भनजे और मामी के बीच चुदाई की स्टोरी

सोनाली मामी कुछ ऐसा बताने वाली थी जो उन्होने देखा… अब आयेज..

सोनाली: दीदी एक बात बताओ आपकी गर्दन पर ये निशान कैसे है?

दीपाली मामी थोड़ी देर के लिए चुप थी उन्होने थोड़ी देर बाद उन्होने कहा

दीपाली: छ्चोड़ ना अभी तू कहा ये टॉपिक लेकर बैठ गयी

सोनाली: दीदी… जीजू तो यहाँ है नही फिर भी ये निशान आपकी गर्दन पर आया इसका मतलब मैं ना समझू ऐसा तो होगा नही

दीपाली: अरे तू सोच रही है वैसा कुछ नही है

सोनाली: दीदी सच सच बताना… आपका किसके साथ अफेर चल रहा है?

दीपाली: क्या कुछ भी बोल रही हो? ऐसा कुछ भी नही है

सोनाली: ऐसा ही है… दीदी बताओ ना कौन है वो जिसने आपको पता लिया?

दीपाली मामी ने थोड़ी देर के लिए तो माना किया लेकिन सोनाली एक ही बात पर आदि थी इसलिए उन्होने फाइनली आक्सेप्ट कर लिया के उनका अफेर चल रहा है.

सोनाली (खुश होकर): सच मे आपका अफेर चल रहा है? वाउ… ई मीन आपके तो मज़े है

दीपाली (खुशी मे): हन सच मे मज़े है

सोनाली: अक्चा वो कौन है? कोई पड़ोसी है या कोई दोस्त?

दीपाली: ना कोई पड़ोसी है और ना ही दोस्त

सोनाली: फिर?

दीपाली: है कोई जो मुझे बहुत पसंद है और मैं उससे बहुत प्यार करती हूँ

सोनाली: क्या बात है… आपका अफेर तो सच मे बड़ा इंट्रेस्टिंग लग रहा है

दीपाली: एस, इट इस.

सोनाली: वो मॅरीड है?

दीपाली: नही

सोनाली: उम्म मतलब वो जवान है हन?

दीपाली: करेक्ट!

सोनाली: क्या उसे मैं जानती हूँ?

दीपाली (तोड़ा सोच के): हन तुम उसे बहुत अकचे से जानती हो

सोनाली: इंट्रेस्टिंग… ऐसा कौन है?

दीपाली: सोचो सोचो…

सोनाली: दीदी अब बता भी दो ना क्यू इतना वेट करवा रही हो? अक्चा मैं किसी को नही बतौँगी प्रॉमिस!

दीपाली: सॉरी डियर… कुछ राज़ राज़ ही रहने दो

सोनाली: अक्चा चलो कोई नही आप अपने बाय्फ्रेंड की आगे ही बताओ दो

दीपाली मामी ने थोड़ी देर तक माना किया क्यू के उन्हे पता था अगर आगे बता देगी तो मैं पकड़ा जौंगा. बुत सोनाली मामी जिस तरहा से पिच्चे पड़ी थी उन्होने वो निकल ही ली.

दीपाली: अक्चा बाबा बताती हूँ… वो 23 साल का लड़का है

सोनाली: जस्ट 23? ओह मी गोद! दीदी आपने इतना जवान लड़का पता लिया? अफ ये सच मे बहुत बड़ी बात है. ई थॉट कोई 26 – 27 का होगा

दीपाली: ह्म

सोनाली: चलो अब मैं गेस करती हूँ… दीदी आपके बाय्फ्रेंड का नाम है नील और मैने आप दोनो को पकड़ लिया.

सोनाली मामी ने डाइरेक्ट्ली मेरा नाम लिया तो मेरे तोते उडद गये. मुझे लगा के वो किसी और का नाम लेगी और कुछ दीनो बाद मुझपर डाउट करेगी लेकिन उन्होने एक ही झटके मे मुझे पकड़ लिया.

दीपाली (शॉक मे): ओह मी गोद! तुम्हे कैसे पता चला?

सोनाली: आपकी ही बहें हूँ… मेरी नज़र भी आस पास घूमती है.

दीपाली: हन वो सब ठीक है लेकिन तुम्हे पता कैसे चला?

सोनाली: जब आप दोनो के साथ मैं शादी मे थी तब मैने बहुत कुछ अब्ज़र्व किया.

