भाई के साथ थियेटर मे चुदाई के मज़े

हेलो दोस्तो, मई मीट एक बार फिरसे आपके लिए “भैया से नखरे प्यार शादी” का अगला पार्ट लेके आया हू. ये कहानी मेरी बेहन स्वीटी की ज़ुबानी है. जिन लोगो ने मेरी कहानी के पुराने पार्ट्स नही रेड किए है, वो प्लीज़ पहले पुराने पार्ट्स रेड करो. ताकि आपको इस कहानी का पूरा मज़ा आए.

तो आयेज चलते है कहानी पर. पिछले पार्ट मे जब मई नहा कर बाहर आई थी, तब किसी ने मुझे पीछे से हग कर लिया था. अब आयेज की कहानी शुरू करते है-

जिसने मुझे गले से लगाया, वो मेरे भाई थे. उन्होने बड़े प्यार से मेरे गले और गर्दन पर किस करने शुरू कर दिए. मई उनको रोकती रही, पर रोक नही पाई और मई भी मज़े लेने लग गयी. फिर मई बोली-

मई: भाई छोढ़ दो, चलो अब जल्दी से तैयार होने दो. मोविए के लिए लाते हो रहे है.

भैया: अछा सुनो, वो मेरी पसंद की ड्रेस ही पहन-ना.

मई: अछा ठीक है भाई, पहन लेती हू.

फिर ये कह कर मैने स्माइल दी और भैया बाहर चले गये. उसके बाद मैने भैया की पसंद की ड्रेस पहन ली और हम मोविए देखने चले गये.

इस ड्रेस मे मेरे बूब्स दिखते तो नही थे. लेकिन सूट का कमीज़ इतना टाइट था, की मेरे बूब्स पुर गोल-गोल दिख रहे थे. हमारे घर से तोड़ा डोर है सिनिमा हॉल, इसलिए हम दोनो गाड़ी पर वाहा जाने वाले थे.

मम्मी को तो पहले ही हमने पूच लिया था मोविए जाने के बारे मे, तो उनको बता के हम दोनो निकल गये. घर से कुछ डोर जाते ही गाड़ी चलाते-चलाते, भैया ने मेरा हाथ पकड़ लिया.

मुझे उनका मेरा हाथ पकड़ना भूत अछा लगा. भैया एक आचे बाय्फ्रेंड की तरह बिहेव कर रहे थे, जो की मुझे भूत पसंद आ रहा था. मुझसे बिना पूछे, अब तक उन्होने कोई गंदी हरकत नही की थी.

फिर कुछ देर बाद, हम सिनिमा हॉल मे पहुँच गये. वो एक ताह का माल ही था, जहा हम पहले भी शॉपिंग करने गये थे. फिर हमने टिकेट्स ली कॉर्नर सीट की और अंदर चले गये.

मोविए स्टार्ट हो गयी थी और हम देख रहे थे. मोविए भूत रोमॅंटिक थी. भैया मोविए की तरफ कम और मेरी तरफ ज़्यादा देख रहे थे. तो मई बोली-

मई: भैया आप यहा मोविए देखने आए हो या मुझे?

और ये बोल कर मई हासणे लग गयी.

भैया: अर्रे जब पास मे इतनी सेक्सी लड़की बैठी हो, तो मोविए कों देख सकता है.

हमे एक-दूसरे का फेस सॉफ-सॉफ नही दिख रहा था, क्यूकी वाहा काफ़ी अंधेरा था. हम बात भी एक-दूसरे के कान के पास मूह ले जाकर कर रहे थे और इससे हम दोनो की गरम साँसे, एक-दूसरे के कानो पर लग रही थी.

भैया के मूह की गरम साँस जब मेरे कानो पर लगती, तो मेरे जिस्म मे एक करेंट सा लग जाता. कुछ देर बाद, भैया ने मेरे कंधे के उपर से हाथ घुमाया और मुझे अपनी बाहो मे कवर कर लिया.

फिर वो अपना फेस मेरे चीक्स के पास ले आए और मेरे गालो पर किस करने लग गये. मुझे भूत ही मज़ा आ रहा था इस सब मे, क्यूकी ये सब भूत ही ज़्यादा रोमॅंटिक था और आप सब तो जानते ही है की मुझे रोमॅन्स कितना ज़्यादा पसंद है.

