भाई-बहन में माल पीने-पिलाने का खेल

हेलो प्यारे दोस्तों, कैसे है आप लोग? उमीद है सभी बढ़िया होंगे. कहानी के पिछले भाग में आप सभी का प्यार देख कर काफ़ी अछा लगा, और मुझे कहानी आयेज लिखने के लिए प्रेरित किया. काफ़ी लोगों की शिकायत थी की स्टोरी बहुत छ्होटी थी. इसलिए मैं कोशिश करूँगी ये स्टोरी थोड़ी लंबी हो. तो चलिए कहानी में आयेज बढ़ते है.

सो हेलो मेरे प्यारे लंड के सरदारो. मैं हू प्रिया. पिछले भाग में आपने पढ़ा मैने कैसे मेरे भाई राज के साथ कुछ रोमॅंटिक पल बिताए, और रात में राहुल को अपने साथ सोने बोला. अब आयेज-

राहुल बहुत दर्र रहा था. हम सोने लगे. मैं रात में नॉर्मल त-शर्ट और शॉर्ट्स पहनती हू, और अंदर सिर्फ़ पनटी. रात में ब्रा खोल देती हू. थोड़ी देर बाद जब मेरे दोनो भाई सो गये थे, मैने देखा राहुल अभी भी जागा हुआ था. मुझे समझ नही आ रहा था बात शुरू कैसे करू. तभी राहुल मेरी तरफ मुड़ा और बोला-

राहुल: दी, ई आम सॉरी (धीमी आवाज़ में).

मे: ह्म क्यूँ?

राहुल: वो आज सुबह मुझे आपको वैसे नही देखना चाहिए था.

मे: हा, कोई बात नही.

राहुल: मेरा वैसा कोई इरादा नही था.

मे: हा तेरे इरादे तो मुझे दिख रहे थे (उसके लंड पे हाथ मारते हुए).

राहुल: दी वो तो नॉर्मल है (हेस्ट हुए).

मे: अछा नॉर्मल है.

राहुल: हा वो लड़का-लड़की में, योउ नो.

मे: हा, बुत मैं तेरी बेहन हू ना.

राहुल: भाई बेहन में भी होता है मैने देखा है पोर… (इतना बोल कर मैं चुप हो गया).

मे: क्या पोर…? तो तूने पॉर्न में देखा है (गुस्से में)?

राहुल: वो दोस्तों ने आदत लगा दी थी.

मे: तू पागल है, ये सब कर रहा है तू?

राहुल: सॉरी दी (साद हो कर बोला).

मे: हा पर ये सब ग़लत है ना.

राहुल: हा दी, पर एक बार देखा मैने तो बहुत मज़ा आया इसलिए. सॉरी.

मे: मज़ा क्या, तू पागल हो गया है?

राहुल: नही दी सच में. मैं दिखौ आपको?

इतना बोल कर उसने मोबाइल लिया, और उसमे एक पॉर्न जो पहले से डाउनलोड था लगा दिया. पहले स्टोरी नॉर्मली शुरू हुई, इसलिए में देखने लगी. बुत कुछ ही देर में उसमे किस्सिंग आंड न्यूड्स सीन शुरू हो गये. आप तो जानते हो फ्रेंड्स पॉर्न मूवीस में स्टोरी कोई ख़ास होती नही, बस सेक्स सेक्स होता है.

उसमे लड़का और लड़की दोनो भाई-बेहन रहते है. लड़की पहले उसके लंड को आचे से चूस्टी है (उस वक़्त मुझे पहली बार पता चला की लंड के साथ क्या करते है. और राज मेरा फेस उस वक़्त अपने लंड की तरफ क्यूँ धकेल रहा था). फिर लड़का उसके बूब्स और उसकी छूट की आचे से चाटने लगता है, आंड फिर वो दोनो एक-दूसरे के साथ सेक्स करने लगते है.

उसे देख कर पता नही कैसे मेरा हाथ अपने आप मेरी छूट पे चले गये. मैने वो पूरी वीडियो बिना किसी ब्रेक के देखी. फिर जब वीडियो ख़तम हुई, तब मैने नोटीस किया की कोई मेरे बूब्स सहला रहा था. मैने झट से हाथ पकड़ा तो वो राहुल था.

मे: राहुल ये क्या कर रहे हो?

राहुल: सॉरी दी, ग़लती से. वीडियो कैसी लगी?

मे: हा अची थी (शरमाते हुए).