दीपाली: जैसे?

सोनाली: जैसे के… आप और नील एक दूसरे से चिपके हुए थे, हर वक़्त साथ मे. आप दोनो जब भी कुछ बात करते थे तब एक दूसरे के बहुत करीब जाकर बात कर रहे थे. यहाँ तक तो मुझे लगा के आप दोनो की केमिस्ट्री बहुत आक्ची है इसलिए होगा.

दीपाली: अक्चा

सोनाली: जब आप शादी शुरू होने से पहले नील के साथ जेया रही थी तब मैने देखा के आप उसका हाथ पकड़ के जेया रही थी तब मुझे और डाउट होने लगा.

दीपाली: ऑश

सोनाली: और मेरा शक़ यकीन मे तब बदला जब आप दोनो शादी के बाद वापिस आए.

दीपाली: ऐसा क्या हुआ तब?

सोनाली: तब मैं आप दोनो से बात कर रही थी तो मेरी नज़र आपकी गर्दन पर पड़ी जिसपर दाटो के निशान थे. फिर मैने नील को देखा तब उसकी गर्दन पर भी ऐसा ही निशान था. आप दोनो की गर्दन लाल हो चुकी थी और आप दोनो उसे च्छूपा रहे थे जो मैने देख लिया था.

दीपाली: अक्चा

सोनाली: और वो निशान आप दोनो की गर्दन पर जाने से पहले नही थे. इसका मतलब तो सॉफ है के आप नील से छुड़वा कर आई थी.

सोनाली मामी की बात सुनकर हम दोनो डांग रह गये थे.

दीपाली: ओह मी गोद! मैने इतना च्छुपाया लेकिन तुमने एक ही दिन मे पकड़ लिया हन

सोनाली: एस… वैसे दीदी सच बताना आप दोनो का अफेर कब से चल रहा है और ये सब कैसे स्टार्ट हुआ?

फिर दीपाली मामी ने सोनाली को स्टार्टिंग से हम दोनो की कहानी बताई के कैसे शुरू हुआ था और मैने उन्हे कैसे छोड़ा.

आपने अगर मेरी और दीपाली मामी के अफेर वाली कहानी नही पढ़ी तो ज़रूर पढ़ लेना. कहानी का नाम है ‘दीपाली मामी बन गयी मेरी गर्लफ्रेंड’.

सोनाली मामी वो सब बातें सुनकर मुझसे और भी ज़्यादा इंप्रेस हो गयी थी.

सोनाली: वाउ दीदी मतलब जो मैं कल सोच रही थी आप वो मुझसे बहुत पहले कर चुकी थी.

दीपाली: कर चुकी थी नही… आज भी कर रही हूँ

सोनाली: ओह हन. दीदी आपको ऐतराज़ ना हो तो एक बात पूचु?

दीपाली: हन

सोनाली: आक्च्युयली मेरी सेक्स लाइफ की तो बंद बाज गयी है और मुझे फिलहाल छुड़वाने का बड़ा मॅन होता है तो क्या मैं नील से?

दीपाली: हन बिल्कुल… तू जब चाहे उससे छुड़वा सकती है और मुझे कोई प्राब्लम नही है

सोनाली: थॅंक योउ सो मच दीदी. आपको पता नही आपने मेरा कितना बड़ा टेन्षन मिटा दिया है. योउ नो मैं रोज मारती हूँ छुड़वाने के लिए.

दीपाली: हन लेकिन तू उसे पटाएगी कैसे?

सोनाली: आप उसे बता दो ना के मैं उससे छुड़वाना चाहती हूँ

दीपाली: वो तो बड़ा आसान है लेकिन उसमे वो मज़ा नही आएगा जो किसी को सिड्यूस करके उससे चूड़ने मे है

सोनाली: आपकी बात तो सही है लेकिन मैं उसे कैसे पटौँगी?

दीपाली: एक काम करो तुम यहाँ मेरे घर कुछ दिन के लिए रहने आ जाओ. नील भी यही रहने वाला है.

सोनाली: ओह मतलब आपने अपने हनिमून का प्लान बना लिया है

दीपाली: कुछ ऐसा ही समझो. उन दीनो मे तुम नील के साथ नज़दीकियाँ बढ़ाना. उसके साथ फ्लर्ट करना, उसे तुम्हारे करीब आने देना, उसे सिड्यूस करना, उससे चाटिंग करना

सोनाली: ठीक है… मैं वही करूँगी लेकिन क्या वो मुझे छोड़ेगा?

