ही गाइस, मैं आज अपनी सेक्स स्टोरी के नेक्स्ट पार्ट के साथ हाज़िर हुआ हू. लास्ट पार्ट में आपने पढ़ा था की किस तरह सुबा मोहित साब ने ज़ोया को छोड़ा था. अब आयेज-
ज़ोया कमरे से बाहर चली गयी और मोहित साब वॉशरूम चले गये. जब मोहित साब वॉशरूम से बाहर आए, तो ज़ोया किचन में नाश्ता बना रही थी. ज़ोया ने अभी तक सिर्फ़ टवल ही लपेटा हुआ था. ज़ोया ने मोहित साब को नाश्ता दिया, और खुद वॉशरूम चली गयी.
10 मिनिट्स बाद ज़ोया वॉशरूम से आई तो उसके बाल गीले थे, और उसने अपनी सारी पहनी हुई थे. नाश्ता करने के बाद मोहित साब और ज़ोया कुछ देर बातें करते रहे. फिर दोनो ने एक लंबी किस की. उसके बाद मोहित साब ज़ोया और मेरे बच्चे को घर छ्चोढने चले गये.
मैं मोहित साब के घर बैठे हुए बस यही सोच रहा था “किस तरह ज़ोया मुझको धोखा दे रही थी, और मोहित साब के साथ खुश थी.” 1 घंटे बाद मोहित साब वापस आए तो बड़े कुश थे. वो मुझसे बोले-
मोहित साब: काफ़ी टाइम से रंडियों को छोड़ रहा था. अब जेया कर कोई खानदानी औरत मिली है.
विकी: अब क्या इरादा है? इसको भी रंडी बनाओगे?
मोहित साब: हा सिर्फ़ अपनी.
मोहित साब से थोड़ी सी बातें करके मैं घर आ गया. मुझे ज़ोया बिल्कुल ऐसे मिली, जैसे वो मुझसे कितना प्यार करती हो. ज़ोया ने अब अपना ड्रेस चेंज किया हुआ था. हमने रोज़ की तरह बातें की. इस बात को 1 हफ़्ता गुज़र चुका था. ज़ोया अपनी रुटीन की तरह वॉक पर जाती.
वन वीक के बाद मैं ऑफीस से वापसी पर मोहित साब के घर चला गया, और उनसे बातें करने लगा. मोहित साब ने मुझे ज़ोया की कुछ पिक्चर्स दिखाई, जिसमे मोहित साब अपनी गाड़ी में ज़ोया के बूब्स नंगे करके दबा रहे थे.
एक वीडियो में ज़ोया मोहित साब का लोड्ा चूस रही थी. इसी तरह की और भी वीडियोस थी. मैने मोहित साब से पूछा-
विकी: अब क्या इरादा है?
मोहित साब: बस उसका हज़्बेंड कहीं जाए तो मैं उसको दोबारा से छोड़ू.
विकी: सुबा वो घर पर अकेली होती है, तब छोड़ लो उसको.
मोहित साब: डरती है, कहीं बाहर भी नही जाती, और घर भी नही बुलाती.
विकी: चलो हो जाएगी सही.
फिर मैं अपने घर आ गया, ज़ोया की वही रुटीन चल रही थे. नेक्स्ट वीक में मोहित साब ने मुझे घर बुलाया. मैं ऑफीस से वापसी पर मोहित साब के घर चला गया. उधर मोहित साब बोले-
मोहित साब: आज मैने ज़ोया का मोबाइल चेक किया, और मुझे पता चला की तू ज़ोया का हज़्बेंड है.
मोहित साब की ये बात सुन कर मैं शॉक हो गया, और बोला-
विकी: हा. मैं ही ज़ोया का हज़्बेंड हू.
मोहित साब: फिर तू च्छूप कर क्यूँ दखता था अपनी बीवी को चूड़ते हुए?
विकी: मैं देख रहा था की मेरी बीवी मुझको कितना धोखा देती है.
मोहित साब: गान्डू, सेयेल बीवी को चुड़वता है, और मज़े लेता है.
विकी: नही, ऐसी बात नही. बस मुझे ज़ोया की रुटीन चेंज लगी, तो उसको फॉलो किया. तो सब पता चला मुझको.
मोहित साब: अब तेरे पास दो ऑप्षन्स है.
विकी: क्या?
मोहित साब: एक मैं ज़ोया को सारी बात बता डू, और फिर वो तुझको छ्चोढ़ कर मेरी हो जाएगी, और तेरी ज़िंदगी खराब हो जाएगी. दूसरी जैसे चल रहा है, ऐसे चलने दे. जब मैं तुझको काहु, तू मेरे और ज़ोया के मिलने का प्लान बनाए, और ज़ोया को कुछ पता ना हो. इस तरह वो तुझसे भी खुश रहेगी और मुझसे भी.
