हेलो दोस्तों, मेरा नामे हिमांशी है, और मैं पुंजब के शहर फ़िरोज़पुर से रहने वाली हू. मेरा स्किन कलर बहुत फेर है, आंड मेरा फिगर 34-32-36 का है, जिसे देख कर लड़कों और बुद्धों के भी लंड खड़े हो जाते है.
बिकॉज़ जब भी मैं घर से बाहर जाती हू, मैं जान-बूझ कर टाइट टॉप और पंत या लेगैंग्स पहनती हू. जिसमे मेरे बूब्स और गांद अलग ही नज़र आते है. क्यूंकी मेरे मों दाद मॉडर्न ज़माने के है, उन्होने भी कभी मुझे रोका-टोका नही कपड़ो को लेकर.
तो दोस्तों आपने मेरी पिछली स्टोरी पढ़ी होगी, जिसमे मैने भाई के 3 दोस्तों से चुडवाया था. वो मेरा पहला गंगबांग था, जिसमे मैने 3-3 लंड का मुक़ाबला किया था.
उसके बाद मुझे गंगबांग की लत लग चुकी है. उस रात में मैने सनवीर का नंबर ले लिया था, और रोज़ हमारी चाटिंग होने लगी. हम रोज़ सेक्सी टॉक और न्यूड वीडियो कॉल भी करते थे. मैं कभी-कभी वीडियो कॉल पर उसका पानी निकाल देती थी. बुत मुझे रियल लंड चाहिए था. फिर मैने सनवीर से बात करी-
मे: सनवीर यार मुझे सेक्स चाहिए. तुम कैसे भी अरेंज करो.
सनवीर: हिमांशी यार दिल तो मेरा भी बहुत करता है. बुत तेरे घर वाले कहीं जेया नही रहे, और ना ही तेरा भाई युवी कहीं जेया रहा है.
मे: यार मेरे मों-दाद परसो रात को लुधियाना जेया रहे है. बिकॉज़ दाद का कपड़ों का बिज़्नेस है, और वो अपना सारा माल लुधियाना से उठाते है. और मों साथ इसलिए जेया रही थी, बिकॉज़ मों दाद भी क्लब्बिंग करते है, और लुधियाना में बहुत आचे-आचे क्लब है. और युवी को तू मैं नींद की टॅबलेट दे कर सुला देती हू.
मैने सारा प्लान सनवीर को समझा दिया. मों-दाद शाम 6 बजे निकल गये. युवी डिन्नर 8 बजे कर लेता है, और रात का दूध 8:30 बजे तक पी लेता है. तो मैने सनवीर से कहा की तुम 10 बजे तक आ जाना.
सनवीर: हा मैं आ जौंगा.
मे: मैं नही साथ में 2-3 और लड़के लाओ. मुझे गंगबांग करवाना है.
सनवीर: साली तुझे भी मज़ा आने लगा है अभी ग्रूप सेक्स में क्या?
मे: हा सेयेल, तुमने मुझे आदत लगा दी है. अब एक लंड से गुज़ारा नही होगा. पर हा, लड़के भरोसे के हो. मुझे अपनी बदनामी नही करवानी.
सनवीर: तू टेन्षन मत ले, लड़के भरोसे के होंगे.
फिर हमने थोड़ी बहुत बात की, और मैं अपना प्लान बनाने लगी. सबसे पहले मैने उस दिन फुल बॉडी वॅक्स करवाई, और घर आ कर छूट पर खुश्बू वाली क्रीम लगाई.
मों-दाद 6 बजे के आस-पास निकल गये कार में. मैने रात का डिन्नर रेडी किया. मैने और युवी ने साथ में डिन्नर किया, और मोविए देखने लगे. फिर मैने उठ कर उसको दूध का ग्लास दे दिया, जिसमे नींद की 3 टॅबलेट मैने घोल दी थी.
दूध पीने के थोड़ी देर बाद युवी सुसताने लगा, और 9 बजे तक युवी पूरा बेहोश पड़ा था. मैने युवी के रूम का टीवी ऑफ किया, और सनवीर को मेसेज किया आ जाओ तुम.
वो बोला: बस आधे घंटे में आ रहे है.
मैं झट से अपने रूम में गयी. मैने एक शॉर्ट मॅक्सी पहन ली, और नीचे से पूरी नंगी थी. 10 बजे डोर नॉक हुआ. मैने डोर ओपन किया. सनवीर के साथ 1 लड़का, और 2 अंकल टाइप के लोग थे. मुझे देख कर वो हांग से हो गये.
