बीवी को चुदवा कर खुश किया

मैं और सुमन सेक्स मे बहुत अच्छे हैं। बैड में सुमन एक रंडी की तरह सेक्स का पूरा मजा देती है। हम दोनों हर दिन सेक्स का पूरा मजा लेते थे।

रोज रात हम दोनों पूरे नंगे ही रहते हैं। हम दोनों ब्ल्यू फिल्म देख कर चुदाई का मजा लेते है। मैंने सुमन को किसी और से चुदाई करवाने के लिए तैयार कर दिया था। सुमन भी तैयार थी, पर उसकी एक शर्त थी।

अगर कोई अनजान आदमी उसके साथ पहल करेगा, मतलब वो सुमन को चुदाई के लिए तैयार करेगा, तो ही उसके साथ चुदाई करवाएगी। मैं सुमन को हमेशा सेक्सी कपडे पहना कर घुमाने लेकर जाता।

हम भीड़ वाली जगह घूमने जाते। उस बस में चलते जिसमें काफी भीड़ हो। मैं ऐसी जगह पर सुमन से थोड़ा दूर ही चलता, तांकि कोई हम दोनों को पति-पत्नी ना समझ ले। दिल्ली मे काफी भीड़ वाली जगह है, जहां हम दोनों अक्सर जाया करते हैं।

एक दिन मैं और सुमन दिल्ली घूमने गए। घूमते हुए हम दोनों लेट हो गये। 8 बजे का टाइम हो गया था, और हम बस का इंतजार करने लगे। बस स्टैंड़ पर बहुत लोग थे।

कुछ देर बाद बस आ गई। बस पहले से ही बहुत भरी हुई थी। हम बहुत मुश्किल से बस में चढ गए। सुमन मेरे से थोड़ी आगे हो गई थी। मेरे आगे दो मर्द थे सुमन को घेरे हुए।

बस चलने लग पड़ी। बस मे सांस भी अच्छे से नहीं आ रही थी। जब सुमन पीछे मुड़ी तो मैंने उसे खड़े रहने का इशारा किया। बाहर अंधेरा था और बस में केवल एक छोटी सी रोशनी जल रही थी। फिर मैंने दोनों आदमियों को सुमन के शरीर को छूते हुए देखा। मुझे उन्हें देखकर बहुत गुस्सा आया।

उनमें से एक ने सुमन की गांड पर हाथ फेरा। उसने सोचा कि शायद बस में भीड़ होने के कारण ऐसा हुआ है। उस आदमी की हिम्मत बढ़ गई क्योंकि वह कुछ नहीं बोली। वह सुमन की गांड पर हाथ फेरने लगा और उसे रंडी समझने लगा। दूसरा आदमी भी सुमन के गांड को छूने लगा और पहले आदमी ने सुमन को आगे से पकड़ लिया। सुमन पीछे मुड़ी और मुस्कुराई।

शायद दोनों आदमियों की हिम्मत बढ़ गई थी। उनमें से एक ने अपना हाथ सुमन की चूत में डाला दिया था, और दूसरे ने उसके स्तनों पर हाथ रख दिया था। सुमन दोनों को कुछ नहीं बोली और दोनों सुमन के जिस्म से खेलते रहे।

सुमन भी उन दोनों के ऐसा करते हुए मजा ले रही थी। सुमन को मैंने फोन पर मैसेज किया-

मैं: मजा ले रही हो दोनों के साथ? अगर मजा आ रहा है तो खुल कर मजा लो। मुझे कोई आपत्ति नहीं है।

फिर सुमन का मेसेज आया: ठीक है।

अब सुमन ने भी अपना एक हाथ पीछे किया, और उसकी पेंट के ऊपर से ही लंड को पकड़ लिया। अब उस आदमी ने पैंट की जिप खोल कर लंड बाहर निकाल कर सुमन के हाथ मे दे दिया।

थोडी देर सब एक-दूसरे के साथ यही करते रहे। फिर उस आदमी ने अपना लंड पेंट के अन्दर कर लिया और सुमन को लेकर बस के दरवाजे के पास आ गए। बस एक स्टेंड पर रुकी। सब बस से उतर गए।

मैं भी उनके पिछे उतर गया। वहां बहुत अंधेरा था। मैं थोडा स्टेंड की साइड मे हो गया। अब सुमन और दोनों आदमी रह गए स्टेंड पर।

फिर एक आदमी सुमन को बोला: साली रंडी, बहुत गर्मी लग रही है तेरी चूत में। देख आज हम दोनों केसे निकालते है तेरी चूत की गर्मी।

वो सुमन को दोनों स्टेंड के पीछे ले आए। मुझे अब सब साफ दिखाई दे रहा था। एक ने सुमन को पूरी नंगी कर दिया और उसकी गांड पर थप्पड़ मारने लगा।

