भाभी के साथ सुहागरात वाली रात की कहानी

पिछले पार्ट में अपने पढ़ा, मैं भाभी के साथ बातरूम में उनकी छूट और बूब्स के साथ खेल कर उनको मज़ा देकर आया. मैं खुद भी उनकी छूट की महक लेकर आया. मुझे अब शाम का इंतेज़ार था की कब वो आएँगी, और मैं अपना लंड उनके लिए तैयार रखूँगा.

कभी-कभी ज़्यादा जोश में भी इंसान कुछ कर नही पाता, क्यूंकी वो सब कुछ सोच कर तोड़ा ओवर हो जाता है, और मेरे साथ भी यही होना था. इसलिए ओवर-एग्ज़ाइटेड कभी ना हो. अब आयेज-

शाम के 4:00 पीयेम हो रहे थे, और भाभी को उनके सारे काम से फ्री हो कर मार्केट जाने के लिए निकलना था. उनको अपने बच्चे के लिए कपड़े लाने थे. वो तैयार होने उनके कमरे में गयी, और साथ में उनके बच्चे को तैयार करने लगी उसे साथ ले जाने के लिए. मुझसे रहा नही गया. मैं बैठे-बैठे बोर हो रहा था. सोचा एक बार भाभी को देख कर आता हू उनके कमरे में.

मैं धीरे से उनके कमरे में जेया पहुँचा. वो उनके बच्चे को यानी मेरे भतीजे को तैयार करने में लगी थी. जब वो उसे तैयार कर रही थी, तो उसका नूनन्ू उसकी शॉर्ट्स में से बाहर आ गया, और उसे देख कर मैं हंस पड़ा. मैं मेरे भतीजे का मज़ाक उड़ाने लगा की “नाणु की नूनन्ू दिखने लगी (और हँसने लगा).”

मेरे भतीजे ने उसकी मम्मी यानी भाभी से कहा, “मम्मी, देखो चाचा चिढ़ा रहे है.”

भाभी ने उसे कहा: नही बेटा, चाचा बस मज़ाक कर रहे है.

मैने दोबारा उससे कहा, “नाणु तेरा नूनन्ू कितना छ्होटा है बिल्कुल किसी गुड्डे जैसा”. इस पर मेरा भतीजा फिरसे बोलने लगा, “मम्मी देखो ना, चाचा चिढ़ा रहे है”. भाभी ने उसे कहा, “बेटा चाचा से कह दो एक बार बड़ा होने दो, नूनन्ू भी बड़ा हो जाएगा मेरा” और भाभी हल्की सी कहते हुए मुस्कुराइ. वो मेरी और पलकें नीचे करके देखी. मैं समझ गया था, और हासणे लगा.

फिर भाभी ने कहा “चलो हो गये तैयार. अब जाओ, मैं भी आती हू तैयार हो कर. फिर हम मार्केट चलेंगे कपड़े लेने.” वो मेरा भतीजा चला गया, लेकिन मैं वहीं खड़ा रहा.

तब भाभी ने कहा: क्यूँ चिढ़ा रहा था बेचारे बच्चे को?

इतने में मैने भाभी को अपनी और खींचा और कहा: चलो बच्चे को नही चिढ़ता हू. तुम्हे तो चिढ़ा सकता हू ना?

उनके दूध मेरे शरीर से चिपक गये और मैं उनकी कमर पर हाथ रख कर उनको मसालने लगा. तो भाभी ने एक “आउच” की और कहा-

भाभी: यहाँ से जेया, मुझे तैयार होना है मार्केट जाने के लिए.

मैने भाभी से कहा: एक शर्त पर जौंगा. मुझे अभी एक किस चाहिए. दो और जाओ.

भाभी ने माना कर दिया: अभी कोई आ जाएगा. जाओ, शाम की बात हुई है ना हमारी?

लेकिन मैं नही माना, और कहा: जल्दी दे रही हो या मैं चालू हो जाओ तेरे साथ बेबी?

भाभी ने पीछे देखा और खत से मेरे होंठ पर जल्दी से होंठ लगा कर निकाल लिए.

फिर उन्होने कहा: अब जेया.

मुझे वो किस अची तो नही लगी, लेकिन क्या कर सकते है. सोचा शाम को तो इसकी ले ही लूँगा, जाएगी कहा मेरी भाभी?

फिर मैं चला गया, और वो तैयार हो कर जाने के लिए नीचे आई. मैने देखा इतनी खूबसूरत और इतनी हॉट दिख रही थी वो. गांद तो सारी के उपर से भी नज़र आ रही थी, और दूध शायद मुझे दिखाने के लिए थोड़े बाहर निकाले हुए थे.

जब जाने के लिए निकालने वाली थी, तो मैने भाभी को इशारे से बगल के कमरे में बुलाया, और कहा-

मैं: अची लग रही हो (और ज़ोर से उनका दूह दबा दिया).