फिर वो मेरे कान को मूह मे लेकर चूसने लग गये. मई उन्हे बार-बार जान-बूझ कर कह रही थी, की मोविए की तरफ देखो. लेकिन अंदर से मई यही चाहती थी, की वो और करते रहे और बिल्कुल ना रुके.

फिर कुछ देर बाद, उन्होने मेरे फेस को अपनी तरफ किया और मेरे लिप्स चूसने शुरू कर दिए. मैने भी उनका पूरा साथ दिया. अब तक मेरी पुसी पूरी गीली हो चुकी थी.

ऐसा करते-करते पता ही नही चला, की कब इंटर्वल हो गया और लाइट्स ओन्न हो गयी.

भाई: मेरी प्यारी बहना, कुछ खाना चाहोगी? लेके अओ कुछ?

मई: भाई आपको जो खाना है ले आओ. मई वही खा लूँगी.

भाई(स्माइल करते हुए): मैने तो तुझे खाना है.

मई(शरमाते हुए): हॅट पागल. चलो वॉशरूम चलते है, मुझे भूत तेज़ सस्यू आया है और आप भी कुछ खाने को ले लेना.

फिर हम दोनो बाहर आ गये और मई वॉशरूम मे चली गयी. वाहा जाके मैने देखा, की मेरी पनटी पे वाइट-वाइट पानी लगा हुआ था. मैने उस पानी को उंगली पे लगाया और सूंघ के देखा. बड़ी अजीब सी स्मेल थी.

फिर मई हाथ धो के बाहर आ गयी. तब तक भैया ने कोल्ड ड्रिंक और पॉपकॉर्न ले लिए थे और फिर हम फिरसे अंदर चले गये. कोई ख़ास लोग नही थे वाहा मोविए देखने वाले, तो हम मज़े से एक-दूसरे से पंगे ले सकते थे.

फिर मोविए स्टार्ट हुई और भैया मेरे मूह से पॉपकॉर्न खाने लगे और मेरे बूब्स पर हाथ फेरने लगे. ऐसा करते-करते मोविए ख़तम हो गयी और जब हम थियेटर से बाहर आए, तो अंधेरा हो चुका था.

फिर हमने सोचा, की क्यू ना डिन्नर भी बाहर ही करले. फिर भाई बोले-

भाई: अछा सुनो स्वीटी, बार मे चलॉगी?

मई: लेकिन भैया, वाहा तो कपल एंट्री होती है और हम दोनो तो भाई-बेहन है.

भाई: अर्रे तो वाहा थोड़ी किसी को पता है, की हम भाई-बेहन है. हम कपल की तरह अंदर जाएँगे और मज़े करेंगे. वैसे भी हम दोनो कपल तो है ही.

और ये कहते हुए, उन्होने मुझे आँख मार दी. मैने भी उनकी बात मान ली. फिर हम दोनो वाहा एक पब मे चले गये. भैया ने मुझे ड्रिंक ऑफर की, तो मैने माना कर दिया. फिर भैय ने अपने लिए एक ड्रिंक ली और वो ड्रिंक पीने के बाद, वो कहने लगे-

भैया: स्वीटी मेरे साथ डॅन्स करोगी?

मैने झत्ट से हा करदी और फिर हम दोनो डॅन्स करने लग गये. वाहा और भी भूत से लोग डॅन्स कर रहे थे और कुछ लोग तो डॅन्स करते-करते किस्सिंग भी कर रहे थे. ये सब वाहा आम ही चल रहा था.

फिर भैया ने मुझे अपनी तरफ खींचा और मेरी कमर मे हाथ डाल लिया. अब हम दोनो कपल डॅन्स करने लग गये. फिर भैइता बोले-

भैया: स्वीटी मेरी जान, कैसा लग रहा है?

मई: भाई भूत मज़ा आ रहा है. मई आज से पहले कभी पब मे नही आई और ना ही ऐसे डॅन्स किया है. कभी सोचा नही था, की आपके साथ डॅन्स करूँगी.

भाई: तुम्हे कहा था ना, की मुझे पटाओ और फिर मई तुम्हे गर्लफ्रेंड बनौँगा. तो क्या अब तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी.

मैने शरमाते हुए कहा: हा भाई, मई तो कब से तैयार हू. बस आपको तंग करने के लिए ऐसा कर रही थी. लेकिन मैने आपको ये भी कहा था, की अगर मई आपकी गर्लफ्रेंड बनूँगी, तो आपको मुझसे शादी करनी पड़ेगी.