विकी: दूसरा ऑप्षन ठीक है. मैं भी नही चाहता की ज़ोया को छ्चोढ़ कर अपने बच्चे की ज़िंदगी खराब करू.
मोहित साब: गुड, मैं भी यहीं चाहता हू. पहले ऑप्षन में मुझको ज़ोया से शादी करनी पड़ेगी, दूसरा ठीक है. बीवी तेरी रहे, और रंडी मेरी.
विकी: ठीक है, लेकिन आप ज़ोया को किसी और से नही चुड़वावगे.
मोहित साब: वो मेरी रंडी है, जिससे दिल करेगा चड़वौनगा. तू कुछ नही बोलेगा, वरना उसको सब बता दूँगा.
विकी: ठीक है.
मोहित साब: अब कोई प्रोग्राम तो बना ज़ोया से मिलने का.
मैने ज़ोया को कॉल मिलाई और स्पीकर ओं कर दिया.
ज़ोया: जी जान, ख़ैरियत है?
विकी: जी बेगम, आज मुझको एमर्जेन्सी एक मीटिंग के लिए आउट ऑफ सिटी जाना पद रहा है. तुम मॅनेज कर लेना.
ज़ोया: ओह, और वापसी कब होगी?
विकी: कल शाम तक.
ज़ोया: ओक.
मैं दोबारा मोहित साब से कहने लगा.
विकी: देखो अब ज़ोया आपको बताती है मेरे आउट ऑफ सिटी जाने का या नही?
मोहित साब: वो तो मुझसे चूड़ने के लिए बेताब है. खुद ही बताएगी मुझे.
अभी हम बात ही कर रहे थे. मोहित साब के फोन पर ज़ोया का फोन आया. मोहित साब ने कॉल अटेंड की, और फोन का स्पीकर ओं कर दिया.
ज़ोया: जानू किधर बिज़ी हो आज?
मोहित साब: कहीं नही, बस घर पर, तुम्हारी याद में.
ज़ोया: मैं सोच रही हू, आज की शाम आपकी रंगीन बना डू.
मोहित साब: कैसे?
ज़ोया: मेरा हज़्बेंड आउट ऑफ सिटी चला गया है.
मोहित साब: वाउ, फिर आ जाओ मेरी जान.
ज़ोया: तुम तैयार रहना, आ रही हू.
मोहित साब: बच्चे का क्या करोगी?
ज़ोया: उसको आते हुए अपनी मम्मी के घर छ्चोढ़ दूँगी.
मोहित साब: आ जाओ, बिना कपड़ों के.
ज़ोया: हाहहहः, तुम मुझको सब के सामने नंगा घूमना चाहते हो. पर मैं ऐसी नही.
इसके बाद फोन कट हो गया, मैं और मोहित साब बातें करने लगे. 8 बजे डोर नॉक हुआ तो मैं उपर चला गया, और मोहित साब ने जेया कर डोर ओपन किया. बाहर ज़ोया खड़ी थी. मोहित साब ज़ोया को अंदर ले आए. ज़ोया ने एक बुर्क़ा पहना हुआ था.
मोहित साब बोले: आज ख़ैरियत है? तुम बुर्क़ा पहन कर आई हो?
ज़ोया: तुमने फरमाइश की थी, की बिना कपड़ों के आना. अब तुम्हारी बात तो मोड़ नही सकती. इस बुर्क़े के नेआचे कुछ भी नही पहना मैने.
ज़ोया की बात सुन कर मोहित साब खुश हो गये, और ज़ोया को गोद में उठा लिया. फिर किस करके छ्चोढ़ दिया. ज़ोया सोफे पर बैठी तो उसने अपने बुर्क़े के नीचे वाले दो बटन खोल दिए, जिससे उसकी नंगी टाँगें बाहर आ गयी. मोहित साब बोले-
मोहित साब: तुम इसी तरह अपनी अम्मी के घर गयी थी?
ज़ोया: हा, लेकिन गाड़ी से ही बच्चे को उसके मामू को दे दिया था.
मोहित साब: अब इस बुर्क़े को भी उतार दो.
ज़ोया: सब कुछ मैने ही उतारना है? तुम भी तो उतरो ना कुछ.
ज़ोया के बात सुन कर मोहित साब उठे, और ज़ोया का हाथ पकड़ कर ज़ोया को खड़ा किया. फिर ज़ोया को किस करने लगे. ज़ोया भी मोहित साब का पूरा-पूरा साथ दे रही थे.