राहुल की हिम्मत बढ़ गयी, और उसने बोला-

राहुल: दी मुझे भी उसी की तरह आपके बूब्स चूसने है.

मे: तू पागल हो गया है क्या?

इतना बोल कर मैने मोबाइल दूसरी तरफ फेंक दिया. सडन्ली उसने अपना हाता मेरी कमर पे रखा. मेरी त-शर्ट ऐसी थी जो मेरी कमर से काफ़ी उपर तक थी. वो मेरी कमर सहलाने लगा. मैं उसे रोकना चाहती थी, की तभी उसने मुझे अपनी तरफ घुमा लिया, और मेरी कमर को ज़ोर से अपनी तरफ पुल किया. इस वजह से मेरी छूट वाला हिस्सा उसके लंड वाले हिस्से से चिपक गया, और वो धीरे से मेरे कान में बोला-

राहुल: प्लीज़ दी.

वो लम्हा इतना रोमॅंटिक सा था, की मैं चाह कर भी उसे रोक नही पा रही थी. मैने बहुत ही मदहोशी भरे अंदाज़ में बोला-

मे: नही.

इस बात से उसकी हिम्मत और भी बढ़ गयी. उसने रज़ाई आचे से की ताकि राज और शान को कुछ ना दिखे. फिर मुझे छ्चोढ़ दिया. मैं सोचने लगी की बच गयी, पर तभी वो झट से मेरे उपर आ गया, और उसने मेरे दोनो हाथो को पकड़ कर बेड पे दबा दिया. मैं लंबी-लंबी साँसे लेने लगी. मेरी हार्टबीट बढ़ गयी.

उसने मेरे लिप्स पे एक किस किया और फिर मेरी नेक पे किस करने लगा (अगेन मेरी कमज़ोरी ). मैं तड़पने लगी, पर उसने मेरे हाथ को ज़ोर से दबाए रखा था. वो थोड़ी देर नेक पर किस करता, और फिर मुझसे पूछता-

राहुल: प्लीज़ दी, एक बार (मेरे बूब्स के बारे में).

और मैं बार-बार उसको माना कर देती. पता नही हम ऐसा क्यूँ कर रहे थे. उसे जो करना था वो कर ही रहा था. फिर पूछने की क्या ज़रूरत? और मैं उसे रोक भी नही रही थी, फिर मैं ना क्यूँ बोल रही थी?

खैर, उसकी नेक किस्सिंग बढ़ती जेया रही थी, और ये मुझसे अब और कंट्रोल नही हो रहा था, और फाइनली मैने हा कर दी. इतना सुनते ही उसने मेरे हाथो को छ्चोढ़ दिया, और मेरे लिप्स को चूसने लगा. मेरे हाथ जैसे सालों की क़ैद के बाद आज़ाद हुए हो, उसके सिर पे जेया कर चिपक गये और उसके बालों को जकड़ने लगे.

वो मेरे लिप्स को चूज़ जेया रहा था, और मैं उसका साथ दे रही थी. इसी वजह से हमारी किस की आवाज़ कमरे में गूंजने लगी. मैं तोड़ा रुक गयी शायद राहुल को भी ये समझ आया, इसलिए वो भी नीचे हो गया. थोड़ी देर बाद उसने रज़ाई के अंदर पिल्लो लगा दी ताकि लगे कोई सो रहा था और खुद मोबाइल लेकर बाहर चला गया.

कुछ देर बाद उसका मसाज आया “दी बातरूम में आओ”. आपको तो पता है मेरा बातरूम मेरे रूम से डोर है, और मम्मी पापा उपर के रूम में होते है. तो वाहा हमे कोई डिस्टर्ब नही करने वाला था. मैं बातरूम की तरफ गयी. बातरूम की लाइट ओं थी. अचानक से मुझे राहुल ने बातरूम में खींचा, और गाते बंद करके मुझे गाते से लगा दिया.

उसने अपने एक हाथ से मेरे दोनो हाथ पकड़ कर उपर की और कर दिए, और उन्हे दबा लिया (वो मुझे तड़पने का कोई मौका नही छ्चोढ़ रहा था). फिर दूसरा हाथ मेरी कमर पे रखा, और मेरे लिप्स को चूमने लगा. मैं भी उसका साथ देने लगी.

