शिवानी विजय का लंड चूस रही थी. वो डीव्यश देख कर खुश हो रहे थे. मुझे इतना अजीब लग रहा तो की ये लोग कितने ओपन्ली लाइफ एंजाय कर रहे थे, की अपनी बीवी को किसी और के साथ ये सब करते देख उसका पति एंजाय कर रहा था. मैं सोच रही थी की काश मेरे हज़्बेंड भी इतने ओपन माइंडेड होते.
डीव्यश: भाभी देखो ना शिवानी कितनी खुश लग रही है. और विजय का लंड तो बहुत बड़ा लग रहा है. उसका बॉडी भी मस्क्युलर है. विजय को पॉर्न इंडस्ट्री में काम करना चाहिए.
मैं आँखें दिखाते हुए उनके सामने देख रही थी. पर उनका दर्रा हुआ चेहरा देख कर मेरी हस्सी छ्छूट रही थी. लेकिन मैने अपने फेस पर हाथ रख कर हस्सी को रोक दिया.
मैं: आप कुछ भी बोल रहे हो. विजय कोई पोर्नस्तर थोड़ी है.
डीव्यश: आपने देखा नही विजय का लंड कितना बड़ा है?
मैं: शूट उप. वो मेरा भाई है.
डीव्यश: हा वो तो है, पर उसका लंड बहुत बड़ा है. आज शिवानी की चीखें निकाल देगा.
ये सुन कर मैने उनको नॉटी स्माइल दी. अब वो मेरे करीब आ गये, और मुझसे चिपक कर खड़े हो गये. हमारे गाल एक-दूसरे से चिपक गये थे. मुझे उनका टच अछा लग रहा था.
विजय: शिवानी आप ये सारी में बहुत सेक्सी लग रहे हो. आज आपको देख कर मेरे से कंट्रोल नही हो रहा.
शिवानी: मैने आप को इंप्रेस करने के लिए ये सारी पहनी थी. चलो मेरी इतनी मेहनत रंग लाई.
विजय: अछा जी?
शिवानी: हा और आपके लिए और एक सर्प्राइज़ है.
सर्प्राइज़ सुन कर तो विजय हर बार एग्ज़ाइटेड हो जाता था. शिवानी अब खड़ी हुई, और अपनी सारी निकाल कर फेंक दी. अब उसने पीछे से अपना ब्लाउस खोल दिया, और निकाल कर साइड कर दिया. उसने नीचे बहुत ही सेक्सी पर्पल ब्रा पहनी थी. अब वो सेक्सी मूव्स करते हुए विजय को सिड्यूस कर रही थी.
उसने अब विजय की तरफ अपनी गांद करके अपना पेटिकोट का नाडा खोल दिया. वो सरक कर जैसे नीचे उतरा तब हमे उसकी सेक्सी पनटी दिखी. शिवानी ने पेटिकोट पैरों से हटा दिया, और विजय के सामने सेक्सी मूव्स करने लगी. मैं तो ये देख कर हैरान रह गयी की शिवानी इस हद तक गैर मर्दों से मज़े करती थी.
डीव्यश: वाउ, आज शिवानी बहुत मूड में लग रही है.
मैं: आपको बुरा नही लगता क्या आपकी बीवी किसी और के साथ ऐसा कर रही है?
डीव्यश: मुझे तो बहुत अछा लगता है जब शिवानी किसी और के सामने ऐसे अपना जिस्म दिखा कर डॅन्स करती है.
मैं ये सुन कर और देख कर पागल हो रही थी. साला ये हमारे परिवार में चल क्या रहा था इतने टाइम से. मेरी ननद को उसके पति ने गैर मर्दों की रंडी बना दिया था. और ये दोनो अपनी लाइफ से खुश थे. विजय भी उसकी सेक्सी अदाओं से सिड्यूस हो कर डॅन्स एंजाय कर रहा था. अब शिवानी अपने घुटनो पर चलते हुए विजय के पास आई और उसके लंड को मूह में लेकर चूसने लगी. वो ऐसे लंड चूस रही थी जैसे कुत्ता हड्डी को चूस्टा है.
विजय: श गोद, शिवानी तुम तो बहुत बड़ी चुड़क्कड़ निकली. मैने सोचा नही था इतनी भोली शकल के पीछे एक रंडी च्छूपी है.
