भाई बहन को दुल्हन बनाने वाला था

अब तक आपने जाना की मैं घर से बंगलोरे गया, और दी और जीजू को सर्प्राइज़्ड किया. वाहा जेया कर पता चला की वो बंगलोरे से माइज़ॉयर शिफ्ट कर रहे थे. मैने जीजू की शिफ्टिंग में हेल्प करने के बहाने अपनी दी को छोड़ने का प्लान बनाया, जो चुदाई दी की शादी के पहले से पेंडिंग थी.

मैने कुछ ऐसा माहौल क्रियेट किया, और दी को एमोशनल करके उसकी 3 बार छूट मारी, और वो भी एक चलती कार में, जब जीजू बगल की सीट पे थे. दूसरा रास्ते पर गॅस स्टेशन में, और तीसरा दी के नये घर में.

दी को मैने ये सीक्रेट भी रिवील किया की मों को हमारे रिलेशन्षिप के बारे में पहले ही पता था, और मों ने ही शादी वाले दिन दी और मेरी चुदाई नही होने दी थी. और उसी मों ने फिर मुझे दी के पास भेजा, और दी की चुदाई मैं कर पाया.

मैने दी को वही अपनी इक्चा बताई की मैं उन्हे अपने घर में, उसके बेडरूम में, वही शादी वाली जगह छोड़ने की इक्चा रखता था. मैं उनको उसी जगह पर छोड़ना चाहता था, जी जगह पे हमारी 1स्ट्रीट चुदाई अधूरी रही थी.

दी उसके लिए मान गयी, और मुझे ट्रेन की बुकिंग करने को कहा. इसके साथ मैने अपना स्टोरी पोस्टिंग में गॅप का रीज़न भी आपके साथ शेर किया था, की घर पहुँचने के बाद दी को ये पता चल गया की मैं ड्के पे स्टोरी डालता हू, तो वो नाराज़ हो गयी. फिर वो कुछ दिन बाद वापस माइज़ॉयर चली गयी.

कुछ महीनो बाद उसका मेसेज आता है की मैं अपनी अधूरी स्टोरी को जल्द ही पूरा कर लू. और ये भी बताया की वो कुछ दीनो बाद जीजू के साथ घर पे आ रही थी.

फ्रेंड्स, पूरी स्टोरी पढ़ने के लिए इस स्टोरी के पीछे के पार्ट्स ज़रूर पढ़िए. मज़ा आएगा आपको. लड़कों का खड़ा हो जाएगा, और लड़कियों का पानी निकल जाएगा.

अब आयेज की स्टोरी कंटिन्यू करते है, जब मैं ट्रेन की बुकिंग करवाने के पार्ट पे था. अब उसके आयेज:-

मैने ट्रेन की बुकिंग करवा ली. फिर दी ने जीजू को कॉल करके बहाना बनाया की मों बीमार है, और वो मेरे साथ अपने घर जेया रही थी. जीजू की नयी जॉब थी, और बाकी का समान भी बंगलोरे से माइज़ॉयर शिफ्ट करना था. इसलिए वो नही आए, जैसा हमे चाहिए था.

तो देर रात को हमने ट्रेन पकड़ी, और घरके लिए निकल गये. रास्ते में मैने दी को ट्रेन में चुदाई के लिए इशारा किया. तो दी ने मुझे व्हातसपप किया.

दी(अपनी आज की सेल्फिे लेकर): अभी ट्रेन में इसको छोड़ेगा, या फिर घर जेया कर इसको (अपनी शादी के जोड़े वाली फोटो डाली)?

मे: मॅन तो करता है की दोनो को छोड़ डालु इस ट्रेन के बातरूम में.

दी: ह्म, पर चाय्स तो एक ही है.

मे: ओक, मैने इसके साथ जाना चाहूँगा (दुल्हन वाली फोटो को टॅग करते हुए).

दी: मुझे भी यही लगा था, तो अब सो जेया. रास्ता लंबा है. गुड नाइट.

मे: गुड नाइट स्वीटहार्ट. वेटिंग तो फक मी दुल्हन.

दी ने स्माइली सेंड की. फिर ऐसे ही हम वापस घर पहुँच गये. जब हम पहुँचे, तो पापा जॉब के सिलसिले में फिलहाल कुछ दिन आउट ऑफ स्टेशन थे. और मों के स्कूल में कुछ दीनो की चुट्टिया चल रही थी. और छ्होटी सिस्टर खुशी भी हॉस्टिल में थी.

