हमे फिर से भाभी के स्टाफ की कॉल ने उठाया. वो पार्लर बंद करके जेया रहे थे, तो इनफॉर्म करने को कॉल किया था. मैने एक बात नोटीस की, की अब एक रौंद की चुदाई के बाद ही बॉडी बहुत तक जाती थी. प्लस रिकवरी टाइम इनक्रीस हो गया था मेरा. पहले लंड एक रौंद करके 10 मिनिट मॅक्स में अपने आप खड़ा हो जाता था, और अब तो घंटो तक बुझा पड़ा रहता था.
शायद हर दिन शिखा की छूट मारी, तो बॉडी पर एफेक्ट होने लगा, और स्टॅमिना ख़तम होने लगा था. अगर आप में से किसी के साथ भी ऐसा ही हो रहा है, तो शिलाजीत दूध के साथ और सफेद मूसली कॉंच के बीज, अश्वगंधा पीस कर दूध के साथ लेना शुरू कर दे.
चलो खैर भाभी की बात-चीत से नींद खुली. भाभी की पीठ मेरी तरफ थी, तो भाभी को अपने पास खींचा आंड एक पैर उनके पैरों के उपर रखा, और पीठ पर किस करने लगा. फिर हल्के-हल्के बीते करते हुए उपर जाने लगा.
फिर भाभी के कंधे, उनकी गर्दन, उनके गाल हल्के-हल्के चूस-चूस कर बीते किए. मेरा हाथ उनके पेट पर था. भाभी गरम होने लगी, तो उन्होने मेरा हाथ पेट से उठा कर अपने बूब्स पर रख दिया, और मेरे हाथ को दबाने लगी. इससे उनका चुचा दबने लगा. फिर वो अपना हाथ मेरे लंड पर ले गयी, और उसे दबाने लगी, और अपनी छूट पर रगड़ने लगी.
ऐसे ही 5-7 मिनिट चला, और भाभी मस्त गरम हो कर आहें भरने लगी. फिर पलट कर मेरे उपर आ गयी, और मेरे होंठो को चूसने लगी. वो अपनी कमर को मेरे लंड पर नाचने लगी. मैने भी भाभी के दूध को पकड़ कर, कस्स कर अपने पास खींचा, और मज़बूती से बूब्स पकड़ कर रखा, इतने के लाल हो गये बूब्स.
भाभी ने मेरे हाथ पर मारा, फिर भी पकड़ ढीली नही की. फिर भाभी ने मेरा लंड अपनी छूट के होल पर रखा, और एक झटका दिया, तो टोपा अंदर चला गया. फिर वो धीरे-धीरे लंड को अंदर लेने लगी.
जब पूरा लंड अंदर चला गया, तो भाभी ने मेरे होंठ को छ्चोढा और सीधी हो कर लंड पर बैठी रही. अब भाभी आयेज-पीछे हो कर मेरे लंड से चूड़ने लगी.
रोहिणी: आहह विवेक, बहुत सही लंड है यार तुम्हारा. मेरी छूट को पूरा खोल कर रख दिया है. मैने अपने मर्द के लंड की खूब सवारी की थी, पर इतना मज़ा नही आया कभी. ऑश मा रे, क्या लोड्ा है मेरे यार का हाए.
विवेक: भाभी आपकी छूट भी कम नही है. मेरे लोड को पूरा जाकड़ कर रखा है साली ने, और अब तो आप खूब सवारी करो मेरे लोड की. अब तो आपका मर्द मैं ही हू. खूब मज़े लो अपने मर्द के लंड से, और ज़ोर से छोड़ो अपनी छूट भाभी एस, फक, और ज़ोर से झटके लो भाभी.
रोहिणी: उफ़फ्फ़ विवेक, मेरी मा चुड रही है ऐसे तुम्हारे लंड से चुदाई करने में. पर मज़ा भी बहुत आ रहा है मुझे.
भाभी चुदाई में फुल खो गयी और मस्त झटके दे-दे कर अपनी छूट छोड़ रही थी. वो अपने बूब्स दबा रही थी, और उन्हे अपने मूह में ले-ले कर चूस रही थी. बूब्स चूसने से जो थूक बनता, वो मुझे किस करके पिलाती.
