दे…वो मुझे थप्पड़ मार कर
पीछे हट गई और मेरी हालत दैख कर हँसने लगी…..

ये सोच कर मैं सोफे से उठा और उस को बालों से पकड़ते हुए बोला यू आर ए फक्किंग बिच……यू नीड ए बिग रोड इनसाइड यू डोंट यू?
उस ने बोला यस में ने उस के राइट मम्मे पर ऐक चमत दे डाला उसकी आवाज़ ओह आहह से मैं समझ गया कि उस को मज़ा आया है में ने फिर उस के लेफ्ट मम्मे पर भी ऐक चमत मार डाला
उस के मम्मो को मारते हुए मुझे थोड़ा दुख हो रहा था लेकिन मैं क्या करता मुझे अंदाज़ा हो गया था कि उस को इसी तरह से ही क़ाबू किया जा सकता है. उस को प्यार वाला नही मार वाला सेक्स पसंद है..

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तो में ने भी सोच लिया था कि आज इस को मार मार कर ही सेक्स करूँगा.
फिर को 5 मिनिट तक मैं उस के मम्मो के मार लगाता रहा…पहले बारी बारी ऐक के बाद दूसरे मम्मे को ऐक ऐक चमत माररहा था फिर मैने ऐक समय 5,7 हाथ उस के राइट वाले मम्मे पर ऐक साथ ही जड़ दिए….वो बिलबिला उठी….और आहह,आआहह की आवाज़ें निकालने लगी…यही काम मैने ने
फिर उसके लेफ्ट वाले मम्मे पर किया.

उस के बाद मैने उसके निपल्स को अपनी उंगलियो के साथ पिंच किया उस के निपल्स लाइक राक हो रहे थे.. में ने सोचा कि उन को मूँह में लेने का कोई मज़ा नही आएगा क्यूँकि ये कुछ ज़्यादा ही हार्ड थे….मैने सोचा कि पहले उन को थोड़ा नरम किया जाए.
तो मैं दोनों हाथ से उसके निपल्स को मसलने लगा वो मेरे हाथो पर अपने हाथ रखे हुए बस आ, हा ,सस्स्सह, अया
किए जा रही थी.

में ने सोचा कि अगेर में ने उस को मोक़ा दिया तो ये फिर मुझे चमत लगाएगी जी जो कि मुझे पसंद नही. मुझे तो प्यार वाला सेक्स
पसन्द है जो हल्के हल्के चलते रहे और मज़े आते रहें. मेरे लिए मार वाला सेक्स फर्स्ट एक्सपीरियेन्स था…

5 मिनिट उसके मम्मो को मार लगाने के बाद मैं ने जीन्स के ऊपेर से ही उस के चूतर पर चमत करना शुरू कर दिया…और साथ ही उस की गर्देन पर हल्के हल्के दाँतों से काटना शुरू कर दिया …. में ऐक चमत उस के चूतर पर करता और ऐक डॅफ उस की गर्देन के किसी हिस्से पर काट लेता वो गरम होना शुरू चुकी थी….फिर साथ ही साथ में कभी कभी उसकी चूत को आगे रगड़ देता अपने हाथ से ये सब कुछ करते हुएः मैं उस के पीछे

खड़ा था…. कोई 3,4 मिनिट ये सब करने के बाद में ने पीछे से हाथ डाल कर उस के मम्मो को पकड़ लिया उसकी कमर मेरे सीने से लगी हुई थी और में ने ज़ोर से उसके मम्मो को भींच रखा था और मैं उस की गर्देन पर किस्सस करने लगा और उस के शौउल्डर्स पर हल्के हल्के किस करता और अपने

दांतो से काटने लगता साथ उस के मम्मो को अपने हाथों से मसलने लगा तो वो बहुत ज़्यादा गरम हो गई थी उस ने अपना हाथ पीछे ला कर मेरे लंड को पकड़ लिया और उस को सहलाने लगी… मेरे दिल में ख्याल आया कि कही ज़ोर ज़ोर से ही ना मसलना शूर कर दे लेकिन उस ने ऐसा नही किया क्यों कि वो में ने उस को अपनी किस्सस और उस के मम्मे मसलने से ही मस्त किया हुआ था….. वो मेरा लंड मसलते मसलते मेरे पेंट्स का बेल्ट खोलने की कोशिश

