होटल में बूब्स बिग नोकरानी की चुदाई

नसीम: मैं तो निचे लेना चाहती थी मुठ!

मैं: मेरी जान इन बूब्स को मैंने भी बहुत मिस किया था. अब की बार मुठ निकालूँगा तो चूत के लिए हे!

ये कह के मैंने उसकी टांगो को उठा के अपने कंधो के ऊपर रखा और अपने मुहं को उसकी गीली चूत में डाल दिया. मैं जबान से हिला हिला के उसकी सेक्सी चूत को चाटने लगा. और वो चद्दर को मरोड़ के सिसकियाँ भरने लगी थी. दो मिनिट के अन्दर तो वो स्क्वर्ट कर गई मेरे फेस के ऊपर ही.

नसीम: जल्दी से अपना लंड मेरी चूत के अन्दर डाल दो अब.

मेरा भी एकदम खड़ा हुआ था और मैंने खड़े हो के सीधे अपने लोडे को उसकी चूत में पेल दिया. उसने ऐसे जोर की चीख लगाईं की मैं डर गया की कहीं कोई सुन के आ ना जाए.

नसीम: अह्ह्ह अह्ह्ह्हह जोर जोर से चोदो आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह तुम्हारे लंड को बहुत दिनों से अंदर नहीं लिया हे आज सब कसर को पूरा कर दो.

और वो अपनी गांड को उचक उचक के लंड को ले रही थी. मैं भी उसके बूब्स को चूसते हुए उसको पेल रहा था. 5 मिनिट के बाद मेरे लंड की पिचकारी छूटी और उसकी चूत को भर दिया मैंने. लेकिन उसको संतोष नहीं मिला था अभी भी. इसलिए मैंने लंड को अन्दर ही रहने दिया.

2 मिनिट पार्किंग के बाद मेरा फिर से खड़ा हुआ. मैं अब उसके बूब्स को चूसते हुए एकदम जोर जोर से ठोकने लगा. फिर मैं उसके बूब्स को मसल रहा था और उन्हें ताड़ ताड़ मार भी रहा था. वो भी ये सब से काफी उत्साहित और रोमांचित हो गई थी और हिल हिल के दे रही थी मुझे.

नसीम: अह्ह्ह और माल निकालो मेरी बुर के अंदर अपना!

अब की मेरी छुट हुई वो अब तक की सब से बड़ी थी शायद. मैं लगातार एक मिनिट तक उसके बुर को भीगोता गया. वो भी तृप्त हो गई थी. जब मैंने लंड को उसकी चूत से निकाला तो उसके ऊपर से वीर्य टपक रहा था. मैंने अपने वीर्य से सने हुए लंड को उसके मुहं में दे दिया. वो चाट गई एक एक बूंद को और उसने लंड को एकदम क्लीन कर दिया. मैं भी थक चूका था और उसकी बगल में ही लेट गया.

5 मिनिट के बाद फिर से मेरी ये रंडी कामवाली की कामाग्नि भडकी. वो उठ के मेरे लंड को अपने मुहं में ले के चूसने लगी. मैंने भी उसके साथ 69 पोजीशन बना ली और उसकी चूत को चूसने लगा. जब मैं उसकी चूस रहा था तो उसकी चूत के अन्दर से मेरे वीर्य की महक आ रही थी. वो चुसवा के मेरे मुहं के ऊपर झड़ गई और मैं उसके सब रस को चाट गया.

वो अभी भी मेरे लंड को चूस रही थी. मैंने अब अपनी एक ऊँगली को उसकी हॉट गांड में डाला. वो जोर से उछल पड़ी. वो मुझे देख रही थी तो मैंने कहा अब गांड में भी डाल लेने दो मुझे.

नसीम: पीछे तुम जंगली के जैसे करते हो, लास्ट टाइम तो छिल गया था पूरा मुझे और दवाई लानी पड़ी थी.

मैंने कहा: आराम से करूँगा आज मेरी जान!

वो लंड को चुसना बंद कर के घोड़ी बन गई मेरे सामने. मैंने उसके कूल्हों को फाड़ के अपने लंड को उसकी गांड में पेल दिया. उसकी गांड उतनी टाईट भी नहीं थी जितना होती हे. मेरे लंड को अन्दर ले के वो आगे पीछे होने लगी थी. और मेरा लंड उसकी गांड में घुसता था और बहार होता था. कुछ देर के बाद मैंने अपनी स्पीड को एकदम तेज कर दिया और वो अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह ह्ह्ह्हह करती रह गई. मैं अपने हाथ उसकी चुचियों के ऊपर ले गया और गांड मारते हुए मैंने उसकी चूचियां मसल दी. दो मिनिट की एनाल फकिंग के बाद मैं उसकी  में ही झड़ भी गया. गांड में लंड रख के ही हम दोनों लेट भी गए.

ऐसे करते करते रात हो गई. हम लोग खाते थे, पीते थे और सेक्स करते थे. रात को 3 बजे तक हमने होटल के टीवी में मुविस देखी और चोदा.

दुसरे दिन सुबह नसीम ने उठ के मेरे लंड को अपने मुहं में तब मेरी नींद टूटी. शायद ही कभी इतनी शांति और सुकून से मेरी नींद खुली थी. मैंने उसे उठा के बिस्तर के ऊपर फेंका और चोदने लगा.

चुदाई के ये काम पुरे दो दिन तक ऐसे ही निरंतर चला. नसीम ने किसी पोर्नस्टार के जैसे मेरे लंड को खुश कर दिया.

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