दोनों सुमन को नंगी देख कर बोलने लगे: साली ज्यादा चुदी हुई नहीं।

अब दोनों नंगे हो गए। सुमन भी रंडी की तरह नीचे बैठ गई और दोनों के लंड चूसने लगी। दोनों के लंड मेरे लंड से बड़े और मोटे थे। सुमन के मुँह मे पूरा लंड डाल कर सुमन से लंड चुसवा रहे थे।

अच्छे से लंड चुसवाने के बाद सुमन को घोड़ी बना दिया।

अब एक आदमी सुमन के पीछे आ गया और दूसरे ने सुमन के मुँह मे लंड डाल दिया। पीछे वाले ने लंड सुमन की चूत पर सेट किया, और कमर पकड़ कर लंड चूत मे उतार दिया। सुमन लंड चूत मे जाते ही आगे की तरफ हो गई।

तो एक बोला: साली रंडी,‌ हमारे जेसे लंड नहीं ली है लगता है।

और उसने फिर से सुमन को पकड़ कर लंड चूत मे पूरा डाल दिया। सुमन के मुँह और चूत दोनों मे लंड जा रहा था।

चूत को चोदते हुए उसने सुमन की गांड को थप्पड़ मार-मार कर लाल कर दिया था। काफी टाइम चोदने के बाद पहले वाला सुमन के मुँह मे अपना पानी छोड़ दिया। और दूसरे ने सुमन की पूरी चूत अपने पानी से भर दी।

अब दोनों सुमन के सामने खड़े हो गए। सुमन ने दोनों के लंड चाट कर साफ कर दिये। अब दोनों सुमन के चूचों को मुँह मे लेकर चूसने लगे। सुमन भी अपने हाथों से उनके लंड हिला रही थी।

थोड़ी देर बाद ही दोनों के लंड खडे हो गए।

अब एक ने सुमन को उठा लिया और लंड चूत मे डाल दिया। दूसरे ने बहुत सारा थूक सुमन की गांड में लगाया। मैंने भी सुमन की गांड की बहुत बार चुदाई की है, पर आज सुमन एक साथ दो लंड लेने वाली थी।

अब दूसरे आदमी ने गांड मे लंड सेट किया, और एक ही बार मे लंड सुमन की गांड चीरता हुआ अन्दर चला गया। सुमन के मुँह से चीख निकल गई, पर दोनों को सुमन के चीखने से कोई फर्क नहीं पड़ा।

अब सुमन दोनों के लंड पर उछल रही थी, और दोनों के लंड एक साथ अन्दर बाहर हो रहे थे।

सुमन के चूचे चुदाई के टाइम बहुत उपर-नीचे हो रहे थे। काफी टाइम चुदाई के बाद दोनों ने सुमन को नीचे कर दिया।

सुमन को नीचे बैठा कर दोनों सुमन के ऊपर लंड हिलाने लगे। कुछ ही देर मे दोनों ने सुमन के चेहरे को अपने पानी से भर दिया। सुमन अपने चेहरे से पानी चाट कर पी गई।

लंड मुँह मे लेकर साफ कर दिये दोनों के उसने। दोनों ने सुमन को नीचे बैठा कर रखा और दोनों अब सुमन पर पेशाब करने लगे। दोनों ने सुमन को पूरा नहला दिया अपने पेशाब से। सुमन की चूत से भी पेशाब की दार निकल रही थी।

अब दोनों ने अपने कपड़े पहन लिए और अपनी जेब से दोनों ने 500-500 निकाल कर सुमन पर फेंक दिये। उनमें से एक ने अपना फोन नंबर भी सुमन को दे दिया। अब दोनों वहां से चले गए।

दोनों के जाते ही मैं सुमन के पास गया, और सुमन को बोला: कैसा रहा दोनों के साथ?

सुमन कुछ नहीं बोली। मैंने सुमन को साफ किया, और कपड़े पहना कर उसको सहारा देते हुए घर ले आया।

सुमन घर आते ही नहाने चली गई। मैं हम दोनों के लिए खाना बनाने लग गया। सुमन जब नहा कर आई तो उसकी चाल ही बता रही थी उसकी चुदाई कितनी हुई थी।

फिर हम दोनों ने खाना खाया और सोने के लिए बैड पर आ गए। मैंने सुमन की मालिश की अच्छे से। फिर हम सो गए

कैसी लगी मेरी बीवी सुमन की असली कहानी मुझे जरूर बताना। अगली कहानी में बताऊंगा कैसे उन दोनों के एक दोस्त ने घर पर आकर सुमन की चुदाई की

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