हाथ उपर होने की वजह से मेरी त-शर्ट भी उपर हो गयी. उसकी लेंग्थ लगभग मेरे बूब्स तक आ गयी थी. राहुल मेरे लिप्स को छ्चोढ़ मेरी गर्दन पे किस करने लगा ( यार मेरी कमज़ोरी मुझे ले डूबी). मेरी साँसे तेज़ हो गयी थी, जिस वजह से मैं लंबी-लंबी साँसे लेने लगी, और मेरे बूब्स (जो आपको पता है की बहुत बड़े और टाइट है) उपर-नीचे होने लगे. तभी उसकी नज़र मेरे आधे नंगे बूब्स पे पड़ी.

उसने अपना दूसरा हाथ मेरी कमर से हटा कर बूब्स पे रखा और दबाने लगा. मैं सिसकियाँ लेने लगी. ये देख राहुल ने मेरे हाथ छ्चोढे, और अपनी और मेरी त-शर्ट निकाल दी, और मेरे बूब्स उसकी आँखों के आयेज उछालने लगे. वो मेरे बूब्स को चूसने लगा.

अब इस पल में बिल्कुल मदहोश हो गयी. मुझे कुछ होश ना रहा. मैं बिल्कुल किसी मछली की तरह तड़पने लगी. वो मेरे बूब्स एक-एक करके चूज़ जेया रहा था, इतना सेक्सी एहसास मुझे पहले कभी नही हुआ था. लगभग 5-6 मिनिट मेरे बूब्स चूसने के बाद वो नीचे बैठ गया और मेरी शॉर्ट्स को पनटी के साथ ही उतार दिया. अब उसकी आँखों के सामने मेरी बिल्कुल वर्जिन और गीली छूट थी.

उसने मेरी तरफ देखा. मैने ना में सर हिलाया. पर वो नही माना. उसने पहले फिंगर से मेरी छूट को मसलना शुरू किया, और फिर अपनी जीभ मेरी छूट पे रख दी. अब मैं उसे रोक नही रही थी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. मैने उसके सिर को ज़ोर से पकड़े रखा था, और अपनी गांद हल्की-हल्की हिलने लगी. वो मेरी छूट को आम की तरह चूज़ जेया रहा था. मैं सिसकियाँ लेने लगी.

तभी मुझे कुछ फील हुआ जैसे मेरी छूट से कुछ निकालने वाला हो. मैने उसके सिर को अपनी छूट पे दबा लिया, और मेरी छूट ने उसके मूह में अपना सारा माल गिरा दिया. उसने सारा माल छत लिया, और फिर मेरी छूट को भी जीभ से आचे से सॉफ कर दिया.

अब वो दीवार से लग कर खड़ा हो गया, और मुझे घुटनो पर बिता दिया. उसने झटके से अपनी पंत उतरी, और उसका लंड पूरी ताक़त के साथ मेरे मूह के सामने आ कर खड़ा हो गया (इस बार मुझे पता था उसके साथ क्या करना था). मैने पहले उसे अपने हाथ से हिलाया. फिर उसकी उपर की स्किन हटा कर उसके टोपे को अपनी जीभ से छाता.

मुझे उसका टेस्ट बहुत अछा लगा. मैं उसका लंड लॉलिपोप की तरह चूसने लगी. उसने मेरे बाल पीछे पकड़े थे. मैं उसका पूरा लंड अपने मूह में लेकर चूस रही थी. तभी उसने अपना पूरा लंड मेरे मूह के अंदर दबा दिया. मुझे कुछ समझ आता उससे पहले ही उसके लंड ने मेरे मूह में पिचकारी की बौच्हर कर दी. मैं भी किसी रंडी की तरह उसका सारा रस्स पी गयी. फिर मैं खड़ी हुई, और उसने पूछा-

राहुल: कैसा लगा दी, मज़ा आया?

मैने उसके गाल पे थप्पड़ मारा और बोली-

मे: डॉन’त कॉल में दी, कॉल मे बेबी.

उसने मेरे बाल खींचे और मेरी गर्दन पे जीभ रखी, और चाट-ता हुआ मेरे लिप्स तक आया. फिर हम लीप किस करने लगे. काफ़ी देर लीप किस करने के बाद हमने अपने-अपने कपड़े पहने, और वापस बेड पे चले गये. उसने मुझे पीछे से हग किया और मेरे बूब्स पे अपना हाथ रख दिया. हम इसी पोज़िशन में सो गये.

आयेज की कहानी जानने के लिए वेट करे नेक्स्ट पार्ट का. आंड अपना फीडबॅक ज़रूर दे (प्के9435856@गमाल.कॉम). थॅंक योउ.

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