करने लगी… और में ने उस के मम्मो से हाथ हटा कर उस की जीन्स का बटन खोल दिया.. वो मेरी बेल्ट लूज़ नही कर पा रही थी तो वो अचानक से टर्न हुई और फेस मेरी तरफ्कर लिया उस के गाल रेडिश हो रहे थे और उस की आँखों में सेक्स के भूक थी…..उसके मम्मे लाल हो चूक्के थे….उस ने फेस मेरी तरफ़ करते ही मेरी बेल्ट पर हाथ डाल दिया और में ने उस को मम्मो पर हाथ डाल कर उस के निपल्स को अपनी चुटकी में ले लिया और

उन को दाबने लगा उस ने मेरी बेल्ट लूज़ की और फिर मेरी पॅंट्स के बटान खोल कर ज़िप भी खोल दी और मेरी पॅंट्स को नीचे उतार दिया अब में अपने अंडरवेर में था.. उस की पॅंट अभी में ने नही उतारी थी मेरा दिल उस के मम्मो से ही हाथ हटाने को नही चाह रहा था…

मैं मम्मो और चूत का दीवाना हूँ मानो मम्मे मुझ को चूत से भी ज़्यादा पसंद हैं…. उस ने मेरी पॅंट उतारने के बाद खूद ही अपनी पॅंट उतार दी और में ने महसूस किया कि अब उस के निपल में वो सख्ती नही है तो मैने सीधे मम्मे के निपल पर अपना मुँह लगा दिया जैसे ही मेरे होन्ट और ज़ुबान उस के निपल पर लगे उस के मुँह से ऐक सेक्सी म्न्न्ह्ह्ह निकली…. जिस ने मेरे अंदर सेक्स के खावहिश को बढ़ावा दिया.

में ने राइट निपल को ज़ोर ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया और लेफ्ट हाथ से उस के लेफ्ट मम्मे के साथ खेलता रहा और अपने राइट हॅंड से कभी उस के लेफ्ट चूतर को दबाता और कभी राइट को …और उन को सहलाता रहा फिर मैं ने उसके लेफ्ट मम्मे के निपल को चूसना शुरू किया वो सिर्फ़ अपनी पेंटी में थी और मैं अपने अंडरवेर में था और टी-शर्ट भी में ने नही उतारी थी.. वो अपने दोनो हाथ मेरे सर पर रखे हुए थी और मेरे सर के बालों को सहला रही थी..

फिर उस ने मुझे थोड़ा पीछे कर के वो मेरी टाँगों के सामने मेरे नीचे बैठ गई.. और अंडरवेर के ऊपेर से ही
मेरी लंड पर अपना मुँह फैरने लगी. फिर उस ने अपने हाथ बढ़ा कर मेरा अंडरवेर नीचे किया क्यों कि मेरा लंड टाइट खड़ा था तो उस को अंडरवेर उतारने में कुछ परेशानी हुई लेकिन उस ने मेरा अंडरवेर को उतार कर मेरे लंड को आज़ाद करवा ही लिया और जैसे ही मेरा लंड आज़ाद हुआ वो मेरे लंड पर टूट पड़ी जैसे काफ़ी अरसे से लंड के भूकि हो वो… में ने अपने दोनो हाथ उस के सर पर रख दिए और वो मेरे लंड को चूसने लगी.

क्या मस्त चुसाइ की उस ने ….. उसकी चुसाइ को याद कर के मेरा लंड अभी फिर से स्टील हो गया है. 2 , 3 मिनिट के चुसाइ के बाद में ने उस को खड़ा किया वो बहुत गरम हो रही थी.. में ने उस को सोफे पर बिठाया और मैं उस क़ी टाँगें खोल कर उस की चूत का इनस्पेक्षन करने लगा..क्या मस्त चूत थी …चूत के आउटर लिप्स मूटी मूटी थे और आपस में मिले हुए थे…ऐसा लग रहा था कि जैसे कंवारी चूत हो…लेकिन वो थी नही.