शिवानी (मुस्कुराते हुए): अब आप जैसा मर्द मिल जाए तो उसकी रंडी बनने में कैसी शरम. आज तक बहुत लंड देखे और लिए, पर आप जैसा लंड नही देखा. आप को देख कर ऐसा लग रहा है की मेरी आज किसी पोर्नस्तर से चुदाई होने वाली है.
डीव्यश: भाभी देखा ना मेरे और शिवानी के विचार कितने मिलते है.
मैं: ये सब आप कितने टाइम से कर रहे हो?
डीव्यश: हमारी शादी के कुछ साल बाद हमारी सेक्स लाइफ बोर हो गयी थी. तो हम फिर कुछ नया ट्राइ करते रहे, और दोनो में अंडरस्टॅंडिंग बढ़ती गयी. धीरे धीरे हम दोनो ऐसे दूसरे लोगों के साथ सेक्स करने लगे.
हम देख रहे थे की शिवानी विजय की गोदी में बैठ गयी. अब विजय उसकी ब्रा निकाल कर उसके बूब्स चूसने लगा. वो बहुत मज़े से रोमॅन्स कर रहे थे. वो देख कर मैं भी गरम हो रही थी. डीव्यश ने मुझे पीछे से हग किया, और मेरे बूब्स मसालने लगे. मैं भी अब कुछ बोल नही रही थी, और चुप-छाप मज़े लेकर शिवानी और विजय की चुदाई देख रही थी.
डीव्यश: भाभी चलो ना उपर, अब हम भी मज़े करते है.
मैं: नही मुझे ये दोनो को देख कर मज़ा आ रहा है. आप तो बहुत बार शिवानी की चुदाई देख चुके होगे. आज मुझे मौका मिला है तो देखने दो.
डीव्यश मेरी बात सुन कर मुस्कुरा कर देखने लगे, और मेरे गाल पर किस करने के बाद बोले: आप भी देख लो आपकी ननद कितनी शौकीन है.
अब विजय ने अपनी पूरी पंत और अंडरवेर निकाल कर नंगा हो गया, और शिवानी ने भी अपनी पनटी को निकाल दी. विजय ने शिवानी को सोफा पर लिटा कर उसकी टाँगें फैला दी. अब विजय शिवानी की छूट को ठीक से देख रहा था.
विजय: शिवानी तुम्हारी छूट देख कर लग रहा है तुम रेग्युलर चुड़वति हो.
शिवानी: हा मेरी बहुत बुरी तरह चुदाई होती रहती है.
विजय: डीव्यश कुमार अची मेहनत करते है आप पर.
शिवानी (हेस्ट हुए): वो अची मेहनत करते तो आपके सामने टाँगें थोड़ी फैलती.
विजय: तो आप किसके साथ?
शिवानी: अब आप भी मुझे औरों की तरह रंडी ही समझोगे.
विनय: मैं आपको जड्ज नही कर रहा, ऐसे ही पूच रहा हू.
शिवानी: शादी के कुछ साल बाद हमारी सेक्स लाइफ खराब हो गयी. डीव्यश का मेरे अंदर कोई इंटेरेस्ट नही बचा था. उनको मेरी चुदाई करने के लिए एग्ज़ाइट्मेंट ख़तम हो गयी थी. हम लोग 2-3 मंत में कभी कभार एक बार सेक्स कर रहे थे.
विजय: क्या बात कर रहे हो? इतना टाइम चुदाई किए बिना कोई इंसान कैसे रह सकता है?
शिवानी: तब तक हमारे 2 बच्चे हो गये थे. तो मैने भी ये बात आक्सेप्ट कर ली की अब हमारी सेक्स लाइफ ख़तम थी.
विजय: ऐसा था तो तुमने कभी डीव्यश से पूछा नही उनको अब क्या प्राब्लम आ रही थी?
शिवानी: एक दिन उन्होने मुझे कहा ही उनको अब लाइफ में कोई चीज़ एग्ज़ाइट नही कर रही थी. फिर डीव्यश ने मुझे वाइफ स्वाप और एक्सटर्नल रिलेशन्षिप के बारे में समझाया. और उन्होने मुझे सजेस्ट किया की मैं किसी और के साथ सेक्स करू तो उनको मज़ा आएगा.
विजय (शॉकिंग फेस): सच में डीव्यश ने ये बात तुमसे कही?
शिवानी: हा मुझे भी ऐसा ही शॉक लगा था जैसा अभी आपको लगा. शुरू-शुरू में तो मैने गुस्सा किया, लेकिन एक दिन मैं बाहर किसी और से छुड़वाने रेडी हो गयी.