रोहिणी: हाए रे बच्चे, तूने पूरी रंडी बना दिया है मुझे. ऐसे तो मैने कभी अपने मर्द के साथ भी नही किया जैसे तुम्हारे साथ कर रही हू. आहह आहह आज पूरा खा जौंगी इस लंड को.
भाभी लंड से उतरी, और अपनी छूट के रस्स से सानने हुए मेरे लंड को मूह में लेकर चूसना शुरू कर दिया ज़ोर ज़ोर से, जैसे पॉर्न वीडियो में दिखाते है लड़की हाथ घुमा-घुमा कर पूरा लंड अंदर तक ले जाती है, बिल्कुल वैसे ही.
एक तो हाथ की पकड़ टाइट. फिर लंड अंदर मूह में ले जाते टाइम लंड को खोलती और बंद करती, तो बहुत मज़ा आ रहा था मुझे.
विवेक: आअहह भाभी, क्या मस्त चूस रही हो यार.
भाभी फुल मज़े से लंड चुसाई कर रही थी. मुझे भी जोश आ रहा था, तो मैने भाभी को मूह से पकड़ा, और उपर खींच कर अपने उपर लिटा लिया. फिर लंड छूट पर रख कर धक्का मारा और छूट में उतार दिया. अब मैने उन्हे कस्स कर अपने से चिपका लिया, और लंड पेलना शुरू किया नीचे से फुल स्पीड में.
रोहिणी: आअहह आअहह कुत्ते, रे धीरे मार. मा मेरी छूट फट गयी आअहह उम्म्म्मम.
भाभी मेरे कंधे पर दाँत गाड़ने लगी. पर मैने स्पीड कम नही की. कमरे में पाट पाट पाट पाट की ज़ोर दर आवाज़ के साथ भाभी की चीख गूँज रही थी. इससे मुझे बहुत जोश चढ़ रहा था. 10 मिनिट भाभी की छूट-फाड़ चुदाई करके भाभी को साइड में फेंक दिया, और उठ कर आयिल ले आया.
फिर भाभी को उल्टा करके बेड के कॉर्नर पर खींचा, लंड पर ढेर सारा आयिल डाला, और मसागे करके लंड को आचे से तैयार किया. उसके बाद भाभी की गांद का च्छेद खोला, और टोपा उस पर रख कर धक्का दिया. भाभी जब तक समझ पाती की क्या होने वाला था, तब तक टोपा भाभी की गांद में जेया चुका था.
भाभी बिन पानी मछली की तरह फड़फड़ने लगी, और ज़ोर-ज़ोर से पीछे की तरफ हाथ पटक-पटक कर मुझे मारने की कोशिश करने लगी.
रोहिणी: कुत्ते, भोसड़ी के, निकाल इसे. मेरी गांद फाड़ दी हरामी. बता कर छोड़ लेता. मैं माना नही कर रही थी ना. अया मा विवेक निकालो अपना लंड, मेरी गांद जल रही है. प्लीज़ बहुत दुख रहा है.
भाभी की आवाज़ रोने जैसी हो गयी, और वो अपना मूह बेड में दबा ली. मैने मौका देखा, और लंड को तोड़ा और ताक़त के साथ धक्का दिया, तो लंड गांद को चीरता हुआ आधा घुस गया. भाभी एक-दूं से तोड़ा उठ कर आयेज की साइड जाने लगी.
रोहिणी: उउई मा, मदारचोड़, मार देगा क्या बेहन के लोड! कुत्ते गांद फटत गयी मेरी आअहह ईईीीइसस्सस्स सस्स्स्सिईईईई!
मैने उन्हे कमर से पकड़ा, और पीछे की साइड खींचा. फिर लंड को आयेज धक्का दिया, जिससे एक ताल-मेल बैठा गया, और पूरा का पूरा लंड गांद में घुस गया. भाभी चिल्ला पड़ी ज़ोर से और पूरी ताक़त से पलटने की कोशिश करने लगी.
रोहिणी: विवेक प्लीज़ निकालो इसे. मुझसे नही झेला जाएगा. गांद में बहुत दर्द हो रहा है.