भाई: हा वो तो ठीक है, लेकिन हमारी शादी कैसे मुमकिन है.

मई: वो सब आप देखो. मुझे तो ये पता है, की मुझे आप ही से शादी करनी है.

भाई: अछा चलो टाइम आने पे देखेंगे. अभी तो किस कर लू?

फिर भैया मेरे पास आए और मेरी लिप्स पर अपने लिप्स रख दिए. मुझे इतना अछा लग रहा था, की क्या बतौ. अब वो धीरे-धीरे से मेरे लिप्स को चूसने लग गये और मई भी उनका पूरा साथ दे रही थी.

मुझे थोड़ी-थोड़ी शरम भी आ रही थी, क्यूकी थे तो हम भाई-बेहन ही और एक दर्र ये भी था, की कोई जान-पहचान वाला देख ना ले. फिर धीरे-धीरे भाई अपना हाथ मेरी कमर से निकाल कर मेरे बूब्स पर लेके जाने लगे, तो मैने उनको रोक दिया.

भाई: क्या हुआ स्वीटी?

मई: भाई यहा नही, कोई देख लेगा. ऐसे अछा नही लगता ना. ये सब घर जाके करेंगे(मैने स्माइल करते हुए कहा).

भाई: ओक मेरी जान, घर जाके करेंगे. अब हम निकलते है, हमे डिन्नर भी करना है, तो लाते हो जाएगा.

मई: हा भाई चलो.

फिर हम दोनो निकल गये. रास्ते मे एक रेस्टोरेंट आता है, जहा हम अक्सर फॅमिली ले साथ जाते है. तो हम उसी रेस्टोरेंट मे चले गये. लेकिन हमने वाहा कोई पंगा नही लिया.

वाहा हमने भाई-बेहन की तरह बिहेव किया, क्यूकी वाहा का मॅनेजर हमे पहचानता था, मम्मी-पापा के साथ आने के कारण. डिन्नर करने के बाद हम वापस घर आ गये.

हमारे पास एक्सट्रा चाबी थी घर की, तो हम बिना शोर किए आराम से घर के अंदर चले गये. मम्मी-पापा सो चुके थे, तो भाई बोले-

भाई: मेरे रूम मे चले, या तुम्हारे रूम मे?

मई सुन कर शर्मा गयी और अपने रूम मे भाग गयी. तभी भैया भी मेरे पीछे-पीछे आ गये. रूम मे आते ही उन्होने दरवाज़ा बंद कर दिया. मई दूसरी तरफ फेस करके और अपने हाथ अपने फेस पर रख कर खड़ी थी.

भैया धीरे-धीरे से मेरे पास आए और मेरी नेक पे किस करने लग गये. मेरी बॉडी मे एक-दूं से करेंट लगने लग गया. फिर उन्होने मेरी ड्रेस मे हाथ डाल लिया और मेरी टमी पे अपना हाथ रख लिया.

वो धीरे-धीरे मेरी टमी पे अपना हाथ रगड़ने लग गये और फिर उन्होने मुझे अपनी तरफ घुमा लिया और मेरे लिप्स पर किस करना शुरू कर दिया. अब हम दोनो किस करते-करते बेड की तरफ जेया रहे थे और मेरे भाई ने मुझे चूमते-चूमते मुझे बेड पर लिटा दिया.

फिर भैया मेरे उपर आ गये और मेरी नेक पर किस करने लग गये. उन्होने मेरी ड्रेस उतार दी और अब मई सिर्फ़ ब्रा और पनटी मे थी. मई ऐसे पहली बार भैया के सामने थी और भैया ने मेरे जिस्म को आचे से देखा.

भैया: स्वीय, तेरी बॉडी तो भूय सेक्सी है.

मई शरमाते हुए बोली: भैय, अब से तो मेरी बॉडी पर आप ही का हक है.

भैया ने मेरी ब्रा का हुक खोल दिया और ब्रा उतार कर डोर फेंक दी. मेरे पिंक कलर के निपल उनके सामने थे और मेरे बूब्स भी ज़्यादा बड़े नही थे और ना ही ज़्यादा छोटे थे .

भैया ने देर ना करते हुए, मेरे लेफ्ट बूब को अपने मूह मे ले लिए और मैने अपना हाथ उनके सिर के उपर दबा लिया.

आयेज की स्टोरी तो बे कंटिन्यूड…. अपनी फीडबॅक मुझे मैल करना ना भूले. मेरी मैल ईद है:

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