हमने मों को सर्प्राइज़ दिया, तो वो शॉक हो गयी. हम दोनो को एक साथ देख कर उसकी आइब्राउस थोड़ी सी उपर चढ़ गयी, जो मेरे साथ-साथ दी ने भी नोटीस किया, और मुझे हल्की स्माइल दी.

फिर मैने दी का समान उपर वाले कमरे में रखा, और दी मों के साथ किचन में चली गई. कुछ देर बाद जब मैं नीचे आया, तो मों ने हम दोनो को फ्रेश होने को कहा. तो मैं उपर वाले बातरूम में चला गया, और दी नीचे वाले बातरूम में.

मैं नहा कर यहा-वाहा देखते हुए किचन में गया, और पीछे से हग करते हुए बूब्स को दबाते हुए, और अपने लंड को गांद पे लगते हुए बोला-

मे: मिस्ड योउ सो मच डार्लिंग. जैसा तुमने चाहा, वैसा ही हुआ. अब जल्दी से तुम्हे अपने बिस्तर की रानी बनाना है.

दी (धीरे से): अभी छ्चोढो मुझे, और हटो यहा से. मों आ जाएँगी. तोड़ा सबर रखो, फिर अपने बिस्तर पे ले जाना.

मे (तोड़ा शॉक होते हुए, पर खुद को संभालते हुए): ठीक है. पर तुमने ये मों का गाउन क्यू पहना है?

दी: अर्रे, ये कपड़े बातरूम में पड़े थे, तो मैने अभी डाल लिए. अभी मेरे बाग को खोल कर कों कपड़े निकालता, इसलिए. पर मेरा कौन सा चाहा हो गया?

मे (दी की आँखों में देख कर रोमॅंटिक तरीके से): क्या मेरी तरह तुमने भी नही चाहा था, की जिस जगह हमारी 1स्ट्रीट चुदाई रह गयी थी, वही पर फिरसे एक बार कंटिन्यू करे? बोलो, क्या नही चाहा था?

दी ने जवाब में अपनी आँखें झुका की, और स्माइल दे रही थी.

मे: अछा ये बताओ, मों कहा है?

दी: पता नही, शायद अपने रूम में होंगी.

मे: ओक, मैं उन्हे मिलके आता हू, और देखता हू की आज अपनी दुल्हन की लेने का सीन हो पाता है की नही.

दी (स्माइल देते हुए): बदमाश!

और मैं मों को ढूँढने चला गया. कुछ देर बाद जब वापस आया तो दी बोली-

दी: क्या हुआ, मों मिली के नही?

मे: अर्रे नही, लगता है की पड़ोस की आंटी के वाहा गयी होंगी. (उतने में मों किचन में एंटर करती है )

मों: गुड मॉर्निंग बच्चो, क्या कर रहे हो?

मे: कुछ नही मों, आज शाम कही बाहर जाने की प्लॅनिंग कर रहे है. घूमने या मोविए देखने ऐसा कुछ. दीदी को भी अछा रहेगा.

मों: सॉरी बेटा, पर आज तो मेरा नही हो पाएगा. आज मुझे मेरी एक फ्रेंड के वाहा शाम को एक सोशियल गॅदरिंग में जाना है.

मे: ओह! पर मों, आप रुक जाती तो हम सब साथ में चलते ना.

मों: सॉरी बेटा, पर मेरा जाना ज़रूरी है. और अब तो तू बड़ा हो गया है. अपनी दी को अकेले घुमा ला. सही कहा ना अनु बेटा?

दी: ओक मों, डॉन’त वरी. मुझे यकीन है की ये मुझे आचे से हॅंडल कर लेगा. इतना बड़ा तो अब हो गया ही है. (और दी, मों और हम तीनो हासणे लगे)

मे: ओक मों, जैसा तुम दोनो को ठीक लगे.

दी: वैसे मों, ऐसा करते है, हम बाद में चलेंगे. वैसे भी आज मुझे आराम करने का मूड है. मैं तक गयी हू. हम कल या परसो चलेंगे.

मे (रूठने की आक्टिंग करते हुए): किसी को नही जाना है, तो कोई बात नही. मैं भी यहा कों सा वेल्ला बैठा हू. जब जाना हो तब बता देना (और मैं अपने कमरे में चला गया).

मों: अर्रे, पर बेटा सुन तो सही?

दी: रिलॅक्स मों, मैं जाके उसको देखती हू. आप शाम को आराम से जाइए. मैं उसे संभाल लूँगी.

मों: ओक बेटा, वैसे भी लास्ट में तो हम औरतो को ही सब कुछ हॅंडल करना होता है.

और मों वाहा से चली गयी.

अगले पार्ट में आप जाँएंगे की आफ्टरनून में क्या सब होता है.

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