बीवी अब चूत चाटने नहीं देती

फिर में बिल्कुल पागल सा हो रहा था और में अचानक से उसके बूब्स को थोड़ी ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा, बुआ शायद अब महसूस कर रही थी कि मेरा हाथ उसके बूब्स पर है, लेकिन फिर भी वो मेरा विरोध नहीं कर रही थी, जिसकी वजह से मेरी हिम्मत और भी बढ़ गई और मैंने आव देखा ना ताव सोते सोते अपना मुहं उसके बूब्स पर रख दिया और सोने का नाटक करने लगा, लेकिन बुआ अब शायद अपनी नींद से जागने वाली थी और जैसे ही मैंने देखा कि बुआ मेरे मुहं को दूर कर रही है तो में उठ गया और ज़ोर ज़ोर से बुआ के बूब्स पर अपना सर रगड़ने लगा.

मुझे देखकर बुआ के तो एकदम होश ही उड़ गये कि प्रेम को क्या हो गया और फिर उसने मुझे डांटकर कहा कि प्रेम यह क्या कर रहे हो? में अब तुम्हे एक थप्पड़ मारूँगी. तो मैंने कहा कि बुआ मुझे कुछ नहीं पता, लेकिन में आज तुझे चोदूंगा, चाहे तो तू हल्ला कर या ना कर.

फिर मैंने कहा कि देख बुआ तू मुझे बहुत अच्छी और सेक्सी लगती है और में हर वक्त तेरे बारे में सोच सोचकर मुठ मारता हूँ प्लीज तू आज मेरी यह इच्छा पूरी कर दे और वैसे भी इस वक्त हम दोनों ही इस कमरे में है, दादा, दादी तो दूसरे कमरे में सो रहे है और में तुझे इसके बदले में बहुत सारे पैसे भी दे दिया करूँगा. में तेरे पैसों का इंतेजाम कर दूँगा, तू यह बात किसी को मत बताना और ना में किसी से कहूँगा और आज कल यह सब चलता है, फूफा जी तो है नहीं लेकिन तू मेरे साथ बड़े आराम से सेक्स करके अपनी जिंदगी काट सकती है और यह बात कहकर मैंने बुआ को ज़ोर से अपनी बाहों में जकड़ लिया और फिर बुआ को यह मेरा सोदा फ़ायदे का लगा.

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उसने मुझे दिखाने के लिए फिर भी थोड़ी ना नुकर की, लेकिन फिर आखिरकार में मैंने बुआ का नंगा कर ही दिया और अब बुआ एकदम नंगी थी और कमरे में कोई नहीं था और दादा, दादी को शक ना हो इसलिए मैंने रूम की लाइट को भी बंद कर दिया. में पूरी तरह से तो नहीं देख पा रहा था, लेकिन उस काम के लिए इतना ही बहुत था और अब मैंने बुआ की सलवार को पूरा उतार दिया था.

फिर मैंने बुआ को थोड़ा सा ऊपर किया और में नीचे उसकी चूत को चाटने लगा, बुआ सेक्स से पागल हो रही थी और फिर उसने मेरा सर पकड़कर ज़ोर से अपनी चूत पर दबाकर रखा था और करीब दस मिनट तक में यही करता रहा. तो बुआ के अंदर का सेक्स अब जाग चुका था और में यह महसूस कर सकता था, वो मुझसे अब बूरी तरह से चुदना चाहती थी और मैंने एक एक करके उसके सारे कपड़े उतार दिए.

तो उसने मुझे ज़ोर से पकड़ लिया और एकदम लिपट गई और कहने लगी कि वाह प्रेम आज तुम्हे तुम्हारी इस हिम्मत का इनाम जरुर मिलेगा, तो उसने मुझे एक साईड किया और झुककर मेरा लंड अपने मुहं में लेकर चूसने लगी. तो मैंने उससे कहा कि बुआ तुम भी लंड चूसती हो, मैंने तो कभी भी ऐसा सोचा ही नहीं था और में समझता था कि तुम तो बहुत शरीफ हो.

बुआ ने कहा कि शरीफ तो अपने समय में सभी होते है और एक समय तेरी माँ भी बहुत शरीफ थी और अगर वो हमेशा शरीफ रहती तो फिर तू कैसे पैदा हुआ बहनचोद? दोस्तों उसके मुहं से यह बात सुनकर में और भी पागल हो गया और मैंने बुआ को उसी बीच अपने हाथों से गोद में उठा लिया और उसे बेड पर फेंक दिया. फिर मैंने उसे एक कुतिया की तरह बनने को कहा और वो कुतिया की स्टाईल में बैठ गई, तो मैंने अपना 7 इंच का लंड उसकी चूत में एक ही जोरदार धक्के के साथ पूरा का पूरा अंदर डाल दिया. तो वो दर्द से एकदम चिल्ला उठी आअहहहाआहा आईईईईइ कुत्ते थोड़ा धीरे धीरे उफ्फ्फ्फ़ कर, मैंने बहुत समय से लंड नहीं लिया है और अब मुझे इसकी आदत नहीं है अह्ह्ह्हह मादरचोद थोड़ा धीरे धीरे धक्के दे.

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तो उसके मुहं से यह सब सुनकर में और भी जोश में आकर ज़ोर ज़ोर के झटकों से उसकी चूत में लंड को डालता रहा और वो ज़ोर ज़ोर से चीखती चिल्लाती रही, लेकिन कुछ ही देर बाद मेरे लंड ने उसकी चूत में अपनी जगह बना ली और वो भी मेरा पूरा पूरा साथ देकर अपनी चूतड़ को उठा उठाकर मेरे लंड को और भी अंदर तक लेने लगी और कहने लगी अह्ह्ह्हह्ह हाँ और चोद अह्ह्ह्हह्ह और दे हाँ और ज़ोर से दे आज तू मेरी चूत को शांत कर दे, यह बहुत समय से लंड को तड़प रही थी.

में भी जोश में आकर लगातार उसकी चूत पर लंड को धक्के देता रहा और उसकी बैचेन चूत को शांत करने लगा. फिर में करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद झड़ने लगा और मैंने अपने लंड को चूत से बाहर निकाल कर सारा वीर्य उसकी गांड पर ही गिरा दिया और थककर उसके ऊपर लेट गया. तो उसके बाद बुआ ने कहा कि चल अब हट जा, वैसे भी तो यह काम अब हमे पूरी जिंदगी करना है, बाकी का काम अब हम कल करेंगे, तू अब सो जा और फिर हम सो गये. दोस्तों तब से लेकर में अब तक बुआ को कई बार चोद चुका हूँ.

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