मैने एक झटका और दे मारा, और लंड वहीं रोक कर भाभी के उपर लेट गया.
विवेक: बस भाभी हो गया जितना दर्द होना था. अब सिर्फ़ मज़े आएँगे.
मैं 5 मिनिट तक ऐसे ही बिना धक्का दिए लेता रहा. भाभी भी गांद टाइट करती, फिर ढीली छ्चोढ़ देती. इससे मेरा लंड अड्जस्ट हो गया गांद में. फिर मैं उठा, और भाभी की गांद को खोल कर अपने लंड पर आयिल की धार मारी. इससे आयिल गांद के होल पर भी जाने लगा.
अब मैं धीरे से लंड पीछे करके आयिल डालता, और फिर आयेज धक्का देकर पिस्टन जैसे खेल करने लगा. उधर भाभी बेडशीट को कस्स कर पकड़ कर लंड गांद में झेल रही थी, बिना कुछ बोले.
अब जब लंड सही से अंदर-बाहर होने लगा था, तो मैने भाभी की कमर को पकड़ कर तोड़ा अपनी तरफ खींचा. अब पोज़िशन ऐसी थी की मैं घुटनो पर भाभी की गांद में लंड दिए था, और भाभी गांद उठाए लंड लिए बेड पर पड़ी थी.
मैने हल्के-हल्के से लंड पेलना शुरू किया, तो भाभी ने बेडशीट और ज़ोर से जकड़ी, और सिर ना में हिला कर बेड में घुसने लगी. थोड़ी देर ऐसे ही पेलने के बाद मैने थोड़ी स्पीड बधाई, और कमर पकड़ कर फुल जोश में लंड पेलने लगा डीप शॉट्स के साथ.
मेरे गोते भाभी की गांद पर बाज रहे थे पाट पाट, और लंड सता-सात अंदर जेया रहा था. बहुत मज़ा आ रहा था गांद छोड़ने में. गरमा-गरम गांद फुल टाइट, और उपर से भाभी के रिक्षन लंड को फुल मज़े दे रहे थे.
जैसे ही मैने थोड़ी स्पीड में छोड़ना शुरू किया, भाभी ने एक हाथ पीछे करके मुझे रोकने का ट्राइ किया. मैने हाथ पकड़ लिया, और पीछे की तरफ खींच लिया, और फिर दूसरा हाथ भी खींच लिया. उसके बाद दोनो हाथ को पकड़ कर भाभी की गांद पेलने लगा.
रोहिणी: विवेक प्लीज़ स्लो डाउन यार. मेरा पहली बार है गांद में.
मैने कोई बात नही सुनी और बस अपनी धुन में लगा रहा.
रोहिणी: आहह एम्म विवेक, चोद लो गांद. पर तोड़ा धीरे करो.
विवेक: भाभी क्या बतौ आपकी गांद कितनी मस्त है. बहुत मज़ा आ रहा है गांद पेलने में आपकी. मुझे शिखा की याद आ गयी भाभी.
मैने भाभी को 10 मिनिट तक पेला आचे से, और फिर जब झड़ने को हुआ, तो गांद से लंड निकाल कर छूट में डाला, और छूट छोड़ी. फिर सारा माल छूट में जड़ तक पेल कर गिरा दिया.
मैं भाभी के उपर ही गिर गया. 10-15 मिनिट बाद भाभी ने उठाया, और फिर वो बातरूम गयी. उनकी चाल ही बदल गयी थी. वो दीवार का सहारा लेकर चल रही थी. पर फिर रात को दो बार और जब उनकी गांद छोड़ी, तो लंड उनकी गांद में आचे से जगह बना लिया, और उन्हे भी खूब मज़ा आने लगा.
फीडबॅक्स दीजिएगा. और आप लोग मुझे बताइए की लंड का स्टॅमिना रीगेन कैसे करू? बहुत ज़्यादा चुदाई से मेरा माल भी पतला हो गया है, और कम भी निकलता है. प्लस मेरा रिकवरी टाइम बहुत बढ़ गया है. एक बार झड़ने के बाद लंड बहुत देर में खड़ा होता है. प्लीज़ अगर किसी को कुछ पता हो तो एमाइल करे मुझे