दीपाली: एक बात काहु? वो आज ही बोल रहा था के तुम बहुत सेक्सी लग रही थी. और ई थिंक वो तुम्हे छोड़ना भी चाहता है बस तुम्हे खुद उसे सिड्यूस करना पड़ेगा तब जाकर तुम उससे छुड़वा सकोगी

सोनाली: ह्म ये तो बहुत आक्ची बात है के अट लीस्ट वो मेरी तरफ अट्रॅक्ट है. मैं एक काम करती हूँ आज घर चली जाती हूँ और कल मैं घरवालो को बता देती हूँ. फिर आप जीतने दिन चाहे उतने दिन यहाँ रहूंगी. बस मुझे उससे छुड़वाना है.

दीपाली: तुम्हे पता है जब वो छोड़ता है ना तो मैं सब कुछ भूल जाती हूँ

सोनाली: क्या सच मे वो इतना अक्चा छोड़ता है?

दीपाली: हन… और उसके लंड की तो बात ही मत पूछो… अफ वो इतना दमदार और लंबा है के कोई भी लड़की उसे अपने अंदर लेने के लिए पागल हो जाएगी.

सोनाली: सच मे इतना लंबा है? फिर तो बहुत मज़ा आएगा

उन दोनो की बातें बहुत देर तक चली जहाँ दीपाली मामी ने उसे बहुत कुछ बताया मेरे बारे मे जिससे सोनाली बहुत गरम हो गयी थी. फिर शाम को मैं वापिस घर पर गया तो देखा के सोनाली ने आते ही मुझे कस के गले लगाया. मैने भी उनकी कमर को ठीक से सहलाते हुए उन्हे हग किया. मामी की सिसकारी ज़रूर निकली थी.

फिर हुँने कुछ देर बातें की और उसके बाद मैं सोनाली को उसके घर छ्चोड़ के वापिस आ गया.

मुझे आते वक़्त शाम के 7:30 बाज चुके थे और मैं बहुत खुश था क्यू के सोनाली मामी के साथ मुझे अकेले मे टाइम स्पेंड करने मिला. जहाँ हुँने एक दूसरे से फ्लर्ट किया और भी बहुत मज़ाक मस्ती की थी.

मैने घर की डोर बेल बजाई तो थोड़ी देर मे दीपाली मामी ने दरवाजा खोला. उन्होने निघट्य पहनी हुई थी जिसमे वो हर वक़्त सेक्सी लगती थी. मुझे देखकर उन्होने स्माइल किया और मैं अंदर चला गया. मामी ने मैं डोर लॉक किया.

दीपाली: तो फिर कैसा रहा तुम दोनो का सफ़र?

नील: बहुत मजेदार

मैं हॉल मे सोफे पर बैठा था और मामी मेरे लिए पानी लेने गयी थी.

दीपाली: क्या क्या बातें की?

नील: मामी तो फुल फॉर्म मे थी. इतनी तारीफ़ करने लगी थी इतना फ्लर्ट कर रही थी जैसे वो मुझसे पहली बार मिल रही थी.

दीपाली: क्या बात है तुम्हारे तो मज़े है

नील: हन ये सब आपका ही किया कराया है

मामी ने मुझे पानी दिया मैने वो पिया और मामी किचन मे जाने लगी के मैने उनका हाथ पकड़ के उन्हे रोक लिया.

दीपाली: क्या हुआ?

नील: कहा जेया रही है आप?

दीपाली: किचन मे

नील: नही… थोड़ी देर मेरे पास बैठो

मामी ने थोड़ी देर माना किया के काम है, ये, वो फिर मान गयी. मैने उन्हे अपनी थाइस पर बिताया और उन्होने मेरी गर्दन मे अपने हाथ डाल दिए.

दीपाली: हन अब बोलो

नील: वैसे आपने आज प्लान बड़ा अक्चा बनाया था. मैं बाहर गया तब जाकर आप दोनो खुलकर बोल सकी.

दीपाली: ह्म. मुझे पता था के वो तुझे पसंद करती है लेकिन तुम सामने होते तो ये बातें कभी बाहर ना आती. इसलिए तुम्हारा बाहर जाना बहुत ज़रूरी था.