विजय: ओक फिर तब से आप बाहर दूसरे लोगों से एंजाय करने लगे?
शिवानी: हा ऐसा ही समझो. अब विजय बातें ही करते रहेंगे तो अपनी आग को ठंडा कब करेंगे?
विजय ने अब शिवानी को गोदी में उठा कर उल्टा कर दिया, और उसकी 2 टाँगें कंधे पर रख कर खड़े-खड़े छूट चाटने लगा. शिवानी उसका लंड मूह में लेकर चूसने लगी. वो दोनो खड़े-खड़े 69 कर रहे थे. डीव्यश तो विजय का स्टॅमिना देख कर शॉक हो गया.
डीव्यश: ओह.. विजय तो कितना पवरफुल है. ऐसा 69 देख कर तो मज़ा आ गया.
मैं अब समझ गयी थी की डीव्यश को शिवानी का दूसरे मर्दों के साथ चूड़ना पसंद था. डीव्यश अब मेरे और करीब आया तो मैं और गरम होने लगी. मुझे थोड़े टाइम गुस्सा आया की डीव्यश ने शिवानी को दूसरे मर्दों की स्लट बना दिया था. पर मैने सोचा मैने भी तो अपने भाइयों की रंडी बन कर छुड़वा रही थी.
मैने अब ट्रॅक पंत के उपर से डीव्यश का लंड मसलना शुरू कर दिया, तो उन्होने लंड को बाहर निकाल दिया. मैने देखा तो डीव्यश का लंड काफ़ी हेल्ती था, जो किसी भी औरत को संतुष्ट कर सके. और वो एक-दूं टाइट हो कर सलामी दे रहा था.
मैं (तोड़ा मज़ा लेकर): ये किसको देख कर खड़ा हुआ है?
डीव्यश: भाभी आपको देख कर.
मैं: अछा विजय और शिवानी की चुदाई देख कर क्या फील होता है?
डीव्यश: भाभी आपने शिवानी की बातें सुन ली है, तो आपको अब समझ आ रहा होगा.
मैं (उनके गाल पर किस किया और उनके रलोब को चूस कर): सब समझ रही हू डीव्यश कुमार.
डीव्यश (मेरी आँखों में देख कर): ई विश की आप मेरे साथ एक बार सेक्स करे (मेरे कंधो पर दबाव बना कर मुझे घुटनो पर बिता दिया, और मेरे मूह के पास लंड रख कर), भाभी प्लीज़.
मैं भी अब बिंदास हो कर मज़ा करना चाहती थी. क्यूंकी शिवानी की बातों से मैं हॉर्नी हो गयी थी. मुझे डीव्यश और शिवानी का इतना ओपन्ली होना उत्तेजित कर रहा था. मैं अब मस्ती से डीव्यश का लंड चूसने लगी. कुछ मिनिट के बाद मैने उनकी तरफ देखा तो वो शिवानी और विजय को देख रहे थे. मैं भी मूह से लंड निकाल कर खड़ी हो गयी, और देखने लगी. विजय ने अब शिवानी को सोफा पर सुला कर उसकी टाँगें फैला दी थी.
उसका बड़ा लंड उसकी छूट में गया, तब उसका चेहरा दर्द से भर गया. विजय ने तोड़ा रुक-रुक कर पूरा लंड अंदर डाल दिया, और लो स्पीड से चुदाई करने लगा. शिवानी जब कंफर्टबल होने लगी, तो विजय ने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी. विजय उसके बाद डॉगी स्टाइल में उसकी छूट का भोंसड़ा बना रहा था.
डीव्यश: विजय की रफ़्तार बहुत तेज़ है. उसका हर एक शॉट शिवानी को हिला कर रख रहा है. मैने इतनी बेहतरीन चुदाई आज तक नही देखी. मेरा अब बहुत मॅन हो रहा है आपकी चुदाई करने का. चलो ना टेरेस पर चलते है.
मैं: क्यूँ ना हम इन दोनो को जाय्न करे?
डीव्यश: शिवानी और विजय हम दोनो को देख कर दर्र नही जाएँगे. शिवानी को तो मैं संभाल लूँगा, लेकिन विजय?
मैं: विजय को मैं संभाल लूँगी.
डीव्यश: अरे योउ शुवर?
मैने सोचा पिछली बार जब मैने मोहित के साथ सेक्स किया था, तो विजय को कितना गुस्सा आया था. और मुझे दर्र था की कहीं विजय को मेरा डीव्यश कुमार के साथ सेक्स करना पसंद ना आए तो क्या होगा. और वैसे भी विजय कुछ दीनो के बाद वापस लंडन जाने वाला था. तो मैने सोचा ये बात विजय से छुपाना ही सही है.