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लेकिन शायद वो अपनी चूत की बहुत देखभाल करती थी… क्लीन सेव्ड चूत थी में ने मेरा हाथ उसकी छूत पर फेरा….तो उस के मूँह से आवाज़ आई म्‍मन्‍णणनह…..उस ने अपने दोनो हाथ अपने दोनों मम्मो पर रख लिए और उन को सहलाने लगी.. और में उस की चूत से खैलने लगा. में ने पहले तो उस की चूत के राइट अप्पर लिप को अपने हाथ से पकड़ कर बाहर को खिचा आराम आराम से और उस को मसलना शुरू कर दिया फिर उस की चूत के लेफ्ट अप्पर लिप के साथ भी यही किया… उस की चूत के अप्पर लिप्स काफ़ी फूले हुए थे जिस की वजह से उसकी चूत के इन्नर लिप्स

नज़र नही आते थे… जब में ने उसकी चूत के अप्पर लिप्स से कुछ देर तक खैल लिया तो फिर में ने उस की चूत के अप्पर लिप्स को अपने लेफ्ट हाथ के अंगूठे और इंडेक्स फिंगर से फेला दिया और अपने राइट हॅंड के इंडेक्स फिंगर से उस की चूत के इन्नर लिप्स पर फैरने लग गया.. उस को बहुत मज़ा आ रहा था थोड़ी देर उस की चूत के इन्नर लिप्स से मज़ा लेने के बाद में ने उस की क्लाइटॉरिस को अपनी उंगली से टच किया तो वो उछल पड़ी उसको बहुत मज़ा आया था.

जब वो उछली तो मेने अपना हाथ हटा लिया…उस ने कहा “डू इट अगेन” में ने दोबारा वोही किया क्लाइटॉरिस को टच करते हुए मेने उंगली थोड़ी उस की चूत में डाली… उस की चूत काफ़ी गीली हो चुकी थी जिस की वजह से मेरी उंगली भी गीली हो कर थोड़ी चिकनी हो गई तो मैने ने अपनी चिकनी उंगली से उस के क्लाइटॉरिस को रगरना शुरू कर दिया…तकरीबन 8 मिनिट तक में ने उस की क्लाइटॉरिस को रगड़ा तो उस का जिस्म टाइट हो कर अकड़ने लगा मैं समझ गया

कि शी ईज़ नियर ओर्गसम और उस की क्लाइटॉरिस भी काफ़ी फूल गई थी…वो अपने सर को इधेर उधर मारने लगी और अपने हाथों से अपने मम्मो को दबाने लगी और आवाज़ें निकालने लगी उंह,उम्मन्ह, में ने उस के क्लाइटॉरिस के साथ खैलना बंद नही किया थोड़ी देर में ही उस ने अपना ऑर्गॅज़म हासिल कर लिया तो उस का जिस्म ढीला पड़ने लगा और आवाज़े भी आना कुछ बंद हो गई…और उस की क्लाइटॉरिस भी जो कि फूली हुई थी नॉर्मल हो गई..

उस ने अपने दोनो हाथों से मेरा सर पकड़ा और अपने होन्ट मेरे होंटो पर रख दिए और हम ऐक दूसरे को फ्रेंच किस करने लगे…3,4 मिनिट तक फ्रेंच किस करते रहे और साथ साथ मैं उसकी की जाँघो पर हाथ फेरता तो कभी उस की कमर पर कभी चूतर के पकड़ कर दबाता…..मेरा लंड ऐक दम टाइट खड़ा था

और वो दुबारा से गरम हो गई थी….में ने उस को वही सोफे पर ही मिशनरी पोज़िशन में लिटाया और उस टांगे उठा कर सोफे के दोनो साइड पर रख दी उस की चूत अब मेरे लंड का इंतेज़ार कर रही थी मैं खड़ा हुआ और उस के उपर झुका उस की चूत के लिप्स को अपने लेफ्ट हाथ से खोला और अपने राइट हॅंड

