मैं अपनी बहन की नाईटी उठाकर चूत में लंड पेल दिया

दोस्तों मेरा नाम राजन है मै मोहाली का रहने वाला हूँ आज मै अपने से चार साल बङी बहन की चुदाई की कहानी बताता हूँ ये कहानी सिर्फ चुदाई कीही नहीँ है हम भाई बहन के प्यार की भी है। हमारे परिवार मेँ मै मम्मी पापा ऒर दीदी है उस समय मेरी उम्र 18 साल थी दीदी की 22 साल थी मेरे से चार साल बङी थी मेरा शरीर हट्टा कट्टा था क्यों कि माँ बाप का लाडला बेटा था। खाने पीने की कोई कमी नहीँ थी देखने मेँ दिदि से 1.5 गुना लगता था। दीदी स्लीम बोडी थी क्योंकि वो व्यायाम करती थी मगर शरीर गठीला था शरीर का हर पार्ट एक साँचे मेँ ढला हुआ था रँग गॊरा है लँबाई 5फिट 8 इँच है मेरी लँबाई 5 फिट 11 इँच है।

दीदी देखने मै हिरोइन की तरह लगती है वो केमिस्ट्री से बीएसी मेँ थी मै 12 th मेँ था मुझे अगर कोई लङकी दिखाई देती थी तो वह दीदी थी दीदी को अगर कोई लङका दिखाई देता था तो वो मै था। वो शर्मिले स्वभाव की है किसी लङके की तरफ आँख उठाकर नहीँ देखती वो काॅलेज जाती ऒर सीधा घर आ जाती उसके पीछे लङके बहुत थे मगर वो किसी को घास नहीँ डालती थी मगर मेरे साथ बहुत मस्ति करती थी। वो मुझे राजा कहकर बुलाती थी। मै ऒर मेरा लँड पुरे जवान हो गये थे। मेरी तरह मेरा लँड भी बहुत सेहतमँद था। दीदी जब मस्ति करती थी तो उसकी चुचिया को मेरा हाथ लग जाता मगर वो बुरा नही मानती थी क्योंकि उसकी नजर मेँ मै छोटा ही था मगर मेरा दिल दीदी को चोदने को कर रहा था।

हम दोनोँ का कमरा अलग अलग था मगर बाथरुम एक ही था दीदी शुबह शुबह व्यायाम करती थी चुस्त कपङे पहन कर जिससे दीदी के हर अँग का आकार साफ दिखाई देता था उससे वो ओर भी हाॅट लगती थी। एक दिन वो व्यायाम कर रही थी दोनोँ घुटनोँ को दोनोँ हाथोँ से पकङ कर अपनी छाती से लगा रखा था ओर आँखे बँद कर रखी थी उसी समय मै चला गया मैंने देखा उसकी गाँड ऒर चुत का आकार साफ दिखाई दे रहा था मेरा ध्यान उसकी गाँड ऒर चूत की तरफ था उसे देखकर पेँट के अँदर मेरा लँड खङा हो गया मै अपने हाथ से लँड को मसलने लगा। दीदी आँखे खोली ओर उसका ध्यान मेरे लँड की तरफ चला गया थोङी देर देखती रही फिर अहसास हुआ कि मेरा ध्यान उसकी चूत ओर गाँड की तरफ ह। उसने कहा राजा क्या देख रहा है, मैंने कहा कुछ नहीँ वो बोली चल भाग यहाँ से इतना बङा नहीँ हो गया ह तूँ अभी। मै वहाँ से सीधा बाथरूम मेँ गया ओर दीदी के नाम की मुठी मारी। दोस्तों आप यह हिंदी सेक्स कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |

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एक दिन दीदी किचन मेँ झाङू लगा रही थी। मेक्सि मेँ थी ऒर आगे की तरफ झुकी हुई थी पीछे से उसके चुतङ क्या लाजवाब दिखाई दे रहे थे देखकर मेरा लँड खङा हो गया। मे सेल्फी लेने बहाने किचन कि तरफ गया ओर अपना खङा लँड उसकी गाँड को अङा दिया दीदी एकदम उछल पङी जिससे उसका हाथ मेरे लँड को अङ गया वो एकदम से खङी हो गयी अोर बोली ” क्या इरादा ह तेरा ” देखकर नहीँ चल सकता क्या, मै बोला बस दीदी सॆल्फी ले रहा था।

हमारा बाथरुम L Shape मेँ है। लॆटरिन वाली सीट अँदर की तरफ है। मेरा एक दिन मुठ्ठी मारने का दिल किया ओर मै दरवाजा बँद करना भुल गया ओर अँदर जाकर मुठ्ठी मारने लगा दीदी पेशाब करने के लिए बाथरुम मेँ आयी ओर अँदर घुसते ही अपनी नाईटी उठा ली ओर अँडरवियर घुटनोँ पर ले आयी ज्युही आगे की तरफ आयी मुझे लँड पकङा देखकर उसके होश उङ गये खङे खङे मेरे लँड को देखती रही ओर नाईटी नीचे करना भुल गयी मेरी नजर उसकी चूत पर पङी जो की छोटी छोटी झाँटोँ से ढकी हुई थी हम दोनोँ एक दुसरे की चूत ओर लँड को देख रहे थे अचानक दीदी को होश आया ओर अपनी नाईटी निचे की ऒर बोली राजा दरवाजा बँद नहीँ कर सकता क्या ” अब तूँ बच्चा नही रह गया ह ” मै बोला दीदी क्या मै 20 दिन मेँ ही जवान हो गया क्या उस दिन कमरे मेँ तो बोली कि तू इतना बङा नही हो गया ह अब तो तुमने देख लिया। दीदी दोनों हाथोँ से अपना मुँह छुपाकर बाहर भाग गयी |

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दो तीन दिन बाद मै ओर दीदी खङे खङे बातें कर रहे थे मेरी नजर दीदी के चुचिया की तरफ थी दीदी बोली क्या देख रहा राजा मै बोला कुछ नही
दीदी – सच सच बता मै कुछ नही कहूगी।
मै – दीदी तुम्हारे चूचियां बहुत शुन्दर है।
दीदी शरमाकर मुस्कुरा दी।
मै – एक बार दिखा दो दीदी।
दीदी – नहीँ, कब से करने लगा तूँ एसी बातेँ, अचछा ये बता उस दिन बाथरूम मेँ क्या रहा था।
मै – क्यों बताऊँ ,तुम तो कुछ नही बताती।
दीदी – मेरे पास क्या ह बताने को।
मै – अपना चूचियांखोलकर दिखा दो फिर मै बता दूँगा।
वो मुझे एक साइड मेँ ले गयी ओर एक चूचियांखोलकर दिखा दिया मैंने पकङना चाहा पर वो पीछे हट गयी ओर बोली अब बता बाथरूम मेँ उस दिन क्या कर रहा था। मेंने कहा मै मुठ मार रहा था , ये सुनकर दीदी ने शरमाकर मुँह छिपा लिया ओर ” धत बेशरम तूँ गँदा हो गया आजकल ” कहकर भाग गयी। अपना एक चूचियांदिखाकर ये शाबित कर दिया था कि अँदर आग लग चुकी है मगर वो शरमाती बहुत ह उस दिन के बाद कयी दिन तक मुझसे आँख नहीँ मिला पाई। दोस्तों आप यह हिंदी सेक्स कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |

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