1 मिनिट किस करने के बाद, ज़ोया ने मोहित साब की शर्ट उतार दी. मोहित साब का बालों वाला सीना नंगा हो गया. मोहित साब ने भी ज़ोया के बुर्क़े के सारे बटन खोल कर उसको उतार दिया. ज़ोया पूरी नंगी हो गयी थी.
ज़ोया, मोहित साब के बेडरूम की तरफ चल दी. उसकी बड़ी गांद को देख कर मोहित साब ने अपना पाजामा उतरा, और पुर नंगे हो कर ज़ोया के पीछे बेडरूम में चले गये.
बेडरूम में ज़ोया शीशे के सामने खड़ी हो कर अपनी पिक्चर ले रही थी. ज़ोया को पिक्चर लेता दाख कर मोहित साब ने अपना इPहोने निकाला, और उससे ज़ोया की पिक्चर खींचने लगे. ज़ोया मुख़्टाली पोज़ बना कर अपनी नंगी पिक्चर्स क्लिक करवाने लगी.
फिर ज़ोया ने मोहित साब के हाथ से इPहोने लिया और खुद मोहित साब के सीने लग कर सेल्फिे लेने लगी. मोहित साब ने ज़ोया को गोद में उठा लिया. ज़ोया उनकी गोद में जेया कर भी सेल्फिे ले रही थी.
मोहित साब ने ज़ोया को नीचे उतरा, और ज़ोया को किस करने लगे. ज़ोया, मोहित साब के साथ किस भी कर रही थी, और वीडियो भी बना रही थी. 2 मिनिट्स के बाद मोहित साब ने ज़ोया के हाथ से मोबाइल लिया, और उसको एक साइड पर फिक्स कर दिया. इससे पुर बेड की वीडियो बनाए लगी. मोहित साब ने ज़ोया को उठा कर बेड पर लिटा दिया, और ज़ोया के बूब्स चूसने लगे. ज़ोया के मूह से सिसकियाँ निकल रही थी.
मोहित साब ज़ोया के बूब्स से खेल रहे थे. ज़ोया के दोनो बूब्स मोहित साब की थूक से गीले हो चुके थे. 5 मिनिट्स के बाद ज़ोया उठी, और मोहित साब को लिटा दिया. फिर उनकी टाँगों के बीच में बैठ कर मोहित साब के लोड को चूसने लगी.
मोहित साब का लोड्ा ज़ोया की थूक से गीला हो चुका था. ज़ोया मोहित साब का लोड्ा अपने मूह के अंदर तक ले जेया कर चूस रही थी. मोहित साब ने मज़े से अपनी आँखें बंद की हुई थी.
2 मिनिट्स तक लोड्ा चूसने के बाद ज़ोया उठी, और एक हाथ से मोहित साब का लोड्ा पकड़ा. फिर उसको अपनी छूट पर सेट करके मोहित साब के लोड पर बैठ गयी. ज़ोया की छूट गीली थी. मोहित साब का लोड्ा ज़ोया की छूट के अंदर चला गया.
ज़ोया, मोहित साब के लोड पर उछाल रही थी. मोहित साब ज़ोया की इस हरकत से काफ़ी कुश थे. ज़ोया के बड़े-बड़े बूब्स उछाल रहे थे. मोहित साब ने ज़ोया की कमर को पकड़ा और नेआचे से एक ज़ोर का झटका मारा, जिसकी वजह से मोहित साब का पूरा लोड्ा ज़ोया की छूट में चला गया.
ज़ोया के मूह से एक सिसकी आ की निकली. अब ज़ोया उपर से मोहित साब के लोड पर उछाल रही थी, और नीचे से मोहित साब झटके मार रहे थे. पुर कमरे मैं ठप ठप ठप और अया आ की आवाज़े गूँज रही थी. 10 मिनिट्स के बाद मोहित साब ने ज़ोया को अपने उपर से उतरा, और ज़ोया को डॉगी स्टाइल में आने का कहा.
ज़ोया फ़ौरन से पहले डॉगी स्टाइल में आ गयी. मोहित साब अब ज़ोया को डॉगी स्टाइल में छोड़ रहे थे. 15 मिनिट्स तक ज़ोया को छोड़ने के बाद मोहित साब ने अपना पानी ज़ोया की चूत मैं डाला, और साइड में लेट गये.
ज़ोया भी बेड पर उल्टी लेट गयी. अब दोनो के जिस्म पसीने में डूबे हुए थे.
तो बे कंटिन्यूड…