वो पीछे हटी और निकल गयी. भाभी का दूध दबा कर मज़ा ही आ गया, इतना मुलायम था. मॅन तो कर रहा था की अभी सारी उठाओ, और इसी कमरे के कोने में इनकी छूट की ओपनिंग कर डू.

वो चली गयी और करीब 7:00 पीयेम को घर आई, और सीधे कमरे में चली गयी. मैं सीधे उनके पीछे भागा, और जैसे उनके कमरे में एंटर हुआ, वो सारी बदल रही थी. सारी उनकी नाभि से नीचे पड़ी थी. मैं सीधे उनका गाते लगाया और उनसे जेया कर चिपक गया.

मैं उन्हे बेतहाशा चूमने लगा, और उनके गले पर काटने लगा. वो मदहोश होने लगी थी, और मुझे रोक भी नही रही थी. मैं लगा रहा और उनके गले पर काटा. फिर उनके दूध पर भी काटा, और उनकी आह आह निकली.

मेरे हाथ रुक ही नही रहे थे. मैं जोश में उनके पुर शरीर पर हाथ फेर रहा था. मेरा हाथ सीधे उनकी छूट की और बढ़ा, और उपर से ही उनकी छूट को मसालने लगा. वो नीचे बैठने लगी जब मैं उनकी छूट को उपर से मसालने लगा था और आह आ करने लगी.

मैं घुटने पर बैठा, और उनकी नाभि पर चूमने लगा. फिर चाटने लगा. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. वो मेरे माथे पर हाथ रख कर मेरे बालों में हाथ घुमा रही थी. मैने उनकी सारी नीचे करी, और मैं उनकी चड्डी वाली जगह पर उनको चूमने लगा. वो मेरे माथे में हाथ डाले बस घुमा रही थी और आ आह ह कर रही थी.

मैं अभी रुक गया ताकि शाम को आचे से उनकी छूट की ओपनिंग कर साकु. फिर मैं उठा और उन्हे गले लगा कर उनके कान में बोलता हू, “रात में तेरी छूट को मारूँगा. इसके लिए इसका पानी संभाल कर रख तू. और तू रेडी रहना. आज तेरी छूट को फाड़ुँगा मैं. तेरी छूट का भोंसड़ा बनौँगा मेरे लंड से”.

कह कर एक ज़ोर की किस उसके होंठो पर करी, और मैं निकल गया. मैं हाल में टीवी देख रहा था. भाभी सूयीट पहन कर नीचे आई, तो मूह खिला हुआ दिख रहा था जैसे चूड़ने के बाद लड़कियाँ-भाभियाँ शरमाती है वैसे ही. वो सीधे किचन में गयी जहाँ छ्होटी भाभी खाना बना रही थी. वो भी उनका हाथ बताने में लग गयी.

छोटी भाभी ने भाभी से पूछा: भाभी इतनी देर कहा लग गयी? कपड़े बदलने में इतना टाइम?

भाभी ने जवाब दिया: अर्रे वो गर्मी इतनी लग रही थी. उपर से कपड़े में कीड़ा घुस गया था. बहुत ही ज़ोर से काटा उसने.

छ्होटी भाभी ने पूछा: भाभी कहीं काटा तो नही है?

भाभी ने कहा: नही, कहीं काटा तो नही है.

तभी छ्होटी भाभी ने भाभी के गले पर तोड़ा निशान देखा और कहा: भाभी ये क्या, काटा तो है कीड़े ने. देखो कैसे लाल हो गया है. भाभी उसे च्छुपाने लगी.

भाभी: कहाँ, मैं रात को बॉरोपलुस लगा लूँगी, ठीक हो जाएगा. चल अब और कुछ बचा है क्या करने का? कुछ और बनाना है क्या?

छ्होटी भाभी ने माना कर दिया: नही, सब बन गया है. अब ये लोग खाना खा ले तो हम भी फ्री हो कर सोने चले जाए.

रात के 9:45 पीयेम को सब ने खाना खाया और सभी अपने-अपने कमरे में चले गये सोने के लिए. मैं रेडी बैठा की कब भाभी आए, और मैं उनके उपर टूट पदू.

रात के 11:35 पीयेम हो गये. भाभी का मैने वेट किया. लेकिन वो नही आई. फिर मुझे धीरे से उनके कमरे में जाना पड़ा और मैने देखा भाभी नाणु को सुला रही थी. वो सोया नही था. मुझे देख कर उन्होने इशारा किया की मैं जौ वो आ जाएँगी.

मैने कहा: जल्दी आओ, सबर नही हो रहा है मुझसे.

उन्होने कहा: ठीक है, आती हू, जाओ.

मैं अपने कमरे में आ गया, और मोबाइल चलाने लग गया की अब भाभी आई, अब आई. लेकिन वो 12:00 आम हो गये फिर भी नही आई. मुझे हल्की सी नींद आ गयी और मैं सो गया.