नील: हन… लेकिन मामी तो बहुत चालू निकली उन्होने झट से हुमारे अफेर को पकड़ लिया

दीपाली मामी (हेस्ट हुए): अरे वो कोई चालू वालु नही है

नील: मतलब?

दीपाली: उसे हिंट मिले इसलिए मैने तुमसे चुड़वते वक़्त जानबूझ के तुम्हारी गर्दन पर बीते किया था

नील: श आप तो उनसे भी आयेज निकली…

दीपाली: हाहाहा जब तुम मुझे छोड़ रहे थे तब मैने मिरर मे देखा के तुमने ऑलरेडी मेरी गर्दन पर निशान बना दिया था जो कितना भी च्छूपा लेती तो भी उसे दिख जाता. फिर वो मुझसे सवाल पूछती और उसे मेरे अफेर के बारे मे पता चलता. लेकिन वो मेरा बाय्फ्रेंड किसी बाहर वेल को साँझ लेती. बुत मैं चाहती थी के मेरे बिना बताए ही उसे पता चले इसलिए मैने तुम्हारी गर्दन पर भी वो निशान बना दिया

नील: वेरी स्मार्ट हा! और उसके बाद मामी के दिल मे जो बातें थी वो सब उन्होने आपको बता दी. साथ मे ये भी बताया के वो मुझसे छुड़वाना चाहती थी. है ना?

दीपाली: जी हन.

नील: अभी आयेज क्या करना है?

दीपाली: कुछ भी नही… वो कल आने वाली है और कुछ दिन यही रहेगी. मैने उसे जो बताया है वो तुमपर ट्राइ करेगी. और तुम्हे ऐसे रहना है जैसे कुछ पता ही नही. बिल्कुल आज शादी मे जैसे बिहेव कर रहे थे.

नील: ठीक है

दीपाली: सोनाली तुम्हारे साथ फ्लर्ट करेगी, तुम्हे सिड्यूस करेगी और अपनी तरफ अट्रॅक्ट करने की कोशिश करेगी. बस तुम्हे वो सब एंजाय करते हुए एक एक कदम आयेज बढ़ाना है.

नील: हन

दीपाली: मैं तुम दोनो को ज़्यादा से ज़्यादा साथ मे रहने देने वाली हूँ ताकि एक दूसरे को इंप्रेस करने के लिए टाइम मिले. फिर जब मैं तुम्हे बता दूँगी तब तुम उसे छोड़ लेना

नील: ओके. चलो सोनाली मामी का तो हो गया लेकिन आपका क्या?

दीपाली: मेरा क्या मतलब?

नील: आपने आज इतनी बड़ी हेल्प की है उसका एहसान चुकाना पड़ेगा ना मुझे

दीपाली: अक्चा जी… तो ये बात है

नील: जी हन.

दीपाली: तो फिर एक काम करते है गर्मी बहुत हो रही है तो डिन्नर करने के बाद साथ मे शवर लेते है. वहाँ मुझे तुमसे जो चाहिए वो करवा लूँगी. उससे मेरा भी कम हो जाएगा और तुम्हारा भी चलेगा?

नील: हन बिल्कुल

फिर हम दोनो हासणे लगे. मामी किचन मे जाकर अपने काम मे लग गयी और मैं फ्रेश होकर उनसे बातें करने लगा. हुँने साथ मे बातें करते हुए डिन्नर भी कर लिया. उसके बाद बेड पर जाने से पहले हुँने साथ मे शवर लिया जहाँ मामी ने मुझसे खूब चुडवाया और हुँने बड़े मज़े किए. इतना ही नही जब बेड पर गये तब

मामी ने बिना कपड़ो के सोने को कहा और हम दोनो उनके बेडरूम मे सो गये. हम दोनो साथ मे रोमॅन्स करते हुए एक दूसरे को तडपा रहे थे. उस एक रात मे हुमारी जब भी आँख खुलती तब हम एक दूसरे को सिड्यूस करके चुदाई करते थे.

नेक्स्ट पार्ट मे पढ़िए सोनाली मामी घर आने के बाद क्या होता है…

दोस्तो आपको इस पार्ट मे क्या अक्चा मुझे मैल करके ज़रूर बताना.

लड़कियाँ और मॅरीड लॅडीस भी मुझे फीडबॅक ओर चाटिंग के लिए मैल करे आपकी प्राइवसी का ख़याल रखा.

तो बे कंटिन्यूड…

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