से में ने अपने लंड को पकड़ कर उस की चूत के सूराख पर रखा जब मेरा लंड उस की चूत के सूराख पर अड्जस्ट हो गया तो में ने अपने दोनो हाथ से उस के दोनों मम्मे पकड़े और अपने हिप्स के थ्रस्ट से ऐक ज़ोर दार झटका मारा…मैं ने अपने लंड पर कोई आयिल वग़ैरह नही लगाया था बस उस की चूत में जो चिकनाई थी वोही थी…तो जैसे ही मेरा लंड उस की चूत के अंदर गया वो उस की दरद भरी आवाज़ निकलल्ल्ल्ल्ल्ल एयेए….और उस ने मुझे गाली निकाली

मेरी: यू वाना किल मी यू डेस्ट्राय्ड मी वागियाँ यू अशोल.. और उस के साथ ही उस ने मेरी हिप्स पर अपने हाथ से चमत कर दिए….चमत खाने के बाद मैं और भी जोश में आ गया और मैने उस के मम्मो से हाथ हटा कर उस के दोनो हाथ पकड़ लिए और फिर अपना लंड बाहर निकाल कर उस को ऐक ही झटके में उस की चूत में डाल दिया…उस ने फिर चीख मारी और मुझ से अपने हाथ छुड़ाने लगी…लेकिन में ने उस के हाथ नही छोड़े इसी तरह मैं ने 5,7 झटके मारे तो वो

नॉर्मल हो गई अब उस को मज़ा आ रहा था……में ने भी अब अपनी स्पीड को बढ़ाना शुरू कर दिया और उस को रिधम से चोदने लगा… उस की चूत से पानी निकले जा रहा था जिस के वजह से मेरा लंड बड़े आराम से उस में से फिसल फिसल कर अंदर बाहर जा रहा था…में ने उस के हाथ भी छोड़ दिए और उस के मम्मो से खैलने लगा

और उस के निपल्स को पिंच करने लगा और कभी कभी उस के निपल्स को मुँह में ले कर चूस्ता और साथ में अपने लंड से उस की चूत के सर्विस जारी रखी…..7-8 मिनिट के चुदाई होने तक मैं अपने क्लाइमॅक्स पर पुहुंच गया वो भी बड़ी खुश नज़र आ रही थे और भरपूर मस्त आवाज़ें निकाल रही थी…में ने उस को बताया

“म गोना कम नाउ” शी सेड डोंट कम वेट फॉर मी….तो मैं ने उस को झटके लगाने बंद कर दिए ता कि मैं फारिघ् ना हो जाऊ और उस के क्लाइटॉरिस को उंगली से रगड़ने लगा 2 ही मिनट और किया होगा कि उसका जिस्म अकरने लगा मैं समझ गया कि वो अपने ऑर्गॅज़म के क़रीब है में ने उंगली से क्लाइटॉरिस को रगड़ना चालू रखा और अपनी स्पीड भी बढ़ा दी..उस का पूरा जिस्म अकड़ गया था और वो अपने ऑर्गॅज़म तक पहुँच गई और में भी उस की चूत में ही फारिघ् हो गया…हम दोनो हाँफ रहे थे…मैं उस के ऊपेर ही लेट गेआ..वो मुझे किस करने लग गई और मेरे जिस्म

पर हाथ फैरने लग गई…..10 मिनिट तक हम ऐसे ही लेटे रहे….
अब काफ़ी टाइम हो गया था मैं उस के ऊपेर से उठा उस के मम्मो को थोड़ा चूसा उस के होंटो पर किस के और बाथरूम में जा कर यूरिन पास किया और अपने लंड को धोया वो सोफे पर ही बैठी थी में ने वापिस आ कर अपने कपड़े पहने और उस के कपड़े उस के ऊपेर फैंके और कहा कि “आइ एम गोयिंग” उस ने कहा वेट गिव मी युवर मोबाइल..में ने उस को अपना मोबाइल फोन दिया फिर दोस्तो जब मैं फ्री होता तो उसे कौल कर देता और उसके घर जाकर उसकी खूब चुदाई करता दोस्तो आपको ये कहानी कैसी लगी ज़रूर बताना

समाप्त

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