सुबह के 1:15 आम पर भाभी धीरे से मेरे कमरे में आई, और मुझे बेड पर सोता देख मुझे उठाने की कोशिश करने लगी. जब नही उठा, और उन्होने मेरे मूह पर हल्का सा पानी मारा और कहा-

भाभी: उठ ना, अब आ गयी हू तो उठ नही रहा है. उठ नही तो मैं चली जौंगी वापस.

लेकिन मैं नींद में था, और मेरे मूह से निकल गया: सुबह देखेंगे, जाओ.

वो जाने वाली थी, लेकिन पता नही उन्हे क्या हुआ, वो गाते अंदर से लगा कर, मुझे बेड पर पटक कर मेरी त-शर्ट उतरी, और मेरे सीने पर चूमने लगी. मुझे होश तो था नही, मुझे नींद ही इतनी ज़ोरो की आ रही थी. भाभी मेरे सीने पर अपनी जीभ घुमा रही थी, लेकिन मेरा लंड बराबर खड़ा हो रहा था.

वो चूमते हुए सीधे मेरे पेट से मेरे लोवर के उपर से मेरे खड़े लंड को दबाने लगी. मुझे फील हो रहा था की कोई मेरा लंड दबा रहा था, लेकिन साला नींद ने पूरा खेल बिगाड़ रखा था. वो मुझे चूमे जेया रही थी. भाभी ने मेरा लोवर नीचे निकाला, और मेरे अंडरवेर के उपर से मेरे लंड को चाटने लगी.

उनको इतना करते हुए मुझे भी नींद में जोश बढ़ने लगा. वो मेरे लंड के उपर चूमे जेया रही थी. मुझे मज़ा आ रहा था. उसने हल्के से मेरा अंडरवेर नीचे किया, और मेरा लंड उसके मूह पर पड़ा. फिर उसने देखा की मेरा लंड खड़ा था, और उसके चेहरे पर टकरा रहा था.

उसने हल्के से जीभ निकाल के मेरे लंड पर लगाई, और फेरना चालू किया मेरा हाथ उसके सर पर गया, और दबने लगा. लेकिन वो अपने ही मज़े में मेरे लंड के उपर जीभ घूमने लगी थी.

एक-दूं से भाभी ने मेरा लंड उनके मूह में लिया, और इतना गरम लगा मुझे उनके मूह के अंदर. मेरे लंड को उन्होने सिर्फ़ 3 बार अंदर-बाहर किया और मेरा लंड से प्रेकुं आने लगा, जो उनके मूह में उपर वेल हिस्से में टकराने लगा.

मैं जन्नत में पहुँच गया था की आज भाभी ने ये क्या कर दिया. बिना कुछ किए ही भाभी मेरा लंड इतना अंदर तक अपने मूह लेकर चूस रही थी. मेरा प्रेकुं निकला, लेकिन उससे उन्हे कुछ फराक नही पड़ा. वो बस लगी हुई थी मेरा लंड उपर-नीचे करते हुए.

10-12 मिनिट की लंड चुसाई के बाद भाभी ने मेरा लंड उनके मूह से बाहर निकाला, और मेरे उपर आने लगी. फिर मेरे होंठो पर होंठ रख कर मेरे होंठ चूसने लगी, और अपनी जीभ मेरे मूह में डालने लगी. उनकी जीभ से मेरे प्रेकुं की स्मेल आ रही थी, जो वो मेरे मूह में डाले जेया रही थी. हमारा थूक भी एक-दूसरे के मूह में निकल रहा था. उधर मेरा लंड उनकी छूट के हिस्से के पास टकरा रहा था. नींद का नशा अब जाने लगा था. मैने उन्हे मेरे उपर से नीचे पटका और कहा-

मैं: साली इतनी देर से आई तू. अभी तक मैं तेरी छूट मार कर सो चुका होता. टाइम देखा है तूने? सुबह के 1:50 आम हो रहे है. यही टाइम मिला तुझे मेरा लंड चूसने का? थोड़ी देर पहले आती तो मैं तेरी छूट में अपना लंड डाल कर तुझे छोड़ रहा होता.

भाभी: तो छोड़ ना, किसने रोका है तुझे मेरे देवर? चढ़ जेया अपनी भाभी पर. आज अपनी सारी ख्वाहिशे पूरी कर ले. सुबह तूने मुझे याद दिला दिया की मैं आख़िर हू तो एक औरत ही, जो मर्द के लंड के बिना रह नही सकती. आजा मेरे राजा. कर दे चुदाई अपनी भाभी की. छोड़ आज मुझे. देदे अपना लंड मेरी छूट में.

भाभी: पता नही तेरा भाई कब मुझे छोड़ेगा. लेकिन आज मैं तुझसे जी भर कर चूड़ना चाहती हू. आजा छोड़ ले मुझे. फाड़ डालना आज मेरी छूट को. तुझे जो भी करना है कर ले मेरे साथ. तुझे सुहग्रात भी माननी हो तो तू वो भी माना ले मेरे साथ आज. आज मैं तुझे सब कुछ दे दूँगी.

आयेज की कहानी अगले पार्ट में.

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