मैं बोली: अंदर आ जाओ आप लोग, यहीं खड़े रहोगे क्या?
हम हास पड़े, और अंदर हॉल में आ गये.
सनवीर ने मुझे कहा: चकना और सलाद काट लाओ, मैं बियर की बॉटल निकालता हू.
मैं किचन से सलाद और चकना बना कर ले आई. मैं जेसे टेबल पर झुकी, पीछे से मेरी गांद के दर्शन अंकल को हो गये. वो अपना लंड मसालने लगे. फिर हम लोग बियर पीने लगे, और अपना-अपना इंट्रोडक्षन देने लगे.
1. सनवीर
2. लड़का अजय
3. अंकल रघु
4. अंकल राजू
अजय स्टडी करता था, और रघु और राजू दोनो मज़दूर थे.
मैने सब से कहा: यार आप लोगों ने अभी तक कपड़े पहन रखे है. इतनी गर्मी में मैं नही पहन सकती इतना टाइम यार.
और इतना कह कर मैने अपनी मॅक्सी उतार दी. मैं सब के सामने नंगी बैठी थी. मुझे देख कर चारों मर्द भी नंगे हो गये. सब के लंड 5 से 6 इंच के बीच में थे. मैं सब के लोड चूसने लगी. मैं गुउुउल्ल्ल्लप्प्प्प गुउुउउल्ल्लप्प गुउुउल्ल्लप्प्प करके लंड चूस रही थी.
5 मिनिट्स में सब का पानी निकल गया. मैं सब का पानी पी गयी. फिर सनवीर ने मुझे घोड़ी बनाया, और मेरी छूट चाटने लगा. उधर राजू और रघु मेरे बूब्स चूस रहे थे. अजय अपना लंड मेरे मूह पर फेर रहा था.
2 मिनिट्स में मेरी छूट ने फव्वारा छ्चोढा और सनवीर के मूह पर मेरा पानी निकल गया. सनवीर नीचे लेता. मैं उसके लंड पर बैठी. पीछे से रघु ने लंड गांद पर सेट किया, और मेरी सॅंडविच चुदाई शुरू हो गयी. मेरे मूह से आहह आहह आअहह ऊहह फक मे डॅडी की आवाज़े निकल रही थी.
राजू और अजय को मैं हॅंजब दे रही थी. 5 मिनिट्स बाद अजय और राजू ने मोर्चा संभाला और छोड़ना शुरू कर दिया. फिर 10 मिनिट्स तक छोड़ा. वो लोग सोफा पर लाइन में बैठ गये. मैं समझ गयी मुझे क्या करना था. फिर मैं बारी-बारी सब के लंड पर उछाल-उछाल कर छुड़वाने लगी.
ऑश एससस्स एसस्सस्स ऑश डॅडी हार्डर. मैं चुड रही थी, और वो साथ-साथ मेरे बूब्स दबा और चूस रहे थे. फिर उन्होने मेरी टाँगें अपने कंधे पर रखी, और ज़ोर-ज़ोर से झटके मारने शुरू कर दिए. मेरी पूरी बॉडी हिल रही थी.
राजू और रघु दोनो मज़दूर थे, और काफ़ी स्ट्रॉंग थे. उन्होने मुझे अपनी गोद में उठा लिया, और छूट और गांद में लंड डाल दिए. फिर ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगे. वो असली मर्द की तरह मेरी चुदाई कर रहे थे. इन सब की चुदाई में मेरा 5 बार पानी निकल चुका था.
फिर मैने सब के लंड चूस-चूस कर सब का पानी निकाला, और पी गयी.
दोस्तो उस रात चारों ने मुझे सुबह के 5 बजे तक छोड़ा. हम हॉल में ऐसे ही नंगे सोए पड़े थे. मैने सुबह उठ कर देखा तू मेरी छूट पूरी लाल और सूजन के मारे दर्द कर रही थी. मैने सब को उठाया और वो लोग कपड़े पहन कर चले गये. मैं युवी के रूम में गयी, वहाँ युवी अभी भी सो रहा था. फिर मैने शवर लिया और रूम लॉक करके नंगी ही सो गयी. तो दोस्तों ये थी थी मेरी रियल सेक्स स्ट्रॉय.