मैं: यार मैं एग्ज़ाइट्मेंट में कुछ भी बोल रही हू. चलो हम च्चत पर जाते है.
डीव्यश कुमार ने मुझे स्माइल दी, और अपनी पंत को उपर खींच लिया. वो मेरी कमर में हाथ डाल कर मुझे टेरेस पर लेकर गये. अब मैं अपना टॉप और जीन्स निकल कर ब्रा पनटी में आ गयी. मैने नीचे पर्पल कलर का सेक्सी ब्रा पनटी सेट पहना था. डीव्यश तो मेरी फिगर को देखते रह गये क्यूंकी मेरा फिगर शिवानी से काफ़ी फिट था.
डीव्यश: भाभी योउ अरे टू हॉट.
मैं (उनके लिप्स पर किस करके): थॅंक योउ. अब आप भी नंगे हो जाओ. कहीं मेरा मूड बदल गया तो आप हिलाते रह जाएँगे.
डीव्यश (मेरा हाथ उनके लोवर में डाल कर): अछा तो अब आपका मूड बदल जाएगा?
मैं (उनके लंड को पकड़ कर, नॉटी बनते हुए): इसका ऐसा ही हाल रहेगा को कभी भी मूड बन जाएगा. मुझे अब ये पसंद आ गया है.
डीव्यश: भाभी क्या आप सच कह रहे हो?
मैं: हा क्यूँ, आपको अभी तक यकीन नही हो रहा क्या?
डीव्यश: मुझे तो ये सपना जैसा लग रहा है. मैं शिवानी से हमेशा यही कहा करता था की तुम्हारी दोनो भाभी बहुत सेक्सी है. और वो कहती की मेरी दोनो में से एक भी भाभी तुम्हारे हाथ में नही आने वाली. और आज आप मेरी बाहों में हो, मुझे यकीन नही हो रहा.
मैं: तो आपको कों सी भाभी ज़्यादा पसंद है?
डीव्यश: मुझे आप बहुत आचे लगते हो. आप पहले से मेरी फर्स्ट चाय्स रहे हो.
मैं: बटर लगाना कोई आपसे सीखे. बातें बहुत अची बना लेते हो.
डीव्यश: भाभी कसम से आप मुझे बहुत पसंद हो.
मैं: मेरे से अची तो रूपाली दिखती है. आपको मैं छोड़ने मिल रही हू, तो मेरी तारीफ कर रहे हो. सब पता है मुझे डीव्यश कुमार.
डीव्यश (मुझे टाइट पकड़ कर मेरी आँखों में देखते हुए): आपकी आँखों में जादू है. आपको फर्स्ट टाइम देखा तब से आपको लोवे करता हू. ई लोवे योउ.
डीव्यश ने मेरे लिप्स के उपर लिप्स रख दिया. मैं भी उनसे लिपट गयी, और उनको किस करने लगी. हम एक-दूसरे के मूह में जीभ डाल कर किस कर रहे थे. किस करते हुए वो मेरी पीठ और पनटी के उपर से गांद को सहला रहे थे. उन्होने अब मेरी ब्रा का हुक खोल दिया, और दोनो हाथ से पीठ को सहलाने लगे.
वो मेरे लिप्स को छ्चोढ़ कर मेरी नेक पर किस करते हुए बूब्स पर आ गये. उन्होने मेरी ब्रा को साइड पर हटा कर मेरे निपल को चूसना शुरू कर दिया. मैं अब हॉर्नी हो गयी थी, और मेरे मूह से सिसकारियाँ निकल रही थी. डीव्यश के बालों को सहलाते हुए मैं अपने बूब्स चुस्वा रही थी.
मैं: डीव्यश प्लीज़ अब छ्चोढो मुझे. आपने तो मुझे संजय को चीट करने पर मजबूर कर दिया.
डीव्यश: भाभी आप एंजाय कर रहे हो ना?
मैं: आपके साथ जो फील कर रही हू ऐसा फील तो मैने आज तक संजय के साथ नही किया. मैं बहुत बुरी हू यार. मुझे आपके साथ ऐसा नही करना चाहिए.
मैं उनसे डोर होने लगी, और नाटक करने लगी.
उसके बाद क्या हुआ मैं आपको नेक्स्ट पार्ट में बतौँगा.