भाभी के बूब्स चूस के दूध पिया

bhabhi-ke-boobs-chus-ke-doodh-piyaहाई दोस्तों मेरा नाम अनिशेध सिंह रावल हे और मैं फिलहाल चेन्नई में रहता हूँ. मेरी उम्र 19 साल की हे. वैसे मैं बेजिकली तो राजस्थान से हूँ लेकिन मेरी जॉब यहाँ साउथ इंडिया में हे. मैं काफी दिनों से यहाँ रहता था. और फिर मेरे एक भाई के दोस्त को भी चेन्नई में ही जॉब ऑफर मिली. मेरे भाई ने कहा उसे कही रहने का इंतजाम कर देना.

भाई का दोस्त मेरे से उम्र में 7 साल बड़ा था. और वो अपनी फेमली के साथ ही यहाँ आया था. उसकी फेमली में उसकी बीवी और एक बच्चा थे. मैंने उनके लिए एक घर का इंतजाम कर दिया. फिर मैं संडे वगेराह को उनके घर जाता था और हम लोग काफी करीब हो चुके थे. मैं उन लोगो को भैया और भाभी कह के ही बुलाता था. भाभी जी दिखने में एकदम मस्त थी. उनके बूब्स और गांड का शेप एकदम मस्त था.

पहले पहले मैं खुद पर काफी कंट्रोल सा किया लेकिन फिर मैं उन्हें सोच के उत्तेजित होने लगता था. अक्सर मैं उनके बच्चे को गोदी में लेते वक्त जानबूझ के अपने हाथ को उनके बूब्स से टच कर देता था. और वो मेरे सामने ही अपने बच्चे को दूध भी पिला लेती थी. और तब मैं भाभी के बूब्स के नज़ारे कर लेता था. मेरी प्यास बढती ही जा रही थी भाभी के लिए.

असली बात तो तब हुई जब उसके पति को कम्पनी वालो ने किसी काम से कुछ दिन के लिए हैदराबाद भेजा. और उन्होंने मुझे कहा की प्लीज़ मुझे 4 दिन से ज्यादा बहार जाना हे तो तुम देखना भाभी को. मैं तो कुछ ऐसे ही मौके की तलाश में था.

वैसे मैंने भाभी के साथ सेक्स को ले के इतना सोचा नहीं था. बस वो अराउस करने वाले टच वगेराह से ही काम चल रहा था. भैया ने मुझे भाभी को शोपिंग करवाने के लिए और दुसरे छोटे मोटे काम के लिए भाभी के साथ में ही रहने के लिए कहा था. ऐसे ही एक दिन वो कपडे धो रही थी और पूरी भीगी हुई थी. उसने हलकी लाल ट्रांसपेरेंट नाईट गाउन पहनी थी जो भीगने पर तो एकदम ही रिवीलिंग हो चुकी थी. भाभी के बदन के नज़ारे मुझे दिख रहे थे.

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मैं निरंतर भाभी के बूब्स को और उसकी गांड को घूरता रहा. भाभी को भी मेरी फिलिंग ज्ञात हो चुकी थी. और उसने अपनी गाउन को बदल के साडी पहन ली. लेकिन वो भी ट्रांसपरेंट सी ही थी और अन्दर मेचिंग ब्लाउज था. भाभी के बूब्स का हिस्सा साफ़ दिख रहा था और उसके नुकीले निपल्स भी.

भाभी का बच्चा भूखा हुआ था और वो रोने लगा. करीब 12:30 बजे थे दोपहर के. भाभी ने अपने ब्लाउज को ऊपर उठा के अपनी एक निपल बच्चे के मुहं में दे दी.मैं उसके बूब्स को ही देख रहा था. पांच मिनिट तक एक बूब से दूध पिलाने के बाद भाभी ने उसे चेंज कर दिया. मैं तो मस्त देख रहा था और मेरा लंड कडक हो चूका था.

भाभी ने मुझे देखा और उसके चहरे के ऊपर हलकी सी स्माइल आ गई. फिर उसने मुझे कहा, ऐसे क्यूँ घुर रहे हो मुझे? क्या तुम्हारी माँ ने कभी तुम्हे दूध नहीं पिलाया?

मैं सोरी कहा और वो रूम से उठ के दुसरे कमरे में चला गया. करीब 10 मिनिट के बाद मैं वापस हॉल में आ गया. वो अभी भी अपने बच्चे को दूध पिला रही थी. मैंने फिर से कहा, सोरी भाभी?

वो बोली, क्या, क्यूँ?

मैंने कहा आप बच्चे को दूध पिला रहे थे तो मैंने देखा इसलिए!

उसने कहा, अरे ये सब नार्मल हे इतना घबराओ नहीं.

और फिर भाभी ने हमारे लिए खाना पकाया. खाते हुए मेरे शोल्डर्स उसके बूब्स को टच हुए और उसके बूब्स सच में बड़े ही हॉट थे! एकबार वो परोस रही थी तो मैं दायें घुमा और मेरा मुहं ही उसकी बूब्स में घुस गया. वो फिलिंग तो सब से बढ़िया थी.

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परोसने के बाद वो सामने बैठ गई और हम खा रहे थे. उसका पल्लू निचे गिरा हुआ था और उसके लो कट ब्लाउज में से उसके मस्त बूब्स मुझे दिख रहे थे.

खाने के बाद हम दोनों सोफे के ऊपर बैठ के टीवी देख रहे थे. टीवी में एक मूवी चल रही थी जिसमे बरसात में भीगी हुई एक औरत का सेक्सी गाना लगा हुआ था. और हीरो हिरोइन की नाभि को अपने होंठो से चूम रहा था और फिर वो दोनों होंठो से होंठो को मिला के किस कर रहे थे. ये देख के मेरे अन्दर सेक्स का शैतान जागा. मैंने हिम्मत कर के अपने लेग को आगे कर के अपनी जांघ को भाभी की जांघ से सटा दिया. वो कुछ भी नहीं बोली.

और फिर मैंने अपने हाथ को भाभी के हाथ के ऊपर रख के धीरे से दबा दिया. भाभी की तरफ देखा तो उसकी आँखे भी लस्ट से भरी हुई थी. मैंने लडखडाती हुई जबान में भाभी को पूछा, क्या मैं आप को एक किस कर सक्ता हूँ?

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